2022 के राष्ट्रपति के निर्वाचन में राजस्थान विधान–सभा के प्रत्येक सदस्य का मत–मूल्य था –
- (1)149
- (2)132
- (3)129
- (4)116
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (3), 129.
संविधान का अनुच्छेद 55(2) राष्ट्रपति के निर्वाचन में किसी विधायक के मत का मूल्य तय करता है। इसमें 1971 की जनगणना की जनसंख्या ली जाती है, जिसे अनुच्छेद 55 का स्पष्टीकरण 2026 के बाद होने वाली पहली जनगणना के आँकड़े प्रकाशित होने तक प्रयोग में रखता है।
2022 में राजस्थान के लिए, उसकी 1971 की जनसंख्या और 200 निर्वाचित विधायकों के साथ, गणना:
चरण 1 — 1971 की जनसंख्या को निर्वाचित विधायकों से भाग दें: 2,57,65,806 ÷ 200 = 1,28,829.03
चरण 2 — एक हज़ार के गुणज गिनें (अनुच्छेद 55(2)(क)): 128, शेष 829
चरण 3 — शेष 500 से कम नहीं है, इसलिए एक जोड़ें (अनुच्छेद 55(2)(ख)): 129
राजस्थान के 200 विधायकों में से हर एक के मत का मूल्य 129 था, इसलिए विधान सभा के सभी मतों का कुल मूल्य 129 × 200 = 25,800 था। 2022 के निर्वाचन के लिए निर्वाचन आयोग का मत-मूल्य विवरण भी यही आँकड़े देता है: जनसंख्या 2,57,65,806, मूल्य 129, कुल 25,800।
जनसंख्या ÷ निर्वाचित विधायक, हज़ारों में गिना हुआ, और शेष 500 या अधिक हो तो एक जोड़कर — यही विधायक का मत-मूल्य है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)149 — राजस्थान के लिए 149 बहुत अधिक है। 200 विधायकों के साथ 149 का मूल्य पाने के लिए भागफल कम से कम 1,48,500 और 1,49,500 से कम होना चाहिए — यानी 1971 की जनसंख्या लगभग 2.97 से 2.99 करोड़।
राजस्थान की 1971 की जनसंख्या 2,57,65,806 से भागफल 1,28,829 और मूल्य 129 आता है। निर्वाचन आयोग के 2022 के विवरण में 149 ओडिशा का मूल्य है।
- (2)132 — 132 के लिए भागफल कम से कम 1,31,500 और 1,32,500 से कम चाहिए — 200 विधायकों के लिए लगभग 2.63 से 2.65 करोड़ की जनसंख्या, जो राजस्थान के 1971 के आँकड़े से अधिक है।
पूर्णांकन से यह अंतर नहीं पटता। अनुच्छेद 55(2)(ख) का शेष वाला नियम केवल 128 और 129 के बीच निर्णय करता है। निर्वाचन आयोग के 2022 के विवरण में 132 तेलंगाना का मूल्य है।
- (4)116 — 116 बहुत कम है। इसके लिए भागफल कम से कम 1,15,500 और 1,16,500 से कम चाहिए — 200 विधायकों के लिए लगभग 2.31 से 2.33 करोड़ की जनसंख्या।
राजस्थान की 1971 की जनसंख्या इससे अधिक है, इसलिए उसका मूल्य 129 है। निर्वाचन आयोग के 2022 के विवरण में 116 असम और पंजाब का मूल्य है।
अवधारणा
राष्ट्रपति का निर्वाचन एक निर्वाचकगण करता है, जिसमें संसद के दोनों सदनों के और राज्यों की विधान सभाओं के निर्वाचित सदस्य होते हैं (अनुच्छेद 54)। इसका स्पष्टीकरण इस प्रयोजन के लिए दिल्ली और पुडुचेरी को भी राज्य मानता है।
मत भारित होते हैं। अनुच्छेद 55(1) राज्यों के प्रतिनिधित्व के मापमान में एकरूपता चाहता है, और अनुच्छेद 55(2) समग्र रूप से राज्यों और संघ के बीच समतुल्यता भी चाहता है। किसी विधायक का मूल्य है राज्य की जनसंख्या ÷ निर्वाचित विधायक, हज़ारों में गिना हुआ, और 500 या अधिक का शेष एक जोड़ता है।
किसी सांसद का मूल्य सभी विधायकों के मतों के कुल मूल्य को निर्वाचित सांसदों की संख्या से भाग देकर निकलता है, और आधे से अधिक भिन्न एक गिनी जाती है (अनुच्छेद 55(2)(ग))। 2022 के लिए निर्वाचन आयोग ने इसे 5,43,231 ÷ 776 = 700 निकाला।
मतदान एकल संक्रमणीय मत द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के अनुसार, गुप्त मतपत्र से होता है (अनुच्छेद 55(3))।
RPSC का प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम "भारतीय राजनीतिक व्यवस्था" के अंतर्गत "राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं मंत्रिपरिषद्, संसद, उच्चतम न्यायालय और न्यायिक पुनरावलोकन" को, और राजस्थान की "राज्य की राजनीतिक व्यवस्था" के अंतर्गत विधानसभा को सूचीबद्ध करता है। राष्ट्रपति का निर्वाचन इन दोनों को जोड़ता है: राजस्थान के विधायक निर्वाचकगण का हिस्सा हैं।
राष्ट्रपति निर्वाचन, 2022 पर राजस्थान विधान सभा का पृष्ठ कार्यक्रम देता है: 15 जून 2022 को अधिसूचना, 18 जुलाई 2022 को (यदि आवश्यक हो) मतदान और 21 जुलाई 2022 को मतगणना।
क्योंकि जनसंख्या का आँकड़ा 1971 पर स्थिर है, राजस्थान का मूल्य तब तक 129 रहता है जब तक विधान सभा में 200 निर्वाचित सदस्य हैं और यह स्थिरीकरण बना रहता है।
मुख्य तथ्य
- अनुच्छेद 55(2)(क): विधायक का मत-मूल्य राज्य की जनसंख्या को उसके निर्वाचित विधायकों से भाग देकर, एक हज़ार के गुणजों में गिना जाता है।
- अनुच्छेद 55(2)(ख): उन गुणजों के बाद शेष 500 या अधिक हो, तो मूल्य में एक जुड़ जाता है।
- 2026 के बाद होने वाली पहली जनगणना के आँकड़े प्रकाशित होने तक 1971 की जनगणना की जनसंख्या ली जाती है।
- 2022 के राष्ट्रपति निर्वाचन में राजस्थान के हर विधायक के मत का मूल्य 129 था (2,57,65,806 ÷ 200 = 1,28,829)।
- 2022 का मतदान 18 जुलाई 2022 को हुआ और मतगणना 21 जुलाई 2022 को; निर्वाचन आयोग के अनुसार हर सांसद के मत का मूल्य 700 था।
संविधान का अनुच्छेद 55(2)(क) और (ख); जनसंख्या और परिणाम 2022 के लिए निर्वाचन आयोग के मत-मूल्य विवरण से मेल खाते हैं।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- एक हज़ार के बजाय एक सौ के गुणज गिनना। इससे राजस्थान के लिए 1,288 आएगा।
- 2011 की जनगणना का प्रयोग करना। अनुच्छेद 55 का स्पष्टीकरण 2026 के बाद की पहली जनगणना प्रकाशित होने तक 1971 का आँकड़ा रखता है।
- शेष वाला नियम भूल जाना। भागफल 1,28,829 में शेष 829 बचता है, जो 500 या अधिक है, इसलिए मूल्य 129 है, 128 नहीं।
कोई प्रश्न राष्ट्रपति के निर्वाचन में किसी विशेष राज्य के विधायक के मत का मूल्य पूछ सकता है, जैसा यहाँ है।
कोई प्रश्न सूत्र के चरणों को कथनों के रूप में देकर गलत कथन भी पूछ सकता है, या पूछ सकता है कि गणना में कौन-सी जनगणना ली जाती है।
संबंधित PYQ
भारत के राष्ट्रपति के चुनाव के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है ?
- (1) भारत के राष्ट्रपति का चुनाव एक निर्वाचक मंडल के सदस्यों द्वारा किया जाता है जिसमें (ए) संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित सदस्य और (बी) राज्यों की विधान सभाओं और विधान सभा वाले केंद्रशासित प्रदेशों के निर्वाचित सदस्य शामिल होते हैं ।
- (2) निर्वाचक् मंडल के प्रत्येक सदस्य के लिए वोट का मूल्य 1971 की जनसंख्या जनगणना के आधार पर तय किया जाता है और यह तब तक जारी रहेगा जब तक वर्ष 2026 के बाद पहली जनगणना की जनसंख्या प्रकाशित नहीं हो जाती है ।
- (3) चुनाव एकल संक्रमणीय मत के माध्यम से आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के अनुसार आयोजित किए जाते हैं ।
- (4) किसी राज्य की विधान सभा के प्रत्येक निर्वाचित सदस्य के उतने मत होंगे जितने कि एक सौ के गुणित उस भागफल में हों जो राज्य की जनसंख्या को उस विधान सभा के निर्वाचित सदस्यों की कुल संख्या से भाग देने पर आये ।
उत्तर(4)
अनुच्छेद 55 का वही सूत्र: वह प्रश्न पूछता है कि भारत के राष्ट्रपति के चुनाव के संबंध में कौन-सा कथन गलत है, और RPSC की कुंजी उस कथन को चिह्नित करती है जो एक हज़ार के बजाय एक सौ के गुणज लेता है (विकल्प (4))। यह प्रश्न 2022 में राजस्थान के विधायकों पर सूत्र लागू करता है।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
मान लीजिए किसी राज्य की 1971 की जनसंख्या 1,00,00,000 थी और उसकी विधान सभा में 60 निर्वाचित सदस्य थे। अनुच्छेद 55(2) के अंतर्गत राष्ट्रपति के निर्वाचन में हर विधायक के मत का मूल्य क्या होगा ?
- (a)166
- (b)167
- (c)1,666
- (d)60
उत्तर(2) — 1,00,00,000 ÷ 60 = 1,66,666.67; यानी 166 हज़ार और शेष 666.67, जो 500 या अधिक है, इसलिए मूल्य 167 है। 166 (1) शेष वाला नियम भूल जाता है। 1,666 (3) एक हज़ार के बजाय एक सौ के गुणज गिनता है। 60 (4) सदस्यों की संख्या है, मूल्य नहीं। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
2022 के राष्ट्रपति निर्वाचन में मतों का मूल्य तय करने के लिए किस जनगणना की जनसंख्या ली गई ?
- (a)1971
- (b)2001
- (c)2011
- (d)1951
उत्तर(1) — अनुच्छेद 55 का स्पष्टीकरण 2026 के बाद की पहली जनगणना के आँकड़े प्रकाशित होने तक 1971 की जनगणना को प्रयोग में रखता है। 2001 (2) और 2011 (3) बाद की जनगणनाएँ थीं, पर यह स्थिरीकरण रहने तक इनका प्रयोग नहीं होता। 1951 (4) वह जनगणना नहीं है जिसका स्पष्टीकरण में नाम है।