किस भारतीय संस्था को गांधी शांति पुरस्कार 2021 हेतु चयनित किया गया ?
- (1)गीता प्रेस, गोरखपुर
- (2)सुलभ इण्टरनेशनल
- (3)विवेकानंद केंद्र, कन्याकुमारी
- (4)रामकृष्ण मिशन
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (1), गीता प्रेस, गोरखपुर।
2021 के गांधी शांति पुरस्कार के लिए गीता प्रेस, गोरखपुर का चयन हुआ। संस्कृति मंत्रालय ने 18 जून 2023 को, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली निर्णायक समिति की उसी दिन हुई बैठक के बाद, घोषणा की कि पुरस्कार उसे प्रदान किया जाएगा।
विज्ञप्ति के अनुसार निर्णायक समिति ने गीता प्रेस को सर्वसम्मति से चुना, अहिंसक और अन्य गांधीवादी तरीकों से सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिवर्तन में उसके योगदान के लिए। वह बताती है कि गीता प्रेस की स्थापना 1923 में हुई थी, इसलिए यह पुरस्कार उसके सौ वर्ष पूरे होने पर आया।
विज्ञप्ति इसे विश्व के सबसे बड़े प्रकाशकों में से एक बताती है: 14 भाषाओं में 41.7 करोड़ पुस्तकें, जिनमें श्रीमद्भगवद्गीता की 16.21 करोड़ प्रतियाँ शामिल हैं।
याद रखने की बात: गांधी शांति पुरस्कार 2021 = गीता प्रेस, गोरखपुर, घोषणा 18 जून 2023।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (2)सुलभ इण्टरनेशनल — सुलभ इण्टरनेशनल को यह पुरस्कार पहले ही, एक पूर्व वर्ष के लिए, मिल चुका था। संस्कृति मंत्रालय की 16 जनवरी 2019 की विज्ञप्ति ने उसे अक्षय पात्र फ़ाउंडेशन के साथ 2016 का संयुक्त विजेता घोषित किया।
वह पुरस्कार स्वच्छता और हाथ से मैला ढोने वालों की मुक्ति के उसके कार्य के लिए था। 2021 का पुरस्कार गीता प्रेस को मिला।
- (3)विवेकानंद केंद्र, कन्याकुमारी — विवेकानंद केंद्र, कन्याकुमारी 2015 का गांधी शांति पुरस्कार विजेता था, जिसकी घोषणा 16 जनवरी 2019 को हुई।
उस विज्ञप्ति ने ग्रामीण विकास, शिक्षा और प्राकृतिक संसाधनों के विकास में उसके कार्य का उल्लेख किया। वह 2021 का विजेता नहीं था।
- (4)रामकृष्ण मिशन — रामकृष्ण मिशन पूर्व विजेता है: संस्कृति मंत्रालय की 2023 की विज्ञप्ति उसे इसरो और बांग्लादेश के ग्रामीण बैंक जैसे पूर्व पुरस्कार-प्राप्तकर्ताओं में सूचीबद्ध करती है।
जून 2023 में घोषित 2021 का पुरस्कार गीता प्रेस, गोरखपुर को मिला।
अवधारणा
गांधी शांति पुरस्कार भारत सरकार द्वारा 1995 में, महात्मा गांधी की 125वीं जयंती के अवसर पर, स्थापित वार्षिक पुरस्कार है। यह राष्ट्रीयता, नस्ल, भाषा, जाति, पंथ या लिंग का भेद किए बिना सभी व्यक्तियों के लिए खुला है।
पुरस्कार में 1 करोड़ रुपये, एक प्रशस्ति पत्र, एक पट्टिका और एक पारंपरिक हस्तशिल्प या हथकरघा वस्तु दी जाती है।
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली निर्णायक समिति विजेता चुनती है, और पुरस्कार की घोषणा उस वर्ष के कई वर्ष बाद भी हो सकती है जिसके लिए वह है।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "समसामयिक घटनाएं" के अंतर्गत "वर्तमान में चर्चित व्यक्ति, स्थान एवं संस्थाए" सूचीबद्ध है।
यह पुरस्कार व्यक्तियों और संस्थाओं, दोनों को मिला है। 2023 की विज्ञप्ति पूर्व पुरस्कार-प्राप्तकर्ताओं में नेल्सन मंडेला, जूलियस न्येरेरे, डेसमंड टूटू और बाबा आमटे के नाम देती है, और गीता प्रेस से ठीक पहले के दो विजेताओं के भी: 2019 के लिए ओमान के सुल्तान क़ाबूस बिन सईद अल सईद और 2020 के लिए बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान।
2015 से 2018 तक के विजेताओं की घोषणा एक साथ 16 जनवरी 2019 को हुई।
मुख्य तथ्य
- संस्कृति मंत्रालय ने 18 जून 2023 को घोषणा की कि 2021 का गांधी शांति पुरस्कार गीता प्रेस, गोरखपुर को प्रदान किया जाएगा।
- पुरस्कार 1995 में गांधी की 125वीं जयंती के अवसर पर स्थापित हुआ, और इसमें 1 करोड़ रुपये, प्रशस्ति पत्र, पट्टिका और एक हस्तशिल्प या हथकरघा वस्तु दी जाती है।
- गीता प्रेस की स्थापना 1923 में हुई; विज्ञप्ति उसे 14 भाषाओं में 41.7 करोड़ पुस्तकों का श्रेय देती है।
- 2015–2018 के विजेता: विवेकानंद केंद्र, कन्याकुमारी (2015); अक्षय पात्र फ़ाउंडेशन और सुलभ इण्टरनेशनल (2016); एकल अभियान ट्रस्ट (2017); योहेई सासाकावा (2018)।
- 2019 और 2020 के पुरस्कार ओमान के सुल्तान क़ाबूस बिन सईद अल सईद और बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान को मिले।
चारों विकल्प पुरस्कार-प्राप्तकर्ताओं के नाम हैं (रामकृष्ण मिशन पूर्व विजेताओं में सूचीबद्ध है); 2021 का पुरस्कार केवल गीता प्रेस को मिला।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- किसी पूर्व विजेता को चुन लेना: सुलभ इण्टरनेशनल (2016) और विवेकानंद केंद्र (2015) वास्तविक पुरस्कार-प्राप्तकर्ता हैं, पर 2021 के लिए नहीं।
- पुरस्कार-वर्ष को घोषणा-वर्ष से मिला देना: 2021 के पुरस्कार की घोषणा 18 जून 2023 को हुई।
- यह मान लेना कि पुरस्कार केवल व्यक्तियों को मिलता है: 2023 की विज्ञप्ति पूर्व पुरस्कार-प्राप्तकर्ताओं में इसरो, रामकृष्ण मिशन और ग्रामीण बैंक जैसी संस्थाओं को सूचीबद्ध करती है।
कोई प्रश्न पूछ सकता है कि किसी दिए गए वर्ष का पुरस्कार किस व्यक्ति या संस्था को मिला।
कोई प्रश्न यह भी पूछ सकता है कि पुरस्कार कब स्थापित हुआ, उसमें क्या दिया जाता है, निर्णायक समिति की अध्यक्षता कौन करता है, या कौन-सा पूर्व विजेता किस वर्ष से मेल खाता है।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2013 के मिलते-जुलते प्रश्न, उस प्रश्न-पत्र के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
वर्ष 2020 का गांधी शांति पुरस्कार निम्नलिखित में से किसे मिला ?
- (a)सुल्तान क़ाबूस बिन सईद अल सईद
- (b)बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान
- (c)गीता प्रेस, गोरखपुर
- (d)योहेई सासाकावा
उत्तर(2) — संस्कृति मंत्रालय की 2023 की विज्ञप्ति बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान को 2020 का पुरस्कार-प्राप्तकर्ता बताती है। विकल्प (1) को यह 2019 के लिए, विकल्प (3) को 2021 के लिए और विकल्प (4) को 2018 के लिए मिला। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
भारत सरकार ने 1995 में गांधी शांति पुरस्कार निम्नलिखित में से किस अवसर पर स्थापित किया ?
- (a)भारत की स्वतंत्रता की 50वीं वर्षगाँठ
- (b)महात्मा गांधी की 125वीं जयंती
- (c)चंपारण सत्याग्रह की शताब्दी
- (d)दांडी मार्च की 75वीं वर्षगाँठ
उत्तर(2) — संस्कृति मंत्रालय की विज्ञप्तियों के अनुसार पुरस्कार 1995 में गांधी की 125वीं जयंती के अवसर पर स्थापित हुआ। विकल्प (1) 1997 में पड़ी; विकल्प (3) 2017 में; विकल्प (4) 2005 में, इसलिए कोई भी 1995 से मेल नहीं खाता।