राजस्थान में कालाखुटा, लीलवानी, नारदिया, तिम्मामोरी किस खनिज के उत्पादक क्षेत्र हैं ?
- (1)मैंगनीज़
- (2)टंगस्टन
- (3)ताँबा
- (4)लौह–अयस्क
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (1), मैंगनीज़.
प्रश्न के चार स्थानों में से दो राजस्थान के खान एवं भूविज्ञान विभाग (DMG) की मैंगनीज़ सूची में आते हैं, इसलिए उत्तर मैंगनीज़ है। DMG राज्य के मैंगनीज़ निक्षेप मुख्यतः बाँसवाड़ा जिले में, गुरारिया से रथिमुरी तक लगभग 22 किमी लम्बी पट्टी में बताता है।
DMG की मुख्य मैंगनीज़ निक्षेपों की अंग्रेज़ी सूची इन दोनों को Kala-Khunta (काला-खूंटा) और Lilwani (लिलवानी) लिखती है, और सिवानिया, घाटिया, इटाला, तांबेसरा और खेरिया के नाम भी देती है।
बाँसवाड़ा जिला गजेटियर ने जिले को मैंगनीज़ का एक प्रमुख उत्पादक बताया, जिसका अयस्क-अंश लगभग 45 से 60 प्रतिशत था। यह तलवाड़ा, खूंटा कलां, इटाला, तांबोसरा और सगवान जैसे स्थानों के नाम लेता है।
DMG राज्य में 5.78 मिलियन टन मैंगनीज़ संसाधनों का अनुमान देता है; छोटे निक्षेप नेगड़िया (राजसमन्द) और छोटी-सर व बड़ी-सर (उदयपुर) के पास भी हैं।
कालाखुटा और लीलवानी बाँसवाड़ा की मैंगनीज़ पट्टी की ओर ले जाते हैं।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (2)टंगस्टन — राजस्थान का टंगस्टन दूसरे जिलों में है। DMG नागौर जिले में डेगाना के पास और सिरोही जिले में बालदा और उडुवारिया के पास निक्षेप बताता है।
वह यह भी बताता है कि डेगाना और बालदा ही चालू खानें थीं, और आर्थिक रूप से अलाभकारी होने के कारण बंद कर दी गई हैं। इनमें से कोई भी बाँसवाड़ा में नहीं है।
- (3)ताँबा — DMG ताँबे के निक्षेप झुन्झुनूं, सीकर, सिरोही, उदयपुर, भीलवाड़ा, अजमेर, अलवर, भरतपुर, चित्तौड़गढ़, राजसमन्द और डूंगरपुर में बताता है, और झुन्झुनूं की खेतड़ी ताम्र पट्टी का उल्लेख करता है।
कालाखुटा और लीलवानी का जिला बाँसवाड़ा ताँबे के जिलों की उस सूची में नहीं है।
- (4)लौह–अयस्क — DMG के महत्त्वपूर्ण लौह-अयस्क स्थलों में जयपुर का मोरीजा–नीमला, सीकर का डाबला और झुन्झुनूं का ताओंडा शामिल हैं।
बाँसवाड़ा DMG की लौह-अयस्क जिलों की सूची में आता है, इसलिए केवल जिले से बात तय नहीं होती। नामित स्थान इसे तय करते हैं: कालाखुटा और लीलवानी DMG की मैंगनीज़ सूची में हैं।
अवधारणा
मैंगनीज़ का उपयोग इस्पात-निर्माण में होता है। बाँसवाड़ा जिला गजेटियर इसके उपयोगों में शुष्क बैटरियाँ, पेंट और वार्निश, फोटोग्राफिक डेवलपर और रसायन भी गिनाता है।
राजस्थान में यह अयस्क दक्षिण में केन्द्रित है। DMG मुख्य निक्षेप बाँसवाड़ा जिले में गुरारिया से रथिमुरी तक लगभग 22 किमी की पट्टी में बताता है, और राज्य में 5.78 मिलियन टन मैंगनीज़ संसाधनों का अनुमान देता है।
DMG की तालिका बाँसवाड़ा के अयस्कों में मैंगनीज़ की मात्रा 27 से 35 प्रतिशत से लेकर 46 से 52.2 प्रतिशत तक दर्ज करती है।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "राजस्थान का भूगोल" के अंतर्गत "खनिज– धात्विक एवं अधात्विक" शामिल है। हर धात्विक खनिज की स्थिति इसी शीर्षक के अंतर्गत आती है।
राजस्थान में हर धात्विक खनिज के अपने जिले हैं। DMG ताँबे को झुन्झुनूं, सीकर और उदयपुर सहित जिलों की एक शृंखला में, टंगस्टन को नागौर के डेगाना और सिरोही में, और मैंगनीज़ को बाँसवाड़ा में रखता है।
खनन-स्थल छोटे गाँव हो सकते हैं जिनकी वर्तनी बदलती रहती है, इसलिए हर स्थल को उसके जिले से जोड़ना सहायक है। कालाखुटा और लीलवानी दोनों बाँसवाड़ा तक ले जाते हैं।
मुख्य तथ्य
- DMG राजस्थान के मुख्य मैंगनीज़ निक्षेप बाँसवाड़ा जिले में, गुरारिया से रथिमुरी तक लगभग 22 किमी की पट्टी में बताता है।
- बाँसवाड़ा में DMG के मुख्य मैंगनीज़ निक्षेप: सिवानिया, काला-खूंटा, घाटिया, लिलवानी, इटाला, तांबेसरा और खेरिया।
- DMG राजस्थान में 5.78 मिलियन टन मैंगनीज़ संसाधनों का अनुमान देता है, साथ में नेगड़िया (राजसमन्द) और छोटी-सर व बड़ी-सर (उदयपुर) के पास छोटे निक्षेप।
- DMG के टंगस्टन निक्षेप डेगाना (नागौर) और बालदा व उडुवारिया (सिरोही) के पास हैं; डेगाना और बालदा की खानें आर्थिक रूप से अलाभकारी होने के कारण बंद हो चुकी हैं।
- DMG के लौह-अयस्क स्थलों में मोरीजा–नीमला (जयपुर), डाबला (सीकर) और ताओंडा (झुन्झुनूं) शामिल हैं।
राजस्थान के खान एवं भूविज्ञान विभाग के धात्विक खनिज पृष्ठ से।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- बाँसवाड़ा DMG की लौह-अयस्क जिलों की सूची में भी है। जिला विकल्पों को सीमित करता है; नामित स्थान उत्तर तय करते हैं।
- स्थानों के नामों की वर्तनी बदलती है। प्रश्न के कालाखुटा और लीलवानी DMG की अंग्रेज़ी सूची में Kala-Khunta और Lilwani के रूप में आते हैं।
- बाँसवाड़ा में भूकिया–जगपुरा–देलवाड़ा पट्टी में सोना भी है। दक्षिणी राजस्थान का एक ही जिला एक से अधिक खनिज-मानचित्रों में आ सकता है।
कोई प्रश्न खनन-स्थलों की सूची देकर उनका खनिज पूछ सकता है, जैसा यह प्रश्न करता है।
कोई प्रश्न किसी खनिज का नाम देकर उसका जिला भी पूछ सकता है, पूछ सकता है कि कौन-सा स्थल किसी खनिज का नहीं है, या किसी खनिज के संसाधनों में राजस्थान का अंश पूछ सकता है।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2016 और 2013 के मिलते-जुलते प्रश्न, उन प्रश्न-पत्रों के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
राजस्थान के खान एवं भूविज्ञान विभाग के अनुसार, डेगाना, जिला नागौर, के पास के निक्षेप किस खनिज के हैं ?
- (a)टंगस्टन
- (b)मैंगनीज़
- (c)ताँबा
- (d)सोना
उत्तर(1) — DMG नागौर के डेगाना को टंगस्टन निक्षेप के रूप में बताता है। विकल्प (2), मैंगनीज़, बाँसवाड़ा में केन्द्रित है। विकल्प (3), ताँबा, झुन्झुनूं की खेतड़ी पट्टी से जुड़ा है। विकल्प (4), सोना, बाँसवाड़ा की भूकिया–जगपुरा–देलवाड़ा पट्टी में केन्द्रित है। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
राजस्थान के खान एवं भूविज्ञान विभाग के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन-सा मैंगनीज़ निक्षेप क्षेत्र नहीं है ?
- (a)काला-खूंटा
- (b)तांबेसरा
- (c)इटाला
- (d)डाबला
उत्तर(4) — डाबला, जिसे DMG सीकर के अंतर्गत रखता है, DMG की लौह-अयस्क स्थलों की सूची में है। विकल्प (1) काला-खूंटा, (2) तांबेसरा और (3) इटाला तीनों बाँसवाड़ा जिले में DMG के मुख्य मैंगनीज़ निक्षेपों में हैं।