विज्ञान और प्रोद्योगिकी विभाग के अधीन कार्यरत राज्य रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेन्टर स्थित है –
- (1)झालावाड़ में
- (2)अजमेर में
- (3)जोधपुर में
- (4)जयपुर में
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (3), जोधपुर में.
राजस्थान की आर्थिक समीक्षा 2020-21 विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के कार्यक्रमों का वर्णन करते हुए राज्य रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेन्टर (SRSAC), जोधपुर का नाम लेती है। वह यह भी बताती है कि सुदूर संवेदन (रिमोट सेंसिंग) की गतिविधियाँ इसी केंद्र द्वारा संचालित की जा रही हैं।
विभाग की अपनी वेबसाइट (अप्रैल 2021 की संग्रहीत प्रति) अपने क्षेत्रीय कार्यालयों के नाम देने के बाद बताती है कि इन क्षेत्रीय कार्यालयों के अतिरिक्त राज्य रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेन्टर, जोधपुर भी इस विभाग के अधीन कार्यरत है।
इसलिए यह केंद्र जोधपुर में स्थित है।
याद रखने योग्य बात: DST राजस्थान का कार्यालय जयपुर में है, पर उसका रिमोट सेंसिंग केंद्र, SRSAC, जोधपुर में है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)झालावाड़ में — झालावाड़ जिले में DST की एक अलग सुविधा है। विभाग की वेबसाइट (अप्रैल 2021 की प्रति) विज्ञान केंद्रों/पार्कों के अंतर्गत जयपुर, कोटा, उदयपुर, बीकानेर, जोधपुर और नवलगढ़ के साथ झालरापाटन (झालावाड़) को सूचीबद्ध करती है।
वेबसाइट विज्ञान केंद्रों और पार्कों को विज्ञान को लोकप्रिय बनाने से जोड़ती है; रिमोट सेंसिंग केंद्र एक अलग इकाई है, और DST के दोनों स्रोत उसे जोधपुर में बताते हैं।
- (2)अजमेर में — अजमेर का नाम आर्थिक समीक्षा 2020-21 के उस वाक्य में आता है जो DST के क्षेत्रीय कार्यालयों के बारे में है। उस वाक्य के अंग्रेज़ी पाठ में अजमेर "Ajmer (Headquarter Jaipur)" के रूप में छपा है, और उसके बाद बीकानेर, कोटा, जोधपुर और उदयपुर के नाम हैं।
अगला वाक्य बताता है कि इसके अतिरिक्त सुदूर संवेदन की गतिविधियाँ राज्य रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेन्टर (SRSAC), जोधपुर द्वारा संचालित की जा रही हैं।
- (4)जयपुर में — जयपुर में विभाग स्वयं स्थित है: उसकी वेबसाइट (अप्रैल 2021 की प्रति) उसका कार्यालय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी भवन, शास्त्री नगर, जयपुर बताती है।
SRSAC की उपलब्धियों की सूची में जयपुर में रिमोट सेंसिंग उप-प्रकोष्ठ (Sub-cell) की स्थापना का भी उल्लेख है। उप-प्रकोष्ठ केंद्र नहीं है; उसी सूची का शीर्षक इन उपलब्धियों को राज्य रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेन्टर (SRSAC), जोधपुर की उपलब्धियाँ बताता है।
अवधारणा
सुदूर संवेदन (रिमोट सेंसिंग) उपग्रह आँकड़ों से पृथ्वी की सतह के बारे में जानकारी जुटाता है। राज्य का रिमोट सेंसिंग केंद्र इन आँकड़ों को सरकारी विभागों के लिए मानचित्रों और डेटाबेस में बदलता है।
DST की वेबसाइट (अप्रैल 2021 की प्रति) SRSAC की शुरुआत 1979 में राज्य कृषि विभाग के अधीन स्थापित एक हवाई फोटो व्याख्या प्रयोगशाला (Aerial Photo Interpretation Laboratory) से बताती है। 1985 में यह प्रयोगशाला राज्य के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग को हस्तांतरित हुई और इसका नाम SRSAC रखा गया।
वेबसाइट पर प्रगतिरत परियोजनाओं में बंदोबस्त विभाग के लिए डिजिटाइज़ किए गए कैडस्ट्रल मानचित्रों की जियोरेफ़रेंसिंग, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के लिए गाँवों के मानचित्र, और NRSC, ISRO द्वारा प्रायोजित भूजल गुणवत्ता मानचित्र शामिल हैं।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी" के अंतर्गत "विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विकास राजस्थान के विशेष संदर्भ में" सूचीबद्ध है।
DST की वेबसाइट (अप्रैल 2021 की प्रति) बताती है कि विभाग की स्थापना 1983 में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने और ग्रामीण क्षेत्रों तथा कमज़ोर वर्गों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी का उपयोग करने हेतु की गई।
SRSAC के सूचीबद्ध कार्यों में राज्य का डिजिटल मृदा मानचित्र और भूमि उपयोग मानचित्र, 2006 की अधिसूचना के अनुसार सभी विधानसभा और लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों के संशोधित निर्वाचन मानचित्र, और राजस्थान के भूजल, जलग्रहण (वाटरशेड), संसाधन तथा मृदा एटलस शामिल हैं।
मुख्य तथ्य
- विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, राजस्थान के अधीन राज्य रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेन्टर (SRSAC) जोधपुर में है (आर्थिक समीक्षा 2020-21)।
- DST राजस्थान की स्थापना 1983 में हुई; SRSAC 1979 में हवाई फोटो व्याख्या प्रयोगशाला के रूप में शुरू हुआ और 1985 में इसका नाम बदला गया (DST वेबसाइट, अप्रैल 2021 की प्रति)।
- आर्थिक समीक्षा 2020-21 के अंग्रेज़ी पाठ में DST के क्षेत्रीय कार्यालय "Ajmer (Headquarter Jaipur)", बीकानेर, कोटा, जोधपुर और उदयपुर में बताए गए हैं।
- SRSAC के सूचीबद्ध एटलसों में राजस्थान का भूजल एटलस, जलग्रहण एटलस, संसाधन एटलस और मृदा एटलस शामिल हैं।
- ISRO का क्षेत्रीय सुदूर संवेदन केंद्र, पश्चिम (RRSC-West) भी जोधपुर में, कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड में है (NRSC वेबसाइट, जनवरी 2021 की संग्रहीत प्रति)।
DST राजस्थान की वेबसाइट (अप्रैल 2021 की संग्रहीत प्रति) और राजस्थान की आर्थिक समीक्षा 2020-21 से।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- विभाग बनाम केंद्र: DST राजस्थान का कार्यालय जयपुर में है, पर उसका रिमोट सेंसिंग केंद्र जोधपुर में है।
- उप-प्रकोष्ठ केंद्र नहीं है: SRSAC अपनी उपलब्धियों में जयपुर के रिमोट सेंसिंग उप-प्रकोष्ठ का उल्लेख करता है; SRSAC स्वयं जोधपुर में है।
- एक शहर में दो सुदूर संवेदन केंद्र: राज्य का SRSAC और ISRO का RRSC-West, दोनों जोधपुर में हैं; 'विज्ञान और प्रोद्योगिकी विभाग के अधीन कार्यरत' SRSAC की ओर संकेत करता है।
कोई प्रश्न किसी राज्य या केंद्रीय वैज्ञानिक संस्था का नाम देकर उसका स्थान पूछ सकता है, या किसी शहर का नाम देकर पूछ सकता है कि वहाँ कौन सी संस्था है।
कोई प्रश्न यह भी पूछ सकता है कि कोई केंद्र किस विभाग के अधीन काम करता है, या वह क्या कार्य करता है, जैसे प्राकृतिक संसाधनों का उपग्रह-आधारित मानचित्रण।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2018 और 2016 के मिलते-जुलते प्रश्न, उन प्रश्न-पत्रों के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
ISRO का क्षेत्रीय सुदूर संवेदन केंद्र, पश्चिम (RRSC-West) स्थित है –
- (a)जयपुर में
- (b)जोधपुर में
- (c)अहमदाबाद में
- (d)उदयपुर में
उत्तर(2) — NRSC की वेबसाइट RRSC-West का पता न्यू ISRO कॉम्प्लेक्स, कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड, जोधपुर देती है। विकल्प (1), (3) और (4) वह स्थान नहीं हैं जो NRSC बताता है। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
राजस्थान सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की स्थापना किस वर्ष हुई ?
- (a)1976
- (b)1983
- (c)1991
- (d)2001
उत्तर(2) — विभाग की वेबसाइट के अनुसार इसकी स्थापना वर्ष 1983 में हुई। विकल्प (1), (3) और (4) वह वर्ष नहीं हैं जो वेबसाइट देती है।