पिछली सदी में वैश्विक औसत तापमान में कितनी वृद्धि हुई है?
- (1)3.0° F
- (2)1.8° F
- (3)3.4° F
- (4)2.4° F
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (2), 1.8° F.
1.8° F की वृद्धि 1.0° C की वृद्धि के बराबर है, क्योंकि तापमान में 1° C का परिवर्तन 1.8° F के परिवर्तन के बराबर होता है।
अमेरिका के ग्लोबल चेंज रिसर्च प्रोग्राम (USGCRP) की क्लाइमेट साइंस स्पेशल रिपोर्ट (2017) के अनुसार वार्षिक औसत वैश्विक सतही वायु तापमान पिछले 115 वर्षों (1901–2016) में लगभग 1.8°F (1.0°C) बढ़ा है।
IPCC एक पहले की आधार-अवधि के सापेक्ष तापन का यही परिमाण बताता है। उसकी 1.5°C वैश्विक तापन पर विशेष रिपोर्ट (2018) मानव-जनित तापन को पूर्व-औद्योगिक स्तर से लगभग 1.0°C ऊपर बताती है। उसकी अगस्त 2021 की रिपोर्ट 2001–2020 को 1850–1900 से 0.99 °C ऊपर बताती है, यानी लगभग 1.8° F।
अमेरिकी एजेंसियाँ अन्य आधार-अवधियों पर निकट के आँकड़े देती हैं। NOAA के Climate.gov के अनुसार 2020, बीसवीं सदी के औसत से 1.76° F अधिक गर्म था; NASA की Earth Observatory के अनुसार 1880 से औसत वैश्विक तापमान 1° C (2° F) से कुछ अधिक बढ़ा है।
याद रखने योग्य बात: लगभग 1900 से अब तक लगभग 1° C, यानी 1.8° F, का तापन।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)3.0° F — 3.0° F लगभग 1.7° C है (यहाँ किया गया रूपांतरण), जो यहाँ उद्धृत हर आँकड़े से काफ़ी अधिक है।
यह 1.5° C (2.7° F) से भी ऊपर है — वह स्तर जिसके बारे में IPCC की 2018 की विशेष रिपोर्ट ने कहा था कि वर्तमान दर से तापन जारी रहने पर वैश्विक तापन के 2030 और 2052 के बीच वहाँ पहुँचने की संभावना है।
- (3)3.4° F — 3.4° F लगभग 1.9° C है (यहाँ किया गया रूपांतरण), यानी IPCC द्वारा बताए गए तापन का लगभग दोगुना।
IPCC की 2018 की रिपोर्ट ने मानव-जनित तापन को पूर्व-औद्योगिक स्तर से लगभग 1.0°C ऊपर बताया था, जिसकी संभावित सीमा 0.8°C से 1.2°C थी; 3.4° F उस सीमा के ऊपरी छोर से बहुत आगे है।
- (4)2.4° F — 2.4° F लगभग 1.3° C है (यहाँ किया गया रूपांतरण)। यह 2011–2020 के लिए IPCC की अगस्त 2021 की संभावित सीमा के ऊपरी छोर, 1.20 °C, यानी लगभग 2.2° F, से भी ऊपर है।
NOAA का एक अकेले वर्ष का आँकड़ा इसके निकट आता है: 2020, 1880–1900 की पूर्व-औद्योगिक अवधि से 2.14° F अधिक गर्म था। यह एक पुरानी आधार-अवधि के सापेक्ष केवल एक वर्ष है, और फिर भी 2.4° F से कम है।
अवधारणा
वैश्विक औसत तापमान पूरे ग्रह की सतह पर औसत किया गया तापमान है। एजेंसियाँ तापन को विसंगति (anomaly) के रूप में बताती हैं: किसी चुनी हुई आधार-अवधि से अंतर।
आधार-अवधियाँ अलग-अलग हैं। NASA की Earth Observatory 1880 से गिनती करती है, NOAA बीसवीं सदी के औसत से भी तुलना करता है, और IPCC 1850–1900 से तुलना करता है। इसलिए एक ही तापन थोड़े अलग आँकड़ों में दिखता है।
तापमान के परिवर्तन का रूपांतरण 1° C = 1.8° F से होता है। 32 जोड़ना थर्मामीटर की रीडिंग पर लागू होता है, वृद्धि पर नहीं।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "विश्व एवं भारत का भूगोल" के अंतर्गत "पर्यावरणीय मुद्दे – मरूस्थलीकरण, वनोन्मूलन, जलवायु परिवर्तन एवं ग्लोबल वार्मिंग (ऊष्मीकरण), ओजन अवक्षय" सूचीबद्ध है।
परीक्षा से पहले का अंतिम पूर्ण वर्ष, 2020, अब तक मापे गए सबसे गर्म वर्षों में था। NASA के अनुसार 1880 में रिकॉर्ड रखना शुरू होने के बाद से यह 2016 के साथ संयुक्त रूप से सबसे गर्म वर्ष रहा; NOAA, 2020 को दूसरा सबसे गर्म वर्ष मानता है, जो 2016 की बराबरी से 0.04° F पीछे रहा।
तापन की गति बढ़ी है। NOAA के अनुसार 1880 से प्रति दशक 0.14° F, पर 1981 से प्रति दशक 0.32° F की वृद्धि हुई है, और IPCC की 2018 की रिपोर्ट ने कहा था कि वर्तमान दर से तापन के 2030 और 2052 के बीच 1.5°C तक पहुँचने की संभावना है।
मुख्य तथ्य
- IPCC SR1.5 (2018): मानवीय गतिविधियों ने पूर्व-औद्योगिक स्तर से लगभग 1.0°C तापन किया है (संभावित सीमा 0.8°C से 1.2°C)।
- IPCC AR6 कार्य समूह I सारांश (अगस्त 2021 में अनुमोदित): 2011–2020 में वैश्विक सतही तापमान 1850–1900 से 1.09 °C अधिक था।
- NOAA Climate.gov: 2020, बीसवीं सदी के औसत से 1.76° F और 1880–1900 से 2.14° F अधिक गर्म था।
- NASA Earth Observatory: 1880 से औसत वैश्विक तापमान 1° C (2° F) से कुछ अधिक बढ़ा है।
- USGCRP क्लाइमेट साइंस स्पेशल रिपोर्ट (2017): 1901–2016 में वैश्विक सतही वायु तापमान लगभग 1.8°F (1.0°C) बढ़ा; 1° C का परिवर्तन 1.8° F के बराबर है।
IPCC के आँकड़ों के फ़ारेनहाइट मान यहाँ किए गए रूपांतरण हैं (× 1.8)। हर स्रोत अलग आधार-अवधि से मापता है।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- परिवर्तन का रूपांतरण: केवल 1.8 से गुणा करें; 32 जोड़ना थर्मामीटर की रीडिंग के लिए है, इसलिए 1° C का तापन 1.8° F है, 33.8° F नहीं।
- आधार-अवधियाँ अलग हैं: '1880 से', '1850–1900 से ऊपर' और 'बीसवीं सदी के औसत से ऊपर' एक ही तापन के लिए अलग आँकड़े देते हैं।
- एक वर्ष प्रवृत्ति नहीं है: NOAA का 2.14° F केवल वर्ष 2020 की तुलना 1880–1900 से करता है, जबकि IPCC पूरे दशकों का औसत लेता है।
कोई प्रश्न देखे गए वैश्विक तापन का परिमाण °C या °F में पूछ सकता है, या वह आधार-अवधि पूछ सकता है जिससे कोई आँकड़ा मापा गया है।
कोई प्रश्न तापन के किसी आँकड़े का सेल्सियस और फ़ारेनहाइट के बीच रूपांतरण भी करवा सकता है, या पूछ सकता है कि कोई आकलन किस संस्था ने प्रकाशित किया, जैसे IPCC।
संबंधित PYQ
निम्नलिखित में से गलत कथन का चयन कीजिए :
- (1) अल नीनो एवं ला नीना एक प्रकार के झंझावात हैं ।
- (2) अल नीनो के दौरान तट से दूर पादप–प्लवक कम होते हैं ।
- (3) ला नीना के दौरान व्यापारिक हवाएँ सामान्य से अधिक प्रबल होती हैं ।
- (4) अल नीनो एवं ला नीना मौसम के प्रतिरूप हैं ।
उत्तर(1)
जलवायु से जुड़ा विचार: अल नीनो और ला नीना जलवायु प्रतिरूप हैं, जिनका उल्लेख NASA और NOAA किसी अकेले गर्म या ठंडे वर्ष की व्याख्या करते समय करते हैं। वह प्रश्न अल नीनो और ला नीना के बारे में गलत कथन पूछता है (RPSC की कुंजी: विकल्प (1), कि वे एक प्रकार के झंझावात हैं); यहाँ का प्रश्न पूछता है कि वैश्विक औसत तापमान में कितनी वृद्धि हुई है।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
वैश्विक औसत तापमान में 1.5 °C की वृद्धि किसके बराबर है ?
- (a)1.5 °F
- (b)2.7 °F
- (c)34.7 °F
- (d)3.0 °F
उत्तर(2) — तापमान के परिवर्तन का रूपांतरण × 1.8 से होता है: 1.5 × 1.8 = 2.7 °F। विकल्प (3) गलती से 32 जोड़ता है, जो केवल रीडिंग पर लागू होता है; विकल्प (1) रूपांतरण ही छोड़ देता है; विकल्प (4) संख्या को केवल दोगुना कर देता है। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
IPCC की 1.5°C वैश्विक तापन पर विशेष रिपोर्ट (2018) के अनुसार, यदि तापन वर्तमान दर से जारी रहा, तो इसके किन वर्षों के बीच 1.5°C तक पहुँचने की संभावना है ?
- (a)2021 और 2025
- (b)2030 और 2052
- (c)2060 और 2080
- (d)2090 और 2100
उत्तर(2) — रिपोर्ट का नीति-निर्माताओं के लिए सारांश (Summary for Policymakers) कहता है कि वर्तमान दर से बढ़ते रहने पर वैश्विक तापन के 2030 और 2052 के बीच 1.5°C तक पहुँचने की संभावना है। विकल्प (1), (3) और (4) रिपोर्ट द्वारा दी गई अवधि नहीं हैं।