निम्न में से कौन उत्तर–दक्षिण गलियारे पर स्थित है?
- (1)लखनऊ
- (2)आगरा
- (3)कोटा
- (4)कानपुर
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (2), आगरा.
उत्तर–दक्षिण गलियारा श्रीनगर से कन्याकुमारी तक, लगभग 4,000 किमी, जाता है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय का 3 अगस्त 2017 का लोक सभा उत्तर इसे, पूर्व–पश्चिम गलियारे के साथ, राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना (NHDP) का घटक बताता है।
आगरा उत्तर–दक्षिण गलियारे पर स्थित है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) का इस गलियारे का चेनेज चार्ट (31 मई 2017 की स्थिति) इसके खंडों में दिल्ली – आगरा, नया आगरा बाईपास और आगरा – राजस्थान/उत्तर प्रदेश सीमा गिनाता है, और फिर धौलपुर, मुरैना, ग्वालियर और झांसी होकर आगे बढ़ता है।
बाकी तीनों नगर पूर्व–पश्चिम गलियारे, सिलचर से पोरबन्दर, के NHAI चार्ट में आते हैं: उत्तर प्रदेश में लखनऊ – कानपुर खंड, और राजस्थान में राजस्थान/मध्य प्रदेश सीमा से कोटा।
उत्तर–दक्षिण: दिल्ली, आगरा, ग्वालियर, झांसी। पूर्व–पश्चिम: लखनऊ, कानपुर, झांसी, कोटा।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)लखनऊ — लखनऊ पूर्व–पश्चिम गलियारे पर है। NHAI का पूर्व–पश्चिम चार्ट अयोध्या – लखनऊ, लखनऊ बाईपास और लखनऊ – कानपुर खंड गिनाता है।
लखनऊ और आगरा दोनों उत्तर प्रदेश में हैं, इसलिए राज्य के आधार पर अनुमान इन्हें अलग नहीं करता। गलियारे अलग करते हैं: आगरा उत्तर–दक्षिण चार्ट में है, लखनऊ पूर्व–पश्चिम चार्ट में।
- (3)कोटा — कोटा पूर्व–पश्चिम गलियारे पर है। NHAI का पूर्व–पश्चिम चार्ट राजस्थान/मध्य प्रदेश सीमा से कोटा, कोटा बाईपास और कोटा से चित्तौड़गढ़ गिनाता है, और फिर उदयपुर, गोगुन्दा और स्वरूपगंज तक जाता है।
उत्तर–दक्षिण गलियारे के चार्ट में राजस्थान के खंड धौलपुर के आसपास हैं, उत्तर प्रदेश सीमा और मुरैना के बीच।
- (4)कानपुर — कानपुर पूर्व–पश्चिम गलियारे पर है। NHAI का पूर्व–पश्चिम चार्ट लखनऊ – कानपुर और कानपुर – भोगनीपुर खंड गिनाता है, जिनके बाद उरई से झांसी आता है।
दोनों गलियारे झांसी पर एक-दूसरे को काटते हैं, जो दोनों चार्टों में है। कानपुर उत्तर प्रदेश से गुजरने वाली पूर्व–पश्चिम रेखा पर है, आगरा और ग्वालियर से गुजरने वाली उत्तर–दक्षिण रेखा पर नहीं।
अवधारणा
उत्तर–दक्षिण और पूर्व–पश्चिम गलियारे दो लंबे राजमार्ग मार्ग हैं, जो अनेक अलग-अलग खंडों के रूप में बनाए गए। 3 अगस्त 2017 का लोक सभा उत्तर इन्हें श्रीनगर से कन्याकुमारी (4,000 किमी) और सिलचर से पोरबन्दर (3,300 किमी) बताता है, जिनका कार्य चरणबद्ध ढंग से हो रहा था।
NHAI हर गलियारे का एक चेनेज चार्ट प्रकाशित करता है, जिसमें हर खंड उसके राज्य और स्थिति के साथ दर्ज है। ये चार्ट दिखाते हैं कि कौन-सा गलियारा किन नगरों से गुजरता है।
दोनों गलियारे झांसी पर मिलते हैं: उत्तर–दक्षिण चार्ट ग्वालियर – झांसी और झांसी – ललितपुर गिनाता है, और पूर्व–पश्चिम चार्ट झांसी बाईपास और झांसी – शिवपुरी।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "भारत का भूगोल" के अंतर्गत "राष्ट्रीय राजमार्ग एवं प्रमुख परिवहन गलियारे" सूचीबद्ध है। राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना के दोनों गलियारे इसी शीर्षक में आते हैं।
दोनों गलियारे राजस्थान को छूते हैं। पूर्व–पश्चिम गलियारा दक्षिण-पूर्व और दक्षिण को कोटा, चित्तौड़गढ़ और उदयपुर होते हुए गुजरात के पालनपुर की ओर पार करता है। उत्तर–दक्षिण गलियारे के छोटे खंड धौलपुर में हैं, उत्तर प्रदेश सीमा और मुरैना के बीच।
उत्तर प्रदेश में दोनों के भाग हैं, इसलिए एक ही राज्य के नगर अलग-अलग गलियारों पर हो सकते हैं।
मुख्य तथ्य
- लोक सभा उत्तर, 3 अगस्त 2017: उत्तर–दक्षिण गलियारा, श्रीनगर से कन्याकुमारी (4,000 किमी); पूर्व–पश्चिम गलियारा, सिलचर से पोरबन्दर (3,300 किमी)।
- NHAI का उत्तर–दक्षिण चार्ट (31 मई 2017 की स्थिति) दिल्ली – आगरा, नया आगरा बाईपास और आगरा – राजस्थान/उत्तर प्रदेश सीमा खंड गिनाता है।
- राजस्थान में उत्तर–दक्षिण चार्ट राजस्थान/उत्तर प्रदेश सीमा से मनिया, मनिया – धौलपुर और धौलपुर – मुरैना गिनाता है, जिसमें चम्बल पुल भी शामिल है।
- NHAI का पूर्व–पश्चिम चार्ट उत्तर प्रदेश में अयोध्या – लखनऊ, लखनऊ – कानपुर और कानपुर – भोगनीपुर खंड गिनाता है।
- राजस्थान में पूर्व–पश्चिम चार्ट राजस्थान/मध्य प्रदेश सीमा से कोटा, फिर चित्तौड़गढ़, उदयपुर, गोगुन्दा और स्वरूपगंज तक जाता है।
केवल आगरा, विकल्प (2), उत्तर–दक्षिण गलियारे पर है। खंड NHAI के चेनेज चार्ट से, 31 मई 2017 की स्थिति।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- राज्य के आधार पर अनुमान। आगरा, लखनऊ और कानपुर तीनों उत्तर प्रदेश में हैं, पर केवल आगरा उत्तर–दक्षिण गलियारे पर है।
- कोटा को उत्तर–दक्षिण रेखा पर रख देना। कोटा पूर्व–पश्चिम चार्ट में है; राजस्थान में उत्तर–दक्षिण खंड धौलपुर के आसपास हैं।
- मिलन-बिंदु को भूल जाना। झांसी दोनों चार्टों में है, इसलिए एक गलियारे पर गिनाया गया नगर दूसरे का भी हो सकता है।
कोई प्रश्न चार नगरों के नाम देकर पूछ सकता है कि उनमें से कौन किसी दिए गए गलियारे पर है, जैसा यहाँ है।
कोई प्रश्न किसी गलियारे के छोर पूछ सकता है, उसके नगरों को उत्तर से दक्षिण के क्रम में लगवा सकता है, या पूछ सकता है कि दोनों गलियारे कहाँ मिलते हैं।
संबंधित PYQ
पूर्व–पश्चिम कॉरिडोर जोड़ता है ________ ।
- (1) इम्फाल को अहमदाबाद से
- (2) दीमापुर को वडोदरा से
- (3) सिलचर को पोरबन्दर से
- (4) गुवाहाटी को काण्डला बन्दरगाह से
उत्तर(3)
गलियारों का वही कार्यक्रम, दूसरा मार्ग। वह प्रश्न पूछता है कि पूर्व–पश्चिम कॉरिडोर किसे किससे जोड़ता है (RPSC की कुंजी: विकल्प (3), सिलचर को पोरबन्दर से); यह प्रश्न पूछता है कि कौन-सा नगर उत्तर–दक्षिण गलियारे पर है, जिसमें तीन पूर्व–पश्चिम नगर गलत उत्तर हैं।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
निम्नलिखित में से कौन-सा नगर पूर्व–पश्चिम गलियारे पर स्थित है?
- (a)ग्वालियर
- (b)नागपुर
- (c)कोटा
- (d)आगरा
उत्तर(3) — NHAI का पूर्व–पश्चिम चार्ट राजस्थान/मध्य प्रदेश सीमा से कोटा और कोटा से चित्तौड़गढ़ गिनाता है। विकल्प (1), ग्वालियर, विकल्प (2), नागपुर, और विकल्प (4), आगरा, इसके बजाय उत्तर–दक्षिण चार्ट में हैं। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
उत्तर–दक्षिण गलियारे के खंड राजस्थान के किस जिले में हैं?
- (a)कोटा
- (b)धौलपुर
- (c)चित्तौड़गढ़
- (d)उदयपुर
उत्तर(2) — NHAI का उत्तर–दक्षिण चार्ट मनिया – धौलपुर और धौलपुर – मुरैना गिनाता है। विकल्प (1), कोटा, विकल्प (3), चित्तौड़गढ़, और विकल्प (4), उदयपुर, पूर्व–पश्चिम गलियारे के चार्ट में हैं।