गोगेलाव संरक्षित क्षेत्र किस जिले में स्थित है?
- (1)पाली
- (2)चूरू
- (3)नागौर
- (4)जालौर
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (3), नागौर.
गोगेलाव संरक्षित क्षेत्र (कंज़र्वेशन रिज़र्व) नागौर जिले में है। राजस्थान वन विभाग की संरक्षित क्षेत्रों की सूची इसे नागौर में रखती है, क्षेत्रफल 3.58 वर्ग किमी, और इस रिज़र्व का विभागीय पृष्ठ इसकी अधिसूचना तिथि 9 मार्च 2012 बताता है।
राज्य का सांख्यिकीय सार 2015, वन विभाग के प्रशासनिक प्रतिवेदन 2013-14 के हवाले से, गोगेलाव को नागौर के अंतर्गत उसी 3.58 वर्ग किमी के साथ दर्ज करता है। उस तालिका के 10 संरक्षित क्षेत्रों (कंज़र्वेशन रिज़र्व) में यह एक है।
दोनों सूचियों में नागौर का एक दूसरा रिज़र्व भी है, रोटू, 0.73 वर्ग किमी। वन विभाग रोटू की अधिसूचना तिथि 29 मई 2012 बताता है।
बाकी तीन जिले उसी तालिका में अन्य संरक्षित क्षेत्रों के सामने आते हैं: पाली जवाई बाँध रिज़र्व (तथा कुम्भलगढ़ और टॉडगढ़ रावली अभयारण्यों) के सामने, जालौर सुंधा माता के सामने, जो सिरोही के साथ साझा है, और चूरू ताल छापर अभयारण्य के सामने।
गोगेलाव और रोटू, दोनों नागौर के संरक्षित क्षेत्र (कंज़र्वेशन रिज़र्व) हैं।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)पाली — गोगेलाव पाली में नहीं है। वन विभाग इसे नागौर में दर्ज करता है।
सांख्यिकीय सार 2015 की तालिका में पाली का रिज़र्व जवाई बाँध कंज़र्वेशन रिज़र्व है, 19.79 वर्ग किमी। वन विभाग इसे जवाई बाँध लेपर्ड कंज़र्वेशन रिज़र्व कहता है और इसकी अधिसूचना तिथि 27 फरवरी 2013 बताता है।
- (2)चूरू — गोगेलाव चूरू में नहीं है। वन विभाग इसे नागौर में दर्ज करता है।
सांख्यिकीय सार 2015 की तालिका में चूरू की प्रविष्टि ताल छापर वन्यजीव अभयारण्य है, 7.19 वर्ग किमी। यह उस तालिका के अभयारण्य वाले खंड में है, कंज़र्वेशन रिज़र्व के बीच नहीं।
- (4)जालौर — गोगेलाव जालौर में नहीं है। वन विभाग इसे नागौर में दर्ज करता है।
सांख्यिकीय सार 2015 की तालिका में जालौर सुंधा माता कंज़र्वेशन रिज़र्व के माध्यम से आता है, जो जालौर और सिरोही के अंतर्गत 117.49 वर्ग किमी के साथ दर्ज है। वह रिज़र्व जिले की सीमा के आर-पार फैला है; 3.58 वर्ग किमी का गोगेलाव केवल नागौर के अंतर्गत दर्ज है।
अवधारणा
कंज़र्वेशन रिज़र्व वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 36A के अंतर्गत एक संरक्षित क्षेत्र है। यह श्रेणी वन्य जीव (संरक्षण) संशोधन अधिनियम, 2002 द्वारा जोड़ी गई।
राज्य सरकार स्थानीय समुदायों से परामर्श के बाद सरकारी स्वामित्व की भूमि पर इसकी घोषणा करती है, विशेषकर राष्ट्रीय उद्यानों और अभयारण्यों से लगी भूमि पर या संरक्षित क्षेत्रों को जोड़ने वाली भूमि पर। सामुदायिक या निजी भूमि के लिए समानांतर श्रेणी कम्युनिटी रिज़र्व है, धारा 36C के अंतर्गत।
रिज़र्व आकार में अलग-अलग हैं। 2013-14 की सांख्यिकीय सार 2015 की तालिका में शाकम्भरी (सीकर और झुंझुनूं, 131 वर्ग किमी) 10 में सबसे बड़ा और रोटू (नागौर, 0.73 वर्ग किमी) सबसे छोटा था।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "राजस्थान का भूगोल" के अंतर्गत "जैव–विविधता एवं इनका संरक्षण" सूचीबद्ध है। कंज़र्वेशन रिज़र्व राज्य के संरक्षित क्षेत्र-तंत्र की एक परत हैं, राष्ट्रीय उद्यानों, वन्यजीव अभयारण्यों और टाइगर रिज़र्व के साथ।
यह तंत्र अधिसूचना से बढ़ता है, इसलिए कोई भी सूची किसी तिथि की सूची होती है। सांख्यिकीय सार 2015 ने 2013-14 के लिए 10 कंज़र्वेशन रिज़र्व गिने; वन विभाग मनसा माता कंज़र्वेशन रिज़र्व की अधिसूचना, जो उस तालिका में नहीं है, 18 नवम्बर 2019 की बताता है।
उस तालिका में दो जिले एक से अधिक रिज़र्व के सामने दर्ज हैं। नागौर में गोगेलाव और रोटू हैं; झुंझुनूं में बीड़ झुंझुनूं है और वह शाकम्भरी को सीकर के साथ साझा करता है।
मुख्य तथ्य
- राजस्थान वन विभाग गोगेलाव कंज़र्वेशन रिज़र्व को नागौर जिले में दर्ज करता है, 3.58 वर्ग किमी, अधिसूचना 9 मार्च 2012।
- रोटू कंज़र्वेशन रिज़र्व, वह भी नागौर में (0.73 वर्ग किमी), 2013-14 की सांख्यिकीय सार 2015 की तालिका के 10 रिज़र्व में सबसे छोटा था।
- राज्य सरकार स्थानीय समुदायों से परामर्श के बाद वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 36A के अंतर्गत कंज़र्वेशन रिज़र्व घोषित करती है।
- सांख्यिकीय सार 2015 (2013-14): जवाई बाँध रिज़र्व पाली में, 19.79 वर्ग किमी; सुंधा माता रिज़र्व जालौर और सिरोही में, 117.49 वर्ग किमी।
- उसी तालिका में चूरू का ताल छापर (7.19 वर्ग किमी) वन्यजीव अभयारण्य के रूप में दर्ज है, कंज़र्वेशन रिज़र्व के रूप में नहीं।
गोगेलाव नागौर में है। जिले और क्षेत्रफल राजस्थान के सांख्यिकीय सार 2015 (2013-14 के वन विभाग के आँकड़े) और वन विभाग की संरक्षित क्षेत्र सूची से।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- श्रेणियों का घालमेल। चूरू का ताल छापर वन्यजीव अभयारण्य है, जबकि गोगेलाव कंज़र्वेशन रिज़र्व है; इसलिए किसी एक संरक्षित क्षेत्र के लिए जाना जाने वाला जिला जरूरी नहीं कि पूछा गया क्षेत्र भी रखता हो।
- नागौर में दो रिज़र्व हैं, गोगेलाव और रोटू। रिज़र्व जिलेवार याद करने से ऐसे जोड़े साथ बने रहते हैं।
- कुछ रिज़र्व जिले की सीमा पार करते हैं: सुंधा माता जालौर और सिरोही के अंतर्गत दर्ज है। किसी रिज़र्व की प्रविष्टि में लिखा जिला हमेशा उसका अकेला जिला नहीं होता।
कोई प्रश्न किसी एक रिज़र्व का नाम देकर उसका जिला पूछ सकता है, जैसा यहाँ है।
कोई प्रश्न कई रिज़र्व को जिलों से सुमेलित करवा सकता है, किसी सूची में गलत युग्म पूछ सकता है, या यह पूछ सकता है कि कौन-सा संरक्षित क्षेत्र कंज़र्वेशन रिज़र्व नहीं, बल्कि अभयारण्य है।
संबंधित PYQ
कौन सा सुमेलित नहीं है ? संरक्षित क्षेत्र (मई 2023 के अनुसार) – जिला
- (1) रनखार – जालौर
- (2) मनसामाता – झुन्झुनूं
- (3) सोरसन – बूँदी
- (4) हमीरगढ़ – भीलवाड़ा
उत्तर(3)
संरक्षित क्षेत्रों को जिलों में रखने का वही विचार। वह प्रश्न मई 2023 के अनुसार चार संरक्षित क्षेत्रों में वह युग्म पूछता है जो सुमेलित नहीं है (RPSC की कुंजी: विकल्प (3), सोरसन – बूँदी); यह प्रश्न एक ही रिज़र्व का जिला पूछता है।
कौन सा सुमेलित नहीं है ? वन्यजीव अभयारण्य – जिला
- (1) शेरगढ़ – बूंदी
- (2) बस्सी – चित्तौड़गढ़
- (3) रामसागर वन विहार – धौलपुर
- (4) सीतामाता – प्रतापगढ़
उत्तर(1)
संरक्षित क्षेत्र-से-जिला सुमेलन का वही विचार, वन्यजीव अभयारण्यों के लिए। वह प्रश्न पूछता है कि कौन-सा अभयारण्य–जिला युग्म सुमेलित नहीं है (RPSC की कुंजी: विकल्प (1), शेरगढ़ – बूंदी); यह प्रश्न एक कंज़र्वेशन रिज़र्व का जिला पूछता है।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
रोटू संरक्षित क्षेत्र (कंज़र्वेशन रिज़र्व) राजस्थान के किस जिले में स्थित है?
- (a)नागौर
- (b)बीकानेर
- (c)झुंझुनूं
- (d)जोधपुर
उत्तर(1) — वन विभाग रोटू कंज़र्वेशन रिज़र्व को नागौर में दर्ज करता है, 0.73 वर्ग किमी। विकल्प (2), बीकानेर, में जोड़बीड़ गढ़वाला रिज़र्व है; विकल्प (3), झुंझुनूं, में बीड़ झुंझुनूं; विकल्प (4), जोधपुर, में गुढ़ा विश्नोइयान। इन तीनों में से कोई भी जिला रोटू का नहीं है। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
राजस्थान के निम्नलिखित संरक्षित क्षेत्रों में से कौन-सा वन्यजीव अभयारण्य है, कंज़र्वेशन रिज़र्व नहीं?
- (a)गोगेलाव
- (b)ताल छापर
- (c)रोटू
- (d)जवाई बाँध
उत्तर(2) — चूरू का ताल छापर सांख्यिकीय सार 2015 की तालिका में वन्यजीव अभयारण्यों में दर्ज है। विकल्प (1), गोगेलाव, और विकल्प (3), रोटू, नागौर के कंज़र्वेशन रिज़र्व हैं; विकल्प (4), जवाई बाँध, पाली का कंज़र्वेशन रिज़र्व है।