राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान से संबंधित निम्नांकित कथनों पर विचार कीजिए – (i) राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान का गठन दिसम्बर, 1994 में हुआ। (ii) इसका एक सचिव होता है जो राज्य का मुख्य निर्वाचन अधिकारी भी होता है। कूट :
- (1)केवल (i) सही है
- (2)केवल (ii) सही है
- (3)(i) और (ii) दोनों सही हैं
- (4)न तो (i) और न ही (ii) सही है
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (2), केवल (ii) सही है.
कथन (i) गलत महीना देता है। वेबैक मशीन द्वारा 21 अक्टूबर 2021 को सहेजे गए राज्य निर्वाचन आयोग के अबाउट अस पृष्ठ के अनुसार राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान का गठन भारत के संविधान के अनुच्छेद 243ट के अधीन जुलाई 1994 में हुआ (अंग्रेज़ी पाठ का हिन्दी रूपांतर)।
उसी वेबसाइट का कमिश्नर्स डेस्क पृष्ठ, 2021 की एक प्रति में, इससे सहमत है: आयोग जुलाई, 1994 में बना। दिसम्बर 1994 इनमें से किसी से मेल नहीं खाता।
कथन (ii) अबाउट अस पृष्ठ से मेल खाता है, जो कहता है कि आयोग का एक सचिव है जो राज्य का मुख्य निर्वाचन अधिकारी भी है। वही पृष्ठ आयोग को राज्य निर्वाचन आयुक्त की अध्यक्षता वाला एक-सदस्यीय आयोग भी बताता है।
(i) गलत और (ii) सही होने से कूट विकल्प (2) बनता है, केवल (ii) सही है।
याद रखने का विचार: जुलाई 1994, अनुच्छेद 243ट, एक राज्य निर्वाचन आयुक्त, और एक सचिव जो राज्य का मुख्य निर्वाचन अधिकारी भी है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)केवल (i) सही है — यह कूट कथन (i) रखता है और (ii) छोड़ देता है, जो आयोग की वेबसाइट के कथन का उलटा है। उसका अबाउट अस पृष्ठ आयोग के गठन का महीना दिसम्बर नहीं, जुलाई 1994 बताता है।
वही पृष्ठ कहता है कि आयोग का एक सचिव है जो राज्य का मुख्य निर्वाचन अधिकारी भी है, और यही कथन (ii) है।
- (3)(i) और (ii) दोनों सही हैं — कथन (ii) सही है, पर (i) नहीं। आयोग का अबाउट अस पृष्ठ कहता है कि इसका गठन जुलाई 1994 में अनुच्छेद 243ट के अधीन हुआ, और उसका कमिश्नर्स डेस्क पृष्ठ कहता है कि संस्था जुलाई, 1994 में बनी।
गठन को दिसम्बर 1994 में रखने वाला कथन महीना बदल देता है, इसलिए दोनों कथनों को स्वीकार करना एक गलत तिथि को स्वीकार करना है।
- (4)न तो (i) और न ही (ii) सही है — यह कूट कथन (ii) को अस्वीकार करता है, जिसका समर्थन आयोग की अपनी वेबसाइट करती है: आयोग का एक सचिव है जो राज्य का मुख्य निर्वाचन अधिकारी भी है।
केवल कथन (i) वेबसाइट से टकराता है, जो आयोग के गठन के लिए जुलाई 1994 देती है। एक सही कथन इस कूट को खारिज कर देता है।
अवधारणा
संविधान का भाग 9, पंचायतों पर, अनुच्छेद 243ट में राज्य निर्वाचन आयोग बनाता है। खंड (1) निर्वाचक नामावली और पंचायतों के सभी निर्वाचनों के संचालन का अधीक्षण, निदेशन और नियंत्रण "एक राज्य निर्वाचन आयोग में निहित होगा, जिसमें एक राज्य निर्वाचन आयुक्त होगा, जो राज्यपाल द्वारा नियुक्त किया जाएगा"।
अनुच्छेद 243यक नगरपालिकाओं के निर्वाचन भी इसी आयोग को देता है। अनुच्छेद 243ट(2) के परंतुक के अंतर्गत राज्य निर्वाचन आयुक्त को उसी रीति से और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है जिनसे उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को हटाया जाता है।
अनुच्छेद 324 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग एक अलग निकाय है, जो संसद्, राज्य विधान-मंडलों और राष्ट्रपति तथा उपराष्ट्रपति के पदों के निर्वाचनों का अधीक्षण करता है।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में राजस्थान की राजनीतिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था के अंतर्गत संस्थाएं शीर्षक में "राजस्थान लोक सेवा आयोग, राज्य मानवाधिकार आयोग, लोकायुक्त, राज्य निर्वाचन आयोग, राज्य सूचना आयोग।" सूचीबद्ध है।
आयोग का अबाउट अस पृष्ठ, अक्टूबर 2021 की स्थिति में, दर्ज करता है कि राजस्थान में पंचायती राज निर्वाचन 1960 से होते आए हैं, और 1995 के छठे आम निर्वाचन से आयोग इन्हें करा रहा है। वह 21 जिलों में 11वाँ आम निर्वाचन सितम्बर–अक्टूबर 2020 में बताता है।
वही पृष्ठ, अक्टूबर 2021 की प्रति में, राजस्थान की त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था में 33 जिला परिषदें, 352 पंचायत समितियाँ और 11,307 पंचायतें गिनाता है।
मुख्य तथ्य
- आयोग की वेबसाइट (वेबैक मशीन प्रति, 21 अक्टूबर 2021): राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान का गठन जुलाई 1994 में अनुच्छेद 243ट के अधीन हुआ।
- वही पृष्ठ: आयोग एक-सदस्यीय आयोग है; इसका सचिव राज्य का मुख्य निर्वाचन अधिकारी भी है।
- अनुच्छेद 243ट(1): राज्य निर्वाचन आयोग में एक राज्य निर्वाचन आयुक्त होगा, जो राज्यपाल द्वारा नियुक्त किया जाएगा।
- अनुच्छेद 243यक(1): नगरपालिकाओं के निर्वाचन भी राज्य निर्वाचन आयोग में निहित हैं।
- आयोग की वेबसाइट, अक्टूबर 2021: आयोग 1995 से पंचायती राज आम निर्वाचन करा रहा है; 21 जिलों में 11वाँ निर्वाचन सितम्बर–अक्टूबर 2020 में हुआ।
स्रोत: राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान, अबाउट अस पृष्ठ (वेबैक मशीन की 21 अक्टूबर 2021 की प्रति) और कमिश्नर्स डेस्क पृष्ठ (2021 की प्रति)।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- केवल महीना बदलना: आयोग की वेबसाइट जुलाई 1994 देती है, और कथन (i) उसकी जगह दिसम्बर 1994 रख देता है।
- यह मान लेना कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी केवल भारत निर्वाचन आयोग के लिए काम करता है: आयोग का अपना पृष्ठ कहता है कि उसका सचिव राज्य का मुख्य निर्वाचन अधिकारी भी है।
- दोनों निर्वाचन निकायों को मिला देना: अनुच्छेद 243ट का राज्य निर्वाचन आयोग पंचायत और नगरपालिका निर्वाचन सँभालता है; अनुच्छेद 324 का निर्वाचन आयोग संसद्, राज्य विधान-मंडलों और राष्ट्रपति तथा उपराष्ट्रपति के पदों के निर्वाचन सँभालता है।
कोई प्रश्न राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान पर दो कथन, जैसे उसके गठन की तिथि और उसकी संरचना, देकर पूछ सकता है कि कौन से सही हैं।
कोई प्रश्न यह भी पूछ सकता है कि आयोग किस अनुच्छेद से बना है, या वह कौन-से निर्वाचन कराता है।
संबंधित PYQ
राजस्थान के राज्य निर्वाचन आयोग के संबंध में निम्नांकित कथनों पर विचार कीजिये : (i) भारत के संविधान के अनुच्छेद 243 ट के अधीन जुलाई, 1994 में इसका गठन किया गया । (ii) राज्य निर्वाचन आयुक्त के प्रधानत्व में यह एक–सदस्यीय आयोग है ।
- (1) न तो (i) न ही (ii) सही है ।
- (2) (i) व (ii) दोनों सही हैं ।
- (3) केवल (ii) सही है ।
- (4) केवल (i) सही है ।
उत्तर(2)
वही आयोग, दो कथनों का वही रूप: वह प्रश्न पूछता है कि क्या भारत के संविधान के अनुच्छेद 243 ट के अधीन जुलाई, 1994 में इसका गठन किया गया, और क्या राज्य निर्वाचन आयुक्त के प्रधानत्व में यह एक–सदस्यीय आयोग है (RPSC की कुंजी: विकल्प (2), (i) व (ii) दोनों सही हैं)। यह प्रश्न दिसम्बर, 1994 देता है और आयोग के सचिव के बारे में पूछता है।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
राजस्थान के राज्य निर्वाचन आयोग का गठन भारत के संविधान के किस अनुच्छेद के अधीन हुआ?
- (a)अनुच्छेद 243ट
- (b)अनुच्छेद 243यक
- (c)अनुच्छेद 324
- (d)अनुच्छेद 243झ
उत्तर(1) — आयोग की वेबसाइट कहती है कि उसका गठन जुलाई 1994 में अनुच्छेद 243ट के अधीन हुआ। विकल्प (2), अनुच्छेद 243यक, इसी आयोग को नगरपालिका निर्वाचन देता है पर उसे बनाता नहीं। विकल्प (3) भारत निर्वाचन आयोग बनाता है। विकल्प (4), अनुच्छेद 243झ, राज्य वित्त आयोग का उपबंध करता है। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
भारत के संविधान के अनुच्छेद 243ट(2) के अंतर्गत राज्य निर्वाचन आयुक्त को उसके पद से उसी रीति से और उन्हीं आधारों पर हटाया जाएगा, जिनसे किसे हटाया जाता है?
- (a)किसी राज्य के राज्यपाल
- (b)उच्च न्यायालय के न्यायाधीश
- (c)राज्य लोक सेवा आयोग के सदस्य
- (d)किसी राज्य के मुख्य सचिव
उत्तर(2) — अनुच्छेद 243ट(2) का परंतुक हटाने को उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की रीति और आधारों से जोड़ता है। विकल्प (1), (3) और (4) ऐसे पद हैं जिनकी पदावधि या हटाने के अपने, अलग नियम हैं।