पुस्तक ”संस्कृति री सनातन दीठ” के लेखक कौन हैं?
- (1)डॉ. सत्यनारायण
- (2)अर्जुन देव चारण
- (3)आईदान सिंह भाटी
- (4)भँवर सिंह सामौर
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (4), भँवर सिंह सामौर.
25 अगस्त 2021 को साहित्य अकादेमी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की। इसके अनुसार अकादेमी के अध्यक्ष डॉ. चंद्रशेखर कंबार ने प्रख्यात राजस्थानी लेखक भँवर सिंह सामौर की पुस्तक संस्कृति री सनातन दीठ के लिए राजस्थानी भाषा का साहित्य अकादेमी पुरस्कार 2020 स्वीकृत किया।
अकादेमी की अंग्रेज़ी विज्ञप्ति में उपनाम की रोमन वर्तनी Samour है, जबकि अंग्रेज़ी विकल्प में Samaur छपा है। हिन्दी विकल्प में नाम सामौर है। तीनों रूप पुस्तक के लेखक भँवर सिंह सामौर के ही हैं।
विज्ञप्ति के अनुसार पुस्तक का चयन तीन सदस्यीय निर्णायक मंडल की अनुशंसा पर सर्वसम्मति से हुआ: श्री हरीश बी. शर्मा, डॉ. देव कोठारी और डॉ. पी.सी. आचार्य।
अकादेमी की राजस्थानी पुरस्कारों की सूची इस पुस्तक को निबंध विधा में रखती है।
याद रखने की बात: भँवर सिंह सामौर के राजस्थानी निबंध-संग्रह संस्कृति री सनातन दीठ को राजस्थानी का साहित्य अकादेमी पुरस्कार 2020 मिला।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)डॉ. सत्यनारायण — 25 अगस्त 2021 की साहित्य अकादेमी की प्रेस विज्ञप्ति संस्कृति री सनातन दीठ के लेखक के रूप में भँवर सिंह सामौर का नाम देती है। उसमें डॉ. सत्यनारायण का नाम नहीं है।
राजस्थानी की पुरस्कार सूची 2020 का पुरस्कार केवल सामौर के नाम दर्ज करती है।
- (2)अर्जुन देव चारण — संस्कृति री सनातन दीठ अर्जुन देव चारण ने नहीं लिखी। साहित्य अकादेमी की राजस्थानी सूची में उनका एक पहले का पुरस्कार दर्ज है: 1992, धरम जुद्ध (नाटक) के लिए।
2020 का पुरस्कार, संस्कृति री सनातन दीठ के लिए, भँवर सिंह सामौर को मिला।
- (3)आईदान सिंह भाटी — आईदान सिंह भाटी इस पुस्तक के लेखक नहीं हैं। साहित्य अकादेमी की राजस्थानी सूची में उनका अपना पुरस्कार दर्ज है: 2012, आँख हींयै रा हरियल सपना (कविता) के लिए।
2020 की पुरस्कृत पुस्तक संस्कृति री सनातन दीठ भँवर सिंह सामौर की है।
अवधारणा
साहित्य अकादेमी भारत की राष्ट्रीय साहित्य संस्था है और संस्कृति मंत्रालय के अधीन भारत सरकार का एक स्वायत्त संगठन है। यह अपनी मान्यता प्राप्त भाषाओं की पुस्तकों के लिए वार्षिक पुरस्कार देती है।
अकादेमी की पुरस्कार सूची में राजस्थानी खंड 1974 से दिखाया गया है।
2020 के पुरस्कार के लिए वे पुस्तकें पात्र थीं जो पहली बार 1 जनवरी 2014 से 31 दिसम्बर 2018 के बीच प्रकाशित हुईं। विज्ञप्ति के अनुसार 2020 का पुरस्कार, यानी उत्कीर्ण ताम्रफलक वाली एक मंजूषा और 1,00,000 रुपये का चेक, बाद में एक विशेष समारोह में प्रदान किया जाना था।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "राजस्थान का इतिहास, कला, संस्कृति, साहित्य, परम्परा एवं विरासत" के अंतर्गत "भाषा एवं साहित्य : राजस्थानी भाषा की बोलियाँ। राजस्थानी भाषा का साहित्य एवं लोक साहित्य।" और "समसामयिक घटनाएं" के अंतर्गत "वर्तमान में चर्चित व्यक्ति, स्थान एवं संस्थाए" सूचीबद्ध हैं।
राजस्थानी संविधान की आठवीं अनुसूची की 22 भाषाओं में शामिल नहीं है, फिर भी साहित्य अकादेमी 1974 से राजस्थानी का पुरस्कार देती आई है।
राजस्थानी का 2020 का पुरस्कार 25 अगस्त 2021 को घोषित हुआ, 27 अक्टूबर 2021 की RAS प्रारंभिक परीक्षा से लगभग दो महीने पहले।
मुख्य तथ्य
- 25 अगस्त 2021: साहित्य अकादेमी ने भँवर सिंह सामौर की संस्कृति री सनातन दीठ के लिए राजस्थानी का 2020 का पुरस्कार घोषित किया।
- अकादेमी की सूची संस्कृति री सनातन दीठ को निबंध विधा में रखती है।
- पुस्तक का चयन हरीश बी. शर्मा, देव कोठारी और पी.सी. आचार्य के निर्णायक मंडल ने सर्वसम्मति से किया।
- राजस्थानी के पहले के पुरस्कार: अर्जुन देव चारण (1992, धरम जुद्ध) और आईदान सिंह भाटी (2012, आँख हींयै रा हरियल सपना)।
- 2020 का पुरस्कार: उत्कीर्ण ताम्रफलक वाली मंजूषा और 1,00,000 रुपये का चेक, जो बाद के एक समारोह में दिया जाना था।
स्रोत: साहित्य अकादेमी की पुरस्कार सूची (राजस्थानी) और 25 अगस्त 2021 की प्रेस विज्ञप्ति। नाम हिन्दी विकल्पों की वर्तनी में।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- वर्तनी के अंतर: अकादेमी की अंग्रेज़ी सूची और विज्ञप्ति में नाम Samour, Arjun Deo Charan और Aaidan Singh Bhati की रोमन वर्तनी में छपे हैं, जो अंग्रेज़ी विकल्पों की वर्तनी से थोड़े अलग हैं; व्यक्ति वही हैं।
- पुरस्कार का वर्ष और घोषणा की तिथि: राजस्थानी का साहित्य अकादेमी पुरस्कार 2020 25 अगस्त 2021 को घोषित हुआ।
- पहले के विजेता बाद की पुस्तक के लेखक नहीं: अर्जुन देव चारण (1992) और आईदान सिंह भाटी (2012) को अन्य पुस्तकों के लिए पुरस्कार मिला।
कोई प्रश्न किसी पुरस्कृत राजस्थानी पुस्तक का शीर्षक देकर उसका लेखक पूछ सकता है।
कोई प्रश्न लेखक का नाम देकर पुस्तक, पुरस्कार का वर्ष, या पुस्तक की साहित्यिक विधा भी पूछ सकता है।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2018 के मिलते-जुलते प्रश्न, उस प्रश्न-पत्र के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
'आँख हींयै रा हरियल सपना' के लिए साहित्य अकादेमी पुरस्कार 2012 किस राजस्थानी लेखक को मिला?
- (a)आईदान सिंह भाटी
- (b)अम्बिका दत्त
- (c)अतुल कनक
- (d)भँवर सिंह सामौर
उत्तर(1) — साहित्य अकादेमी की राजस्थानी सूची 2012 का पुरस्कार इस पुस्तक (कविता) के लिए आईदान सिंह भाटी को देती है। विकल्प (2) को 2013 में, विकल्प (3) को 2011 में और विकल्प (4) को 2020 में पुरस्कार मिला। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
साहित्य अकादेमी पुरस्कार 2020 किस अवधि में पहली बार प्रकाशित पुस्तकों के लिए दिया गया?
- (a)1 जनवरी 2014 से 31 दिसम्बर 2018
- (b)1 जनवरी 2015 से 31 दिसम्बर 2019
- (c)1 जनवरी 2016 से 31 दिसम्बर 2020
- (d)1 जनवरी 2010 से 31 दिसम्बर 2014
उत्तर(1) — अकादेमी की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार पुरस्कार उन पुस्तकों से संबंधित है जो पुरस्कार-वर्ष से ठीक पहले के पाँच वर्षों में, 1 जनवरी 2014 से 31 दिसम्बर 2018 के बीच, पहली बार प्रकाशित हुईं। विकल्प (2), (3) और (4) अन्य अवधियाँ देते हैं।