सूची–I एवं सूची–II को सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिये गये कूट में से सही उत्तर चुनिए – सूची–I (तीर्थंकर) (A) पार्श्वनाथ (B) आदिनाथ (C) महावीर (D) शांतिनाथ सूची–II (उनके संज्ञान) (i) वृषभ (ii) सिंह (iii) सर्प (iv) हिरण कूट –
- (1)A-(ii), B-(iii), C-(iv), D-(i)
- (2)A-(iv), B-(iii), C-(ii), D-(i)
- (3)A-(i), B-(ii), C-(iii), D-(iv)
- (4)A-(iii), B-(i), C-(ii), D-(iv)
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (4), A-(iii), B-(i), C-(ii), D-(iv).
हर तीर्थंकर का एक प्रतीक-चिह्न (लांछन) है, जिसे प्रश्न ‘संज्ञान’ कहता है। सही कूट A-(iii), B-(i), C-(ii), D-(iv) है।
(A) पार्श्वनाथ → (iii) सर्प। 23वें तीर्थंकर पार्श्वनाथ का लांछन सर्प है, और उनकी प्रतिमाओं पर सर्प-फन का मुकुट होता है।
(B) आदिनाथ → (i) वृषभ। आदिनाथ, जिन्हें ऋषभनाथ भी कहते हैं, पहले तीर्थंकर हैं, और उनका लांछन वृषभ (बैल) है।
(C) महावीर → (ii) सिंह। इस युग के 24वें और अंतिम तीर्थंकर महावीर का लांछन सिंह है।
(D) शांतिनाथ → (iv) हिरण। 16वें तीर्थंकर शांतिनाथ का लांछन मृग या हिरण है।
पार्श्वनाथ – सर्प; आदिनाथ – वृषभ; महावीर – सिंह; शांतिनाथ – हिरण।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)A-(ii), B-(iii), C-(iv), D-(i) — इस कूट का एक भी जोड़ा सही नहीं है। यह पार्श्वनाथ को सिंह, आदिनाथ को सर्प, महावीर को हिरण और शांतिनाथ को वृषभ देता है।
सिंह महावीर का और वृषभ आदिनाथ (ऋषभनाथ) का लांछन है; सर्प पार्श्वनाथ का लांछन है।
- (2)A-(iv), B-(iii), C-(ii), D-(i) — इस कूट में केवल C-(ii), महावीर – सिंह, सही है। यह पार्श्वनाथ को हिरण, आदिनाथ को सर्प और शांतिनाथ को वृषभ देता है।
हिरण शांतिनाथ का लांछन है, सर्प पार्श्वनाथ का और वृषभ आदिनाथ का, इसलिए चार में से तीन जोड़े गलत हैं।
- (3)A-(i), B-(ii), C-(iii), D-(iv) — इस कूट में केवल D-(iv), शांतिनाथ – हिरण, सही है। यह पार्श्वनाथ को वृषभ, आदिनाथ को सिंह और महावीर को सर्प देता है।
वृषभ पहले तीर्थंकर आदिनाथ का है, और सर्प 23वें तीर्थंकर पार्श्वनाथ का, इसलिए पहले तीन जोड़े गलत हैं।
अवधारणा
जैन धर्म वर्तमान युग में ऋषभनाथ (आदिनाथ) से महावीर तक 24 तीर्थंकर मानता है। उनकी प्रतिमाएँ एक-सी दिखती हैं: पद्मासन में बैठी या कायोत्सर्ग में खड़ी, बिना किसी विशिष्ट चेहरे या वस्त्र के।
अधिकांश प्रतिमाओं को अलग पहचानने वाला हर तीर्थंकर का लांछन है, जो पीठिका के बीच में या कोने पर अंकित होता है। पार्श्वनाथ की प्रतिमाएँ सर्प-फन के मुकुट से पहचानी जाती हैं, और ऋषभनाथ को कंधों पर गिरती केश-लटों से पहचाना जा सकता है।
सूची के कुछ लांछन: ऋषभनाथ का वृषभ, अजितनाथ का हाथी, सम्भवनाथ का घोड़ा, शांतिनाथ का हिरण, नेमिनाथ का शंख, पार्श्वनाथ का सर्प और महावीर का सिंह।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में भारत के इतिहास के प्राचीनकाल एवं मध्यकाल के अंतर्गत "छठी शताब्दी ई. पू. की श्रमण परम्परा और नये धार्मिक विचार– आजीवक, बौद्ध तथा जैन।" सूचीबद्ध है।
24वें तीर्थंकर महावीर परम्परागत रूप से 599–527 ई. पू. के माने जाते हैं, जो उसी पाठ्यक्रम पंक्ति का काल है। जैन कला में इन्हीं लांछनों से किसी तीर्थंकर की मूर्ति पहचानी जाती है।
मुख्य तथ्य
- पहले तीर्थंकर ऋषभनाथ (आदिनाथ) का लांछन वृषभ है।
- 16वें तीर्थंकर शांतिनाथ का लांछन मृग या हिरण है।
- 23वें तीर्थंकर पार्श्वनाथ का लांछन सर्प है; उनकी प्रतिमाओं पर सर्प-फन का मुकुट होता है।
- 24वें तीर्थंकर महावीर का लांछन सिंह है।
- अधिकांश तीर्थंकर प्रतिमाएँ पीठिका के बीच या कोने पर अंकित लांछन से पहचानी जाती हैं; पार्श्वनाथ की प्रतिमाओं पर सर्प-फन का मुकुट होता है।
सही कूट, विकल्प (4)।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- सर्प-फन केवल पार्श्वनाथ का नहीं है: सुपार्श्वनाथ, जिनका लांछन स्वस्तिक है, कभी-कभी छोटे सर्प-फन के साथ दिखाए जाते हैं।
- आदिनाथ और ऋषभनाथ एक ही पहले तीर्थंकर के दो नाम हैं।
- शांतिनाथ का लांछन मृग या हिरण बताया जाता है; दोनों नाम एक ही चिह्न के हैं।
कोई प्रश्न तीर्थंकरों को उनके लांछनों से सुमेलित करवा सकता है, जैसा यहाँ है।
कोई प्रश्न कोई लांछन देकर यह भी पूछ सकता है कि वह किसका है, किसी तीर्थंकर का क्रमांक पूछ सकता है, या पूछ सकता है कि किसी मूर्ति का लांछन किस तीर्थंकर की पहचान कराता है।
संबंधित PYQ
UnlockIAS ने इस प्रश्न की तुलना अन्य RAS प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न-पत्रों के प्रश्नों से की; कोई भी जोड़ने लायक मिलता-जुलता प्रश्न नहीं मिला।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
22वें तीर्थंकर नेमिनाथ का लांछन क्या है?
- (a)शंख
- (b)हाथी
- (c)सर्प
- (d)सिंह
उत्तर(1) — नेमिनाथ का लांछन शंख है। विकल्प (2), हाथी, अजितनाथ का लांछन है; विकल्प (3), सर्प, पार्श्वनाथ का; विकल्प (4), सिंह, महावीर का। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
हाथी किस तीर्थंकर का लांछन है?
- (a)अजितनाथ
- (b)सम्भवनाथ
- (c)कुंथुनाथ
- (d)ऋषभनाथ
उत्तर(1) — दूसरे तीर्थंकर अजितनाथ का लांछन हाथी है। विकल्प (2), सम्भवनाथ, का घोड़ा है; विकल्प (3), कुंथुनाथ, का बकरा; विकल्प (4), ऋषभनाथ, का वृषभ।