रुचिरा कंबोज, जो संयुक्त राष्ट्र में भारतीय राजदूत बनने वाली पहली महिला थी, जो हाल ही में सेवानिवृत्त हुई, के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा सत्य है ?
- (a)वह विश्व मामलों की भारतीय परिषद की सदस्य थी
- (b)वह नीति आयोग की सदस्य थी
- (c)वह संयुक्त राज्य अमेरिका में पहली महिला भारतीय राजदूत थी
- (d)उन्होंने यूनेस्को-पेरिस में भारत के स्थायी प्रतिनिधि का पद संभाला
सही — D, उन्होंने यूनेस्को-पेरिस में भारत के स्थायी प्रतिनिधि का पद संभाला। रुचिरा कंबोज 1987 में भारतीय विदेश सेवा में आईं — उस वर्ष की सिविल सेवा परीक्षा की अखिल भारतीय महिला टॉपर और अपने विदेश सेवा बैच की टॉपर के रूप में। अप्रैल 2014 से जुलाई 2017 तक उन्होंने राजदूत एवं स्थायी प्रतिनिधि के पद के साथ पेरिस में यूनेस्को के लिए भारत के स्थायी शिष्टमंडल का नेतृत्व किया — ठीक वही पद जिसका नाम विकल्प (d) में है। यह तैनाती लगभग पूरी तरह बहुपक्षीय और शिष्टाचार-संबंधी काम पर टिके करियर के बीचोंबीच बैठती है : न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र के लिए भारत के स्थायी मिशन में काउंसलर (2002–2005), केप टाउन में महावाणिज्यदूत (2006–2009), जून 2011 से अप्रैल 2014 तक भारत की मुख्य शिष्टाचार अधिकारी (चीफ़ ऑफ़ प्रोटोकॉल) — यह पद संभालने वाली पहली महिला — फिर यूनेस्को, फिर दक्षिण अफ़्रीका तथा लेसोथो में उच्चायुक्त (जुलाई 2017 से फ़रवरी 2019), फिर भूटान में भारत की पहली महिला राजदूत (फ़रवरी 2019 से जून 2022)। उन्होंने 1 अगस्त 2022 को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र के लिए भारत की स्थायी प्रतिनिधि का कार्यभार संभाला — यह पद संभालने वाली पहली भारतीय महिला — दिसंबर 2022 में भारत की क्रम से आई अध्यक्षता के दौरान सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता की, और 31 मई 2024 को सेवानिवृत्त हुईं — यही वह सेवानिवृत्ति है जिसका संकेत प्रश्न में है। इसलिए सत्य कथन वही है जो एक ऐसे वास्तविक पद का नाम लेता है जिसे उन्होंने सचमुच संभाला, और चारों में से केवल पेरिस वाली तैनाती ही ऐसा करती है।
- (a)वह विश्व मामलों की भारतीय परिषद की सदस्य थी — विश्व मामलों की भारतीय परिषद (Indian Council of World Affairs) नई दिल्ली के सप्रू हाउस में स्थित विदेश-नीति का एक थिंक टैंक है, जिसकी स्थापना 1943 में एक सोसाइटी के रूप में हुई थी और जो अब विश्व मामलों की भारतीय परिषद अधिनियम, 2001 (2001 का अधिनियम 29) से शासित है, तथा जिसके पदेन अध्यक्ष भारत के उपराष्ट्रपति होते हैं। किसी वरिष्ठ राजनयिक के लिए यह जुड़ाव सुनने में विश्वसनीय लगता है, और इसी से यह विकल्प लुभावना बनता है, पर ICWA की सदस्यता रुचिरा कंबोज के अभिलेख का हिस्सा नहीं है।
- (b)वह नीति आयोग की सदस्य थी — नीति आयोग, जो 1 जनवरी 2015 को योजना आयोग के स्थान पर स्थापित हुआ, प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाला घरेलू नीति-निकाय है; उसके पूर्णकालिक सदस्य अर्थशास्त्री और क्षेत्र-विशेषज्ञ होते हैं, कार्यरत राजनयिक नहीं। नीति आयोग के पूरे अस्तित्व-काल में कंबोज यूनेस्को, प्रिटोरिया, थिम्पू और न्यूयॉर्क में विदेश में तैनात रहीं।
- (c)वह संयुक्त राज्य अमेरिका में पहली महिला भारतीय राजदूत थी — यह प्रश्न के सच्चे आधे हिस्से को उधार लेता है — वे संयुक्त राष्ट्र में भारत की पहली महिला स्थायी प्रतिनिधि थीं — और तैनाती बदल देता है। मिशन-प्रमुख के रूप में उनकी चार नियुक्तियाँ थीं : यूनेस्को पेरिस, दक्षिण अफ़्रीका एवं लेसोथो, भूटान तथा न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र; वे कभी वॉशिंगटन में तैनात नहीं रहीं। संयुक्त राज्य अमेरिका में भारत की दो महिला राजदूत रह चुकी हैं — विजया लक्ष्मी पंडित (1949-51) और मीरा शंकर (2009-11) — पर वे उनमें से नहीं हैं।
भारत के राजनयिक मिशन तीन प्रकार के होते हैं और उनके पदनाम आपस में बदले नहीं जा सकते। किसी विदेशी राज्य में मिशन का प्रमुख राजदूत होता है, या यदि मेज़बान कोई साथी राष्ट्रमंडल देश हो तो उच्चायुक्त — इसीलिए कंबोज प्रिटोरिया में उच्चायुक्त थीं पर थिम्पू में राजदूत। किसी अंतरराष्ट्रीय संगठन के प्रति प्रत्यायित मिशन का प्रमुख स्थायी प्रतिनिधि होता है : भारत ऐसा एक मिशन न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में, दूसरा जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र कार्यालय में, और एक स्थायी शिष्टमंडल पेरिस में यूनेस्को के लिए चलाता है। न्यूयॉर्क का स्थायी प्रतिनिधि वही अधिकारी है जो महासभा में और, जब भारत सुरक्षा परिषद में हो तब परिषद में, भारत की ओर से बोलता और मत देता है। यूनेस्को स्वयं — संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन, 1945 में स्थापित और पेरिस में मुख्यालय वाला — विश्व धरोहर सूची तथा मेमोरी ऑफ़ द वर्ल्ड रजिस्टर के पीछे का अभिकरण है, इसलिए वहाँ भारत का दूत सुरक्षा-प्रश्नों के बजाय नामांकनों और सांस्कृतिक कूटनीति को देखता है।
चारों विकल्पों में से केवल एक ही किसी प्रलेखित तैनाती के विरुद्ध जाँचा जा सकता है, और यही उत्तर तक का रास्ता है। एक-एक कर देखिए : नीति आयोग घरेलू निकाय है और विदेश में तैनात कोई कार्यरत विदेश-सेवा अधिकारी उसमें नहीं होता; ICWA थिंक टैंक है और यह दावा उनके करियर के किसी प्रकाशित विवरण का हिस्सा नहीं; और 'संयुक्त राज्य अमेरिका में पहली महिला भारतीय राजदूत' उत्कृष्ट निकट-चूक है — यह प्रश्न से ही एक असली 'पहली' का आकार उठाकर उसे दूसरी जगह बिठा देता है। प्रश्न आपको पहले ही बता चुका है कि वे संयुक्त राष्ट्र में पहली महिला स्थायी प्रतिनिधि थीं, इसलिए उसी व्यक्ति के लिए दूसरी, भिन्न 'पहली' पेश करता कोई विकल्प संदेह का पात्र है। शेष बचती है पेरिस वाली तैनाती, जो विशिष्ट भी है और सत्यापन-योग्य भी। समाचार-में-व्यक्ति वाले प्रश्न के लिए व्यापक सीख यह है कि जो सुनने में वरिष्ठ लगे उससे नहीं, बल्कि उस व्यक्ति की तैनातियों के वास्तविक क्रम से तर्क कीजिए।
- रुचिरा कंबोज, IFS 1987, 1987 की सिविल सेवा परीक्षा की अखिल भारतीय महिला टॉपर और अपने विदेश सेवा बैच की टॉपर थीं
- अप्रैल 2014 से जुलाई 2017 तक यूनेस्को, पेरिस में भारत की राजदूत एवं स्थायी प्रतिनिधि
- जून 2011 से अप्रैल 2014 तक भारत की मुख्य शिष्टाचार अधिकारी — यह पद संभालने वाली पहली महिला; बाद में दक्षिण अफ़्रीका तथा लेसोथो में उच्चायुक्त (2017–2019) और भूटान में पहली महिला भारतीय राजदूत (2019–2022)
- 1 अगस्त 2022 से 31 मई 2024 की सेवानिवृत्ति तक न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र के लिए भारत की स्थायी प्रतिनिधि — उस कुर्सी पर बैठने वाली पहली भारतीय महिला
- उन्होंने दिसंबर 2022 में भारत की क्रम से आई अध्यक्षता के दौरान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता की, जो भारत के 2021–22 के अस्थायी कार्यकाल का दूसरा वर्ष था

- जो विकल्प सुनने में वरिष्ठ लगे — 'नीति आयोग की सदस्य' — उसे यह पूछे बिना स्वीकार कर लेना कि क्या वह व्यक्ति विदेश में तैनात रहते हुए वह पद भौतिक रूप से संभाल भी सकता था
- प्रश्न में बताई गई असली 'पहली' की नक़ल करती किसी गढ़ी हुई 'पहली' में फँस जाना
- यह मान लेना कि किसी अंतरराष्ट्रीय संगठन के मिशन का प्रमुख भी किसी देश में राजदूत की तरह होता है; यूनेस्को, न्यूयॉर्क का संयुक्त राष्ट्र और जिनेवा का संयुक्त राष्ट्र — तीनों में स्थायी प्रतिनिधि होता है
BPSC समाचार-में-व्यक्ति सीधे पूछती है और एक याद रह गए जीवनी-ब्योरे को पुरस्कृत करती है — या तो 'X कौन है' या, जैसा यहाँ है, 'X के बारे में कौन-सा कथन सत्य है', जिसमें ग़लत विकल्प किसी असली उपलब्धि को ग़लत पद पर खिसकाकर बनाए जाते हैं। UPSC ने प्रारंभिक परीक्षा से शुद्ध व्यक्तित्व-प्रश्न को काफ़ी हद तक विदा कर दिया है; जब वह पूछती थी तब भी वही कथन-समुच्चय प्रारूप प्रयोग करती थी, और अब वह व्यक्ति के बजाय उस संस्था को जाँचना पसंद करती है जिसका वह व्यक्ति प्रमुख है।
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान नाइजीरिया से हैं। 2. कोफ़ी अन्नान संयुक्त राष्ट्र के कर्मचारियों की श्रेणी से नियुक्त होने वाले पहले संयुक्त राष्ट्र महासचिव हैं। 3. कोफ़ी अन्नान संयुक्त राष्ट्र महासचिव के पद पर दूसरे कार्यकाल के लिए नियुक्त किए गए थे। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
- (a) 1, 2 और 3
- (b) केवल 1 और 2
- (c) केवल 2 और 3
- (d) केवल 1 और 3
उत्तर(c) केवल 2 और 3
वही प्रश्न-प्रकार किसी संयुक्त राष्ट्र पदाधिकारी पर लागू — तय कीजिए कि उस व्यक्ति के बारे में कौन-से कथन सही हैं, जहाँ ग़लत कथन कुछ बेतुका गढ़ने के बजाय किसी असली तथ्य को खिसका देता है (अन्नान की राष्ट्रीयता, कंबोज की तैनाती)।
सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए : सूची-I A. हैरल्ड पिंटर B. जाक दिउफ़ C. जोज़े मैनुएल बरोसो D. रेमंड लाफ़ीत सूची-II 1. महानिदेशक, FAO 2. अध्यक्ष, यूरोपीय आयोग 3. बगलिहार जलविद्युत परियोजना पर न्यायनिर्णयन हेतु विश्व बैंक द्वारा नियुक्त विशेषज्ञ 4. साहित्यकार
- (a) A-4 B-3 C-2 D-1
- (b) A-4 B-1 C-2 D-3
- (c) A-2 B-1 C-4 D-3
- (d) A-2 B-3 C-4 D-1
उत्तर(b) A-4 B-1 C-2 D-3
व्यक्ति-से-अंतरराष्ट्रीय-पद का मिलान अपने सबसे शुद्ध रूप में। यहाँ जो कौशल चाहिए वह ठीक वही है जो Q33 माँगता है : सही नाम के सामने सही पद टिकाए रखना, क्योंकि यहाँ हर ग़लत विकल्प भी किसी असली व्यक्ति को किसी असली पद के साथ जोड़ता है।
रूस के वैगनर भाड़े के सैनिक समूह का प्रमुख कौन है?
- (a) सर्गेई शोइगु
- (b) येवगेनी प्रिगोझिन
- (c) अलेक्जेंडर लुकाशेंको
- (d) वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की
उत्तर(b) येवगेनी प्रिगोझिन
69वीं का समाचार-में-व्यक्ति वाला प्रश्न, और वह प्रश्नपत्र में इसी क्रमांक पर पड़ा था। दोनों आपसे वर्ष की अंतरराष्ट्रीय ख़बरों से किसी नाम को किसी पद से जोड़ने को कहते हैं, और ग़लत विकल्प भी उसी कहानी से लिए गए हैं।
- अभ्यास — वास्तविक विगत वर्ष प्रश्न नहीं
किसी राष्ट्रमंडल देश के प्रति प्रत्यायित भारतीय राजनयिक मिशन के प्रमुख को क्या कहा जाता है ?
- (a)राजदूत
- (b)उच्चायुक्त
- (c)स्थायी प्रतिनिधि
- (d)महावाणिज्यदूत
उत्तर(b) उच्चायुक्त — इसीलिए रुचिरा कंबोज दक्षिण अफ़्रीका में उच्चायुक्त थीं पर भूटान में राजदूत।
- अभ्यास — वास्तविक विगत वर्ष प्रश्न नहीं
यूनेस्को का मुख्यालय कहाँ स्थित है ?
- (a)जिनेवा
- (b)वियना
- (c)पेरिस
- (d)न्यूयॉर्क
उत्तर(c) पेरिस — यूनेस्को का मुख्यालय 1958 से पेरिस के प्लास द फ़ोंतेन्वा में है; जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र कार्यालय और WHO हैं, वियना में IAEA और UNIDO।