निम्नलिखित में प्रश्न चिन्ह (?) के स्थान पर क्या आयेगा ?

- (a)18
- (b)22
- (c)20
- (d)36
सही — (b) 22। नियम यह है: पंखुड़ियों के दोनों जोड़ों को एक ही निश्चित दिशा में पढ़िए, और केन्द्र = (उस अंतर + 1) का वर्ग। दिशा तय कीजिए — ऊपरी जोड़े के लिए ऊपर-दायाँ घटा ऊपर-बायाँ, और निचले जोड़े के लिए नीचे-बायाँ घटा नीचे-दायाँ; दोनों से एक ही संख्या मिलनी चाहिए। आकृति 1: 21 − 16 = 5 और 15 − 10 = 5, इसलिए अंतर 5 है और केन्द्र (5 + 1)² = 36 होना चाहिए — छपा हुआ केन्द्र ठीक यही है। आकृति 2: 10 − 7 = 3 और 13 − 10 = 3, इसलिए केन्द्र (3 + 1)² = 16 होना चाहिए — फिर वही छपा है। आकृति 3 आपको पंखुड़ी के बजाय केन्द्र थमा देती है: 64 = 8², इसलिए अंतर + 1 = 8 और अंतर 7 है। जो जोड़ा दिख रहा है उससे जाँचिए: 21 − 14 = 7 ✓। अब इसे ऊपर लगाइए: ? − 15 = 7, यानी ? = 22। यही मान एक समतुल्य पाठ से भी निकलता है — हर आकृति में बायीं ओर की दो पंखुड़ियों का योग दायीं ओर की दो पंखुड़ियों के योग के बराबर है (16 + 15 = 31 = 21 + 10; 7 + 13 = 20 = 10 + 10), और 15 + 21 = 36 = ? + 14 से फिर ? = 22 मिलता है। बीजगणितीय रूप से दोनों नियम एक ही शर्त हैं, इसीलिए वे सहमत होते हैं; पर वर्ग-वाले केन्द्र का रूप अधिक भरोसेमंद है क्योंकि वह केन्द्र की संख्याओं का भी उपयोग करता है: वह केवल पंखुड़ियों से तीनों केन्द्र दोबारा बना देता है, और दोनों पूरी आकृतियाँ अंतर को दो-दो बार देती हैं। यह चौदह छपी संख्याओं पर पाँच परस्पर सहमत जाँचें हैं — किसी ऐसे नियम के लिए बहुत ज़्यादा जो केवल एक आकृति पर फ़िट कर लिया गया हो।
- (a)18 — 18 − 15 = 3, जिससे केन्द्र (3 + 1)² = 16 बनता। यह आकृति 2 का केन्द्र है, आकृति 3 का नहीं, और यह उसी आकृति के निचले जोड़े का भी खंडन करता है, जहाँ 21 − 14 = 7 है। यहाँ हर गलत विकल्प वही मान है जो किसी दूसरी आकृति का केन्द्र इस आकृति में ले आता।
- (c)20 — 20 − 15 = 5, जिससे केन्द्र (5 + 1)² = 36 बनता — यानी आकृति 1 का केन्द्र। छपा हुआ केन्द्र 64 है, और निचला जोड़ा स्वतंत्र रूप से अंतर 7 तय कर देता है, इसलिए 5 सही हो ही नहीं सकता। यही सबसे नज़दीकी चूक है और अधिकांश विद्यार्थी यहीं आकर टिकते हैं।
- (d)36 — 36 दरअसल आकृति 1 का केन्द्र-मान है, जो पंखुड़ी बनाकर वापस परोस दिया गया है। इससे ऊपरी अंतर 36 − 15 = 21 हो जाता, जबकि निचला अंतर 21 − 14 = 7 है — यह वह समानता तोड़ देता है जिसका पालन दोनों पूरी आकृतियाँ करती हैं, और इसके लिए केन्द्र (21 + 1)² = 484 चाहिए होता।
आकृति-प्रतिरूप वाला प्रश्न आपको दो या तीन पूरी आकृतियाँ देता है और एक अधूरी। पूरी आकृतियाँ सजावट नहीं हैं — नियम का एकमात्र प्रमाण वही हैं, और कोई नियम तभी काम का है जब वह हर पूरी आकृति की हर संख्या दोबारा बना दे, केवल उस एक को नहीं जिस पर आपकी नज़र पड़ गई। इसलिए सुरक्षित विधि तय है: (1) संख्याओं को एक सुसंगत स्थानिक योजना में लिखिए, जैसे ऊपर-बायाँ, ऊपर-दायाँ, नीचे-बायाँ, नीचे-दायाँ, केन्द्र; (2) ऐसी संक्रिया खोजिए जो बाहरी संख्याओं से केन्द्र बना दे; (3) तीसरी आकृति को छूने से पहले उसे दूसरी पूरी आकृति पर जाँचिए; (4) तभी रिक्त स्थान हल कीजिए; (5) यदि आकृति दूसरा स्वतंत्र संबंध देती हो तो उससे पुष्टि कीजिए। केन्द्र में पूर्ण वर्ग — यहाँ 36, 16, 64 — तगड़ा संकेत हैं, क्योंकि जो रचयिता केन्द्र में कोई छोटी बात कूटबद्ध करना चाहता है, वह प्रायः उसका वर्ग कर देता है।
पूरी कठिनाई यह है कि केन्द्र की संख्याएँ 36, 16 और 64 पंखुड़ियों से किसी स्पष्ट अंकगणितीय संबंध में नहीं बैठतीं। योग काम नहीं करता: 16 + 21 + 15 + 10 = 62, 36 नहीं। गुणनफल भी नहीं। जो काम करता है वह यह देखना है कि तीनों केन्द्र पूर्ण वर्ग हैं — 6², 4² और 8² — और वर्गमूल 6, 4 और 8 पंखुड़ियों में मिलने वाले किसी अंतर से ठीक एक अधिक हैं: 5, 3 और 7। यह पकड़ में आ जाने के बाद दिशा को स्थिर रखना होता है, और यहीं अभ्यर्थी प्रश्न गँवाते हैं। यदि आकृति 1 में ऊपर के लिए 21 − 16 पढ़ रहे हैं तो नीचे के लिए 15 − 10 पढ़ना होगा, 10 − 15 नहीं; प्रतिरूप घूर्णी है, दर्पणी नहीं। आकृति 3 फिर असाधारण रूप से उदार है: वह केन्द्र दे देती है, इसलिए आप 64 से पीछे चलकर अंतर 7 निकाल सकते हैं और लुप्त पंखुड़ी को छूने से पहले ही उसे निचले जोड़े से पुष्ट कर सकते हैं। दिए हुए केन्द्र से उल्टा चलना एक सामान्य आदत है जिसे किसी भी आकृति-प्रश्न में साथ ले जाना चाहिए — जो संख्या सबसे कठिन दिखती है, प्रायः वही ताला खोलती है।
- तीनों आकृतियों पर बैठने वाला नियम: केन्द्र = (पंखुड़ियों का अंतर + 1)², और अंतर एक ही सुसंगत घूर्णी दिशा में पढ़ा जाए
- आकृति 1 — 21 − 16 = 5 और 15 − 10 = 5, केन्द्र (5 + 1)² = 36; आकृति 2 — 10 − 7 = 3 और 13 − 10 = 3, केन्द्र (3 + 1)² = 16
- आकृति 3 — केन्द्र 64 = 8², इसलिए अंतर 8 − 1 = 7, जिसकी पुष्टि 21 − 14 = 7 से होती है, और लुप्त पंखुड़ी 15 + 7 = 22
- एक समतुल्य पाठ: हर आकृति में बायीं दो पंखुड़ियों का योग दायीं दो पंखुड़ियों के योग के बराबर है (16 + 15 = 21 + 10; 7 + 13 = 10 + 10; 15 + 21 = 22 + 14)
- हर गलत विकल्प वही पंखुड़ी है जो किसी दूसरी आकृति का केन्द्र बना देती — 18 से 16 आता, 20 से 36, और 36 तो स्वयं आकृति 1 का केन्द्र-मान है
यह नियम केवल पंखुड़ियों से तीनों केन्द्र दोबारा बना देता है, और दोनों पूरी आकृतियाँ अंतर को दो-दो बार देती हैं — चौदह छपी संख्याओं पर पाँच परस्पर सहमत जाँचें।
- एक ही आकृति पर नियम फ़िट करके सीधे रिक्त स्थान पर कूद जाना — नियम का उपयोग करने से पहले उसे हर पूरी आकृति को दोबारा बनाना चाहिए
- एक आकृति में अंतर दर्पणी दिशा में और दूसरी में घूर्णी दिशा में पढ़ लेना; दिशा स्थिर रखनी होती है
- केन्द्र की संख्या को असंबद्ध मानकर छोड़ देना — यहाँ अधूरी आकृति में अंतर को केवल वही टिकाती है
बी० पी० एस० सी० सामान्य अध्ययन के प्रश्नपत्र के अंत में शुद्ध तर्कशक्ति का एक छोटा खंड रखता है — कोई संख्या शृंखला, लुप्त प्रविष्टि वाली जाली, कोई आकृति-पहेली — और वर्षों तक वही नियम-कुल दोहराता रहता है, इसलिए अभ्यास सीधे एक संस्करण से दूसरे में काम आता है। यू० पी० एस० सी० इस सामग्री को सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र-I से पूरी तरह बाहर रखता है और सी-सैट यानी अर्हकारी प्रश्नपत्र-II में जाँचता है, और इसीलिए केवल यू० पी० एस० सी० की तैयारी करने वाला बी० पी० एस० सी० अभ्यर्थी ठीक इन्हीं अंकों पर पिछड़ जाता है।
दिए गए विकल्पों में से लुप्त संख्या चुनिए : 44 49 37 52 ? 41 58 35 53
- (a) 56
- (b) 77
- (c) 66
- (d) 63
उत्तर(b) 77
एक संस्करण पहले वही काम — संख्याएँ एक निश्चित स्थानिक विन्यास में रखी हैं, नियम पूरी पंक्तियों से निकालना है और फिर रिक्त स्थान पर लगाना है।
दिए गए विकल्पों में से लुप्त संख्या ज्ञात कीजिए: 28 | 20 | 7 84 | ? | 12 45 | 25 | 9
- (a) 30
- (b) 35
- (c) 20
- (d) 25
उत्तर(b) 35
आयोग ने ठीक अगले प्रश्नपत्र में यह फिर पूछा, जहाँ पूरी पंक्तियाँ एक बार फिर नियम देती हैं और अधूरी पंक्ति रिक्त स्थान — इससे साफ़ है कि यह बी० पी० एस० सी० प्रश्नपत्र की स्थायी विशेषता है, कोई इक्का-दुक्का बात नहीं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
एक आकृति-पहेली में केन्द्र की संख्या (दो बाहरी संख्याओं का अंतर + 1)² के बराबर है। यदि दोनों बाहरी संख्याएँ 12 और 19 हों, तो केन्द्र की संख्या क्या होगी ?
- (a)49
- (b)36
- (c)64
- (d)81
उत्तर(c) 64 — अंतर 19 − 12 = 7 है, इसलिए केन्द्र (7 + 1)² = 8² = 64 होगा।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
चार संख्याएँ इस प्रकार रखी गई हैं कि बायीं ओर के जोड़े का योग दायीं ओर के जोड़े के योग के बराबर है। बायीं ओर का जोड़ा 17 और 23 है, तथा दायीं ओर के जोड़े में से एक 18 है। दूसरी संख्या क्या है ?
- (a)20
- (b)22
- (c)24
- (d)26
उत्तर(b) 22 — 17 + 23 = 40, और 40 − 18 = 22।