विलियम ए.जे. आर्कबोल्ड के सन्दर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा एक कथन सही नहीं है ?
- (a)वे राजकीय कॉलेज, ढाका के प्राचार्य थे ।
- (b)वे लाहौर कॉलेज, लाहौर के प्राचार्य थे ।
- (c)वे एम.ए.ओ. कॉलेज, अलीगढ़ के प्राचार्य थे ।
- (d)वे म्योर सेन्ट्रल कॉलेज, इलाहाबाद के प्राचार्य थे ।
सही उत्तर — (b) 'वे लाहौर कॉलेज, लाहौर के प्राचार्य थे ।' यही वह कथन है जो सही नहीं है, और 'सही नहीं है' वाले प्रश्न में यही उत्तर बन जाता है। विलियम आर्थर जॉब्सन आर्कबोल्ड कैम्ब्रिज से जुड़े व्यक्ति थे — अक्टूबर 1884 में पीटरहाउस में प्रवेश, 1887 में लॉ ट्राइपॉस में प्रथम श्रेणी के साथ बी.ए. व एल.एल.बी. — जिन्होंने भारतीय कॉलेजों में लगातार पंद्रह वर्ष बिताए, और कैम्ब्रिज पूर्व-छात्र अभिलेख में हर एक पद का ब्योरा है: मुहम्मडन एंग्लो-ओरिएंटल कॉलेज, अलीगढ़ के प्राचार्य, 1905-09; ढाका कॉलेज के प्राचार्य, 1909-18; म्योर सेन्ट्रल कॉलेज, इलाहाबाद के प्राचार्य, 1918-20। इसके बाद वे कैम्ब्रिज लौट गए, जहाँ उन्होंने लोकल एग्ज़ामिनेशन्स एंड लेक्चर्स सिंडिकेट के लिए तथा आई.सी.एस. स्टडीज़ बोर्ड के सचिव के रूप में कार्य किया, और उनकी मृत्यु 1 जून 1947 को हुई। इस क्रम में कोई ऐसा अंतराल नहीं है जिसमें लाहौर की कोई प्राचार्य-नियुक्ति समा सके, और उनके अभिलेख में कहीं भी लाहौर की कोई नियुक्ति दर्ज नहीं है। विकल्प (a), (c) और (d) प्रत्येक ऐसे पद का नाम लेते हैं जो उन्होंने वास्तव में धारण किया था, इसलिए केवल (b) ही असत्य कथन हो सकता है।
- (a)वे राजकीय कॉलेज, ढाका के प्राचार्य थे । — सत्य, अतः यह उत्तर नहीं हो सकता। आर्कबोल्ड 1909 से 1918 तक ढाका कॉलेज के प्राचार्य रहे — यह एक राजकीय कॉलेज था, और उनकी तीन भारतीय नियुक्तियों में सबसे लंबी अवधि की थी। वे अलीगढ़ से सीधे वहाँ गए, और यह स्थानांतरण ध्यान देने योग्य है: ढाका वही स्थान था जहाँ दिसंबर 1906 में अखिल भारतीय मुस्लिम लीग की स्थापना हुई थी — उस शिष्टमंडल के कुछ ही महीनों बाद जिसे व्यवस्थित करने में आर्कबोल्ड ने सहायता की थी।
- (c)वे एम.ए.ओ. कॉलेज, अलीगढ़ के प्राचार्य थे । — सत्य, और यही वह पद है जिसके कारण आर्कबोल्ड को भारतीय इतिहास में स्थान मिलता है। वे 1905 से 1909 तक अलीगढ़ स्थित मुहम्मडन एंग्लो-ओरिएंटल कॉलेज के प्राचार्य थे, और 1906 में, जब वे शिमला में थे, मोहसिन-उल-मुल्क ने उनसे अनुरोध किया कि वे मुस्लिम नेताओं के एक समूह की भेंट की माँग वायसराय तक पहुँचा दें। उसी अनुरोध के परिणामस्वरूप 1 अक्टूबर 1906 को लॉर्ड मिंटो के समक्ष शिमला शिष्टमंडल प्रस्तुत हुआ।
- (d)वे म्योर सेन्ट्रल कॉलेज, इलाहाबाद के प्राचार्य थे । — सत्य। आर्कबोल्ड 1918 से 1920 तक म्योर सेन्ट्रल कॉलेज, इलाहाबाद के प्राचार्य रहे — यह उनकी अंतिम भारतीय नियुक्ति थी, जो ढाका में नौ वर्ष बिताने के बाद मिली। म्योर सेन्ट्रल कॉलेज की स्थापना 1872 में सर विलियम म्योर ने की थी, और यही वह संस्था थी जिसके इर्द-गिर्द इलाहाबाद विश्वविद्यालय विकसित हुआ।
आर्कबोल्ड का भारतीय इतिहास में महत्व एक पूरे कार्यकाल के कारण नहीं, बल्कि एक ही प्रसंग के कारण है। अलीगढ़ स्थित एम.ए.ओ. कॉलेज के प्राचार्य के रूप में वे उस बिंदु पर खड़े थे जहाँ सर सैयद अहमद खान का अलीगढ़ आंदोलन ब्रिटिश प्रशासन से मिलता था। 1906 की गर्मियों में वे शिमला में थे; कॉलेज के सचिव और सर सैयद की मृत्यु के बाद अलीगढ़ के अग्रणी व्यक्ति नवाब मोहसिन-उल-मुल्क ने उनसे अनुरोध किया कि वे वायसराय तक यह माँग पहुँचा दें कि एक मुस्लिम शिष्टमंडल को भेंट का अवसर दिया जाए। लॉर्ड मिंटो सहमत हुए, और 1 अक्टूबर 1906 को आगा खान के नेतृत्व में लगभग पैंतीस मुस्लिम गणमान्यों का एक शिष्टमंडल उनसे मिला और यह माँग रखी कि आगामी सुधारों में मुस्लिम प्रतिनिधित्व केवल संख्या के आधार पर नहीं, बल्कि भार और राजनीतिक महत्व के आधार पर तय किया जाए। मिंटो की सहानुभूतिपूर्ण प्रतिक्रिया ही पृथक निर्वाचन-मंडल की उत्पत्ति है। अखिल भारतीय मुस्लिम लीग की स्थापना 30 दिसंबर 1906 को ढाका में हुई, और पृथक निर्वाचन-मंडल को 1909 के भारतीय परिषद अधिनियम — मॉर्ले-मिंटो सुधार — के माध्यम से कानून में शामिल किया गया।
किसी अल्पज्ञात व्यक्ति के बारे में 'कौन-सा कथन सही नहीं है' वाले प्रश्न तब तक अनुत्तरित प्रतीत होते हैं जब तक यह न समझ लिया जाए कि इन्हें प्रायः एक वास्तविक जीवन-वृत्त लेकर उसमें एक गढ़ी हुई पंक्ति जोड़कर बनाया जाता है। यहाँ चार में से तीन विकल्प संयुक्त प्रांत और बंगाल की उन संस्थाओं के नाम लेते हैं जो अलीगढ़ की कहानी में बार-बार आती हैं — अलीगढ़, ढाका, इलाहाबाद — जबकि चौथा विकल्प एक ऐसे शहर का नाम लेता है जिसका इस परिपथ से कोई संबंध नहीं है। जो उम्मीदवार केवल इतना जानता हो कि आर्कबोल्ड शिमला शिष्टमंडल के समय अलीगढ़ के प्राचार्य थे, वह भी यह तर्क कर सकता है कि उनका कार्यकाल अलीगढ़-ढाका-इलाहाबाद की कड़ी में चला और लाहौर इनमें बेमेल है। एक अलग चेतावनी भी ध्यान में रखने योग्य है: विकिपीडिया और कुछ द्वितीयक स्रोत आर्कबोल्ड को 'अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय का प्राचार्य' बताते हैं, जो कालक्रम की दृष्टि से त्रुटिपूर्ण है। 1906 में यह संस्था मुहम्मडन एंग्लो-ओरिएंटल कॉलेज थी, जिसकी स्थापना सर सैयद अहमद खान ने 1875 में की थी; यह अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय केवल 1920 में बनी, और प्रश्न में इसे एम.ए.ओ. कॉलेज कहना सही है।
- विलियम आर्थर जॉब्सन आर्कबोल्ड: 1 अक्टूबर 1884 को कैम्ब्रिज के पीटरहाउस में प्रवेश; 1887 में लॉ ट्राइपॉस में प्रथम श्रेणी सहित बी.ए. व एल.एल.बी.; अक्टूबर 1886 में जॉब्सन के स्थान पर आर्कबोल्ड नाम अपनाया; मृत्यु 1 जून 1947।
- कैम्ब्रिज पूर्व-छात्र अभिलेख के अनुसार उनकी भारतीय प्राचार्य-नियुक्तियाँ: एम.ए.ओ. कॉलेज, अलीगढ़ 1905-09; ढाका कॉलेज 1909-18; म्योर सेन्ट्रल कॉलेज, इलाहाबाद 1918-20। उनके कार्यकाल में लाहौर की कोई नियुक्ति दर्ज नहीं है।
- 1 अक्टूबर 1906 का शिमला शिष्टमंडल: आगा खान तृतीय के नेतृत्व में लगभग पैंतीस मुस्लिम नेता वायसराय लॉर्ड मिंटो से मिले; यह भेंट तब व्यवस्थित हुई जब मोहसिन-उल-मुल्क ने उस समय शिमला में मौजूद आर्कबोल्ड से यह अनुरोध पहुँचाने को कहा। इसके आलोचक समकालीनों में मौलाना मोहम्मद अली भी थे, जिन्होंने बाद में इस शिष्टमंडल को 'पूर्व-नियोजित प्रदर्शन' कहा।
- इसके परिणाम शीघ्र सामने आए: अखिल भारतीय मुस्लिम लीग की स्थापना 30 दिसंबर 1906 को ढाका में हुई, और मुसलमानों के लिए पृथक निर्वाचन-मंडल भारतीय परिषद अधिनियम, 1909 (मॉर्ले-मिंटो सुधार) द्वारा स्वीकार किए गए।
- म्योर सेन्ट्रल कॉलेज, इलाहाबाद की स्थापना 1872 में उत्तर-पश्चिम प्रांतों के लेफ्टिनेंट-गवर्नर सर विलियम म्योर ने की थी, और यही इलाहाबाद विश्वविद्यालय का केंद्रक बना।

- आर्कबोल्ड को एम.ए.ओ. कॉलेज के अन्य ब्रिटिश प्राचार्यों से भ्रमित करना — थियोडोर बेक, जो लंबे समय तक कार्यरत विक्टोरियाई प्राचार्य थे और स्वयं एक मानक PYQ नाम हैं, तथा थियोडोर मॉरिसन, जो बेक और आर्कबोल्ड के बीच आए।
- 1906 की अलीगढ़ संस्था को 'अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय' कह देना। यह 1920 तक मुहम्मडन एंग्लो-ओरिएंटल कॉलेज ही थी, और कुछ व्यापक रूप से पढ़े जाने वाले स्रोत भी यह भूल करते हैं।
- यह मान लेना कि 'सही नहीं है' वाले प्रश्न में सभी चार कथनों की पुष्टि करनी आवश्यक है। बाकी तीन विकल्प जो पैटर्न स्थापित करते हैं, उससे बेमेल विकल्प को पहचानना कहीं तेज़ तरीका है।
UPPSC को छोटे किंतु ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण व्यक्तियों पर 'X के बारे में कौन-सा कथन सही नहीं है' रूप पसंद है, जहाँ लाभ पूरी जीवनी जानने में नहीं बल्कि एक प्रसंग को भली-भाँति जानने में है। UPSC उस प्रसंग के बारे में ही सीधे पूछना पसंद करता है — शिमला शिष्टमंडल का नेतृत्व किसने किया, मॉर्ले-मिंटो सुधारों ने क्या स्वीकृत किया, मुस्लिम लीग की स्थापना कब और कहाँ हुई।
निम्नलिखित में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं? I. थियोडोर बेक : मुहम्मडन एंग्लो-ओरिएंटल कॉलेज, अलीगढ़ II. इल्बर्ट बिल : रिपन III. फिरोजशाह : भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस IV. बदरुद्दीन तैयबजी : मुस्लिम लीग नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- (a) I, II, III और IV
- (b) II और IV
- (c) I, III और IV
- (d) I, II और III
उत्तर(d) I, II और III
थियोडोर बेक को अलीगढ़ स्थित मुहम्मडन एंग्लो-ओरिएंटल कॉलेज से जोड़ता है — वही पद जो कुछ वर्ष बाद आर्कबोल्ड ने संभाला। UPSC पहले भी इस कॉलेज के ब्रिटिश प्राचार्यों को परीक्षा-योग्य विषय मान चुका है, और यही ज्ञान UPPSC का यह प्रश्न परख रहा है।
सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए : सूची I (काल) I. 1883 II. 1906 III. 1927 IV. 1932 सूची II (घटना) A) व्हाइटहॉल से सांप्रदायिक पंचाट (कम्युनल अवॉर्ड) की घोषणा B) अखिल भारतीय स्टेट्स पीपुल्स कॉन्फ्रेंस का गठन C) ढाका में मुस्लिम लीग की स्थापना D) कलकत्ता में नेशनल कॉन्फ्रेंस का प्रथम अधिवेशन कूट :
- (a) I – D, II – C, III – A, IV – B
- (b) I – C, II – D, III – A, IV – B
- (c) I – D, II – C, III – B, IV – A
- (d) I – C, II – D, III – B, IV – A
उत्तर(c) I – D, II – C, III – B, IV – A
ढाका में मुस्लिम लीग की स्थापना को 1906 की तिथि से जोड़ता है — वह घटना जो उस शिमला शिष्टमंडल के तीन महीने के भीतर घटी जिसे व्यवस्थित करने में आर्कबोल्ड ने सहायता की थी, और यही कारण है कि उनका नाम भारतीय इतिहास में आज भी शेष है।
"क्या आप मुझे कोई एक स्वतंत्र देश दिखा सकते हैं जहाँ पृथक निर्वाचन-मंडल हों? ... ब्रिटिश तत्व चला गया है, पर वे अपने पीछे उपद्रव छोड़ गए हैं।" संविधान सभा की बहसों में उपर्युक्त कथन निम्नलिखित में से किसने कहा था?
- (a) सोमनाथ लाहिड़ी
- (b) जवाहरलाल नेहरू
- (c) सरदार वल्लभ भाई पटेल
- (d) एन. जी. रंगा
उत्तर(c) सरदार वल्लभ भाई पटेल
उस कड़ी को पूर्ण करता है जो आर्कबोल्ड के शिमला से भेजे संदेश से आरंभ हुई थी। पृथक निर्वाचन-मंडल, जो 1906 के शिष्टमंडल के बाद स्वीकृत हुए और 1909 के भारतीय परिषद अधिनियम में सम्मिलित किए गए, अंततः संविधान सभा में तर्क द्वारा समाप्त कर दिए गए — उस प्रश्न में उद्धृत कथन उनकी समाप्ति के क्षण का है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
अक्टूबर 1906 में वायसराय लॉर्ड मिंटो से मिलने वाले शिमला शिष्टमंडल का नेतृत्व किसने किया था?
- (a)ढाका के नवाब सलीमुल्लाह
- (b)आगा खान तृतीय
- (c)सैयद अमीर अली
- (d)नवाब मोहसिन-उल-मुल्क
उत्तर(b) आगा खान तृतीय — उन्होंने ही 1 अक्टूबर 1906 को लगभग पैंतीस मुस्लिम नेताओं के शिष्टमंडल का नेतृत्व किया। मोहसिन-उल-मुल्क ने आर्कबोल्ड के माध्यम से इसे व्यवस्थित किया था, नवाब सलीमुल्लाह ने उसी वर्ष दिसंबर में ढाका में लीग की स्थापना की मेज़बानी की, और अमीर अली ने 1908 से लीग की लंदन शाखा का नेतृत्व किया।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
मुसलमानों के लिए पृथक निर्वाचन-मंडल सर्वप्रथम निम्नलिखित में से किसके द्वारा स्वीकृत किए गए थे?
- (a)भारतीय परिषद अधिनियम, 1892
- (b)भारतीय परिषद अधिनियम, 1909
- (c)भारत शासन अधिनियम, 1919
- (d)भारत शासन अधिनियम, 1935
उत्तर(b) भारतीय परिषद अधिनियम, 1909 — मॉर्ले-मिंटो सुधार, जो सीधे 1906 के शिमला शिष्टमंडल से उपजे थे। 1919 के अधिनियम ने पृथक निर्वाचन-मंडल को अन्य समुदायों तक बढ़ाया और 1935 के अधिनियम ने इन्हें और आगे बढ़ाया।