निम्नलिखित में से कौन 1755 में डिंडिगल मैसूर में एक आधुनिक शस्त्रागार की स्थापना की थी ?
- (a)नंजराज
- (b)हैदर अली
- (c)देवराज
- (d)चिक्का कृष्णराज
सही उत्तर — (b) हैदर अली। वोडेयारों के मंत्रियों के अधीन मैसूर सेना में आगे बढ़ते हुए, हैदर अली को 1755 में डिंडिगल का फौजदार (सैन्य कमांडर) नियुक्त किया गया। वहाँ उन्होंने अपनी सेना का आधुनिकीकरण किया — फ्रांसीसी सलाहकारों को रखकर अपने तोपखाने को संगठित व प्रशिक्षित किया तथा एक आधुनिक शस्त्रागार स्थापित किया। इस सैन्य आधुनिकीकरण ने मैसूर में उनके उत्थान का शुभारंभ किया, और 1761 तक वे इसके वास्तविक शासक बन गए।
- (a)नंजराज — गलत — नंजराज मैसूर के दलवाई (सेनापति)/सर्वाधिकारी थे, जिनके अधीन हैदर अली ने सेवा की व उन्नति पाई; वे एक दरबारी सत्ताधारी थे, न कि डिंडिगल शस्त्रागार के संस्थापक।
- (c)देवराज — गलत — देवराज (नंजराज के भाई) मैसूर के एक मुख्यमंत्री थे; अपने भाई की तरह वे भी एक दरबारी अधिकारी थे, न कि डिंडिगल के आधुनिक शस्त्रागार के संस्थापक।
- (d)चिक्का कृष्णराज — गलत — चिक्का कृष्णराज (कृष्णराज वोडेयार द्वितीय) इस काल में मैसूर के पदवीधारी राजा थे, जिन्हें बाद में हैदर अली ने कठपुतली बना दिया; उन्होंने डिंडिगल शस्त्रागार की स्थापना नहीं की।
18वीं सदी के मध्य तक, वोडेयार राज्य मैसूर में वास्तविक सत्ता पदवीधारी राजा (कृष्णराज वोडेयार द्वितीय) से हटकर सशक्त मंत्रियों (नंजराज व देवराज) के पास चली गई थी। इस अवसर ने सैनिक हैदर अली को उभरने का अवसर दिया; उनका यूरोपीय-शैली का तोपखाना तथा डिंडिगल शस्त्रागार (1755) ने वह सैन्य यंत्र निर्मित किया जिसका उपयोग उन्होंने व बाद में उनके पुत्र टीपू सुल्तान ने प्रतिद्वंद्वियों व अंग्रेजों के विरुद्ध किया।
चारों नाम एक ही मैसूर दरबार के हैं, अतः यह वस्तु यह परखती है कि डिंडिगल में सेना का आधुनिकीकरण विशेष रूप से किसने किया। पदाधिकारियों — नंजराज व देवराज (मंत्री) तथा कृष्णराज वोडेयार द्वितीय (कठपुतली राजा) — को उभरते कमांडर हैदर अली से अलग करें।
- हैदर अली को 1755 में डिंडिगल का फौजदार नियुक्त किया गया
- उन्होंने अपने तोपखाने को यूरोपीय पद्धतियों में संगठित व प्रशिक्षित करने के लिए फ्रांसीसी सलाहकार रखे
- 1761 तक वे मैसूर के वास्तविक शासक बन गए, कृष्णराज वोडेयार द्वितीय को हाशिये पर धकेलते हुए
- उनके सेना-आधुनिकीकरण ने आंग्ल-मैसूर युद्धों की भूमिका तैयार की, जिसे बाद में टीपू सुल्तान ने आगे बढ़ाया

- मैसूर सेना के प्रारंभिक आधुनिकीकरण का श्रेय टीपू सुल्तान (हैदर के पुत्र) को दे देना
- मंत्रियों (नंजराज/देवराज) या पदवीधारी राजा को कमांडर हैदर अली से भ्रमित करना
UPPSC/UPSC पूछते हैं 'X की स्थापना/आधुनिकीकरण किसने किया' — हैदर अली को डिंडिगल (1755), फ्रांसीसी-प्रशिक्षित तोपखाने तथा मैसूर में उनके उत्थान से जोड़ें।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
हैदर अली किस वर्ष वोडेयार राजा को हाशिये पर धकेलते हुए मैसूर के वास्तविक शासक बने ?
- (a)1755
- (b)1761
- (c)1782
- (d)1799
उत्तर(b) 1761 — उन्होंने मैसूर पर वास्तविक नियंत्रण हासिल किया, जिससे कृष्णराज वोडेयार द्वितीय एक कठपुतली बन गए।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
आंग्ल-मैसूर युद्ध अंग्रेज ईस्ट इंडिया कंपनी तथा मैसूर के किन शासकों के बीच लड़े गए ?
- (a)हैदर अली व टीपू सुल्तान
- (b)हैदराबाद के निज़ाम
- (c)मराठा पेशवा
- (d)आरकाट के नवाब
उत्तर(a) हैदर अली व टीपू सुल्तान — मैसूर के पिता-पुत्र शासक।