निम्नलिखित में से किस भारतीय ने श्री अत्सुशी मिमुरा के साथ, सितम्बर, 2024 में टोक्यो में आयोजित दूसरे भारत–जापान वित्त संवाद में सह–अध्यक्षता करी ?
- (1)तुहीनकांत पाण्डे
- (2)दम्मु रवि
- (3)अजय सेठ
- (4)विक्रम मिसरी
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (3), अजय सेठ.
PIB पर वित्त मंत्रालय की 9 सितम्बर 2024 की विज्ञप्ति दर्ज करती है कि जापान के अंतरराष्ट्रीय मामलों के वित्त उप मंत्री श्री अत्सुशी मिमुरा और आर्थिक कार्य विभाग (DEA) के सचिव श्री अजय सेठ ने 6 सितम्बर 2024 को टोक्यो में दूसरा भारत-जापान वित्त संवाद आयोजित किया।
भारत की ओर से वित्त मंत्रालय, भारतीय रिज़र्व बैंक, SEBI, PFRDA, IRDAI और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण के प्रतिनिधि शामिल थे। जापान की ओर से उसका वित्त मंत्रालय और वित्तीय सेवा एजेंसी शामिल थे।
दोनों पक्ष संवाद का अगला दौर नई दिल्ली में आयोजित करने की संभावना तलाशने पर सहमत हुए।
याद रखने की बात: दूसरा भारत-जापान वित्त संवाद, टोक्यो, 6 सितम्बर 2024: DEA सचिव अजय सेठ और उप मंत्री अत्सुशी मिमुरा।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)तुहीनकांत पाण्डे — तुहीनकांत पाण्डे वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ सचिव थे, पर भारत के सह-अध्यक्ष नहीं। सितम्बर 2024 में उनके पास 24 अक्टूबर 2019 से निवेश और सार्वजनिक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) और 1 अगस्त 2024 से लोक उद्यम विभाग का प्रभार था।
9 जनवरी 2025 को उन्होंने राजस्व सचिव का कार्यभार संभाला, और नामित वित्त सचिव बने रहे।
- (2)दम्मु रवि — दम्मु रवि 2024 में विदेश मंत्रालय में सचिव (आर्थिक संबंध) थे।
भारत-जापान वित्त संवाद वित्त मंत्रालय का मंच है। PIB की विज्ञप्ति सह-अध्यक्षता में भारत की ओर से आर्थिक कार्य विभाग के सचिव अजय सेठ का नाम देती है।
- (4)विक्रम मिसरी — विक्रम मिसरी ने 15 जुलाई 2024 को भारत के विदेश सचिव का कार्यभार संभाला, जो विदेश मंत्रालय की प्रशासनिक व्यवस्था के प्रमुख होते हैं।
6 सितम्बर 2024 की टोक्यो बैठक वित्त संवाद थी, विदेश कार्यालय स्तर का परामर्श नहीं। वहाँ भारत के सह-अध्यक्ष DEA सचिव अजय सेठ थे।
अवधारणा
अपने दूसरे दौर में भारत-जापान वित्त संवाद ने दोनों देशों के वित्त मंत्रालयों को वित्तीय नियामकों के साथ एक मंच पर लाया। PIB टोक्यो दौर को विचारों के आदान-प्रदान के रूप में बताता है, जो चर्चा जारी रखने की सहमति के साथ समाप्त हुआ।
PIB के अनुसार टोक्यो दौर में दोनों पक्षों ने दोनों देशों की समष्टि-आर्थिक स्थिति, तीसरे देशों में सहयोग, द्विपक्षीय सहयोग और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने वित्तीय क्षेत्र के विनियमन और पर्यवेक्षण, तथा वित्तीय डिजिटलीकरण पर भी चर्चा की।
जापान के वित्तीय सेवा उद्योग के प्रतिनिधि वित्तीय नियामक मुद्दों पर एक सत्र में शामिल हुए, जिसका उद्देश्य भारत में निवेश का और विस्तार करना था।
RPSC के 2024 के पाठ्यक्रम में "समसामयिक घटनाएं" के अंतर्गत "वर्तमान में चर्चित व्यक्ति, स्थान एवं संस्थाए" सूचीबद्ध है। द्विपक्षीय वार्ताओं में भारत की ओर से नेतृत्व करने वाले वरिष्ठ लोक सेवक इसी पंक्ति में आते हैं।
भारत का वित्त मंत्रालय कई विभागों के माध्यम से काम करता है, जिनमें से हर एक का अपना सचिव होता है। 2024 में अजय सेठ के नेतृत्व वाला आर्थिक कार्य विभाग आर्थिक नीति और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग का काम देखता है।
बाकी तीन नाम लगभग उसी समय दूसरे पदों पर थे: तुहीनकांत पाण्डे DIPAM और लोक उद्यम विभाग में, दम्मु रवि विदेश मंत्रालय में सचिव (आर्थिक संबंध), और विक्रम मिसरी विदेश सचिव।
भारत के प्रतिनिधिमंडल में भारतीय रिज़र्व बैंक और प्रतिभूतियों (SEBI), पेंशन (PFRDA), बीमा (IRDAI) तथा अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्रों (IFSCA) के नियामक एक साथ थे।
मुख्य तथ्य
- दूसरा भारत-जापान वित्त संवाद 6 सितम्बर 2024 को टोक्यो में हुआ।
- सह-अध्यक्ष: भारत के आर्थिक कार्य विभाग के सचिव अजय सेठ, और जापान के अंतरराष्ट्रीय मामलों के वित्त उप मंत्री अत्सुशी मिमुरा।
- भारत के प्रतिनिधिमंडल में वित्त मंत्रालय, RBI, SEBI, PFRDA, IRDAI और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण शामिल थे।
- दोनों पक्ष संवाद का अगला दौर नई दिल्ली में आयोजित करने की संभावना तलाशने पर सहमत हुए।
- तुहीनकांत पाण्डे ने 9 जनवरी 2025 को राजस्व सचिव का कार्यभार संभाला, और नामित वित्त सचिव बने रहे।
जापान के सह-अध्यक्ष अंतरराष्ट्रीय मामलों के वित्त उप मंत्री अत्सुशी मिमुरा थे।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ सचिव होने और बैठक के वित्त संवाद होने के कारण तुहीनकांत पाण्डे को चुन लेना। भारत के सह-अध्यक्ष आर्थिक कार्य विभाग के सचिव अजय सेठ थे।
- बैठक किसी विदेशी सरकार के साथ होने के कारण विदेश मंत्रालय के अधिकारी को चुन लेना। दम्मु रवि और विक्रम मिसरी विदेश मंत्रालय के अधिकारी थे; यह वित्त मंत्रालय का मंच था।
- स्थानों को मिला देना। दूसरा संवाद टोक्यो में हुआ; नई दिल्ली केवल अगले दौर के लिए प्रस्तावित था।
कोई प्रश्न किसी द्विपक्षीय संवाद का नाम देकर पूछ सकता है कि भारत की ओर से उसकी सह-अध्यक्षता किसने की, या वह कहाँ हुआ। कोई प्रश्न यह भी पूछ सकता है कि प्रतिनिधिमंडल में कौन-से भारतीय नियामक शामिल हुए, या भारतीय सह-अध्यक्ष किस विभाग के प्रमुख थे।
संबंधित PYQ
UnlockIAS ने इस प्रश्न की तुलना अन्य RAS प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न-पत्रों के प्रश्नों से की; कोई भी जोड़ने लायक मिलता-जुलता प्रश्न नहीं मिला।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
सितम्बर 2024 में दूसरा भारत-जापान वित्त संवाद कहाँ आयोजित हुआ?
- (a)नई दिल्ली
- (b)ओसाका
- (c)टोक्यो
- (d)मुम्बई
उत्तर(3) — PIB दर्ज करता है कि दूसरा संवाद 6 सितम्बर 2024 को टोक्यो में हुआ। विकल्प (1) वह स्थान है जहाँ अगला दौर आयोजित करने की संभावना तलाशने पर दोनों पक्ष सहमत हुए; विकल्प (2) और (4) आयोजन स्थल नहीं थे। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
सितम्बर 2024 में दूसरे भारत-जापान वित्त संवाद की सह-अध्यक्षता करने वाले अत्सुशी मिमुरा किस पद पर थे?
- (a)बैंक ऑफ जापान के गवर्नर
- (b)जापान के अंतरराष्ट्रीय मामलों के वित्त उप मंत्री
- (c)जापान की वित्तीय सेवा एजेंसी के आयुक्त
- (d)भारत में जापान के राजदूत
उत्तर(2) — PIB श्री अत्सुशी मिमुरा को जापान के अंतरराष्ट्रीय मामलों के वित्त उप मंत्री बताता है। विकल्प (1) 2024 में काज़ुओ उएदा का पद था; विकल्प (3) और (4) वह पद नहीं हैं जो PIB मिमुरा के लिए देता है।