राजीव गांधी जैव–प्रौद्योगिकी केन्द्र कहाँ स्थित है ?
- (1)तिरूवनंतपुरम
- (2)फरीदाबाद
- (3)जोधपुर
- (4)नई दिल्ली
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (1), तिरूवनंतपुरम.
राजीव गांधी जैव–प्रौद्योगिकी केन्द्र (RGCB) केरल की राजधानी तिरूवनंतपुरम में स्थित है। उसका परिचय-पत्र (प्रोफ़ाइल) मुख्य परिसर को शहर के जगती में बताता है।
यह केंद्र केरल की एक संस्था से विकसित हुआ। इसकी शुरुआत 3 जुलाई 1990 को एक पंजीकृत धर्मार्थ सोसाइटी, सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एजुकेशन, साइंस एंड टेक्नोलॉजी (C-DEST) के रूप में हुई, जिसका नाम 1991 में RGC-DEST हुआ।
RGCB का परिचय-पत्र केरल सरकार के, इसे जैव प्रौद्योगिकी केंद्र में पुनर्गठित करने के निर्णय की तिथि 18 अप्रैल 1994 बताता है; उसकी समय-रेखा RGCB नाम की स्वीकृति की तिथि 21 मार्च 1997 बताती है।
इसके बाद यह एक राष्ट्रीय संस्थान बना। 28 फरवरी 2006 के केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री ने इसे स्वायत्त राष्ट्रीय संस्थान का दर्जा देने की घोषणा की, और 2 अगस्त 2007 को केंद्रीय मंत्रिपरिषद ने 1 अप्रैल 2007 से RGCB के अधिग्रहण को स्वीकृति दी।
इसलिए यह केंद्र तिरूवनंतपुरम में स्थित है।
याद रखने योग्य बात: RGCB तिरूवनंतपुरम, केरल में है: राज्य द्वारा स्थापित केंद्र, जो 2007 में राष्ट्रीय संस्थान बना।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (2)फरीदाबाद — हरियाणा के फरीदाबाद में एक अलग जैव प्रौद्योगिकी संस्था है: क्षेत्रीय जैव प्रौद्योगिकी केंद्र (RCB)। RCB की वेबसाइट इसे राष्ट्रीय महत्व का संस्थान और UNESCO श्रेणी II केंद्र बताती है।
फरीदाबाद में NCR बायोटेक साइंस क्लस्टर भी है, जहाँ ट्रांसलेशनल हेल्थ साइंस एंड टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट (THSTI) काम करता है। RGCB वहाँ नहीं है; वह केरल में है।
- (3)जोधपुर — राजस्थान के जोधपुर में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के संस्थान हैं, जैसे ICAR-केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (CAZRI) और ICAR-ATARI ज़ोन II।
ICAR, CAZRI को अपने प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन प्रभाग में और ATARI को कृषि प्रसार में सूचीबद्ध करता है। राजीव गांधी जैव–प्रौद्योगिकी केन्द्र तिरूवनंतपुरम, केरल की एक अलग संस्था है।
- (4)नई दिल्ली — नई दिल्ली में अरुणा आसफ अली मार्ग पर राष्ट्रीय प्रतिरक्षा विज्ञान संस्थान (NII) है, जो स्वयं को विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग का स्वायत्त संस्थान बताता है।
NII 24 जून 1981 को स्वायत्त सोसाइटी के रूप में पंजीकृत हुआ। राजीव गांधी के नाम वाला जैव प्रौद्योगिकी केंद्र राजधानी में नहीं, तिरूवनंतपुरम में है।
अवधारणा
भारत का जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान अनेक शहरों में फैले संस्थानों के माध्यम से चलता है, जिनमें से प्रत्येक का अपना केंद्र-बिंदु है। किसी संस्थान की पहचान उसके स्थान, उसके अनुसंधान के केंद्र-बिंदु और उसे चलाने वाली संस्था से की जा सकती है।
RGCB के परिचय-पत्र के अनुसार उसके अनुसंधान कार्यक्रम रोग जीवविज्ञान (Disease Biology) के केंद्रीय विषय के इर्द-गिर्द संगठित हैं, जिसमें मानव, पशु और पादप रोग शामिल हैं।
जगती स्थित उसका मुख्य परिसर रोगों की कोशिकीय और आणविक क्रियाविधियों पर केंद्रित है। उसके द्वारा गिनाए गए क्षेत्रों में कैंसर, हृदय रोग, क्षयरोग, विषाणु संक्रमण, हैजा, तंत्रिका संबंधी विकार, प्रजनन संबंधी समस्याएँ और पौधों के कवक रोग शामिल हैं।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी" के अंतर्गत "नैनो–प्रौद्योगिकी, जैव–प्रौद्योगिकी एवं अनुवंशिक–अभियांत्रिकी" शामिल है। अनुसंधान संस्थान और उनके स्थान इस पंक्ति का संस्थागत पक्ष हैं।
RGCB का इतिहास दिखाता है कि कोई राज्य संस्था राष्ट्रीय संस्था कैसे बन सकती है। केरल सरकार के अधीन इसके विकसित होने के बाद केंद्र सरकार ने फरवरी 2006 में स्वायत्त राष्ट्रीय संस्थान के दर्जे की घोषणा की और 1 अप्रैल 2007 से इसका अधिग्रहण किया।
उसके परिचय-पत्र में दो पहले के पड़ाव भी दिनांकित हैं। नए भवन की आधारशिला 18 नवंबर 1995 को प्रधानमंत्री पी. वी. नरसिम्हा राव ने रखी, और 18 नवंबर 2002 को राष्ट्रपति ए. पी. जे. अब्दुल कलाम ने केंद्र को राष्ट्र को समर्पित किया।
मुख्य तथ्य
- राजीव गांधी जैव–प्रौद्योगिकी केन्द्र तिरूवनंतपुरम, केरल में है; इसका मुख्य परिसर जगती में है।
- RGCB की शुरुआत 3 जुलाई 1990 को एक पंजीकृत सोसाइटी, सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एजुकेशन, साइंस एंड टेक्नोलॉजी (C-DEST), के रूप में हुई।
- RGCB का परिचय-पत्र संस्थान को जैव प्रौद्योगिकी केंद्र में पुनर्गठित करने के केरल के निर्णय की तिथि 18 अप्रैल 1994 बताता है; RGCB नाम 21 मार्च 1997 को स्वीकृत हुआ।
- 2 अगस्त 2007 को केंद्रीय मंत्रिपरिषद ने 1 अप्रैल 2007 से प्रभावी RGCB के अधिग्रहण को स्वीकृति दी।
- जैव प्रौद्योगिकी विभाग का स्वायत्त संस्थान, राष्ट्रीय प्रतिरक्षा विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली, 24 जून 1981 को पंजीकृत हुआ।
स्रोत: RGCB का परिचय-पत्र; RCB, NII और ICAR की वेबसाइटें।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- किसी राष्ट्रीय नेता के नाम वाला केंद्र राष्ट्रीय राजधानी में ही हो, यह आवश्यक नहीं। राजीव गांधी जैव–प्रौद्योगिकी केन्द्र तिरूवनंतपुरम में है, जबकि नई दिल्ली में राष्ट्रीय प्रतिरक्षा विज्ञान संस्थान है।
- फरीदाबाद में भी एक जैव प्रौद्योगिकी केंद्र है, क्षेत्रीय जैव प्रौद्योगिकी केंद्र, इसलिए केवल जैव प्रौद्योगिकी का संबंध शहर की पहचान नहीं कराता।
- RGCB केरल की संस्था के रूप में शुरू हुआ और 1 अप्रैल 2007 से अधिग्रहण के साथ ही राष्ट्रीय संस्थान बना; दोनों चरणों को अलग रखें।
कोई प्रश्न किसी अनुसंधान संस्थान का नाम देकर पूछ सकता है कि वह कहाँ स्थित है, जैसा यह प्रश्न करता है, या कोई शहर देकर पूछ सकता है कि वहाँ कौन सा संस्थान स्थित है।
कोई प्रश्न यह भी पूछ सकता है कि कोई संस्थान राष्ट्रीय संस्थान कब बना, या वह किस सरकारी विभाग के अधीन काम करता है।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2021 और 2016 के मिलते-जुलते प्रश्न, उन प्रश्न-पत्रों के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
UNESCO श्रेणी II केंद्र, क्षेत्रीय जैव प्रौद्योगिकी केंद्र, कहाँ स्थित है ?
- (a)हैदराबाद
- (b)फरीदाबाद
- (c)तिरूवनंतपुरम
- (d)पुणे
उत्तर(2) — क्षेत्रीय जैव प्रौद्योगिकी केंद्र फरीदाबाद, हरियाणा में है। विकल्प (3), तिरूवनंतपुरम, एक अलग संस्थान, राजीव गांधी जैव–प्रौद्योगिकी केन्द्र, का स्थान है, और विकल्प (1) और (4) RCB के स्थान नहीं हैं। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
जैव प्रौद्योगिकी विभाग का स्वायत्त संस्थान, राष्ट्रीय प्रतिरक्षा विज्ञान संस्थान, कहाँ स्थित है ?
- (a)नई दिल्ली
- (b)तिरूवनंतपुरम
- (c)फरीदाबाद
- (d)जोधपुर
उत्तर(1) — NII अरुणा आसफ अली मार्ग, नई दिल्ली पर है। तिरूवनंतपुरम में राजीव गांधी जैव–प्रौद्योगिकी केन्द्र, फरीदाबाद में क्षेत्रीय जैव प्रौद्योगिकी केंद्र, और जोधपुर में ICAR-केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान है, इसलिए विकल्प (2), (3) और (4) गलत हैं।