श्रीहरीकोटा से अप्रैल 23 में उपग्रह टेलिओस-2 (TeLEOS-2) तथा ल्युमलाइट-4 (Lumelite-4) को प्रमोचित जिस लॉन्चर से किया गया, वह है :
- (1)SSLV – D2 (एस.एस.एल.वी.–डी 2)
- (2)LVM3 – M4 (एल.वी.एम.3–एम 4)
- (3)PSLV – C55 (पी.एस.एल.वी.–सी 55)
- (4)GSLV – F12 (जी.एस.एल.वी.–एफ 12)
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (3), PSLV – C55 (पी.एस.एल.वी.–सी 55).
ISRO के मिशन पृष्ठ के अनुसार PSLV-C55/TeLEOS-2 को 22 अप्रैल 2023 को 14:19 बजे (IST) SDSC-SHAR, श्रीहरीकोटा से सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया गया। प्रश्न का "अप्रैल 23" अप्रैल 2023 के रूप में पढ़ा जाता है।
यह न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) के माध्यम से एक समर्पित वाणिज्यिक मिशन था। लगभग 741 kg का टेलिओस-2 (TeLEOS-2) प्राथमिक उपग्रह था और लगभग 16 kg का ल्युमलाइट-4 (Lumelite-4) सह-यात्री उपग्रह; ISRO के अनुसार दोनों सिंगापुर के हैं। इसलिए प्रक्षेपण यान PSLV – C55 है।
ISRO की मिशन पुस्तिका इसे PSLV की 57वीं उड़ान और PSLV कोर अलोन (PSLV-CA) विन्यास वाली 16वीं उड़ान बताती है।
याद रखने योग्य बात: 22 अप्रैल 2023 को PSLV-C55 ने NSIL के वाणिज्यिक मिशन में सिंगापुर के टेलिओस-2 और ल्युमलाइट-4 को प्रक्षेपित किया।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)SSLV – D2 (एस.एस.एल.वी.–डी 2) — SSLV-D2, लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान की दूसरी विकासात्मक उड़ान, 10 फरवरी 2023 को श्रीहरीकोटा से उड़ी।
ISRO के अनुसार इसे EOS-07, Janus-1 और आज़ादीसैट-2 को 450 km की वृत्ताकार कक्षा में स्थापित करना था, और मिशन सफल रहा। Janus-1 अमेरिका की ANTARIS का है; आज़ादीसैट-2 स्पेस किड्ज़ इंडिया के मार्गदर्शन में लगभग 750 छात्राओं ने बनाया।
- (2)LVM3 – M4 (एल.वी.एम.3–एम 4) — ISRO की LVM3 प्रक्षेपणों की सूची के अनुसार LVM3 M4 ने 14 जुलाई 2023 को चंद्रयान-3 चंद्र मिशन प्रक्षेपित किया।
उससे पहले की उड़ान, 26 मार्च 2023 की LVM3 M3, वनवेब (OneWeb) उपग्रह ले गई। इनमें से किसी ने टेलिओस-2 या ल्युमलाइट-4 नहीं ढोए।
- (4)GSLV – F12 (जी.एस.एल.वी.–एफ 12) — GSLV-F12 ने 29 मई 2023 को श्रीहरीकोटा के द्वितीय प्रमोचन मंच से उड़कर लगभग 2,232 kg के NVS-01 नौवहन उपग्रह को भूतुल्यकाली स्थानांतरण कक्षा में स्थापित किया।
ISRO, NVS-01 को नाविक (NavIC) सेवाओं के लिए दूसरी पीढ़ी के उपग्रहों में पहला बताता है।
अवधारणा
भारत के प्रक्षेपण यानों के नाम परिवार और उड़ान से बनते हैं। ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (PSLV), भूसमकालिक उपग्रह प्रक्षेपण यान (GSLV), LVM3 और लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान (SSLV) अपनी-अपनी उड़ानों को क्रमांक देते हैं; ISRO, SSLV-D2 को दूसरी विकासात्मक उड़ान कहता है।
PSLV-C55 में चार चरण थे, बारी-बारी से ठोस और द्रव: ठोस पहला चरण, द्रव दूसरा, ठोस तीसरा और द्रव चौथा। यह कोर अलोन विन्यास में उड़ा।
उपग्रहों के अलग होने के बाद खर्च हुआ चौथा चरण POEM-2 के रूप में कक्षा में रहा, जो सात न अलग होने वाले प्रायोगिक नीतभारों (पेलोड) का मंच था।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी" के अंतर्गत "रक्षा प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी एवं उपग्रह" और "समसामयिक घटनाएं" के अंतर्गत "राजस्थान, भारतीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय महत्व की प्रमुख समसामयिक घटनाएं एवं मुद्दे" शामिल हैं।
PSLV-C55 एक विदेशी ग्राहक के लिए वाणिज्यिक प्रक्षेपण था। सिंगापुर के DSTA और ST Engineering द्वारा विकसित टेलिओस-2 में संश्लेषी द्वारक रडार (SAR) है, जो हर मौसम में, दिन-रात, 1 m पूर्ण-ध्रुवणमितीय विभेदन पर चित्र ले सकता है।
ISRO की PSLV प्रक्षेपणों की सूची में इससे पहले का TeLEOS-1 मिशन PSLV-C29 पर है, जो 16 दिसम्बर 2015 को प्रक्षेपित हुआ।
मुख्य तथ्य
- PSLV-C55 ने 22 अप्रैल 2023 को 14:19 IST पर SDSC-SHAR, श्रीहरीकोटा से टेलिओस-2 और ल्युमलाइट-4 को प्रक्षेपित किया।
- दोनों उपग्रह सिंगापुर के हैं: टेलिओस-2 लगभग 741 kg (प्राथमिक), ल्युमलाइट-4 लगभग 16 kg (सह-यात्री); NSIL के माध्यम से समर्पित वाणिज्यिक मिशन।
- ल्युमलाइट-4 समुद्री ई-नेविगेशन के लिए VHF डेटा विनिमय प्रणाली का प्रदर्शन करने वाला 12U उपग्रह है, जिसे A*STAR के I2R और नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ़ सिंगापुर के STAR केंद्र ने बनाया।
- ISRO की मिशन पुस्तिका PSLV-C55 को PSLV की 57वीं उड़ान और PSLV-CA (कोर अलोन) विन्यास की 16वीं उड़ान बताती है।
- खर्च हुए PS4 चरण ने POEM-2 के रूप में सात न अलग होने वाले प्रायोगिक नीतभार ढोए।
ISRO की PSLV, GSLV, LVM3 और SSLV प्रक्षेपण सूचियों और मिशन पृष्ठों से संकलित।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- एक ही वर्ष, चार यान: SSLV-D2, LVM3 M4, PSLV-C55 और GSLV-F12 सभी 2023 में उड़े, इसलिए प्रक्षेपण यान की पहचान वर्ष से नहीं, नीतभार से होती है।
- प्राथमिक और सह-यात्री: टेलिओस-2 (रडार इमेजिंग) प्राथमिक उपग्रह था और ल्युमलाइट-4 (12U संचार प्रदर्शक) सह-यात्री।
- TeLEOS-1 और TeLEOS-2: पहला दिसम्बर 2015 में PSLV-C29 पर उड़ा, दूसरा अप्रैल 2023 में PSLV-C55 पर।
कोई प्रश्न उपग्रहों के नाम देकर पूछ सकता है कि उन्हें किस प्रक्षेपण यान ने ले जाया, या किसी प्रक्षेपण का नाम देकर उसकी तिथि या नीतभार पूछ सकता है।
कोई प्रश्न यह भी पूछ सकता है कि कोई वाणिज्यिक नीतभार किस देश का था, या किसी PSLV मिशन का विन्यास और उड़ान क्रमांक क्या था।
संबंधित PYQ
RAS प्री 2018 और 2016 के मिलते-जुलते प्रश्न, उन प्रश्न-पत्रों के इस साइट पर प्रकाशित होने पर UnlockIAS यहाँ जोड़ेगा।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
29 मई 2023 को नौवहन उपग्रह NVS-01 को भूतुल्यकाली स्थानांतरण कक्षा में ISRO के किस प्रक्षेपण यान ने स्थापित किया ?
- (a)PSLV-C55
- (b)GSLV-F12
- (c)LVM3 M4
- (d)SSLV-D2
उत्तर(2) — ISRO का GSLV-F12/NVS-01 मिशन 29 मई 2023 को उड़ा। विकल्प (1) टेलिओस-2 और ल्युमलाइट-4 ले गया, विकल्प (3) चंद्रयान-3, और विकल्प (4) EOS-07, Janus-1 और आज़ादीसैट-2। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
अप्रैल 2023 में PSLV-C55 द्वारा प्रक्षेपित उपग्रह टेलिओस-2 और ल्युमलाइट-4 किस देश के हैं ?
- (a)सिंगापुर
- (b)इंडोनेशिया
- (c)संयुक्त अरब अमीरात
- (d)संयुक्त राज्य अमेरिका
उत्तर(1) — ISRO के अनुसार दोनों उपग्रह सिंगापुर के हैं। विकल्प (4) Janus-1 से भ्रम पैदा कर सकता है, जो अमेरिका की ANTARIS का है और फरवरी 2023 में SSLV-D2 पर उड़ा। विकल्प (2) और (3) इनमें से किसी उपग्रह के स्वामी नहीं हैं।