राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण ने राजस्थान में पाँचवें बाघ अभयारण्य का दर्जा, निम्न में से किस अभयारण्य को प्रदान किया है ?
- (1)सोरसन–बैनार्न अभयारण्य
- (2)हमीरगढ़–भीलवाड़ा अभयारण्य
- (3)धौलपुर–करौली अभयारण्य
- (4)नागपहाड़–अजमेर अभयारण्य
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — विकल्प (3), धौलपुर–करौली अभयारण्य.
प्रश्न का हिन्दी पाठ पाँचवें "बाघ अभयारण्य" का दर्जा पूछता है और चारों विकल्पों के साथ "अभयारण्य" छापता है, जबकि प्रश्नपत्र का अंग्रेज़ी पाठ "tiger reserve" और "reserve" छापता है। दोनों पाठ एक ही प्रश्न के हैं, इसलिए यह कार्ड यहाँ "अभयारण्य" को टाइगर रिज़र्व के अर्थ में पढ़ता है, धारा 18 के अंतर्गत घोषित वन्यजीव अभयारण्य के अर्थ में नहीं।
राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) की टाइगर रिज़र्व सूची, सितम्बर 2026 में अद्यतन रूप में, राजस्थान में पाँच रिज़र्व दिखाती है। चार की तिथियाँ पहले की हैं: रणथम्भौर, सरिस्का, मुकुंदरा (2013) और रामगढ़ विषधारी (2022)। पाँचवाँ धौलपुर–करौली है, जिसका टाइगर रिज़र्व अधिसूचना वर्ष 2023 है।
राजस्थान वन विभाग की क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट अधिसूचना, जिस पर 6 अक्टूबर 2023 (परीक्षा के बाद) को डिजिटल हस्ताक्षर हुए, NTCA की सिफ़ारिश का उल्लेख करती है। उसमें कहा गया है कि यह क्षेत्र भविष्य में धौलपुर–करौली टाइगर रिज़र्व के क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट के रूप में जाना जाएगा।
वह अधिसूचना वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 38V का प्रयोग करती है और तीन हिस्सों को जोड़ती है: पूरा धौलपुर वन्यजीव अभयारण्य, राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य का एक भाग, और कैलादेवी वन्यजीव अभयारण्य के उस क्षेत्र का एक भाग जो रणथम्भौर टाइगर रिज़र्व में नहीं है।
याद रखने की बात: राजस्थान का पाँचवाँ टाइगर रिज़र्व धौलपुर–करौली है; इसका कोर धौलपुर अभयारण्य को चंबल घड़ियाल और कैलादेवी अभयारण्यों के भागों से जोड़ता है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (1)सोरसन–बैनार्न अभयारण्य — बारां ज़िले का सोरसन कन्ज़र्वेशन रिज़र्व के रूप में संरक्षित है: राजस्थान वन विभाग सोरसन I, II और III सूचीबद्ध करता है, और हर एक 26 अप्रैल 2023 को अधिसूचित हुआ।
कन्ज़र्वेशन रिज़र्व राज्य वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 36A के अंतर्गत घोषित करता है। सोरसन NTCA की टाइगर रिज़र्व सूची में नहीं है।
- (2)हमीरगढ़–भीलवाड़ा अभयारण्य — हमीरगढ़ भीलवाड़ा ज़िले का एक कन्ज़र्वेशन रिज़र्व है; वन विभाग का क्षेत्रफल विवरण इसके 566.15 हेक्टेयर आरक्षित वन वहीं रखता है।
यह वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 36A के अंतर्गत संरक्षित है, टाइगर रिज़र्व के रूप में अधिसूचित नहीं, और NTCA की सूची में नहीं है।
- (4)नागपहाड़–अजमेर अभयारण्य — 2026 में अद्यतन NTCA की सूची राजस्थान में पाँच टाइगर रिज़र्व बताती है: धौलपुर–करौली, मुकुंदरा, रामगढ़ विषधारी, रणथम्भौर और सरिस्का। नागपहाड़ इनमें नहीं है।
पाँचवाँ रिज़र्व राज्य के पूर्व में, धौलपुर और करौली ज़िलों में, चंबल के किनारे है।
अवधारणा
टाइगर रिज़र्व राज्य सरकार राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) की सिफ़ारिश पर अधिसूचित करती है। NTCA वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के अंतर्गत, उसके 2006 के संशोधन से स्थापित वैधानिक निकाय है।
रिज़र्व में एक कोर होता है, यानी क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट, जो बाघ संरक्षण के लिए रखा जाता है, और सामान्यतः उसके चारों ओर एक बफ़र।
अन्य संरक्षित क्षेत्रों की विधिक स्थिति अलग है: उसी अधिनियम की धारा 18 के अंतर्गत अभयारण्य, धारा 35 के अंतर्गत राष्ट्रीय उद्यान और धारा 36A के अंतर्गत कन्ज़र्वेशन रिज़र्व घोषित होते हैं।
RPSC के प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम में "राजस्थान का भूगोल" के अंतर्गत "जैव–विविधता एवं इनका संरक्षण", और "समसामयिक घटनाएं" के अंतर्गत "राजस्थान, भारतीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय महत्व की प्रमुख समसामयिक घटनाएं एवं मुद्दे" सूचीबद्ध हैं।
प्रोजेक्ट टाइगर 1973 में नौ रिज़र्वों के साथ शुरू हुआ, जिनमें रणथम्भौर भी था। वैश्विक बाघ दिवस, 29 जुलाई 2023, पर PIB ने नेटवर्क में 75,796 वर्ग किमी में फैले 53 टाइगर रिज़र्व और बाघों की औसत अनुमानित संख्या 3,682 बताई।
धौलपुर–करौली का कोर 59,964.06 हेक्टेयर, यानी लगभग 599.64 वर्ग किमी, है, जो NTCA की सूची में दिए गए कोर क्षेत्र से मेल खाता है।
मुख्य तथ्य
- NTCA की सूची (सितम्बर 2026 में अद्यतन) राजस्थान में पाँच टाइगर रिज़र्व दिखाती है: रणथम्भौर, सरिस्का, मुकुंदरा, रामगढ़ विषधारी (2022) और धौलपुर–करौली (2023)।
- धौलपुर–करौली का क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट 59,964.06 हेक्टेयर है: धौलपुर अभयारण्य (20,426.11 हेक्टेयर), चंबल घड़ियाल अभयारण्य (11,310 हेक्टेयर) और कैलादेवी अभयारण्य का एक भाग (28,227.95 हेक्टेयर)।
- धौलपुर वन्यजीव अभयारण्य राजस्थान वन विभाग की 28 सितम्बर 2023 की अधिसूचना से अधिसूचित हुआ।
- सोरसन (बारां) और हमीरगढ़ (भीलवाड़ा) धारा 36A के अंतर्गत कन्ज़र्वेशन रिज़र्व हैं, टाइगर रिज़र्व नहीं।
- PIB, 29 जुलाई 2023: भारत में 75,796 वर्ग किमी में फैले 53 टाइगर रिज़र्व; बाघों की औसत अनुमानित संख्या 3,682।
वर्ष NTCA की सूची (सितम्बर 2026 में अद्यतन) से: पहले दो के लिए उसका संरक्षित-क्षेत्र अधिसूचना वर्ष और बाकी के लिए उसका टाइगर रिज़र्व अधिसूचना वर्ष।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- कन्ज़र्वेशन रिज़र्व को टाइगर रिज़र्व मान लेना। सोरसन और हमीरगढ़ राज्य द्वारा धारा 36A के अंतर्गत घोषित कन्ज़र्वेशन रिज़र्व हैं; टाइगर रिज़र्व NTCA की सिफ़ारिश पर अधिसूचित होता है।
- धौलपुर–करौली को राजस्थान का चौथा गिनना। रामगढ़ विषधारी 2022 में, इससे पहले, टाइगर रिज़र्व बना।
- यह मान लेना कि पूरा कैलादेवी अभयारण्य नए रिज़र्व में चला गया। रणथम्भौर टाइगर रिज़र्व से बाहर के इसके क्षेत्र का केवल एक भाग, 28,227.95 हेक्टेयर, धौलपुर–करौली के कोर का हिस्सा है।
कोई प्रश्न पूछ सकता है कि कौन-सा क्षेत्र किसी राज्य का सबसे नया टाइगर रिज़र्व बना, या किसी राज्य के टाइगर रिज़र्व उनके बनने के क्रम में पूछ सकता है।
कोई प्रश्न संरक्षित क्षेत्रों को उनके ज़िलों से भी सुमेलित करा सकता है, या पूछ सकता है कि वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम की कौन-सी धारा टाइगर रिज़र्व से संबंधित है।
संबंधित PYQ
कौन सा सुमेलित नहीं है ? संरक्षित क्षेत्र (मई 2023 के अनुसार) – जिला
- (1) रनखार – जालौर
- (2) मनसामाता – झुन्झुनूं
- (3) सोरसन – बूँदी
- (4) हमीरगढ़ – भीलवाड़ा
उत्तर(3)
राजस्थान के संरक्षित क्षेत्रों का वही नेटवर्क, पर एक अलग श्रेणी। वह प्रश्न पूछता है कि कौन सा संरक्षित क्षेत्र (मई 2023 के अनुसार) अपने जिले से सुमेलित नहीं है (RPSC की कुंजी: सोरसन – बूँदी, क्योंकि सोरसन बारां में है); यह प्रश्न पूछता है कि कौन-सा क्षेत्र राजस्थान का पाँचवाँ टाइगर रिज़र्व बना, और सोरसन तथा हमीरगढ़ इसके गलत विकल्पों में हैं।
गुरु घासीदास–तमोर पिंगला टाइगर रिज़र्व के लिए सही कथन चुनिए ।
- (1) यह मध्यप्रदेश में स्थित है ।
- (2) नवम्बर 2024 में इसे भारत का 54वाँ टाइगर रिज़र्व अधिसूचित किया गया है ।
- (3) यह 1829 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है ।
- (4) यह देश का तीसरा सबसे बड़ा टाइगर रिज़र्व बना है ।
उत्तर(4)
वही विषय, एक नया बना टाइगर रिज़र्व। वह प्रश्न गुरु घासीदास–तमोर पिंगला टाइगर रिज़र्व के लिए सही कथन पूछता है (RPSC की कुंजी: यह देश का तीसरा सबसे बड़ा टाइगर रिज़र्व बना है); यह प्रश्न राजस्थान के पाँचवें टाइगर रिज़र्व का स्थान पूछता है।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण की सिफ़ारिश पर राज्य सरकार किसी क्षेत्र को वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की किस धारा के अंतर्गत टाइगर रिज़र्व अधिसूचित करती है?
- (a)धारा 36A
- (b)धारा 38V
- (c)धारा 18
- (d)धारा 35
उत्तर(2) — धारा 38V टाइगर रिज़र्व से संबंधित है। विकल्प (1) कन्ज़र्वेशन रिज़र्व के लिए, विकल्प (3) अभयारण्यों के लिए और विकल्प (4) राष्ट्रीय उद्यानों के लिए है। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
निम्नलिखित में से कौन-सा वन्यजीव अभयारण्य धौलपुर–करौली टाइगर रिज़र्व के क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट में क्षेत्र का योगदान देता है?
- (a)कुम्भलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य
- (b)कैलादेवी वन्यजीव अभयारण्य
- (c)ताल छापर वन्यजीव अभयारण्य
- (d)माउंट आबू वन्यजीव अभयारण्य
उत्तर(2) — क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट धौलपुर अभयारण्य, राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य के एक भाग और रणथम्भौर टाइगर रिज़र्व से बाहर के कैलादेवी अभयारण्य क्षेत्र के एक भाग को जोड़ता है। विकल्प (1), (3) और (4) अधिसूचना में नामित क्षेत्रों में नहीं हैं।