निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर लिखिए (किसी एक गद्यांश का चुनाव कीजिए) : 5 × 3 = 15
गद्यांश-1 :
“प्रत्येक राष्ट्र की अपनी सांस्कृतिक धरोहर होती है जिससे वह पल-पल पर समृद्ध होता रहता है। मानव शुभ-स्य से अपने जीवन को अधिक सुखद, उपयोगी, लाभकारी और आनन्दपूर्ण बनाने का प्रयत्न करता रहा है। इस प्रयत्न का आधार वह सांस्कृतिक धरोहर होती है जो प्रत्येक मानव को विरासत के रूप में मिलती है और इस प्रयत्न के फलस्वरूप मानव अपना विकास करता है। कुछ लोग सभ्यता और संस्कृति को एक ही मानते हैं, यह उनकी भूल है। ... किसी राष्ट्र की सभ्यता का मूल्यांकन हम उसकी संस्कृति के आधार पर कर सकते हैं।”
प्रश्न :
(i) उपर्युक्त गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक दीजिए।
(ii) राष्ट्र और संस्कृति में क्या अंतर है?
(iii) मानव अपना विकास कैसे कर पाता है?
(iv) संस्कृति क्या है?
(v) किसी राष्ट्र की सभ्यता का मूल्यांकन हम कैसे कर सकते हैं?
गद्यांश-2 :
“नौजवानों! इस उम्र तुम्हारी कोई मंजिल नहीं, क्योंकि अब तक तुम्हें मंजिल किसी ने दिखाई ही नहीं। ‘वह’ क्या! सभी कहते रहे। यह न किसी ने बताया न किसी ने पूछा। अब तुम्हें की आवश्यकता भी नहीं – अपनी मंजिल खुद बनाओ। ... अपने इन सपनों को एक कर लो, तब देखो तुम कितने महान हो, कितने विशाल!!”
प्रश्न :
(i) उपर्युक्त गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक दीजिए।
(ii) आज नौजवानों को कोई मंजिल क्यों नहीं दिखती है?
(iii) नौजवान किन-किन क्षेत्रों में भटकता है?
(iv) जीवन-संघर्ष का महत्व क्या है?
(v) देश का निर्माण हम कैसे कर सकते हैं?