‘लोकतक’ एक ........ है।
- (a)घाटी
- (b)झील
- (c)नदी
- (d)पर्वत श्रंखला
सही — B, झील। ‘लोकतक’ मणिपुर की लोकतक झील है, पूर्वोत्तर भारत की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील, जो लगभग 768.5 मीटर की ऊँचाई पर है और जिसके तट पर या पास इम्फाल तथा मोइरांग बसे हैं। इसे ‘स्पंदित’ (pulsating) झील कहा जाता है क्योंकि इसका सतही क्षेत्रफल ऋतुओं के साथ लगभग 250 वर्ग किमी और 500 वर्ग किमी के बीच झूलता रहता है, और सामान्यतः 287 वर्ग किमी के आसपास रहता है; यह लगभग 35 किमी लम्बी और 13 किमी चौड़ी है, औसतन केवल 2.7 मीटर गहरी और अधिकतम 4.6 मीटर, और यह 980 वर्ग किमी का जल-ग्रहण क्षेत्र समेटती है जिसे मणिपुर नदी तथा असंख्य छोटी धाराएँ भरती हैं। नाम स्वयं ही श्रेणी तय कर देता है : मैतै भाषा में ‘लोक’ का अर्थ है धारा और ‘तक’ का अर्थ है अंत — वह स्थान जहाँ धाराएँ समाप्त होती हैं। भारत ने 23 मार्च 1990 को इसे अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व की रामसर आर्द्रभूमि घोषित किया, स्थल संख्या 463, और 16 जून 1993 को इसे मॉन्ट्रो रिकॉर्ड में रखा गया — रामसर का वह रजिस्टर जिसमें पहले से सूचीबद्ध वे स्थल दर्ज होते हैं जिनका पारिस्थितिक स्वरूप बदल गया है या बदलने की सम्भावना है। इसकी विशिष्ट पहचान है फुमदी — वनस्पति, मिट्टी और कार्बनिक पदार्थ की तैरती हुई विषमांगी चटाई, जो इतनी ठोस होती है कि उस पर चला जा सके और मछुआरों की झोपड़ियाँ बनाई जा सकें। कैबुल लामजाओ राष्ट्रीय उद्यान लगभग 40 वर्ग किमी की एक फुमदी पर टिका है और वह पृथ्वी का एकमात्र तैरता हुआ राष्ट्रीय उद्यान है; वह संगाई या भ्रू-शृंगी हिरन, Rucervus eldii eldii — मणिपुर का राज्य पशु — का अंतिम प्राकृतिक आश्रय है, जो जंगल में और कहीं नहीं बचा। यह झील कोई कौतुक भर नहीं, राज्य की अर्थव्यवस्था का चलता हुआ हृदय है : यह जल-विद्युत उत्पादन, सिंचाई और पेयजल आपूर्ति के लिए पानी देती है, और फुमदियों पर तथा उनके आसपास रहने वाले ग्रामीण मछुआरा समुदायों की जीविका है।
- (a)घाटी — सबसे तीखा जाल, क्योंकि मणिपुर के मध्यवर्ती निचले भाग को सचमुच इम्फाल घाटी कहा जाता है और लोकतक उसी का अवशेष है। वह घाटी लगभग 1,864 वर्ग किमी का सरोवरी (lacustrine) मैदान है, औसतन 790 मीटर पर, जो एक प्राचीन झील के गाद से भर जाने से बना — लोकतक उसी झील में से जो बचा रह गया वही है। ‘घाटी’ बेसिन का नाम है, उसमें ठहरे पानी का नहीं।
- (c)नदी — मणिपुर की नदियाँ हैं मणिपुर (इम्फाल), इरिल, थौबाल और बराक, और लोकतक में आने वाला जल स्वयं मणिपुर नदी-तंत्र से आता है — इसलिए यह शब्द सचमुच नदी-सी संगत में बैठा है। पर लोकतक वह ठहरा हुआ जल है जिसे यह तंत्र भरता है, कोई प्रवाह-मार्ग नहीं; आज इसका निकास जल-विद्युत, सिंचाई तथा जलापूर्ति के लिए बने बैराज से होकर जाता है।
- (d)पर्वत श्रंखला — मणिपुर में वास्तविक और परीक्षा-योग्य पहाड़ी श्रेणियाँ हैं — बराइल, उत्तर में नागा पहाड़ियाँ, घाटी को घेरती मणिपुर की पहाड़ियाँ — और ‘लोकतक’ की ध्वनि तिब्बती-बर्मी स्थाननाम जैसी लगती है, इसीलिए यह विकल्प रखा गया है। इस नाम की कोई श्रेणी है ही नहीं। UPSC ने 2013 में इसका उलटा दाँव चला था, ‘लोकतक झील : बराइल श्रेणी’ का युग्म बनाकर, और उसे ग़लत माना था।
1971 में ईरान के रामसर में हस्ताक्षरित आर्द्रभूमि पर रामसर अभिसमय अपने पक्षकारों को आर्द्रभूमियों के विवेकपूर्ण उपयोग के लिए बाध्य करता है; कोई स्थल देश के अपने नामांकन पर, पारिस्थितिक, वानस्पतिक, प्राणिवैज्ञानिक, सरोवर-वैज्ञानिक या जल-वैज्ञानिक कसौटियों के आधार पर अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व की आर्द्रभूमियों की सूची में आता है। 13 सितम्बर 2025 की परीक्षा-तिथि तक भारत में 91 रामसर स्थल थे, जिनमें से तीन बिहार में — बेगूसराय की कबरताल आर्द्रभूमि (21 जुलाई 2020) तथा जमुई के नागी और नकटी पक्षी अभयारण्य (दोनों 11 अक्टूबर 2023)। बिहार की तीन और आर्द्रभूमियाँ उसी महीने बाद में सूचीबद्ध हुईं — 25 सितम्बर को उदयपुर झील और गोकुल जलाशय, तथा 27 सितम्बर को गोगाबील — इसलिए आज के कुल आँकड़े परीक्षा-तिथि से बँधे प्रश्न का उत्तर नहीं देते। मॉन्ट्रो रिकॉर्ड उसी ढाँचे के भीतर रखा गया एक अलग और अवांछित रजिस्टर है : यह उन पहले से सूचीबद्ध स्थलों को चिह्नित करता है जहाँ मानवीय हस्तक्षेप से पारिस्थितिक स्वरूप बदल चुका है, बदल रहा है, या बदलने की सम्भावना है। लोकतक का 1993 में उस पर आना ही इस झील की पूरी कहानी है। लोकतक जल-विद्युत परियोजना का इथाई बैराज पानी को कृत्रिम रूप से एक स्थिर स्तर पर रोके रखता है, और फुमदियों को शुष्क ऋतु में झील की तली से लगकर बैठना पड़ता है ताकि वे उससे पोषक तत्व खींच सकें; स्थायी रूप से तैरते रहने पर वे पतली होती जाती हैं, और जैसे-जैसे वे पतली होती हैं, संगाई के पैरों के नीचे की एकमात्र ज़मीन खिसकती जाती है।
यहाँ अधिकांश काम विलोपन कर देता है, और हर विलोपन अपने आप में जानने लायक़ है, अंदाज़े लगाने के बजाय। ‘घाटी’ एक दूसरे ही प्रश्न का सही उत्तर है — इम्फाल घाटी, लगभग 1,864 वर्ग किमी का सरोवरी मैदान, बेसिन है, और लोकतक उसके सबसे निचले बिंदु पर बचा हुआ जलाशय। ‘नदी’ मणिपुर, इरिल, थौबाल और बराक की है। ‘पर्वत श्रृंखला’ बराइल और नागा पहाड़ियों की है। बचती है ‘झील’, और उससे जुड़ा हर तथ्य उसकी पुष्टि करता है, क्योंकि किसी पर्वत श्रेणी पर न रामसर आर्द्रभूमि हो सकती है, न तैरता राष्ट्रीय उद्यान, न फुमदी, न जल-विद्युत बैराज। यदि परीक्षा-कक्ष में ले जाने के लिए एक ही पंक्ति चाहिए तो कैबुल लामजाओ को चुनिए : संसार का इकलौता तैरता राष्ट्रीय उद्यान लोकतक पर तैरता है, और कोई राष्ट्रीय उद्यान किसी घाटी या नदी पर नहीं तैर सकता। BPSC इसे मिलान-प्रश्न के बजाय सादे रिक्त-स्थान के रूप में इसलिए रख सका क्योंकि जिस अभ्यर्थी ने यह शब्द कभी देखा ही न हो, उसके लिए यह शब्द अपने आप लगभग कुछ नहीं करता — यह विशुद्ध स्मरण है, और बनाने लायक़ स्मरण-कड़ी है लोकतक → फुमदी → संगाई → कैबुल लामजाओ, क्योंकि इन चारों शब्दों में से हर एक अलग-अलग पूछा जा चुका है।
- मणिपुर की लोकतक झील पूर्वोत्तर भारत की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील है — लगभग 35 किमी × 13 किमी, औसत गहराई 2.7 मीटर, अधिकतम 4.6 मीटर, ऊँचाई 768.5 मीटर और जल-ग्रहण क्षेत्र 980 वर्ग किमी।
- यह एक ‘स्पंदित’ झील है जिसका सतही क्षेत्रफल ऋतुओं के साथ लगभग 250 वर्ग किमी से 500 वर्ग किमी तक बदलता है, और सामान्यतः 287 वर्ग किमी के आसपास रहता है; इसमें जल मणिपुर नदी तथा अनेक छोटी धाराओं से आता है, और इसका निकास अब जल-विद्युत, सिंचाई तथा जलापूर्ति के लिए बने बैराज से होकर जाता है।
- रामसर स्थल संख्या 463, घोषित 23 मार्च 1990; 16 जून 1993 को मॉन्ट्रो रिकॉर्ड में रखा गया — रामसर का वह रजिस्टर जिसमें पहले से सूचीबद्ध वे स्थल आते हैं जिनका पारिस्थितिक स्वरूप मानवीय हस्तक्षेप से बदल चुका है, बदल रहा है या बदलने की सम्भावना है।
- कैबुल लामजाओ राष्ट्रीय उद्यान लगभग 40 वर्ग किमी की एक फुमदी पर बैठा है और संसार का एकमात्र तैरता हुआ राष्ट्रीय उद्यान है; वह संगाई (Rucervus eldii eldii) — मणिपुर के राज्य पशु — का अंतिम प्राकृतिक आश्रय है, जो जंगल में और कहीं नहीं बचा।
- मैतै में ‘लोक’ का अर्थ धारा और ‘तक’ का अर्थ अंत है; लोकतक दिवस 15 अक्टूबर को मनाया जाता है, झील के द्वीपों में थांगा, इथिंग और सेंद्रा हैं, और इम्फाल तथा मोइरांग इसके तट पर या पास खड़े हैं।
मैतै ‘लोक’ (धारा) + ‘तक’ (अंत) — वह स्थान जहाँ धाराएँ समाप्त होती हैं।
- ‘घाटी’ चुन लेना क्योंकि इम्फाल घाटी वास्तविक है — घाटी बेसिन है, लोकतक उसके भीतर की झील
- रामसर घोषणा की तिथि (23 मार्च 1990) को मॉन्ट्रो रिकॉर्ड की तिथि (16 जून 1993) से गड्डमड्ड कर देना
- कैबुल लामजाओ को तैरता द्वीप मान लेना, न कि उस पर बैठा राष्ट्रीय उद्यान — या स्वयं लोकतक को ही राष्ट्रीय उद्यान कह देना
BPSC इसे नंगे रिक्त-स्थान के रूप में पूछता है — लोकतक घाटी है, झील, नदी या श्रेणी — बिना किसी तर्क-मार्ग के एक स्मरण-अंक। UPSC ने श्रेणी सीधे कभी नहीं पूछी; उसने 2013 में पूछा कि ‘लोकतक झील : बराइल श्रेणी’ सही सुमेलित है या नहीं, और 2015 में पूछा कि कौन-सा राष्ट्रीय उद्यान तैरती वनस्पति वाला दलदल है — यानी UPSC पारिस्थितिकी और अवस्थिति जाँचता है जबकि BPSC केवल संज्ञा।
निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए : 1. नोकरेक जीवमंडल आरक्ष : गारो पहाड़ियाँ 2. लोकतक झील : बराइल श्रेणी 3. नामदफा राष्ट्रीय उद्यान : डफला पहाड़ियाँ ऊपर दिए गए युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं ?
- (a) केवल 1
- (b) केवल 2 और 3
- (c) 1, 2 और 3
- (d) कोई नहीं
उत्तर(a) केवल 1
लोकतक नाम से ही मौजूद, और वह युग्म ठीक उसी कारण से ग़लत ठहराया गया है जिसकी टोह BPSC ले रहा है — लोकतक मणिपुर की एक झील है, असम की बराइल श्रेणी का कोई लक्षण नहीं; इसलिए दोनों प्रश्नपत्र इसी बात का प्रतिफल देते हैं कि लोकतक किस तरह की चीज़ है और कहाँ है।
निम्नलिखित में से कौन-सा राष्ट्रीय उद्यान तैरती वनस्पति वाला दलदल होने के कारण अनूठा है, जो एक समृद्ध जैव-विविधता को सँभाले हुए है ?
- (a) भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान
- (b) कैबुल लामजाओ राष्ट्रीय उद्यान
- (c) केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान
- (d) सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान
उत्तर(b) कैबुल लामजाओ राष्ट्रीय उद्यान
वही झील एक क़दम और गहरे — ‘तैरती वनस्पति वाला दलदल’ लोकतक की फुमदी ही है, इसलिए जो अभ्यर्थी UPSC के इस प्रश्न का उत्तर दे सकता है वह पहले से जानता है कि लोकतक एक जलाशय है और ‘घाटी’ या ‘पर्वत श्रंखला’ के लालच में नहीं आ सकता।
- अभ्यास प्रश्न — वास्तविक PYQ नहीं
संसार का एकमात्र तैरता हुआ राष्ट्रीय उद्यान, कैबुल लामजाओ राष्ट्रीय उद्यान, किस राज्य में स्थित है ?
- (a)असम
- (b)मेघालय
- (c)मणिपुर
- (d)त्रिपुरा
उत्तर(c) मणिपुर — यह लोकतक झील पर लगभग 40 वर्ग किमी की एक फुमदी पर तैरता है और संगाई, मणिपुर के राज्य पशु, का अंतिम प्राकृतिक घर है।
- अभ्यास प्रश्न — वास्तविक PYQ नहीं
लोकतक झील से जुड़ी ‘फुमदी’ क्या हैं ?
- (a)घाटी की ढलानों पर बनी सीढ़ीदार धान की क्यारियाँ
- (b)वनस्पति, मिट्टी और कार्बनिक पदार्थ के तैरते पिंड
- (c)बाँस से बुने पारम्परिक मछली-जाल
- (d)मणिपुर नदी द्वारा जमा किए गए मौसमी बालू-रोड़
उत्तर(b) वनस्पति, मिट्टी और कार्बनिक पदार्थ के तैरते पिंड — इतने मोटे कि झोपड़ियाँ ढो सकें और कैबुल लामजाओ राष्ट्रीय उद्यान को सँभाल सकें; जब इथाई बैराज उन्हें शुष्क ऋतु में तली से लगने नहीं देता तो वे पतली पड़ जाती हैं।