श्रेयसी सिंह, विधान सभा सदस्य, जिन्होंने पेरिस ओलंपिक 2024 में शूटिंग में भारत का प्रतिनिधित्व किया है, बिहार के किस निर्वाचन क्षेत्र से चुनी गई ?
- (a)गिद्धौर
- (b)सुगौली
- (c)केसरिया
- (d)जमुई
सही — D, जमुई। श्रेयसी सिंह ने नवंबर 2020 के बिहार विधान सभा चुनाव में जमुई सीट जीती, भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर लड़ते हुए, और 41,000 से अधिक मतों के अंतर से यह सीट ली। विधायक बनने से बहुत पहले वे निशानेबाज़ थीं। 29 अगस्त 1991 को बिहार के गिद्धौर में जन्मीं, और दिग्विजय सिंह की पुत्री — जो पूर्व केंद्रीय मंत्री थे और भारतीय राष्ट्रीय राइफ़ल संघ के अध्यक्ष भी रहे — उन्होंने 2018 के गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों में महिला डबल ट्रैप का स्वर्ण जीता, 2014 के ग्लासगो खेलों में उसी स्पर्धा में रजत, और 2014 के इंचियोन एशियाई खेलों में डबल ट्रैप टीम स्पर्धा में कांस्य, तथा 2012, 2014 और 2016 में ट्रैप में एशियाई चैंपियनशिप के टीम स्वर्ण। वे 2024 में महिला ट्रैप में पेरिस गईं, और यही वह तथ्य है जिससे प्रश्न उनकी पहचान कराता है। इस प्रश्न की पूरी कठिनाई विकल्प (a) में बैठी है। गिद्धौर वह जगह है जहाँ वे जन्मीं और जो उनके परिवार की गद्दी है — जमुई ज़िले का एक क़स्बा, जो औपनिवेशिक काल में एक राज की गद्दी था और जहाँ आज भी मिंटो टावर खड़ा है — इसलिए जिसने पढ़ा है कि वे 'गिद्धौर की हैं' वह उसी की ओर हाथ बढ़ाएगा। पर प्रश्न यह पूछता है कि उन्हें कौन-से निर्वाचन क्षेत्र ने चुना, और गिद्धौर कोई निर्वाचन क्षेत्र है ही नहीं। जमुई ज़िले के चार विधान सभा क्षेत्र हैं — सिकंदरा (अनुसूचित जाति), जमुई, झाझा और चकाई — और उन्हें जमुई ने ही लौटाया। जन्मस्थान और निर्वाचन क्षेत्र एक तथ्य होते ही नहीं, और यहाँ उन्हें जान-बूझकर एक ही ज़िले के भीतर आमने-सामने बिठा दिया गया है।
- (a)गिद्धौर — उनका जन्मस्थान और उनके परिवार की पुश्तैनी गद्दी, और वह भी उसी जमुई ज़िले में — ठीक इसीलिए यह पहला विकल्प है और सबसे महँगा ग़लत उत्तर। यह ज़िले के विधान सभा क्षेत्रों में से एक न होकर एक क़स्बा और प्रखंड है; वे क्षेत्र हैं सिकंदरा (अ.जा.), जमुई, झाझा और चकाई। नाम पहचान लेना और उसका उत्तर होना, दोनों एक बात नहीं।
- (b)सुगौली — पूर्वी चंपारण ज़िले का विधान सभा क्षेत्र, बिहार के उत्तर-पश्चिम में, और दक्षिण-पूर्व के जमुई से बहुत दूर। सुगौली किसी और ही कारण से प्रसिद्ध है — नेपाल के साथ 1815 में हस्ताक्षरित और 1816 में अनुसमर्थित वह संधि जिसने आंग्ल-नेपाल युद्ध समाप्त किया — और इसीलिए यह नाम किसी अभ्यर्थी को जाना-पहचाना लगता है और यहाँ रखा गया है।
- (c)केसरिया — यह भी पूर्वी चंपारण का ही क्षेत्र है, और फिर ऐसा नाम जिसे अभ्यर्थी किसी और वजह से जानता है : केसरिया स्तूप, भारत के सबसे बड़े बौद्ध स्तूपों में से एक, जिसका उत्खनन भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने किया। यहाँ इतिहास और पुरातत्व से आई परिचितता को निर्वाचन-नक़्शे के ज्ञान के बदले खड़ा किया जा रहा है।
BPSC जान-बूझकर पाठ्यक्रम के दो क्षेत्रों के जोड़ पर प्रश्न बनाती है, ताकि उनमें से केवल एक जानना पर्याप्त न हो। यह मद बिहार के राजनीतिक नक़्शे को भारतीय खेल से जोड़ती है : आपको यह भी जानना है कि श्रेयसी सिंह ट्रैप निशानेबाज़ हैं जो पेरिस ओलंपिक तक पहुँचीं, और यह भी कि 243 सदस्यीय बिहार विधान सभा में वे जिस सीट पर हैं वह जमुई है। विधान सभा का पिछला चुनाव अक्टूबर–नवंबर 2020 में तीन चरणों में हुआ, और उसके सदस्य राज्य के 38 ज़िलों में फैले हैं, जहाँ हर ज़िले में कई निर्वाचन क्षेत्र हैं जिनके नाम प्रायः — पर सदा नहीं — उसके क़स्बों के नाम होते हैं। यही आख़िरी शर्त इस प्रश्न का मर्म है। किसी ज़िले का सबसे प्रसिद्ध ऐतिहासिक क़स्बा अक्सर निर्वाचन क्षेत्र होता ही नहीं, या तो इसलिए कि परिसीमन ने उसे पड़ोसी सीट में समेट दिया या इसलिए कि सीट का नाम कुछ और पड़ गया। जमुई ज़िला इसे ठीक-ठीक दिखाता है : गिद्धौर उसका सबसे जाना-पहचाना ऐतिहासिक क़स्बा है और सिमुलतला उसका सबसे प्रसिद्ध पहाड़ी विश्राम-स्थल, फिर भी चारों निर्वाचन क्षेत्र हैं सिकंदरा, जमुई, झाझा और चकाई।
इसे पहले ज़िले से और बाद में व्यक्ति से पकड़िए। चार में से तीन विकल्प निशानेबाज़ के बारे में सोचे बिना ही नक़्शे पर रखे जा सकते हैं : सुगौली और केसरिया दोनों पूर्वी चंपारण में हैं, राज्य के दूसरे छोर पर, और उनकी प्रसिद्धि क्रमशः नेपाल के साथ 1815–16 की संधि तथा एक बौद्ध स्तूप से आती है — दोनों का न खेल से नाता है न जमुई से। इससे गिद्धौर और जमुई बचते हैं, दोनों जमुई ज़िले में, और प्रश्न सिकुड़कर एक ही विभेद पर आ जाता है। उसे इस नियम से सुलझाइए कि किसी व्यक्ति का जन्मस्थान, पारिवारिक गद्दी और निर्वाचन क्षेत्र तीन अलग तथ्य हैं जिन्हें कोई प्रश्न आमने-सामने बिठा सकता है। यहाँ वही हुआ है : जन्म गिद्धौर में, चुनाव जमुई से। सामान्य सीख विशिष्ट उत्तर से अधिक क़ीमती है, क्योंकि आयोग बार-बार किसी सार्वजनिक व्यक्ति को ऐसे स्थान-नाम के साथ जोड़ती है जो उनके बारे में किसी और अर्थ में सच होता है। जब प्रश्न पूछे 'किससे चुनी गईं', 'किसका प्रतिनिधित्व करती हैं' या 'किसकी सदस्य हैं', तो वह केवल निर्वाचन क्षेत्र पूछ रहा है, और उस व्यक्ति से किसी दूसरे कारण से जुड़ी कोई भी जगह छलावा है।
- श्रेयसी सिंह नवंबर 2020 के चुनाव में जमुई निर्वाचन क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर बिहार विधान सभा के लिए चुनी गईं, 41,000 से अधिक मतों के अंतर से
- उनका जन्म 29 अगस्त 1991 को बिहार के गिद्धौर में हुआ; उनके पिता दिग्विजय सिंह पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय राष्ट्रीय राइफ़ल संघ के अध्यक्ष रहे
- उनके निशानेबाज़ी अभिलेख में 2018 के गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों में महिला डबल ट्रैप का स्वर्ण, 2014 के ग्लासगो खेलों में उसी स्पर्धा में रजत, 2014 के इंचियोन एशियाई खेलों में डबल ट्रैप टीम स्पर्धा में कांस्य, तथा 2012, 2014 और 2016 में एशियाई चैंपियनशिप के ट्रैप टीम स्वर्ण शामिल हैं
- जमुई ज़िले के चार विधान सभा क्षेत्र हैं सिकंदरा (अनुसूचित जाति), जमुई, झाझा और चकाई; गिद्धौर ज़िले का एक क़स्बा और प्रखंड है, औपनिवेशिक काल में एक राज की गद्दी, और इन चार में से नहीं
- सुगौली और केसरिया पूर्वी चंपारण ज़िले के विधान सभा क्षेत्र हैं — सुगौली 1815 में हस्ताक्षरित और 1816 में अनुसमर्थित आंग्ल-नेपाल संधि के लिए जाना जाता है, केसरिया भारत के सबसे बड़े बौद्ध स्तूपों में से एक के लिए

- जब प्रश्न पूछे कि किस निर्वाचन क्षेत्र ने चुना, तब किसी राजनेता का जन्मस्थान या पारिवारिक गद्दी भर देना
- यह मान लेना कि किसी ज़िले का सबसे प्रसिद्ध क़स्बा विधान सभा क्षेत्र अवश्य होगा; परिसीमन प्रायः उसे किसी दूसरे नाम वाली सीट के भीतर छोड़ देता है
- सुगौली और केसरिया को इतिहास तथा पुरातत्व से पहचान लेना और उस परिचितता को यह जान लेना समझ बैठना कि वे निर्वाचन-नक़्शे पर कहाँ हैं
BPSC किसी सामयिकी वाली शख़्सियत को बिहार के राजनीतिक भूगोल से जोड़ती है और दोनों आधे माँगती है — व्यक्ति की उपलब्धि और वह ठीक-ठीक निर्वाचन क्षेत्र, ज़िला या योजना जिससे वे जुड़े हैं — इसलिए बिहार का कोई नाम उसकी जगह के साथ ही सीखिए। UPSC राज्य विधान सभा के निर्वाचन क्षेत्रों के बारे में पूछती ही नहीं; जब वह खेल को छूती है तो संरचनात्मक या सामान्य प्रश्न पूछती है, जैसे कोई पुरस्कार किस खेल का है या किस शहर ने कौन-से खेल आयोजित किए।
काहिरा में ISSF विश्व चैंपियनशिप में पुरुषों की 10 मी. एयर राइफ़ल में भारत के रुद्रांक्ष बालासाहेब पाटील ने कौन-सा पदक जीता?
- (a) स्वर्ण
- (b) रजत
- (c) कांस्य
- (d) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर(a) स्वर्ण
भारतीय निशानेबाज़ी फिर, एक संस्करण पहले और उसी सामयिकी वाले खाने में। 69वीं को पदक का रंग और स्पर्धा चाहिए थी; इस प्रश्नपत्र को खिलाड़ी का निर्वाचन क्षेत्र चाहिए — यानी आयोग अपेक्षा करती है कि निशानेबाज़ी का कोई परिणाम कोरे नाम की तरह नहीं, अपने आसपास के ब्योरे के साथ सीखा जाए।
- अभ्यास — वास्तविक विगत वर्ष प्रश्न नहीं
श्रेयसी सिंह ने 2018 के गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों में निशानेबाज़ी की किस स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था ?
- (a)10 मी. एयर राइफ़ल
- (b)महिला डबल ट्रैप
- (c)25 मी. पिस्टल
- (d)50 मी. राइफ़ल थ्री पोज़िशंस
उत्तर(b) महिला डबल ट्रैप — 2018 में गोल्ड कोस्ट में स्वर्ण जीतने से पहले वे 2014 में ग्लासगो में इसी स्पर्धा का रजत ले चुकी थीं।
- अभ्यास — वास्तविक विगत वर्ष प्रश्न नहीं
सुगौली, जिसके नाम पर आंग्ल-नेपाल युद्ध समाप्त करने वाली संधि का नाम पड़ा, बिहार के किस ज़िले में है ?
- (a)जमुई
- (b)पूर्वी चंपारण
- (c)सारण
- (d)मधुबनी
उत्तर(b) पूर्वी चंपारण — संधि पर 1815 में हस्ताक्षर हुए और 1816 में उसका अनुसमर्थन हुआ; अपने बड़े बौद्ध स्तूप वाला केसरिया भी इसी ज़िले में है।