UPSC 2012 · प्रश्न 10
निम्नलिखित में से कौन-से उच्चतम न्यायालय की आरम्भिक अधिकारिता में आते हैं?
1. भारत सरकार तथा एक या अधिक राज्यों के बीच का विवाद
2. संसद् के किसी भी सदन या राज्य विधान-मण्डल में हुए चुनाव पर विवाद
3. भारत सरकार तथा किसी संघ राज्यक्षेत्र के बीच का विवाद
4. दो या अधिक राज्यों के बीच का विवाद
निम्नलिखित कूटों के आधार पर सही उत्तर चुनिए :
- (a) 1 और 2
- (b) 2 और 3
- (c) 1 और 4
- (d) 3 और 4
उत्तर: (c)
UPSC 2012 · प्रश्न 60
भारत के उच्चतम न्यायालय की स्वायत्तता की रक्षा हेतु क्या प्रावधान है?
1. उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति करते समय भारत के राष्ट्रपति को भारत के मुख्य न्यायाधीश से विचार-विमर्श करना पड़ता है।
2. उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों को केवल भारत के मुख्य न्यायाधीश द्वारा हटाया जा सकता है।
3. न्यायाधीशों का वेतन भारत के संचित निधि पर आरोपित होता है, जिस पर विधानमण्डल को अपना मत नहीं देना होता है।
4. भारत के उच्चतम न्यायालय के अफ़सरों और कर्मचारियों की सभी नियुक्तियाँ सरकार द्वारा भारत के मुख्य न्यायाधीश से विचार-विमर्श के पश्चात् ही की जाती हैं।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
- (a) केवल 1 और 3
- (b) केवल 3 और 4
- (c) केवल 4
- (d) 1, 2, 3 और 4
उत्तर: (a)
UPSC 2014 · प्रश्न 71
केन्द्र और राज्यों के बीच होने वाले विवादों का निर्णय करने की भारत के उच्चतम न्यायालय की शक्ति किसके अन्तर्गत आती है?
- (a) परामर्शी अधिकारिता के अन्तर्गत
- (b) अपीली अधिकारिता के अन्तर्गत
- (c) मूल अधिकारिता के अन्तर्गत
- (d) रिट अधिकारिता के अन्तर्गत
उत्तर: (c)
UPSC 2014 · प्रश्न 75
भारत के उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या में वृद्धि करने की शक्ति किसमें निहित है?
- (a) भारत का राष्ट्रपति
- (b) संसद
- (c) भारत का मुख्य न्यायमूर्ति
- (d) विधि आयोग
उत्तर: (b)
UPSC 2015 · प्रश्न 61
निम्नलिखित में से कौन भारत के संविधान का अभिरक्षक (कस्टोडियन) है?
- (a) भारत का राष्ट्रपति
- (b) भारत का प्रधानमंत्री
- (c) लोक सभा सचिवालय
- (d) भारत का उच्चतम न्यायालय
उत्तर: (d)
UPSC 2016 · प्रश्न 40
'ग्राम न्यायालय अधिनियम' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
1. इस अधिनियम के अनुसार ग्राम न्यायालय केवल सिविल मामलों की सुनवाई कर सकता है, आपराधिक मामलों की नहीं।
2. यह अधिनियम स्थानीय सामाजिक सक्रियतावादियों को मध्यस्थ/सुलहकर्ता के रूप में स्वीकार करता है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- (a) केवल 1
- (b) केवल 2
- (c) 1 और 2 दोनों
- (d) न तो 1, न ही 2
उत्तर: (b)
UPSC 2017 · प्रश्न 92
भारत में, न्यायिक पुनरीक्षण का अर्थ है
- (a) विधियों और कार्यपालिक आदेशों की सांविधानिकता के विषय में प्राख्यापन करने का न्यायपालिका का अधिकार ।
- (b) विधानमण्डलों द्वारा निर्मित विधियों के प्रज्ञान को प्रश्नगत करने का न्यायपालिका का अधिकार ।
- (c) न्यायपालिका का, सभी विधायी अधिनियमनों के, राष्ट्रपति द्वारा उन पर सहमति प्रदान किए जाने के पूर्व, पुनरीक्षण का अधिकार ।
- (d) न्यायपालिका का, समान या भिन्न वादों में पूर्व में दिए गए स्वयं के निर्णयों के पुनरीक्षण का अधिकार ।
उत्तर: (a)
UPSC 2019 · प्रश्न 46
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
1. न्यायाधीश (जाँच) अधिनियम, 1968 के अनुसार, भारत के उच्चतम न्यायालय के किसी न्यायाधीश पर महाभियोग चलाने के प्रस्ताव को लोक सभा के अध्यक्ष द्वारा अस्वीकार नहीं किया जा सकता।
2. भारत का संविधान यह परिभाषित करता है और ब्यौरे देता है कि क्या-क्या भारत के उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों की 'अक्षमता और सिद्ध कदाचार' को गठित करते हैं।
3. भारत के उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों के महाभियोग की प्रक्रिया के ब्यौरे न्यायाधीश (जाँच) अधिनियम, 1968 में दिए गए हैं।
4. यदि किसी न्यायाधीश के महाभियोग के प्रस्ताव को मतदान हेतु लिया जाता है, तो विधि द्वारा अपेक्षित है कि यह प्रस्ताव संसद के प्रत्येक सदन द्वारा समर्थित हो और उस सदन की कुल सदस्य संख्या के बहुमत द्वारा तथा संसद के उस सदन के कुल उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों के कम-से-कम दो-तिहाई द्वारा समर्थित हो।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
- (a) 1 और 2
- (b) केवल 3
- (c) केवल 3 और 4
- (d) 1, 3 और 4
उत्तर: (c)
UPSC 2019 · प्रश्न 52
भारत के संविधान के संदर्भ में, सामान्य विधियों में अंतर्विष्ट प्रतिषेध अथवा निर्बंधन अथवा उपबंध, अनुच्छेद 142 के अधीन सांविधानिक शक्तियों पर प्रतिषेध अथवा निर्बंधन की तरह कार्य नहीं कर सकते। निम्नलिखित में से कौन-सा एक, इसका अर्थ हो सकता है?
- (a) भारत के निर्वाचन आयोग द्वारा अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते समय लिए गए निर्णयों को किसी भी न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती।
- (b) भारत का उच्चतम न्यायालय अपनी शक्तियों के प्रयोग में संसद द्वारा निर्मित विधियों से बाध्य नहीं होता।
- (c) देश में गंभीर वित्तीय संकट की स्थिति में, भारत का राष्ट्रपति मंत्रिमंडल के परामर्श के बिना वित्तीय आपात घोषित कर सकता है।
- (d) कुछ मामलों में राज्य विधानमंडल, संघ विधानमंडल की सहमति के बिना, विधि निर्मित नहीं कर सकते।
उत्तर: (b)
UPSC 2019 · प्रश्न 81
भारत के संविधान के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
1. किसी भी केंद्रीय विधि को सांविधानिक रूप से अवैध घोषित करने की किसी भी उच्च न्यायालय की अधिकारिता नहीं होगी।
2. भारत के संविधान के किसी भी संशोधन पर भारत के उच्चतम न्यायालय द्वारा प्रश्न नहीं उठाया जा सकता।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
- (a) केवल 1
- (b) केवल 2
- (c) 1 और 2 दोनों
- (d) न तो 1, न ही 2
उत्तर: (d)
UPSC 2021 · प्रश्न 82
भारत के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
1. न्यायिक हिरासत का अर्थ है कि अभियुक्त संबंधित मजिस्ट्रेट की हिरासत में है और ऐसे अभियुक्त को पुलिस स्टेशन के हवालात में रखा जाता है न कि जेल में।
2. न्यायिक हिरासत के दौरान, मामले के प्रभारी पुलिस अधिकारी, न्यायालय की अनुमति के बिना संदिग्ध व्यक्ति से पूछताछ नहीं कर सकते।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/कौन-से सही है/हैं?
- (a) केवल 1
- (b) केवल 2
- (c) 1 और 2 दोनों
- (d) न तो 1 और न ही 2
उत्तर: (b)
UPSC 2021 · प्रश्न 83
भारत के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
1. जब एक कैदी पर्याप्त आधार प्रस्तुत करता है, तो ऐसे कैदी को पैरोल मना नहीं किया जा सकता, क्योंकि वह उसके अधिकार का मामला बन जाता है।
2. कैदी को पैरोल पर छोड़ने के लिए राज्य सरकारों के अपने नियम हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/कौन-से सही है/हैं?
- (a) केवल 1
- (b) केवल 2
- (c) 1 और 2 दोनों
- (d) न तो 1 और न ही 2
उत्तर: (b)
UPSC 2021 · प्रश्न 88
भारतीय न्यायपालिका के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
1. भारत के राष्ट्रपति की पूर्वानुमति से भारत के मुख्य न्यायमूर्ति द्वारा उच्चतम न्यायालय से सेवानिवृत्त किसी न्यायाधीश को उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के पद पर बैठने और कार्य करने हेतु बुलाया जा सकता है।
2. भारत में किसी भी उच्च न्यायालय को अपने निर्णय के पुनर्विलोकन की शक्ति प्राप्त है, जैसा कि उच्चतम न्यायालय के पास है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/कौन-से सही है/हैं?
- (a) केवल 1
- (b) केवल 2
- (c) 1 और 2 दोनों
- (d) न तो 1 और न ही 2
उत्तर: (a)
UPSC 2022 · प्रश्न 11
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
1. एच.एन. सान्याल समिति की रिपोर्ट के अनुसरण में, न्यायालय की अवमानना अधिनियम, 1971 पारित किया गया था ।
2. भारत का संविधान उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों को, अपनी अवमानना के लिए दंड देने हेतु, शक्ति प्रदान करता है ।
3. भारत का संविधान सिविल अवमानना और आपराधिक अवमानना को परिभाषित करता है ।
4. भारत में, न्यायालय की अवमानना के विषय में कानून बनाने के लिए संसद में शक्ति निहित है ।
उपर्युक्त कथनों में कौन-सा/से सही है/हैं ?
- (a) केवल 1 और 2
- (b) 1, 2 और 4
- (c) केवल 3 और 4
- (d) केवल 3
उत्तर: (b)
UPSC 2022 · प्रश्न 12
भारत के सन्दर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
1. सरकारी विधि अधिकारी और विधिक फर्म अधिवक्ता के रूप में मान्यता-प्राप्त हैं, किन्तु कॉर्पोरेट वकील और पेटेंट न्यायवादी अधिवक्ता की मान्यता से बाहर रखे गए हैं ।
2. विधिज्ञ परिषदों (बार कौंसिलों) को विधिक शिक्षा और विधि महाविद्यालयों की मान्यता के बारे में नियम अधिकथित करने की शक्ति है ।
उपर्युक्त कथनों में कौन-सा/से सही है/हैं ?
- (a) केवल 1
- (b) केवल 2
- (c) 1 और 2 दोनों
- (d) न तो 1, न ही 2
उत्तर: (b)
UPSC 2022 · प्रश्न 18
भारत के न्यायालयों द्वारा जारी रिटों के सन्दर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
1. किसी प्राइवेट संगठन के विरुद्ध, जब तक कि उसको कोई सार्वजनिक कार्य नहीं सौंपा गया हो, परमादेश (मैंडेमस) नहीं होगा ।
2. किसी कंपनी के विरुद्ध, भले ही वह कोई सरकारी कंपनी हो, परमादेश (मैंडेमस) नहीं होगा ।
3. कोई भी लोक-प्रवण व्यक्ति (पब्लिक माइंडेड परसन) अधिकार-पृच्छा (क्वो वारंटो) रिट प्राप्त करने हेतु न्यायालय में समावेदन करने के लिए याची (पिटीशनर) हो सकता है ।
उपर्युक्त कथनों में कौन-से सही हैं ?
- (a) केवल 1 और 2
- (b) केवल 2 और 3
- (c) केवल 1 और 3
- (d) 1, 2 और 3
उत्तर: (d)
UPSC 2024 · प्रश्न 83
प्रतिषेध रिट उच्चतम न्यायालय या उच्च न्यायालयों द्वारा किसे और किस प्रयोजन से जारी किया गया एक आदेश है ?
- (a) किसी सरकारी अधिकारी को, उसे किसी विशिष्ट कार्रवाई करने से प्रतिषेध करने के लिए
- (b) संसद/विधान सभा को, मद्यनिषेध पर कोई विधि पारित करने के लिए
- (c) निचली अदालत को, किसी मामले में कार्यवाही जारी रखने का प्रतिषेध करने के लिए
- (d) सरकार को, उसे किसी असंवैधानिक नीति का अनुपालन करने से प्रतिषेध करने के लिए
उत्तर: (c)
UPSC 2026 · प्रश्न 87अनंतिम उत्तर-कुंजी
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 के अधीन ज़ीरो प्रथम सूचना रिपोर्ट (Zero FIR) के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/कौन-से कथन सही है/हैं ?
1. ज़ीरो एफआईआर (Zero FIR) किसी भी पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई जा सकती है, भले ही संज्ञेय/असंज्ञेय अपराध किए जाने का स्थान, उस पुलिस स्टेशन की क्षेत्रीय अधिकारिता से बाहर हो।
2. किसी पुलिस स्टेशन, जहाँ ज़ीरो एफआईआर (Zero FIR) दर्ज की गई है, वहाँ के प्रभारी अधिकारी सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से प्राथमिक अन्वेषण आरंभ कर सकता है।
3. ज़ीरो एफआईआर (Zero FIR) के अंतर्गत, सूचना देने वाले के लिए यह अनिवार्य है कि वह सूचना इलेक्ट्रॉनिक प्ररूप में दे।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए :
- (a) 1, 2 और 3
- (b) केवल 2 और 3
- (c) केवल 1
- (d) केवल 2
उत्तर: (d)