निम्नलिखित पेशवाओं के शासन काल पर विचार कीजिए तथा उन्हें कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए - (I) बालाजी विश्वनाथ (II) बाजीराव I (III) नारायण राव (IV) माधव राव I नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए - कूट -
- (a)II, I, IV, III
- (b)I, II, IV, III
- (c)I, III, II, IV
- (d)I, II, III, IV
सही उत्तर — (b) I, II, IV, III। पेशवा के रूप में उनके कार्यकाल के क्रम में: बालाजी विश्वनाथ (I, 1713-1720) छत्रपति शाहू के अधीन प्रथम वंशानुगत पेशवा थे; बाजीराव I (II, 1720-1740), उनके पुत्र, ने मराठा शक्ति का व्यापक विस्तार किया; फिर — बालाजी बाजीराव/नाना साहब (1740-1761), जो इस सूची में नहीं हैं, के बाद — माधव राव I (IV, 1761-1772) आए; और अंततः नारायण राव (III, 1772-1773)। अतः क्रम है I → II → IV → III।
- (a)II, I, IV, III — गलत — यह बाजीराव I को बालाजी विश्वनाथ से पहले रखता है। बालाजी विश्वनाथ प्रथम पेशवा थे और बाजीराव I उनके पुत्र व उत्तराधिकारी, अतः I को II से पहले आना चाहिए।
- (c)I, III, II, IV — गलत — यह नारायण राव (1772-73) को दूसरे स्थान पर और बाजीराव I (1720-40) को तीसरे स्थान पर रखता है। वास्तव में नारायण राव इन चारों में अंतिम थे, और बाजीराव I दूसरे।
- (d)I, II, III, IV — गलत — यह नारायण राव को माधव राव I से पहले रखता है। वास्तव में माधव राव I (1761-1772) ने अपने छोटे भाई नारायण राव (1772-1773) से पहले शासन किया, अतः IV को III से पहले आना चाहिए।
पेशवा मराठा संघ के वंशानुगत प्रधानमंत्री थे जो पुणे स्थित अपनी सीट से इसके वास्तविक शासक बन गए। भट परिवार की वंशावली इस प्रकार चली: बालाजी विश्वनाथ → बाजीराव I → बालाजी बाजीराव (नाना साहब) → माधव राव I → नारायण राव → रघुनाथ राव → माधव राव II → बाजीराव II, अंतिम ने 1818 में अंग्रेजों के समक्ष आत्मसमर्पण किया।
परीक्षक इस सूची से सुप्रसिद्ध बालाजी बाजीराव (नाना साहब, 1740-61) को हटा देता है, अतः आप पूरी वंशावली को केवल स्मरण नहीं कर सकते — आपको चार विशिष्ट पेशवाओं को स्थान देना होगा। दो आधार इसे तय करते हैं: बालाजी विश्वनाथ प्रथम पेशवा हैं (अतः I प्रथम है), और नारायण राव की 1773 में इस क्रम के अंत के निकट हत्या हुई (अतः III अंतिम है)। इससे क्रम I, II, IV, III निश्चित होता है।
- बालाजी विश्वनाथ: प्रथम वंशानुगत पेशवा, 1713-1720, छत्रपति शाहू के अधीन।
- बाजीराव I: 1720-1740; अपराजित सेनापति जिसने मराठा शक्ति को उत्तर दिशा में विस्तारित किया।
- माधव राव I: 1761-1772; पानीपत (1761) की हार के बाद मराठा शक्ति को पुनर्जीवित किया।
- नारायण राव: 1772-1773; हत्या कर दी गई, जिसने रघुनाथ राव से जुड़ी साज़िश को जन्म दिया।

- बालाजी विश्वनाथ और बाजीराव I को उलट देना (पिता-फिर-पुत्र क्रम)।
- यह भूल जाना कि माधव राव I, नारायण राव से पहले आते हैं — नाना साहब के दो छोटे पुत्र।
UPPSC/UPSC मराठा इतिहास को कालक्रम या मिलान के रूप में पूछते हैं — पेशवाओं को क्रम दें, या किसी पेशवा को किसी घटना (पानीपत, कोई आंग्ल-मराठा युद्ध) से जोड़ें।
संभाजी के बाद मराठा प्रशासन को सुव्यवस्थित किसने किया?
- (a) राजा राम
- (b) बालाजी विश्वनाथ
- (c) गंगा बाई
- (d) नानाजी देशमुख
उत्तर(b) बालाजी विश्वनाथ
दोनों बालाजी विश्वनाथ पर टिके हैं, प्रथम पेशवा (यहाँ मद I) जिन्होंने मराठा प्रशासन को सुव्यवस्थित किया और वंशानुगत पेशवा वंशावली की नींव रखी।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
निम्नलिखित में से कौन मराठा साम्राज्य के प्रथम वंशानुगत पेशवा थे?
- (a)बाजीराव I
- (b)बालाजी विश्वनाथ
- (c)माधव राव I
- (d)बालाजी बाजीराव
उत्तर(b) बालाजी विश्वनाथ — 1713 में छत्रपति शाहू द्वारा पेशवा नियुक्त, वंशानुगत वंशावली के प्रथम।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
पानीपत के तीसरे युद्ध (1761) के बाद के दशक में किस पेशवा के अधीन मराठाओं ने अपनी शक्ति पुनः प्राप्त की?
- (a)नारायण राव
- (b)बाजीराव II
- (c)माधव राव I
- (d)रघुनाथ राव
उत्तर(c) माधव राव I — उनके 1761-72 के शासन ने पानीपत की आपदा के बाद मराठा शक्ति को पुनर्स्थापित किया।