भारतीय मूल के किस व्यवसायी को साउथवार्क के लन्दन बरो का मेयर दूसरी बार चुना गया है ?
- (a)गौतम अडानी
- (b)सैम डाल्टन
- (c)सुनील चोपड़ा
- (d)नीरज पाटिल
सही उत्तर — (c) सुनील चोपड़ा। दिल्ली में जन्मे भारतीय-मूल के व्यवसायी और लेबर काउंसलर सुनील चोपड़ा को साउथवार्क के लंदन बरो का मेयर दूसरी बार (2022-23) चुना गया, उन्होंने साउथवार्क कैथेड्रल में शपथ ली। उन्होंने 2010 में यूके की राजनीति में प्रवेश किया, साउथवार्क के पहले भारतीय-मूल के काउंसलर बने, और पहली बार 2014-15 में (डिप्टी मेयर के कार्यकाल के बाद) मेयर पद संभाला — जिससे उनका 2022-23 का चुनाव इस पद की पुनरावृत्ति बन गया।
- (a)गौतम अडानी — गौतम अडानी अडानी समूह के प्रमुख भारतीय उद्योगपति हैं; उन्होंने यूनाइटेड किंगडम में कभी कोई निर्वाचित नागरिक पद नहीं संभाला, साउथवार्क मेयरशिप तो दूर की बात है।
- (b)सैम डाल्टन — सैम डाल्टन इस पद पर चुने गए व्यक्ति नहीं हैं; उस दौर की समाचार में रिपोर्ट किए गए साउथवार्क के दो बार चुने गए भारतीय-मूल के मेयर सुनील चोपड़ा थे।
- (d)नीरज पाटिल — नीरज पाटिल एक वास्तविक भारतीय-मूल (कर्नाटक में जन्मे) यूके राजनेता हैं, परन्तु वे लंदन बरो ऑफ़ लैम्बेथ (2010-11) के मेयर थे — एक अलग बरो — साउथवार्क के नहीं। यही अभिप्रेत जाल है, जो लंदन के दो भारतीय-मूल के मेयरों को गड्डमड्ड करता है।
लंदन के 32 बरो में से प्रत्येक एक औपचारिक मेयर चुनता है (लंदन के निर्वाचित मेयर से भिन्न), आमतौर पर एक सेवारत काउंसलर जिसे एक वर्षीय नागरिक कार्यकाल के लिए चुना जाता है। भारतीय प्रवासी समुदाय इस स्थानीय-शासन स्तर पर तेज़ी से दृश्यमान होता जा रहा है, और समसामयिकी पत्र विदेश में भारतीय-मूल के लोगों के ऐसे 'पहली बार/पुनः' उपलब्धि-चिह्नों पर नज़र रखते हैं।
यह प्रश्न मई-2023 की परीक्षा के आसपास के समाचार-चक्र से एक विशिष्ट प्रवासी उपलब्धि की पहचान परखता है। जाल यह है कि चारों नाम प्रशंसनीय रूप से भारतीय-मूल के हैं (या ऐसे प्रतीत होते हैं); विभेदक तत्व सटीक बरो — साउथवार्क — और वाक्यांश 'दूसरी बार' है, जो किसी अन्य बरो के एक-कार्यकाल वाले मेयर (जैसे नीरज पाटिल) के बजाय सुनील चोपड़ा की ओर इंगित करता है।
- सुनील चोपड़ा: दिल्ली में जन्मे, साउथवार्क के पहले भारतीय-मूल के काउंसलर (2010), लेबर।
- पहली बार 2014-15 में मेयर बने; 2022-23 में इस पद पर दूसरी बार चुने गए।
- नीरज पाटिल लंदन बरो ऑफ़ लैम्बेथ (2010-11) के मेयर थे — साउथवार्क के नहीं।
- गौतम अडानी एक उद्योगपति हैं, यूके के निर्वाचित अधिकारी नहीं।
- बरो (साउथवार्क) को लैम्बेथ के साथ भ्रमित करना — नीरज पाटिल लैम्बेथ के मेयर थे।
- यह मान लेना कि एक प्रसिद्ध भारतीय व्यवसायी का नाम (अडानी) 'मेयर चुने गए व्यवसायी' के संकेत में फ़िट बैठता है।
UPPSC/UPSC समसामयिकी मद किसी प्रवासी 'पहली बार/पुनः' उपलब्धि को एक सटीक पद और स्थान से जोड़ते हैं, यह परखते हुए कि क्या आप व्यक्ति को सही बरो और कार्यकाल से मिलाते हैं।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
भारतीय-मूल के राजनेता नीरज पाटिल लंदन के किस बरो के मेयर रहे?
- (a)साउथवार्क
- (b)लैम्बेथ
- (c)कैमडन
- (d)हाउंस्लो
उत्तर(b) लैम्बेथ — नीरज पाटिल लंदन बरो ऑफ़ लैम्बेथ (2010-11) के मेयर थे।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
लंदन का मेयर (ग्रेटर लंदन अथॉरिटी में) मुख्य रूप से किसी लंदन बरो के मेयर से किस प्रकार भिन्न है क्योंकि लंदन का मेयर होता है:
- (a)पूर्णतः औपचारिक एकवर्षीय पद
- (b)पूरे नगर-क्षेत्र के कार्यकारी प्रमुख के रूप में मतदाताओं द्वारा सीधे निर्वाचित
- (c)ब्रिटिश सम्राट द्वारा नियुक्त
- (d)हाउस ऑफ़ कॉमन्स द्वारा चुना गया
उत्तर(b) ग्रेटर लंदन के कार्यकारी प्रमुख के रूप में सीधे निर्वाचित — औपचारिक, काउंसिल द्वारा चुनी जाने वाली बरो मेयरशिप के विपरीत।