सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिये गये कूट का प्रयोग करके सही उत्तर का चुनाव कीजिए - सूची - I (व्याधि) (A) पेप्टिक व्रण (B) डेंगू (C) फील पाँव (D) मलेरिया सूची - II (कारक) (1) विषाण (2) प्रोटोज़ोआ (3) कृमि (4) विषाणु कूट -
- (a)A-(2), B-(3), C-(4), D-(1)
- (b)A-(4), B-(1), C-(3), D-(2)
- (c)A-(4), B-(2), C-(3), D-(1)
- (d)A-(3), B-(4), C-(2), D-(1)
सही उत्तर — (b) A-(4), B-(1), C-(3), D-(2)। ध्यान दें — पुस्तिका के हिन्दी सूची-II में मुद्रण की त्रुटि है: (1) पर 'विषाण' (यानी 'विषाणु' से 'ु' मात्रा छूट गई) और (4) पर भी 'विषाणु' छपा है — यानी हिन्दी स्तम्भ दो बार 'विषाणु' का नाम लेता है और 'जीवाणु' (बैक्टीरिया) का नाम कहीं नहीं लेता, जबकि उसी पुस्तिका के अंग्रेज़ी स्तम्भ में (4) पर स्पष्ट रूप से 'Bacteria' छपा है। यानी मद (4) असल में जीवाणु के लिए मुद्रण-त्रुटि है। आधिकारिक कुंजी का उत्तर (b) उसी आशयित पाठ का अनुसरण करता है: पेप्टिक व्रण मुख्यतः जीवाणु Helicobacter pylori (4) से होता है; डेंगू डेंगू विषाणु — एक फ्लेवीवायरस (1) से; फील पाँव (हाथीपाँव / लसिका फाइलेरिया) परजीवी फाइलेरिया कृमियों जैसे Wuchereria bancrofti (3) से; और मलेरिया Plasmodium प्रोटोज़ोआ (2) से होता है। इस आशयित जोड़ी को केवल विकल्प (b) ही संतुष्ट करता है।
- (a)A-(2), B-(3), C-(4), D-(1) — पेप्टिक व्रण को प्रोटोज़ोआ, डेंगू को कृमि, फील पाँव को जीवाणु-जनित (यहाँ मुद्रित 'विषाणु') और मलेरिया को विषाणु-जनित बता देता है — इनमें से कोई भी मेल सही नहीं है; विशेष रूप से मलेरिया प्रोटोज़ोआ-जनित है, विषाणु-जनित नहीं।
- (c)A-(4), B-(2), C-(3), D-(1) — पेप्टिक व्रण (जीवाणु, यहाँ मुद्रित मद 4) और फील पाँव (कृमि) तो सही रखता है, परन्तु डेंगू को प्रोटोज़ोआ-जनित (जबकि वह विषाणु-जनित है) और मलेरिया को विषाणु-जनित (जबकि वह प्रोटोज़ोआ-जनित है) बता देता है — क्लासिक डेंगू/मलेरिया अदला-बदली।
- (d)A-(3), B-(4), C-(2), D-(1) — पेप्टिक व्रण को कृमि-जनित और डेंगू को जीवाणु-जनित बताकर गलत करता है, और फील पाँव को प्रोटोज़ोआ-जनित तथा मलेरिया को विषाणु-जनित बना देता है — हर जोड़ी अस्त-व्यस्त है।
मानव रोगों को उनके कारक जीव के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है: जीवाणु (पेप्टिक व्रण का H. pylori, क्षय रोग, हैज़ा), विषाणु (डेंगू, इन्फ्लुएंज़ा, पोलियो), प्रोटोज़ोआ (मलेरिया का Plasmodium, अमीबियासिस, कालाज़ार) और कृमि (फाइलेरिया/फील पाँव, ऐस्कैरिएसिस)। कारक जीव के वर्ग को जानने से यह स्पष्ट होता है कि रोग कैसे फैलता है और उसका उपचार कैसे होता है — प्रतिजैविक (एंटीबायोटिक) जीवाणु पर काम करते हैं, विषाणु या प्रोटोज़ोआ पर नहीं।
पहले दो 'प्रसिद्ध' जोड़ियों को स्थिर करके हल करें: मलेरिया = प्रोटोज़ोआ (Plasmodium) और डेंगू = विषाणु। इससे तुरन्त D-(2) और B-(1) तय हो जाते हैं, जिन्हें केवल विकल्प (b) ही पूरा करता है। पेप्टिक व्रण का जीवाणु-जनित होना (H. pylori — 2005 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित खोज) आधुनिक मोड़ है जिसे लोग अक्सर चूक जाते हैं; कई अब भी इसे केवल तनाव या मसालेदार भोजन से जोड़ते हैं। यहाँ पुस्तिका के हिन्दी सूची-II में मुद्रण त्रुटि है — 'जीवाणु' (मद 4) के स्थान पर 'विषाणु' छप गया है — पर उत्तर आशयित/अंग्रेज़ी पाठ के अनुसार ही देना है।
- पेप्टिक व्रण → जीवाणु Helicobacter pylori (मार्शल व वारेन, चिकित्सा में नोबेल पुरस्कार 2005)।
- डेंगू → डेंगू विषाणु (एक फ्लेवीवायरस), Aedes aegypti मच्छर से फैलता है।
- फील पाँव / हाथीपाँव (लसिका फाइलेरिया) → फाइलेरिया कृमि (Wuchereria bancrofti), Culex मच्छर से फैलते हैं।
- मलेरिया → Plasmodium प्रोटोज़ोआ, मादा Anopheles मच्छर से संचारित होता है।
- पुस्तिका की हिन्दी सूची-II में मुद्रण त्रुटि है — मद (1) 'विषाण' (मात्रा-त्रुटि) और मद (4) 'विषाणु' छपा है, जबकि अंग्रेज़ी स्तम्भ में मद (4) पर स्पष्ट रूप से 'Bacteria' (जीवाणु) छपा है।

- डेंगू (विषाणु) और मलेरिया (प्रोटोज़ोआ) को अदल-बदल देना — यहाँ की सबसे सामान्य त्रुटि।
- यह मान लेना कि पेप्टिक व्रण केवल तनाव या आहार से होता है, न कि जीवाणु H. pylori से।
- पुस्तिका के मुद्रण-त्रुटि वाले हिन्दी सूची-II को शब्दशः पढ़कर भ्रमित हो जाना — मद (4) आशयतः जीवाणु के लिए है, विषाणु के लिए नहीं।
UPPSC/UPSC बार-बार रोग-से-कारक या रोग-से-वाहक सुमेलन पूछते हैं — हर बड़े रोग के लिए कारक जीव का वर्ग और वाहक मच्छर याद रखें।
सूची I (रोग) को सूची II (कारक जीव) से सुमेलित कीजिए और सही उत्तर चुनिए: I. मलेरिया II. पोलियोमाइलिटिस III. क्षय रोग IV. दाद (रिंगवर्म) ; A. कवक B. जीवाणु C. विषाणु D. प्रोटोज़ोआ
- (a) I-D, II-C, III-B, IV-A
- (b) I-D, II-C, III-A, IV-B
- (c) I-C, II-D, III-A, IV-B
- (d) I-C, II-D, III-B, IV-A
उत्तर(a) I-D, II-C, III-B, IV-A — मलेरिया–प्रोटोज़ोआ, पोलियोमाइलिटिस–विषाणु, क्षय रोग–जीवाणु, दाद–कवक।
समान कौशल — हर रोग को उसे उत्पन्न करने वाले जीव-वर्ग (जीवाणु/विषाणु/प्रोटोज़ोआ/कवक/कृमि) से सुमेलित करना, जिसमें साझा मलेरिया–प्रोटोज़ोआ जोड़ी भी शामिल है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
निम्नलिखित में से कौन-सा रोग प्रोटोज़ोआ से होता है?
- (a)डेंगू
- (b)मलेरिया
- (c)क्षय रोग
- (d)इन्फ्लुएंज़ा
उत्तर(b) मलेरिया — Plasmodium प्रोटोज़ोआ से होता है, मादा Anopheles मच्छर द्वारा फैलता है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
मनुष्यों में फील पाँव (लसिका फाइलेरिया) किससे होता है?
- (a)विषाणु से
- (b)जीवाणु से
- (c)फाइलेरिया कृमि से
- (d)प्रोटोज़ोआ से
उत्तर(c) फाइलेरिया कृमि से — Wuchereria bancrofti, Culex मच्छर द्वारा संचारित।