भारतीय इतिहास के संदर्भ में वायकोम सत्याग्रह के सम्बंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं ? 1. यह अस्पृश्यता और जातिगत भेदभाव के विरुद्ध एक सत्याग्रह था । 2. महात्मा गांधी ने इस सत्याग्रह में भाग लिया था । नीचे दिये गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए । कूट :
- (a)केवल 1
- (b)केवल 2
- (c)1 और 2 दोनों
- (d)न तो 1 न ही 2
सही उत्तर — (c) 1 और 2 दोनों। वायकोम सत्याग्रह (1924–25), त्रावणकोर रियासत (वर्तमान केरल) के वायकोम में, यह माँग करता था कि तथाकथित 'अछूत' एवं निम्न-जाति के लोगों को वायकोम महादेव मंदिर के आसपास की सार्वजनिक सड़कों का प्रयोग करने दिया जाए, जिनसे उन्हें रोका जाता था। अतः कथन 1 सही है — यह स्पष्टतः अस्पृश्यता और जातिगत भेदभाव के विरुद्ध निर्देशित था। कथन 2 भी सही है — महात्मा गांधी ने इस आंदोलन में भाग लिया: उन्होंने मार्च 1925 में वायकोम की यात्रा की, मंदिर प्राधिकारियों तथा त्रावणकोर के रीजेंट के साथ वार्ता की, और अभियान को अपना नैतिक नेतृत्व दिया। चूँकि दोनों कथन सत्य हैं, उत्तर 'दोनों 1 और 2' है।
- (a)केवल 1 — यह सत्य कथन 2 को छोड़ देता है। गांधी ने वास्तव में भाग लिया था — उन्होंने 1925 में वायकोम की यात्रा की और सत्याग्रहियों की ओर से वार्ता की — अतः उत्तर को केवल कथन 1 तक सीमित करना अधूरा है।
- (b)केवल 2 — यह कथन 1 को गलत तरीके से अस्वीकार करता है। आंदोलन का सम्पूर्ण उद्देश्य ही अस्पृश्यता और मंदिर-सड़क पहुँच पर जातिगत रोक के विरुद्ध लड़ना था, अतः कथन 1 निश्चित रूप से सही है।
- (d)न तो 1 न ही 2 — दोनों कथन ऐतिहासिक रूप से सटीक हैं — अस्पृश्यता-विरोधी उद्देश्य तथा गांधी की भागीदारी — अतः दोनों को अस्वीकार करना गलत है।
वायकोम सत्याग्रह (1924–25) भारत के आरंभिक संगठित मंदिर-प्रवेश / अस्पृश्यता-विरोधी आंदोलनों में से एक था। निम्न जातियों को त्रावणकोर के वायकोम महादेव मंदिर के आसपास की सार्वजनिक सड़कों पर चलने तक की अनुमति नहीं थी। टी.के. माधवन, के.पी. केशव मेनन और के. केलप्पन जैसे नेताओं द्वारा आरम्भ किए गए इस सत्याग्रह ने उन सड़कों को सभी जातियों के लिए खोलने का प्रयास किया और यह जातिगत भेदभाव के विरुद्ध संघर्ष में एक मील का पत्थर बना।
इस प्रश्न को दो सुरक्षित संदर्भ-बिन्दु सुलझाते हैं। पहला, 'वायकोम' को मंदिर-सड़क पहुँच की अस्पृश्यता-विरोधी लड़ाई के रूप में याद किया जाता है, अतः कथन 1 स्पष्टतः सही है। दूसरा, गांधी वायकोम से घनिष्ठ रूप से जुड़े हैं — उन्होंने 1925 में यात्रा की और वार्ता की — अतः कथन 2 भी सही है। ई.वी. रामासामी 'पेरियार' ने भी आंदोलन का सक्रिय नेतृत्व किया (जिससे उन्हें 'वायकोम वीरार' की उपाधि मिली), किन्तु प्रश्न केवल गांधी की परीक्षा लेता है, जिनकी भागीदारी सुविख्यात है, जिससे उत्तर 'दोनों 1 और 2' मिलता है।
- वायकोम सत्याग्रह (1924–25), वायकोम, त्रावणकोर (वर्तमान केरल) में।
- उद्देश्य: वायकोम महादेव मंदिर के आसपास की सार्वजनिक सड़कों को निम्न जातियों के लिए खोलना — एक अस्पृश्यता-विरोधी, जाति-विरोधी आंदोलन।
- स्थानीय नेताओं में टी.के. माधवन, के.पी. केशव मेनन और के. केलप्पन शामिल थे; पेरियार ई.वी. रामासामी सक्रिय थे ('वायकोम वीरार' कहलाए)।
- महात्मा गांधी ने मार्च 1925 में वायकोम की यात्रा की और मंदिर प्राधिकारियों तथा त्रावणकोर के रीजेंट के साथ वार्ता की।

- यह मान लेना कि गांधी ने वायकोम का 'नेतृत्व' किया — उन्होंने भाग लिया और वार्ता की; दैनिक नेतृत्व स्थानीय था (पेरियार, केशव मेनन, माधवन)
- वायकोम (मंदिर-सड़क पहुँच, 1924–25) को बाद के गुरुवायूर मंदिर-प्रवेश सत्याग्रह (1931–32) से भ्रमित करना
UPPSC और UPSC वायकोम की परीक्षा इसके उद्देश्य (अस्पृश्यता-विरोधी / मंदिर-सड़क पहुँच), इसके स्थान (त्रावणकोर/केरल) तथा इससे जुड़े व्यक्तित्वों (गांधी, पेरियार, टी.के. माधवन) के माध्यम से लेते हैं।
निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए (आंदोलन/संगठन : नेता): 1. अखिल भारतीय अस्पृश्यता-विरोधी लीग : महात्मा गांधी; 2. अखिल भारतीय किसान सभा : स्वामी सहजानंद सरस्वती; 3. आत्म-सम्मान आंदोलन : ई.वी. रामास्वामी नायकर। ऊपर दिए गए युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?
- (a) केवल 1
- (b) केवल 1 और 2
- (c) केवल 2 और 3
- (d) 1, 2 और 3
उत्तर(d) 1, 2 और 3
समान विषय — अस्पृश्यता-विरोधी संघर्ष और इसके नेता। UPSC 2019 गांधी को अस्पृश्यता-विरोधी लीग से तथा पेरियार को आत्म-सम्मान आंदोलन से जोड़ता है, वही दोनों व्यक्तित्व जिन्हें UPPSC 2021 वायकोम सत्याग्रह से जोड़ता है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
वायकोम सत्याग्रह (1924–25) किस रियासत में हुआ था?
- (a)मैसूर
- (b)त्रावणकोर
- (c)हैदराबाद
- (d)बड़ौदा
उत्तर(b) त्रावणकोर — वायकोम पूर्ववर्ती त्रावणकोर रियासत में स्थित है, वर्तमान केरल में।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
वायकोम सत्याग्रह में सक्रिय किस नेता को बाद में 'वायकोम वीरार' (वायकोम का वीर) की उपाधि मिली?
- (a)के. कामराज
- (b)ई.वी. रामासामी 'पेरियार'
- (c)सी. राजगोपालाचारी
- (d)श्री नारायण गुरु
उत्तर(b) ई.वी. रामासामी 'पेरियार' — वायकोम में उनकी भूमिका ने उन्हें 'वायकोम वीरार' की उपाधि दिलाई।