निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द भारतीय संविधान की प्रस्तावना में उल्लेखित नहीं है ?
- (a)सम्प्रभुता
- (b)लोकतंत्रात्मक
- (c)पंथनिरपेक्ष
- (d)संघीय
सही उत्तर — (d) संघीय। प्रस्तावना भारत को एक 'सम्पूर्ण प्रभुत्व-सम्पन्न समाजवादी पंथनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य' घोषित करती है, अतः सम्प्रभुता, लोकतंत्रात्मक और पंथनिरपेक्ष — तीनों शब्द इसमें आते हैं (समाजवादी और पंथनिरपेक्ष 42वें संशोधन, 1976 द्वारा जोड़े गए थे)। 'संघीय' शब्द प्रस्तावना में कहीं नहीं है — वास्तव में संविधान जानबूझकर इस शब्द से बचता है, और अनुच्छेद 1 में इसके बजाय भारत को 'राज्यों का संघ' कहता है। भारत की संरचना को प्रायः 'रूप में संघीय' कहा जाता है, किन्तु यह पद प्रस्तावना में प्रयुक्त नहीं है।
- (a)सम्प्रभुता — गलत — 'सम्प्रभुता' गणराज्य के आरंभिक विशेषणों में से एक है जो प्रस्तावना में है, अतः यह उल्लिखित है।
- (b)लोकतंत्रात्मक — गलत — 'लोकतंत्रात्मक' 'सम्पूर्ण प्रभुत्व-सम्पन्न समाजवादी पंथनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य' वाक्यांश में आता है; यह प्रस्तावना में भरपूर मौजूद है।
- (c)पंथनिरपेक्ष — गलत — 'पंथनिरपेक्ष' प्रस्तावना में है; इसे 42वें संविधान संशोधन (1976) द्वारा जोड़ा गया था, किन्तु यह मौजूद है।
भारतीय संविधान की प्रस्तावना राज्य को 'सम्पूर्ण प्रभुत्व-सम्पन्न समाजवादी पंथनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य' के रूप में वर्णित करती है और न्याय, स्वतंत्रता, समता तथा बंधुत्व के उद्देश्य निर्धारित करती है। 'समाजवादी' और 'पंथनिरपेक्ष' 42वें संशोधन (1976) द्वारा जोड़े गए थे। 'संघीय' शब्द संविधान में कहीं भी नहीं है; अनुच्छेद 1 भारत को 'राज्यों का संघ' कहता है।
सभी चार विकल्प भारत से जुड़ी विशेषताओं का वर्णन करते हैं, अतः विभेदक तात्विक है: कौन-सा शब्द वास्तव में प्रस्तावना में लिखा है। सटीक प्रस्तावना वाक्यांश 'सम्पूर्ण प्रभुत्व-सम्पन्न समाजवादी पंथनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य' याद करें — सम्प्रभुता, लोकतंत्रात्मक और पंथनिरपेक्ष उसमें हैं; संघीय बाहरी है, क्योंकि निर्माताओं ने इस शब्द से जानबूझकर परहेज़ किया (और 'राज्यों का संघ' चुना)।
- प्रस्तावना भारत को 'सम्पूर्ण प्रभुत्व-सम्पन्न समाजवादी पंथनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य' कहती है।
- 'समाजवादी' और 'पंथनिरपेक्ष' 42वें संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा जोड़े गए थे।
- 'संघीय' शब्द प्रस्तावना या संविधान में कहीं नहीं आता।
- अनुच्छेद 1 भारत को 'राज्यों का संघ' कहता है, न कि 'महासंघ'।
'संघीय' शब्द प्रस्तावना में कभी नहीं आता → विकल्प (d)।
- यह मान लेना कि 'संघीय' प्रस्तावना में है क्योंकि भारत एक संघीय देश है — यह शब्द कभी प्रयुक्त नहीं होता
- यह भूल जाना कि समाजवादी और पंथनिरपेक्ष बाद में जोड़े गए (42वाँ संशोधन, 1976), फिर भी प्रस्तावना में मौजूद हैं
UPPSC और UPSC पूछते हैं कि कौन-सा शब्द/उद्देश्य प्रस्तावना में है (या नहीं है) — सटीक वाक्यांश 'सम्पूर्ण प्रभुत्व-सम्पन्न समाजवादी पंथनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य' और यह कि 'संघीय' इसमें शामिल नहीं है, याद रखें।
निम्नलिखित में से कौन-सा उद्देश्य भारतीय संविधान की प्रस्तावना में सन्निहित नहीं है?
- (a) विचार की स्वतंत्रता
- (b) आर्थिक स्वतंत्रता
- (c) अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
- (d) विश्वास की स्वतंत्रता
उत्तर(b) आर्थिक स्वतंत्रता
समान अवधारणा — यह परीक्षण कि कौन-सा शब्द/उद्देश्य प्रस्तावना में नहीं है। यहाँ 'आर्थिक स्वतंत्रता' बाहरी है (केवल विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास और उपासना की स्वतंत्रता आती है), बिल्कुल वैसे ही जैसे UPPSC प्रश्न में 'संघीय' बाहरी है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
42वें संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा संविधान की प्रस्तावना में कौन-से दो शब्द जोड़े गए?
- (a)सम्प्रभुता और गणराज्य
- (b)समाजवादी और पंथनिरपेक्ष
- (c)लोकतंत्रात्मक और संघीय
- (d)एकता और अखंडता
उत्तर(b) समाजवादी और पंथनिरपेक्ष — 42वें संशोधन, 1976 द्वारा जोड़े गए (जिसमें 'अखंडता' भी जोड़ा गया)।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
संविधान का अनुच्छेद 1 भारत को किस रूप में वर्णित करता है?
- (a)राज्यों का महासंघ
- (b)राज्यों का परिसंघ
- (c)राज्यों का संघ
- (d)एकात्मक राज्य
उत्तर(c) राज्यों का संघ — निर्माताओं ने 'महासंघ' शब्द से परहेज़ किया, जो भारत के अखंड संघ को दर्शाता है।