निम्न में से कौन-से श्रम सम्बन्धी अधिनियमों को 'मज़दूरी संहिता, 2019' में सम्मिलित किया गया है ? I. न्यूनतम मज़दूरी अधिनियम II. बोनस भुगतान अधिनियम III. संविदा श्रम अधिनियम IV. समान पारिश्रमिक अधिनियम नीचे दिये गये कूट से सही उत्तर का चयन कीजिये । कूट :
- (a)केवल I और II
- (b)केवल II और III
- (c)केवल I, II और IV
- (d)I, II, III और IV
सही उत्तर — (c) केवल I, II और IV। मज़दूरी संहिता, 2019 ने चार केंद्रीय श्रम अधिनियमों को समाहित किया: मज़दूरी भुगतान अधिनियम, 1936; न्यूनतम मज़दूरी अधिनियम, 1948; बोनस भुगतान अधिनियम, 1965; तथा समान पारिश्रमिक अधिनियम, 1976। सूचीबद्ध मदों में से, इसका अर्थ है कि न्यूनतम मज़दूरी अधिनियम (I), बोनस भुगतान अधिनियम (II) तथा समान पारिश्रमिक अधिनियम (IV) समाहित हैं। संविदा श्रम (विनियमन व उत्सादन) अधिनियम (III) मज़दूरी संहिता का भाग नहीं है — इसे व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य व कार्य-दशा संहिता, 2020 में समाहित किया गया। अतः केवल I, II और IV, विकल्प (c)। (चौथा समाहित अधिनियम, मज़दूरी भुगतान अधिनियम, विकल्पों में सूचीबद्ध ही नहीं है।)
- (a)केवल I और II — यह समान पारिश्रमिक अधिनियम (IV) को छोड़ देता है, जो वास्तव में मज़दूरी संहिता में विलय किया गया — अतः यह समुच्चय अधूरा है।
- (b)केवल II और III — इसमें संविदा श्रम अधिनियम (III) को ग़लत ढंग से शामिल किया गया है, जो मज़दूरी संहिता में नहीं बल्कि OSH संहिता में गया, और न्यूनतम मज़दूरी व समान पारिश्रमिक अधिनियमों को छोड़ दिया गया है।
- (d)I, II, III और IV — इसमें संविदा श्रम अधिनियम (III) को जोड़ दिया गया है। यह अधिनियम व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य व कार्य-दशा संहिता, 2020 से सम्बंधित है, मज़दूरी संहिता से नहीं — यही जानबूझकर रखा गया जाल है।
भारत ने 29 केंद्रीय श्रम कानूनों को चार श्रम संहिताओं में समेकित किया: मज़दूरी संहिता, 2019; औद्योगिक सम्बन्ध संहिता, 2020; सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020; तथा व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य व कार्य-दशा (OSH) संहिता, 2020। मज़दूरी संहिता — इन चारों में पहले अधिनियमित (अगस्त 2019) — ने चार मज़दूरी-सम्बंधी अधिनियमों को विलय किया और उल्लेखनीय रूप से न्यूनतम मज़दूरी व समयबद्ध मज़दूरी भुगतान की अवधारणा को सभी क्षेत्रों के सभी श्रमिकों तक विस्तारित किया।
भ्रामक तत्व संविदा श्रम अधिनियम पर टिका है। प्रत्येक पुराने कानून को इस आधार पर समूहबद्ध करें कि किस संहिता ने उसे समाहित किया: मज़दूरी/बोनस/समान-वेतन कानून → मज़दूरी संहिता; संविदा-श्रम व कारखाना/सुरक्षा कानून → OSH संहिता; संघ, हड़ताल व छँटनी → औद्योगिक सम्बन्ध संहिता; ESI/EPF/उपदान → सामाजिक सुरक्षा संहिता। संविदा श्रम को मज़दूरी संहिता के अंतर्गत रखना ही वह गलती है जिसे विकल्प (b) व (d) आमंत्रित करते हैं।
- मज़दूरी संहिता, 2019 ने समाहित किया: मज़दूरी भुगतान अधिनियम 1936, न्यूनतम मज़दूरी अधिनियम 1948, बोनस भुगतान अधिनियम 1965, समान पारिश्रमिक अधिनियम 1976
- संविदा श्रम (विनियमन व उत्सादन) अधिनियम, 1970 को OSH संहिता, 2020 में विलय किया गया — मज़दूरी संहिता में नहीं
- कुल चार श्रम संहिताएँ: मज़दूरी (2019), औद्योगिक सम्बन्ध (2020), सामाजिक सुरक्षा (2020), OSH (2020)
- मज़दूरी संहिता चारों संहिताओं में सबसे पहले पारित की गई (2019)
- मज़दूरी भुगतान अधिनियम, 1936
- न्यूनतम मज़दूरी अधिनियम, 1948 (I)
- बोनस भुगतान अधिनियम, 1965 (II)
- समान पारिश्रमिक अधिनियम, 1976 (IV)
- मज़दूरी संहिता, 2019
- संविदा श्रम अधिनियम, 1970 (III) → OSH संहिता, 2020
I + II + IV मज़दूरी संहिता में जाते हैं; संविदा श्रम अधिनियम (III) OSH संहिता में जाता है — उत्तर (c)।
- संविदा श्रम अधिनियम को मज़दूरी संहिता के अंतर्गत रखना — यह OSH संहिता में है
- मज़दूरी भुगतान अधिनियम, 1936 (चौथा समाहित कानून) को भूल जाना, जो अक्सर विकल्प-सूची से छोड़ दिया जाता है
UPSC व UPPSC पूछते हैं कि किसी विशेष श्रम संहिता ने किन पुराने अधिनियमों को प्रतिस्थापित किया, या कुल कितनी संहिताएँ हैं और प्रत्येक (मज़दूरी, सुरक्षा, सम्बन्ध, सामाजिक सुरक्षा) किस विषय को कवर करती है।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
भारत के केंद्रीय श्रम कानूनों को कितनी श्रम संहिताओं में समेकित किया गया है ?
- (a)दो
- (b)तीन
- (c)चार
- (d)पाँच
उत्तर(c) चार — मज़दूरी संहिता 2019, तथा औद्योगिक सम्बन्ध, सामाजिक सुरक्षा व OSH की 2020 संहिताएँ।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
संविदा श्रम (विनियमन व उत्सादन) अधिनियम, 1970 को किस श्रम संहिता में समाहित किया गया है ?
- (a)मज़दूरी संहिता, 2019
- (b)औद्योगिक सम्बन्ध संहिता, 2020
- (c)व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य व कार्य-दशा संहिता, 2020
- (d)सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020
उत्तर(c) व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य व कार्य-दशा संहिता, 2020।