नीचे दो कथन दिए गए हैं, जिनमें से एक को अभिकथन (A) और दूसरे को कारण (R) कहा गया है : अभिकथन (A) : तिस्ता नदी पहले गंगा की सहायक नदी थी आजकल वह ब्रह्मपुत्र की सहायक नदी है । कारण (R) : नदी अपहरण हिमालय की नदियों का एक प्रमुख गुण है । नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए । कूट :
- (a)(A) और (R) दोनों सत्य हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है
- (b)(A) और (R) दोनों सत्य हैं, किन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है
- (c)(A) सत्य है, किन्तु (R) गलत है
- (d)(A) गलत है, किन्तु (R) सत्य है
सही उत्तर — (a) दोनों कथन सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या करता है। ऐतिहासिक रूप से तिस्ता कराटोया, अत्राई व पुनर्भबा जैसी धाराओं के माध्यम से दक्षिण की ओर गंगा/बंगाल-डेल्टा तंत्र में बहती थी। 1787 की महान बाढ़ के बाद नदी ने अपना मार्ग दक्षिण-पूर्व की ओर बदल लिया और ब्रह्मपुत्र (जमुना) से जा मिली, जहाँ यह आज बहती है — अतः अभिकथन A सत्य है। नदी अपहरण (जिसे नदी डकैती अथवा मार्ग-परिवर्तन भी कहा जाता है) वास्तव में युवा, सक्रिय रूप से अपरदन-रत हिमालयी नदियों की एक विशेषता है, अतः कारण R भी सत्य है। चूँकि मानक भूगोल शिक्षण तिस्ता के गंगा-से-ब्रह्मपुत्र परिवर्तन को ठीक इसी प्रकार के अपहरण/मार्ग-परिवर्तन के रूप में प्रस्तुत करता है, अतः R, A की सही व्याख्या करता है, जिससे विकल्प (a) बनता है।
- (b)(A) और (R) दोनों सत्य हैं, किन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है — दोनों कथन सत्य हैं, परन्तु R कोई असम्बद्ध तथ्य नहीं है — तिस्ता का गंगा तंत्र से ब्रह्मपुत्र में मार्ग-परिवर्तन नदी अपहरण/मार्ग-परिवर्तन की एक घटना माना जाता है, अतः R सीधे A की व्याख्या करता है।
- (c)(A) सत्य है, किन्तु (R) गलत है — R असत्य नहीं है। नदी अपहरण/डकैती युवा हिमालयी अपवाह की एक वास्तविक, मान्यता-प्राप्त विशेषता है, अतः R को असत्य मानना गलत है।
- (d)(A) गलत है, किन्तु (R) सत्य है — A असत्य नहीं है। 1787 की बाढ़ के बाद तिस्ता के गंगा तंत्र से ब्रह्मपुत्र में हुए दस्तावेज़ीकृत मार्ग-परिवर्तन के कारण अभिकथन सत्य है।
नदी अपहरण (नदी डकैती) एक नदी के उद्गम-जल या मार्ग का किसी पड़ोसी, अधिक सक्रिय रूप से अपरदन-रत चैनल में परिवर्तित हो जाना है। यह युवा, तीव्र हिमालयी अपवाह में सामान्य है, जहाँ नदियाँ तेज़ी से नीचे कटाव करती हैं और पूर्ववर्ती/अनुवर्ती धाराएँ जलग्रहण क्षेत्र के लिए होड़ करती हैं। तिस्ता भारत का एक क्लासिक उदाहरण है: कभी उत्तर बंगाल के गंगा-पक्षीय अपवाह का भाग रही, यह पूर्व की ओर मुड़कर ब्रह्मपुत्र की सहायक नदी बन गई।
अभिकथन-कारण मद में, प्रत्येक कथन को स्वतंत्र रूप से सत्यापित करें, फिर पूछें कि क्या कारण वास्तविक कारण है। यहाँ ऐतिहासिक मार्ग-परिवर्तन (A) सत्य है और हिमालयी अपहरण/मार्ग-परिवर्तन की प्रवृत्ति (R) उसी तंत्र के रूप में आमंत्रित की जाती है जो इसे स्पष्ट करता है, अतः दोनों कार्य-कारण सम्बंध में हैं — उत्तर (a), न कि (b)।
- तिस्ता पहले गंगा/बंगाल-डेल्टा तंत्र में बहती थी; अब यह ब्रह्मपुत्र (जमुना) से जा मिलती है
- यह परिवर्तन 1787 की विनाशकारी बाढ़ से जोड़ा जाता है
- नदी अपहरण/डकैती युवा, सक्रिय रूप से अपरदन-रत हिमालयी नदियों की एक मान्यता-प्राप्त विशेषता है
- तिस्ता सिक्किम के पौहुनरी/तिस्ता कांग्से हिमनद से निकलती है (ब्रह्मपुत्र के उद्गम से भिन्न स्रोत)

- जब R वास्तव में वही तंत्र है जो A की व्याख्या करता है, तब भी (b) चुन लेना
- तिस्ता के स्रोत को ब्रह्मपुत्र के स्रोत से भ्रमित करना — ये भिन्न हिमनद हैं
UPSC व UPPSC तिस्ता की परीक्षा या तो इसके स्रोत, सहायक नदियों व निकास पर कथन-आधारित मद के रूप में, या इसके ऐतिहासिक मार्ग-परिवर्तन व नदी अपहरण पर अभिकथन-कारण के रूप में लेते हैं।
नदी तिस्ता के सन्दर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. तिस्ता नदी का स्रोत वही है जो ब्रह्मपुत्र का है, परन्तु यह सिक्किम से होकर बहती है। 2. नदी रंगीत सिक्किम में निकलती है और यह तिस्ता नदी की एक सहायक नदी है। 3. तिस्ता नदी भारत व बांग्लादेश की सीमा पर बंगाल की खाड़ी में गिरती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं ?
- (a) केवल 1 और 3
- (b) केवल 2
- (c) केवल 2 और 3
- (d) 1, 2 और 3
उत्तर(b) केवल 2
वही नदी — तिस्ता के स्रोत, इसकी सहायक नदी रंगीत तथा इसके निकास स्थान की परीक्षा लेता है, जो इसके मार्ग-परिवर्तन पर इस मद के फोकस का पूरक है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
'नदी अपहरण' किस चरण/प्रकार की नदियों की सबसे विशिष्ट पहचान है ?
- (a)प्रायद्वीपीय पठार की पुरानी, परिपक्व नदियाँ
- (b)युवा, सक्रिय रूप से नीचे-कटाव करने वाली हिमालयी नदियाँ
- (c)समुद्र के निकट डेल्टाई वितरिकाएँ
- (d)शुष्क द्रोणियों का अंतर्देशीय अपवाह
उत्तर(b) युवा, सक्रिय रूप से नीचे-कटाव करने वाली हिमालयी नदियाँ — जहाँ शीर्षस्थ अपरदन एक धारा को दूसरी में मोड़ने देता है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
तिस्ता नदी बंगाल की खाड़ी के अपवाह में प्रवेश करने से पहले अंततः किस नदी से मिलती है ?
- (a)गंगा
- (b)ब्रह्मपुत्र (जमुना)
- (c)महानंदा
- (d)सुबर्णरेखा
उत्तर(b) ब्रह्मपुत्र (जमुना) — बांग्लादेश के भीतर, इसके 1787 के बाद के मार्ग-परिवर्तन के पश्चात्।