निम्नलिखित युद्धों को कालानुक्रम में व्यवस्थित कीजिए और नीचे दिए कूटों में से सही उत्तर चुनिए : I. सर्नाल का युद्ध II. बिलग्राम का युद्ध III. धरमत का युद्ध IV. जजाऊ का युद्ध कूट :
- (a)II, I, III, IV
- (b)II, III, IV, I
- (c)III, II, I, IV
- (d)III, I, II, IV
सही उत्तर — (a), II, I, III, IV। तिथि क्रम में चारों युद्ध इस प्रकार हैं: (II) बिलग्राम, 17 मई 1540 — जिसे कन्नौज का युद्ध भी कहा जाता है, जहाँ शेरशाह सूरी ने गंगा तट पर हुमायूँ को परास्त किया और उसे भारत से बाहर पंद्रह वर्ष के निर्वासन में धकेल दिया, हिंदुस्तान पर सुर शासन की स्थापना करते हुए; (I) सरनाल, 1572 — अकबर के गुजरात अभियान के दौरान लड़ा गया, जब अकबर एक छोटी अग्रिम सेना के साथ महि नदी पार करके अब खेड़ा ज़िले में स्थित सरनाल पर विद्रोही मिर्ज़ाओं की स्थिति पर धावा बोल दिया, एक ऐसा साहसिक कदम जिसने गुजरात के विलय का मार्ग खोला; (III) धरमत, 15 अप्रैल 1658 — उज्जैन के निकट, जहाँ औरंगज़ेब और मुराद बख्श ने मारवाड़ के जसवंत सिंह के नेतृत्व वाली शाही सेना को हराया, दारा शिकोह के विरुद्ध उत्तराधिकार युद्ध की पहली बड़ी लड़ाई; और (IV) जजाऊ, जून 1707 — आगरा के निकट, जहाँ औरंगज़ेब की मृत्यु के कुछ सप्ताह बाद, राजकुमार मुअज़्ज़म ने अपने भाई आज़म शाह को हराकर मार डाला और बहादुर शाह प्रथम के रूप में सिंहासन ग्रहण किया। अतः क्रम है 1540 → 1572 → 1658 → 1707, अर्थात II, I, III, IV।
- (b)II, III, IV, I — यह सही ढंग से बिलग्राम से आरंभ होता है पर फिर सरनाल को बिल्कुल अंत में, जजाऊ के बाद, धकेल देता है। सरनाल अकबर के 1572 के गुजरात अभियान का है, जो 1707 के जजाऊ उत्तराधिकार युद्ध से एक शताब्दी से भी अधिक पहले का है।
- (c)III, II, I, IV — यह धरमत से आरंभ होता है। धरमत 1658 में औरंगज़ेब के उत्तराधिकार युद्ध के दौरान लड़ा गया था — यह बिलग्राम (1540) और सरनाल (1572) से पहले नहीं आ सकता, ये दोनों सोलहवीं शताब्दी के हैं।
- (d)III, I, II, IV — यह 1658 के धरमत युद्ध को पहले रखने की वही त्रुटि करता है, और इसके अतिरिक्त सरनाल (1572) को बिलग्राम (1540) से पहले रख देता है।
चारों युद्ध मुग़ल इतिहास के चार अलग-अलग चरणों के मील के पत्थर हैं, और यह याद रखना कि प्रत्येक किस चरण का है, उसकी तिथि याद रखने से आसान है। बिलग्राम मुग़ल पहली पीढ़ी के संकट से संबंधित है — हुमायूँ की पराजय और सुर अंतराल-शासन। सरनाल अकबर के विस्तार काल से संबंधित है, जब अपने बंदरगाहों और धन के साथ गुजरात साम्राज्य में शामिल हुआ। धरमत 1657-59 के उत्तराधिकार युद्ध से संबंधित है जिसने औरंगज़ेब को सिंहासन पर बिठाया। जजाऊ 1707 के उस उत्तराधिकार युद्ध से संबंधित है जो औरंगज़ेब की मृत्यु के बाद हुआ और दीर्घकालिक पतन की शुरुआत करता है। प्रत्येक युद्ध को उसके चरण में रखें और कालक्रम स्वयं बन जाएगा।
चार-मद वाले क्रम-प्रश्न में शायद ही कभी चारों तिथियों की आवश्यकता होती है। पहले दोनों छोरों को स्थिर करें: बिलग्राम यहाँ का एकमात्र युद्ध है जो हुमायूँ के शासनकाल का है, इसलिए यह पहला होना चाहिए; जजाऊ औरंगज़ेब की मृत्यु के बाद आता है, इसलिए यह अंतिम होना चाहिए। इतने से ही विकल्प (b), (c) और (d) समाप्त हो जाते हैं — प्रत्येक या तो गलत युद्ध से आरंभ होता है या गलत युद्ध पर समाप्त होता है — और (a) शेष रह जाता है। यह भी ध्यान रहे कि धरमत और जजाऊ दोनों उत्तराधिकार-युद्ध हैं, और मुग़ल उत्तराधिकार युद्ध आधी शताब्दी के अंतराल से अलग हैं: औरंगज़ेब का 1658 में, उसके पुत्रों का 1707 में।
- बिलग्राम (कन्नौज) का युद्ध, 17 मई 1540: शेरशाह सूरी ने हुमायूँ को पराजित किया, जो भारत से भाग गया; हिंदुस्तान पर सुर शासन स्थापित हुआ।
- सरनाल का युद्ध, 1572: अकबर ने अपने गुजरात अभियान के दौरान महि नदी पर सरनाल में विद्रोही मिर्ज़ाओं को पराजित किया, जो गुजरात के विलय का भाग था।
- धरमत का युद्ध, 15 अप्रैल 1658: औरंगज़ेब और मुराद बख्श ने दारा शिकोह के विरुद्ध उत्तराधिकार युद्ध में शाही पक्ष की कमान संभालने वाले मारवाड़ के जसवंत सिंह को पराजित किया।
- जजाऊ का युद्ध, जून 1707: मार्च 1707 में औरंगज़ेब की मृत्यु के बाद आगरा के निकट लड़ा गया; राजकुमार मुअज़्ज़म ने आज़म शाह को पराजित कर बहादुर शाह प्रथम बना।
- धरमत के छह सप्ताह के भीतर समुगढ़ (मई 1658) हुआ, जो दारा शिकोह की निर्णायक पराजय थी।

- रोमन अंकों को पहले से ही क्रमबद्ध मान लेना। सूची जान-बूझकर उलट-पुलट की गई है; पहली मद, सरनाल, कालक्रम में दूसरा युद्ध है।
- धरमत को समुगढ़ से भ्रमित करना — दोनों 1658 के उत्तराधिकार युद्ध से संबंधित हैं, धरमत अप्रैल में और समुगढ़ मई में, और धरमत वह है जो मारवाड़ के जसवंत सिंह के विरुद्ध लड़ा गया था।
- यह मान लेना कि अपरिचित-सा लगने वाला युद्ध अवश्य पुराना होगा। सरनाल यहाँ का सबसे कम परिचित नाम है पर सहजता से अकबर के शासनकाल में बैठता है।
UPPSC मध्यकालीन भारतीय इतिहास से चार-मद वाले कालानुक्रमिक क्रम-प्रश्नों का शौकीन है; UPSC इन्हीं युद्धों को एकल-तथ्य प्रश्नों के रूप में पूछता है — किसने किसके विरुद्ध लड़ा, और किस परिणाम के साथ।
धरमत का युद्ध किनके बीच लड़ा गया था ?
- (a) मुहम्मद गोरी और जयचंद
- (b) बाबर और अफ़ग़ान
- (c) औरंगज़ेब और दारा शिकोह
- (d) अहमद शाह दुर्रानी और मराठा
उत्तर(c) औरंगज़ेब और दारा शिकोह
वही युद्ध — इस क्रम-प्रश्न की मद III — जिसे UPSC ने सीधे 'किसने किसके विरुद्ध लड़ा' के रूप में पूछा, यह दर्शाते हुए कि एक ही तथ्य दोनों स्तरों पर कैसे परखा जाता है।
निम्नलिखित पेशवाओं के शासनकाल पर विचार कीजिए और उन्हें कालानुक्रमिक क्रम में व्यवस्थित कीजिए - (I) बालाजी विश्वनाथ (II) बाजीराव प्रथम (III) नारायण राव (IV) माधव राव प्रथम नीचे दिए गए कूट का उपयोग करते हुए सही उत्तर चुनिए -
- (a) II, I, IV, III
- (b) I, II, IV, III
- (c) I, III, II, IV
- (d) I, II, III, IV
उत्तर(b) I, II, IV, III
मध्यकालीन कालक्रम पर चार-मद वाला वही UPPSC अभ्यास और वही हल करने की विधि — पहले छोरों को स्थिर करें, फिर बीच की जोड़ी को व्यवस्थित करें।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
बिलग्राम का युद्ध, जिसे कन्नौज का युद्ध भी कहा जाता है, 1540 में किनके बीच लड़ा गया था ?
- (a)बाबर और इब्राहीम लोदी
- (b)शेरशाह सूरी और हुमायूँ
- (c)अकबर और हेमू
- (d)औरंगज़ेब और दारा शिकोह
उत्तर(b) शेरशाह सूरी और हुमायूँ — इस पराजय ने हुमायूँ को भारत से बाहर धकेल दिया और सुर शासन स्थापित किया; बाबर-इब्राहीम लोदी 1526 का पानीपत था, अकबर-हेमू 1556 का पानीपत, और औरंगज़ेब-दारा 1658 का है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
जून 1707 में लड़ा गया जजाऊ का युद्ध निम्नलिखित में से किसका परिणाम था ?
- (a)नादिर शाह का आक्रमण
- (b)औरंगज़ेब की मृत्यु और उसके पुत्रों के बीच उत्तराधिकार विवाद
- (c)शिवाजी के नेतृत्व में मराठा विद्रोह
- (d)औरंगज़ेब द्वारा शाहजहाँ की अपदस्थता
उत्तर(b) औरंगज़ेब की मृत्यु और उसके पुत्रों के बीच उत्तराधिकार विवाद — औरंगज़ेब की मृत्यु मार्च 1707 में हुई, और आगरा के निकट जजाऊ में राजकुमार मुअज़्ज़म ने आज़म शाह को हराकर बहादुर शाह प्रथम बना।