निम्नलिखित घटनाओं पर विचार कीजिए तथा इन्हें सही कालानुक्रम में व्यवस्थित कीजिए, सबसे पहले से लेकर आख़िरी गतिविधि तक : 1. शाही भारतीय नौसेना विद्रोह 2. कैबिनेट मिशन की घोषणा 3. अंतरिम सरकार का गठन 4. ब्रिटिश संसदीय प्रतिनिधिमंडल का दिल्ली में आगमन नीचे दिए गए कूट में से सही उत्तर चुनिए :
- (a)4, 3, 2, 1
- (b)4, 1, 2, 3
- (c)4, 2, 1, 3
- (d)2, 4, 1, 3
सही उत्तर — (a) 4, 3, 2, 1। यही वह विकल्प है जिसे आधिकारिक UPPSC SET-D कुंजी में चिह्नित किया गया है, और 22 दिसंबर 2024 को इसी विकल्प पर अंक दिए गए थे — इसलिए इस प्रश्नपत्र के लिए इसे ही उत्तर मानें। साथ ही, ईमानदारी से यह भी जान लें कि यह उन दुर्लभ प्रश्नों में से एक है जहाँ आयोग की अपनी कुंजी ऐतिहासिक तथ्यों से मेल नहीं खाती। विकल्प (a) पढ़ता है: ब्रिटिश संसदीय प्रतिनिधिमंडल → अंतरिम सरकार → कैबिनेट मिशन → RIN विद्रोह। किसी भी स्रोत से यह क्रम सिद्ध नहीं होता। तिथि-आधारित वास्तविक क्रम यह है: ब्रिटिश संसदीय प्रतिनिधिमंडल जनवरी-फरवरी 1946 में भारत में था; शाही भारतीय नौसेना विद्रोह 18-25 फरवरी 1946 के बीच चला; कैबिनेट मिशन की घोषणा 19 फरवरी 1946 को हुई और यह 24 मार्च 1946 को भारत पहुँचा; तथा अंतरिम सरकार 2 सितंबर 1946 को शपथ लेकर बनी — अर्थात 4 → 1 → 2 → 3, जो कि विकल्प (b) है। यह कार्ड लिखने से पहले हमने इसे आयोग की अपनी उत्तर-चिह्नित पुस्तिका से मिलाकर जाँचा — वहाँ वास्तव में (a) पर ही निशान छपा है। अतः यह त्रुटि UPPSC की अपनी है, हमारे द्वारा कुंजी की पुनरावृत्ति में हुई कोई चूक नहीं। अंकों के लिए (a) लिखें; नीचे दी गई चारों तिथियाँ याद रखें, क्योंकि भविष्य के किसी भी प्रश्नपत्र में वास्तव में यही परखा जाएगा।
- (b)4, 1, 2, 3 — ऐतिहासिक दृष्टि से यही तर्कसंगत क्रम है — प्रतिनिधिमंडल (जनवरी 1946) → RIN विद्रोह (18 फरवरी 1946) → कैबिनेट मिशन (घोषणा 19 फरवरी, आगमन 24 मार्च 1946) → अंतरिम सरकार (2 सितंबर 1946)। फिर भी यह वह विकल्प नहीं है जिसे आधिकारिक SET-D कुंजी में चिह्नित किया गया है, इसलिए परीक्षा में इस पर कोई अंक नहीं मिला। हम इस विरोधाभास को छिपाने के बजाय स्पष्ट रूप से बताते हैं: 2024 के प्रश्नपत्र के लिए उत्तर (a) है; परंतु इतिहास के लिए याद रखने योग्य वास्तविक क्रम (b) है।
- (c)4, 2, 1, 3 — यह कैबिनेट मिशन को RIN विद्रोह से पहले रखता है। विद्रोह की शुरुआत 18 फरवरी 1946 को बंबई में HMIS तलवार पोत पर हुई — यह एटली द्वारा हाउस ऑफ कॉमन्स में मिशन की घोषणा (19 फरवरी 1946) से एक दिन पहले की बात है — और तीनों मंत्री तो 24 मार्च 1946 को ही भारत पहुँचे थे। अतः चाहे घोषणा की तिथि लें या आगमन की, दोनों ही स्थितियों में विद्रोह पहले आता है।
- (d)2, 4, 1, 3 — यह कैबिनेट मिशन को सबसे पहले रखता है, यहाँ तक कि ब्रिटिश संसदीय प्रतिनिधिमंडल से भी पहले। यह कारण और प्रभाव को उलट देता है: दस सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने जनवरी-फरवरी 1946 में भारतीय जनमत जानने हेतु भारत का दौरा किया, और उसके बाद ही तीन कैबिनेट मंत्रियों वाला कैबिनेट मिशन आया।
द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति और स्वतंत्रता के बीच, भारत को लेकर ब्रिटिश नीति तेज़ी से कई चरणों में बदली, और 1946 इस पूरे क्रम का सबसे सघन वर्ष है। दस सदस्यीय ब्रिटिश संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने जनमत जानने हेतु जनवरी-फरवरी 1946 में भारत का दौरा किया; शाही भारतीय नौसेना के नाविकों ने 18 से 25 फरवरी के बीच बंबई में विद्रोह किया; एटली ने 19 फरवरी को तीन कैबिनेट मंत्रियों वाले कैबिनेट मिशन की घोषणा की, जो 24 मार्च को भारत पहुँचा; और जब मिशन की संवैधानिक योजना (16 मई 1946) आंशिक रूप से स्वीकार की गई, तो 2 सितंबर 1946 को अंतरिम सरकार सत्ता में आई, जिसमें नेहरू वायसराय की कार्यकारी परिषद के उपाध्यक्ष बने।
1945-47 पर कालक्रम-आधारित प्रश्न तर्क से नहीं बल्कि कुछ चुनी हुई सटीक तिथियाँ याद रखने से हल होते हैं। इस विशेष प्रश्न का जाल यह है कि चारों में से तीन घटनाएँ फरवरी-मार्च 1946 में लगभग पाँच सप्ताह के भीतर घटित होती हैं, इसलिए यह धुँधली-सी समझ कि 'विद्रोह कैबिनेट मिशन के आसपास ही हुआ था' पर्याप्त नहीं है — विद्रोह के लिए 18 फरवरी और घोषणा के लिए 19 फरवरी याद रखना आवश्यक है। एक घटना जिसे आसानी से स्थिर बिंदु बनाया जा सकता है वह है अंतरिम सरकार: 2 सितंबर 1946, और यह चारों में हमेशा अंतिम स्थान पर रहती है।
- ब्रिटिश संसदीय प्रतिनिधिमंडल: जनवरी-फरवरी 1946 में भारत में, रॉबर्ट रिचर्ड्स के नेतृत्व में दस सांसद व लॉर्ड, स्वतंत्रता पर भारतीय जनमत जानने हेतु भेजे गए; यह कैबिनेट मिशन से पहले आया।
- शाही भारतीय नौसेना विद्रोह: 18-25 फरवरी 1946, बंबई के कोलाबा स्थित सिग्नल स्कूल HMIS तलवार से शुरू हुआ; बी.सी. दत्त इसके प्रमुख प्रेरक थे और एम.एस. खान तथा मदन सिंह ने नौसेना केंद्रीय हड़ताल समिति का नेतृत्व किया।
- कैबिनेट मिशन: 19 फरवरी 1946 को घोषित, 24 मार्च 1946 को भारत पहुँचा — लॉर्ड पैथिक-लॉरेंस, सर स्टैफर्ड क्रिप्स और ए.वी. एलेक्जेंडर इसके सदस्य थे; इसकी योजना 16 मई 1946 को जारी हुई।
- अंतरिम सरकार: 2 सितंबर 1946 को गठित, जवाहरलाल नेहरू वायसराय की कार्यकारी परिषद के उपाध्यक्ष बने; मुस्लिम लीग इसमें केवल 26 अक्टूबर 1946 को शामिल हुई।
- आधिकारिक UPPSC SET-D कुंजी में (a) 4, 3, 2, 1 चिह्नित है; जबकि इन्हीं चार घटनाओं का प्रलेखित (documented) वास्तविक क्रम (b) 4, 1, 2, 3 है।
- जनवरी-फरवरी 1946 — ब्रिटिश संसदीय प्रतिनिधिमंडल भारत में (4)
- 18-25 फरवरी 1946 — शाही भारतीय नौसेना विद्रोह, HMIS तलवार, बंबई (1)
- 19 फरवरी 1946 — कैबिनेट मिशन की घोषणा; 24 मार्च 1946 को आगमन (2)
- 2 सितंबर 1946 — अंतरिम सरकार की शपथ, नेहरू उपाध्यक्ष के रूप में (3)
प्रलेखित क्रम 4 → 1 → 2 → 3 = विकल्प (b)। फिर भी आधिकारिक UPPSC कुंजी में विकल्प (a) 4, 3, 2, 1 चिह्नित है — आयोग की एक त्रुटि, जिसकी पुष्टि उसकी अपनी उत्तर-चिह्नित पुस्तिका से की गई।
- जब प्रश्न में 'घोषणा' (19 फरवरी 1946) कहा गया हो, तब कैबिनेट मिशन की तिथि उसके आगमन (24 मार्च 1946) से जोड़ लेना — यहाँ इससे क्रम नहीं बदलता, पर अन्य प्रश्नपत्रों में बदल सकता है।
- अंतरिम सरकार (2 सितंबर 1946) को संविधान सभा के प्रथम अधिवेशन (9 दिसंबर 1946) के साथ भ्रमित करना।
- यह मान लेना कि RIN विद्रोह के कारण कैबिनेट मिशन बना। मिशन की घोषणा 19 फरवरी को हुई, यानी विद्रोह शुरू होने के अगले ही दिन — निर्णय पहले ही लिया जा चुका था; विद्रोह ने केवल तात्कालिकता को तीव्र किया, मिशन को जन्म नहीं दिया।
UPPSC और UPSC दोनों 1945-47 को 'कालानुक्रम में व्यवस्थित करें' या 'कौन-सी घटना अंतिम थी' के रूप में पूछना पसंद करते हैं; UPSC 2017 ने RIN विद्रोह को भारत छोड़ो आंदोलन और गोलमेज सम्मेलन के साथ क्रमबद्ध कराया था, और UPPSC लगभग हर वर्ष यह प्रारूप दोहराता है।
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के संदर्भ में, निम्नलिखित घटनाओं पर विचार कीजिए: 1. शाही भारतीय नौसेना में विद्रोह 2. भारत छोड़ो आंदोलन का शुभारंभ 3. द्वितीय गोलमेज सम्मेलन उपर्युक्त घटनाओं का सही कालानुक्रम क्या है?
- (a) 1-2-3
- (b) 2-1-3
- (c) 3-2-1
- (d) 3-1-2
उत्तर(c) 3-2-1
वही कौशल और उन्हीं में से एक घटना — UPSC ने उम्मीदवारों से RIN विद्रोह (फरवरी 1946) को द्वितीय गोलमेज सम्मेलन (1931) और भारत छोड़ो आंदोलन (1942) के सापेक्ष क्रमबद्ध करने को कहा था।
1946 में गठित अंतरिम सरकार में, कार्यकारी परिषद के उपाध्यक्ष कौन थे
- (a) जवाहरलाल नेहरू
- (b) डॉ. एस. राधाकृष्णन
- (c) सी. राजगोपालाचारी
- (d) डॉ. राजेंद्र प्रसाद
उत्तर(a) जवाहरलाल नेहरू
इस शृंखला की अंतिम घटना को परखता है — 2 सितंबर 1946 की अंतरिम सरकार और उसमें नेहरू का वायसराय की कार्यकारी परिषद के उपाध्यक्ष के रूप में पद।
कैबिनेट मिशन के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. इसने एक संघीय सरकार की सिफ़ारिश की। 2. इसने भारतीय न्यायालयों की शक्तियों को बढ़ाया। 3. इसमें ICS में अधिक भारतीयों को शामिल करने का प्रावधान था। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
- (a) केवल 1
- (b) 2 और 3
- (c) 1 और 3
- (d) कोई नहीं
उत्तर(a) केवल 1
इस सूची की घटना 2 की विषय-वस्तु को कवर करता है — एक बार समय में सही ढंग से स्थापित करने के बाद, 1946 के कैबिनेट मिशन ने वास्तव में क्या प्रस्तावित किया था।
निम्नलिखित घटनाओं पर विचार कीजिए और इन्हें कालानुक्रम में व्यवस्थित कीजिए : I. शारदा अधिनियम II. नेहरू रिपोर्ट III. साइमन कमीशन का गठन IV. डांडी मार्च नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए। कूट :
- (a) III, II, I और IV
- (b) I, II, III और IV
- (c) IV, III, II और I
- (d) I, IV, II और III
उत्तर(a) III, II, I और IV
उसी आयोग का बिल्कुल वैसा ही प्रारूप — राष्ट्रीय आंदोलन के चार पड़ावों को क्रम में लगाना, जो पूरी तरह याद रखी गई तिथियों से तय होता है।
निम्नलिखित में से कौन-सी घटना कालानुक्रम में सबसे अंतिम थी?
- (a) जलियाँवाला बाग हत्याकांड
- (b) मोपला विद्रोह
- (c) खिलाफत आंदोलन
- (d) होम रूल आंदोलन
उत्तर(b) मोपला विद्रोह
स्वतंत्रता संग्राम की घटनाओं पर उसी कालक्रम-कौशल का 'कौन-सी अंतिम थी' रूप — UPPSC इसे और पूर्ण चार-घटना क्रम-व्यवस्थापन के बीच बारी-बारी से पूछता है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
फरवरी 1946 का शाही भारतीय नौसेना विद्रोह किस पोत पर शुरू हुआ था?
- (a)HMIS तलवार
- (b)HMIS हिन्दुस्तान
- (c)HMIS नर्बदा
- (d)HMIS बहादुर
उत्तर(a) HMIS तलवार — बंबई के कोलाबा स्थित सिग्नल प्रशिक्षण संस्थान, जहाँ नाविकों ने 18 फरवरी 1946 को हड़ताल की; कराची स्थित HMIS हिन्दुस्तान बाद में इसमें शामिल हुआ।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
निम्नलिखित में से कौन 1946 में भारत आए कैबिनेट मिशन का सदस्य नहीं था?
- (a)लॉर्ड पैथिक-लॉरेंस
- (b)सर स्टैफर्ड क्रिप्स
- (c)ए.वी. एलेक्जेंडर
- (d)लॉर्ड वेवेल
उत्तर(d) लॉर्ड वेवेल — वे वायसराय थे जिन्होंने मिशन का स्वागत किया, वे इसके तीन सदस्यों (पैथिक-लॉरेंस, क्रिप्स और एलेक्जेंडर) में से नहीं थे।