निम्नलिखित में से कौन महिला स्वतंत्रता सेनानी ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ से संबंधित नहीं है ?
- (a)मातंगिनी हाज़रा
- (b)कनक लता बरूआ
- (c)शांति घोष
- (d)अरूणा आसफ अली
सही उत्तर — (c) शांति घोष। वे स्वतंत्रता संग्राम के एक पूर्ववर्ती, क्रांतिकारी चरण से संबंधित थीं: सुनीति चौधरी के साथ मिलकर उन्होंने 14 दिसंबर 1931 को कोमिल्ला (बंगाल) के ज़िला मजिस्ट्रेट सी.जी.बी. स्टीवंस की हत्या कर दी थी — यह भारत छोड़ो आंदोलन से एक दशक से भी अधिक पहले की बात है। शेष तीनों 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन से दृढ़तापूर्वक जुड़ी हुई हैं, इसलिए शांति घोष ही वह व्यक्ति हैं जिनका इससे संबंध नहीं है।
- (a)मातंगिनी हाज़रा — वे भारत छोड़ो आंदोलन से संबंधित थीं — यह वयोवृद्ध गांधीवादी महिला 29 सितंबर 1942 को ताम्लुक (मिदनापुर, बंगाल) में एक जुलूस का नेतृत्व करते हुए, राष्ट्रीय ध्वज थामे हुए, पुलिस की गोली से शहीद हुईं; इसलिए वे अपवाद नहीं हैं।
- (b)कनक लता बरूआ — वे भारत छोड़ो आंदोलन से संबंधित थीं — इस युवा असमिया कार्यकर्ता की 20 सितंबर 1942 को गोहपुर में एक पुलिस थाने पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने की कोशिश करते हुए गोली मारकर हत्या कर दी गई; अपवाद नहीं।
- (d)अरूणा आसफ अली — वे भारत छोड़ो आंदोलन से संबंधित थीं — उन्होंने अगस्त 1942 में बंबई के गोवालिया टैंक मैदान में कांग्रेस का झंडा फहराया और 1942 आंदोलन की भूमिगत 'नायिका' बनीं; अपवाद नहीं।
भारत छोड़ो आंदोलन (अगस्त 1942) में कई महिलाओं ने अग्रणी, प्रायः बलिदानी भूमिका निभाई: अरुणा आसफ अली ने गोवालिया टैंक पर झंडा फहराया और भूमिगत गतिविधियाँ संचालित कीं; मातंगिनी हाज़रा एवं कनकलता बरुआ 1942 के ध्वज-जुलूसों में गोली मारकर शहीद कर दी गईं। इसके विपरीत, शांति घोष 1930 के दशक की शुरुआत की एक बंगाली क्रांतिकारी थीं, जिन्होंने 1931 में कोमिल्ला के ज़िला मजिस्ट्रेट की हत्या में भाग लिया था — एक भिन्न आंदोलन और एक भिन्न दशक।
प्रश्न तीन भारत छोड़ो हस्तियों के बीच एक क्रांतिकारी को छिपाता है। संकेत तिथि है: भारत छोड़ो 1942 का है, परन्तु शांति घोष की प्रसिद्धि बंगाल की 1931 की सशस्त्र क्रांतिकारी कार्रवाई से है। यह जानना कि अन्य तीनों 1942 के शहीद/आयोजक थे, शांति घोष को विषम व्यक्ति के रूप में अलग करता है।
- मातंगिनी हाज़रा — 29 सितंबर 1942 को ताम्लुक, बंगाल में, भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान, ध्वज थामे हुए शहीद हुईं।
- कनकलता बरुआ — 20 सितंबर 1942 को गोहपुर, असम में, भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान, ध्वज फहराते हुए शहीद हुईं।
- अरुणा आसफ अली — बंबई के गोवालिया टैंक (अगस्त 1942) में कांग्रेस का झंडा फहराया; भारत छोड़ो आंदोलन की भूमिगत नेता।
- शांति घोष — सुनीति चौधरी के साथ मिलकर 14 दिसंबर 1931 को कोमिल्ला के ज़िला मजिस्ट्रेट की हत्या की; 1930 के दशक की क्रांतिकारी, भारत छोड़ो की हस्ती नहीं।

- यह मान लेना कि कोई भी प्रसिद्ध महिला स्वतंत्रता सेनानी अवश्य भारत छोड़ो आंदोलन का हिस्सा रही होगी — शांति घोष 1930 के दशक के क्रांतिकारी चरण से संबंधित थीं।
- क्रांतिकारी (सशस्त्र) धारा को 1942 के कांग्रेस-नेतृत्व वाले जन आंदोलन से भ्रमित करना।
UPPSC/UPSC यह पूछते हैं कि 'कौन किसी नामित आंदोलन से संबंधित था/नहीं था', यह परखते हुए कि क्या आप प्रत्येक स्वतंत्रता सेनानी को सही आंदोलन एवं दशक में रख सकते हैं।
स्वतंत्रता संग्राम के दौरान, अरुणा आसफ अली भूमिगत गतिविधि की एक प्रमुख महिला आयोजक थीं —
- (a) सविनय अवज्ञा आंदोलन में
- (b) असहयोग आंदोलन में
- (c) भारत छोड़ो आंदोलन में
- (d) स्वदेशी आंदोलन में
उत्तर(c) भारत छोड़ो आंदोलन में
बिल्कुल सटीक — यह अरुणा आसफ अली को भारत छोड़ो आंदोलन की एक महिला आयोजक के रूप में पहचानता है, वही तीन हस्तियों में से एक जिन्हें UPPSC प्रश्न सही रूप से 1942 से जोड़ता है।
1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा अवलोकन सत्य नहीं है ?
- (a) यह एक अहिंसक आंदोलन था
- (b) इसका नेतृत्व महात्मा गांधी ने किया
- (c) यह एक स्वतःस्फूर्त आंदोलन था
- (d) इसने सामान्यतः मज़दूर वर्ग को आकर्षित नहीं किया
उत्तर(b) इसका नेतृत्व महात्मा गांधी ने किया
वही आंदोलन, वही 'कौन सा सत्य नहीं है/संबंधित नहीं है' प्रारूप — यह 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के स्वरूप एवं सहभागियों के सटीक ज्ञान की परख करता है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
1942 में एक जुलूस का नेतृत्व करते हुए शहीद हुईं मातंगिनी हाज़रा किस आंदोलन की शहीद थीं ?
- (a)असहयोग आंदोलन
- (b)सविनय अवज्ञा आंदोलन
- (c)भारत छोड़ो आंदोलन
- (d)स्वदेशी आंदोलन
उत्तर(c) भारत छोड़ो आंदोलन — वे सितंबर 1942 में ताम्लुक में गोली मारकर शहीद की गईं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
भारत छोड़ो आंदोलन के आरंभ में बंबई के गोवालिया टैंक मैदान में कांग्रेस का झंडा किसने फहराया था ?
- (a)सरोजिनी नायडू
- (b)अरुणा आसफ अली
- (c)सुचेता कृपलानी
- (d)कमलादेवी चट्टोपाध्याय
उत्तर(b) अरुणा आसफ अली — 1942 आंदोलन की भूमिगत नायिका।