समुद्री शैवाल किसके महत्त्वपूर्ण स्रोत हैं ?
- (a)आर्गन के
- (b)आयोडीन के
- (c)क्लोरीन के
- (d)ब्रोमीन के
सही उत्तर — (b) आयोडीन के। समुद्री शैवाल (समुद्री मैक्रोएल्गी, विशेषकर लैमिनेरिया जैसे भूरे शैवाल/केल्प) समुद्री जल से आयोडीन को ग्रहण कर आसपास के जल की तुलना में हज़ारों गुना अधिक सांद्रता में अपने ऊतकों में संचित कर लेते हैं। ऐतिहासिक रूप से, जलाया-सुखाया हुआ शैवाल ('केल्प ऐश') 19वीं शताब्दी में आयोडीन का विश्व का प्रमुख वाणिज्यिक स्रोत था, और समुद्री शैवाल आज भी इस तत्व के सबसे समृद्ध प्राकृतिक आहार-स्रोतों में से एक है — यही कारण है कि शैवाल-भक्षी तटीय जनसंख्याओं में आयोडीन की कमी दुर्लभ है।
- (a)आर्गन के — आर्गन एक अक्रिय उत्कृष्ट गैस है जो द्रवित वायु के प्रभाजी आसवन से प्राप्त होती है। यह किसी भी जीव द्वारा उत्पन्न नहीं होती, अतः इसकी आपूर्ति में समुद्री शैवाल की कोई भूमिका नहीं है — यह स्पष्टतः निरर्थक विकल्प है।
- (c)क्लोरीन के — क्लोरीन औद्योगिक रूप से ब्राइन (सामान्य नमक का विलयन) के विद्युत-अपघटन से प्राप्त होती है, अर्थात समुद्री जल में घुले सोडियम क्लोराइड से, न कि समुद्री शैवाल के ऊतक से। समुद्री शैवाल क्लोरीन का वाणिज्यिक स्रोत नहीं है।
- (d)ब्रोमीन के — ब्रोमीन समुद्री जल और लवण-झील ब्राइन (ब्रोमाइड आयन) से तथा मृत सागर से निकाली जाती है — फिर से जल/ब्राइन से, समुद्री शैवाल से नहीं। जो विशिष्ट तत्व समुद्री शैवाल चुनकर संचित करता है और ऐतिहासिक रूप से जिसके लिए इसे संचयित किया जाता था, वह आयोडीन है, ब्रोमीन नहीं।
समुद्री शैवाल प्रकाश-संश्लेषी समुद्री एल्गी हैं, जिन्हें हरे, भूरे और लाल में वर्गीकृत किया जाता है। भूरे शैवाल/केल्प आयोडीन के उल्लेखनीय जैव-संचायक हैं, जो समुद्री जल से आयोडाइड अवशोषित कर अपने ऊतक में संचित करते हैं। आयोडीन के अतिरिक्त, समुद्री शैवाल महत्त्वपूर्ण हाइड्रोकोलॉइड के स्रोत हैं: लाल एल्गी से अगर और कैरेजिनन, तथा भूरे एल्गी से एल्जिन/एल्जिनेट, जो भोजन और औषधियों में व्यापक रूप से प्रयुक्त होते हैं।
जाल यह है कि आयोडीन, क्लोरीन और ब्रोमीन तीनों हैलोजन समुद्री जल में उपस्थित होते हैं, अतः उम्मीदवार यह तर्क दे सकता है कि 'यह समुद्र से आता है, अतः यह कोई भी हैलोजन हो सकता है'। याद रखने योग्य विशिष्ट जैविक तथ्य यह है कि समुद्री शैवाल चुनकर आयोडीन संचित करते हैं। आर्गन (a) स्पष्टतः गलत विकल्प है — एक उत्कृष्ट गैस जिसका एल्गी से कोई संबंध नहीं है।
- भूरे शैवाल/केल्प समुद्री जल की तुलना में आयोडीन को दसियों हज़ार गुना तक संचित कर सकते हैं।
- 19वीं शताब्दी का आयोडीन उद्योग 'केल्प ऐश' (जलाए हुए शैवाल) पर आधारित था, इससे पहले कि चिली के कैलिचे/नाइट्रेट निक्षेप इसका स्थान ले लें।
- समुद्री शैवाल आयोडीन के सबसे समृद्ध आहार-स्रोतों में से एक है; आयोडीन की कमी से घेंघा (गॉयटर) होता है, इसी कारण नमक को आयोडीनयुक्त किया जाता है।
- समुद्री शैवाल से अगर और कैरेजिनन (लाल एल्गी) तथा एल्जिनेट (भूरे एल्गी) भी प्राप्त होते हैं, जो भोजन और औषध क्षेत्र में प्रयुक्त होते हैं।

- क्लोरीन या ब्रोमीन चुन लेना क्योंकि सभी हैलोजन समुद्री जल में पाए जाते हैं।
- यह भूल जाना कि आर्गन एक उत्कृष्ट गैस है जिसका किसी भी जीव से कोई संबंध नहीं है।
UPSC और UPPSC विज्ञान/पर्यावरण खंड में 'X का स्रोत' जैसी एक-पंक्ति परख करते हैं — प्रत्येक हैलोजन को उसके विशिष्ट स्रोत से जोड़ें और याद रखें: समुद्री शैवाल = आयोडीन।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
आहार में आयोडीन की कमी सर्वाधिक प्रत्यक्ष रूप से निम्नलिखित में से किस विकार का कारण बनती है?
- (a)रिकेट्स
- (b)घेंघा (गॉयटर)
- (c)स्कर्वी
- (d)बेरी-बेरी
उत्तर(b) घेंघा (गॉयटर) — थायरॉइड ग्रंथि का बढ़ना, क्योंकि थायरॉइड हार्मोन थायरॉक्सिन के संश्लेषण हेतु आयोडीन आवश्यक है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
सूक्ष्मजैविक कल्चर माध्यम और खाद्य-जमावट कारक के रूप में प्रयुक्त अगर निम्नलिखित में से किससे प्राप्त होता है?
- (a)भूरा समुद्री शैवाल
- (b)लाल एल्गी (लाल समुद्री शैवाल)
- (c)कवक (फंजाई)
- (d)लाइकेन
उत्तर(b) लाल एल्गी (लाल समुद्री शैवाल) — अगर (और कैरेजिनन) लाल समुद्री शैवाल से निकाले जाते हैं; एल्जिनेट भूरे समुद्री शैवाल से आता है।