लोटिक पारिस्थितिकी तंत्र का उदाहरण है -
- (a)तालाब
- (b)नदी
- (c)धसाउ क्षेत्र (मार्शी एरिया)
- (d)दलदल
सही उत्तर — (b) नदी। स्वच्छ-जल पारिस्थितिकी तंत्रों को जल की गति के आधार पर दो प्रकारों में बाँटा जाता है: लोटिक (लैटिन 'lotus' — 'धुला हुआ/प्रवाहित') तंत्रों में बहता हुआ जल होता है — नदियाँ, धाराएँ, झरने और नाले — जबकि लेंटिक तंत्रों में ठहरा हुआ/स्थिर जल होता है। नदी का सतत प्रवाह ही लोटिक पारिस्थितिकी तंत्र की परिभाषित विशेषता है, इसलिए यहाँ यही एकमात्र बहते जल वाला विकल्प है। धारा जल को भली-भाँति ऑक्सीजनयुक्त रखती है और विशिष्ट समुदायों को आकार देती है (जैसे धारा-निवासी कीट, जो चिपककर टिके रहने के अनुकूलित हैं)।
- (a)तालाब — तालाब ठहरा हुआ जल है — एक विशिष्ट लेंटिक (स्थिर-जल) पारिस्थितिकी तंत्र, जो लोटिक के विपरीत है।
- (c)धसाउ क्षेत्र (मार्शी एरिया) — धसाउ क्षेत्र (मार्श) एक आर्द्रभूमि है जिसमें स्थिर या बहुत धीमी गति से बहता जल होता है; यह लेंटिक/आर्द्रभूमि श्रेणी में आता है, न कि बहते (लोटिक) जल में।
- (d)दलदल — दलदल (स्वैम्प) एक जलमग्न आर्द्रभूमि है जिसमें अनिवार्यतः स्थिर जल होता है; तालाब और धसाउ क्षेत्र की भाँति यह भी लेंटिक है, लोटिक नहीं।
अंतर्देशीय स्वच्छ-जल पारिस्थितिकी तंत्रों को इस आधार पर वर्गीकृत किया जाता है कि जल बहता है या नहीं। लोटिक पारिस्थितिकी तंत्रों (नदियाँ, धाराएँ, झरने) में गतिशील जल होता है; लेंटिक पारिस्थितिकी तंत्रों (झीलें, तालाब, जलकुंड, धसाउ क्षेत्र, दलदल) में ठहरा हुआ जल होता है। प्रवाह ऑक्सीजन स्तर, पोषक तत्वों के परिवहन और यह तय करता है कि कौन-से जीव जीवित रह सकते हैं, इसलिए दोनों आवास बहुत भिन्न जीवन को सहारा देते हैं।
चारों विकल्पों में से तीन (तालाब, धसाउ क्षेत्र, दलदल) स्थिर-जल आवास हैं; केवल 'नदी' में बहता जल है। एक ही विभेदक गुण — प्रवाह — से 'अलग' वाले विकल्प को पहचानें। स्मरण-सूत्र: lOtic = flOwing (बहता); lentic = 'lent'/ठहरा/स्थिर।
- लोटिक = बहता जल: नदियाँ, धाराएँ, झरने, नाले (लैटिन lotus = धुला हुआ/प्रवाहित)।
- लेंटिक = ठहरा जल: झीलें, तालाब, जलकुंड, धसाउ क्षेत्र, दलदल (लैटिन lentus = धीमा/गतिहीन)।
- बहता जल सामान्यतः स्थिर जल की तुलना में बेहतर ऑक्सीजनयुक्त होता है, जो धारा-अनुकूलित जीवों के अनुकूल है।
- दोनों ही स्वच्छ-जल (अंतर्देशीय) पारिस्थितिकी तंत्र हैं, समुद्री/मुहाना तंत्रों से भिन्न।

- सभी आर्द्रभूमियों (धसाउ क्षेत्र, दलदल) को 'बहता हुआ' मान लेना — वे स्थिर-जल लेंटिक तंत्र हैं।
- शब्दों में भ्रमित होना: लोटिक = बहता हुआ, लेंटिक = स्थिर (वर्तनी मिलती-जुलती लगती है)।
UPPSC/UPSC पारिस्थितिकी परिभाषाओं की परख 'अलग-को-पहचानो' या 'प्रकार-मिलाओ' प्रारूप में करते हैं — लोटिक/लेंटिक जोड़ी को दृढ़ता से स्थिर रखें और प्रत्येक जलाशय को इस आधार पर वर्गीकृत करें कि वह बहता है या नहीं।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
निम्नलिखित में से कौन-सा एक लेंटिक पारिस्थितिकी तंत्र है?
- (a)धारा (स्ट्रीम)
- (b)झरना (स्प्रिंग)
- (c)झील
- (d)नदी
उत्तर(c) झील — झील ठहरा हुआ जल है (लेंटिक); धाराएँ, झरने और नदियाँ बहती हैं (लोटिक)।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
'लोटिक' और 'लेंटिक' शब्दों का प्रयोग निम्नलिखित में से किसके वर्गीकरण हेतु किया जाता है?
- (a)गहराई के अनुसार समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र
- (b)जल की गति के अनुसार स्वच्छ-जल पारिस्थितिकी तंत्र
- (c)वितान परतों के अनुसार वन
- (d)वर्षा के अनुसार मरुस्थल
उत्तर(b) जल की गति के अनुसार स्वच्छ-जल पारिस्थितिकी तंत्र — लोटिक = बहता जल, लेंटिक = ठहरा हुआ जल।