'एशियाटिक सोसायटी ऑफ बंगाल' का संस्थापक कौन था ?
- (a)जोनाथन डंकन
- (b)सर विलियम जोन्स
- (c)वारेन हेस्टिंग्स
- (d)विलियम बेंटिंक
सही उत्तर — (b), सर विलियम जोन्स। एशियाटिक सोसायटी (ऑफ बंगाल) की स्थापना 15 जनवरी 1784 को कलकत्ता में भाषाविद् व न्यायाधीश सर विलियम जोन्स ने की थी, जिसका उद्देश्य एशिया के इतिहास, पुरातत्व, भाषाओं, कलाओं व विज्ञानों में शोध को बढ़ावा देना था। जोन्स इसके प्रथम अध्यक्ष रहे, और यह सोसायटी आधुनिक भारतविद्या (इण्डोलॉजी) व प्राच्यविद्या के अध्ययन का उद्गम-स्थल बन गई।
- (a)जोनाथन डंकन — गलत — जोनाथन डंकन ने बनारस में संस्कृत कॉलेज (1791) की स्थापना की और वहाँ रेज़िडेंट तथा बाद में बम्बई के गवर्नर रहे; उन्होंने एशियाटिक सोसायटी की स्थापना नहीं की थी।
- (c)वारेन हेस्टिंग्स — गलत — तत्कालीन गवर्नर-जनरल वारेन हेस्टिंग्स सोसायटी के संरक्षक व प्राच्यविद्या के महान प्रोत्साहक थे, परन्तु उन्होंने इसकी अध्यक्षता ठुकरा दी थी; विलियम जोन्स ने इसकी स्थापना की और प्रथम अध्यक्ष बने।
- (d)विलियम बेंटिंक — गलत — लॉर्ड विलियम बेंटिंक 1828 में ही गवर्नर-जनरल बनकर भारत आए (सती प्रथा उन्मूलन के लिए विख्यात); सोसायटी की 1784 की स्थापना में, जो उनसे पहले हुई थी, उनकी कोई भूमिका नहीं थी।
एशियाटिक सोसायटी ऑफ बंगाल (1784) भारत व एशिया के अतीत के व्यवस्थित अध्ययन को समर्पित प्रथम आधुनिक विद्वत संस्था थी। गवर्नर-जनरल वारेन हेस्टिंग्स के संरक्षण में सर विलियम जोन्स द्वारा स्थापित इस सोसायटी ने इण्डोलॉजी अनुशासन की शुरुआत की — पाण्डुलिपियाँ एकत्र करना, संस्कृत व फ़ारसी ग्रन्थों का अनुवाद करना, तथा भारतीय इतिहास, विधि व भाषाओं का अध्ययन करना। जोन्स ने स्वयं संस्कृत, ग्रीक व लैटिन के समान वंशज (इण्डो-यूरोपीय परिवार) होने का प्रसिद्ध तर्क दिया था।
यहाँ जाल वारेन हेस्टिंग्स है, जिनका नाम संरक्षक के रूप में प्राच्यविद्या से प्रबल रूप से जुड़ा है। याद रखने योग्य भेद यह है: हेस्टिंग्स ने इस उपक्रम को प्रोत्साहित व समर्थित किया, परन्तु सोसायटी की वास्तविक स्थापना विलियम जोन्स ने की और वे इसके प्रथम अध्यक्ष रहे। 'संरक्षक' को 'संस्थापक' से अलग करें, और कालक्रम की दृष्टि से बहुत बाद के बेंटिंक को हटा दें।
- एशियाटिक सोसायटी की स्थापना 15 जनवरी 1784 को कलकत्ता में सर विलियम जोन्स ने की थी।
- इसका उद्देश्य एशिया के इतिहास, भाषाओं, कलाओं व विज्ञानों का अध्ययन था — इण्डोलॉजी का जन्म।
- विलियम जोन्स इसके प्रथम अध्यक्ष थे और उन्होंने संस्कृत के ग्रीक व लैटिन से नातेदारी (इण्डो-यूरोपीय) का प्रस्ताव रखा।
- वारेन हेस्टिंग्स (गवर्नर-जनरल) इसके संरक्षक थे और प्राच्यविद्या शोध को प्रोत्साहित करते थे।

- संरक्षक वारेन हेस्टिंग्स को विलियम जोन्स के बजाय संस्थापक मान लेना
- एशियाटिक सोसायटी ऑफ बंगाल (कलकत्ता, 1784) को एशियाटिक सोसायटी ऑफ बम्बई से भ्रमित करना
UPPSC व UPSC संस्था-से-संस्थापक और संस्थापक-से-वर्ष के जोड़े परखते हैं — एशियाटिक सोसायटी = विलियम जोन्स = 1784 = कलकत्ता स्थिर कर लें।
औपनिवेशिक शासन के दौरान भारत की शैक्षणिक संस्थाओं के सन्दर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: संस्था — संस्थापक 1. संस्कृत कॉलेज, बनारस — विलियम जोन्स 2. कलकत्ता मदरसा — वारेन हेस्टिंग्स 3. फोर्ट विलियम कॉलेज — आर्थर वेलेस्ली ऊपर दिए गए युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?
- (a) 1 और 2
- (b) केवल 2
- (c) 1 और 3
- (d) केवल 3
उत्तर(b) केवल 2
समान विषय व पात्र — यह UPSC प्रश्न औपनिवेशिक संस्था-से-संस्थापक युग्मों की परीक्षा लेता है, जिसमें विलियम जोन्स, वारेन हेस्टिंग्स व (परोक्ष रूप से) जोनाथन डंकन शामिल हैं — ठीक वही नाम जो UPPSC प्रश्न के एशियाटिक सोसायटी विकल्पों में हैं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
एशियाटिक सोसायटी ऑफ बंगाल की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
- (a)1774
- (b)1784
- (c)1800
- (d)1857
उत्तर(b) 1784 — कलकत्ता में सर विलियम जोन्स द्वारा स्थापित।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
सर विलियम जोन्स किस भाषा-परिवार की समान उत्पत्ति बताने के लिए सर्वाधिक प्रसिद्ध हैं?
- (a)इण्डो-यूरोपीय
- (b)द्रविड़
- (c)साइनो-तिब्बती
- (d)ऑस्ट्रोएशियाटिक
उत्तर(a) इण्डो-यूरोपीय — जोन्स ने संस्कृत की ग्रीक व लैटिन से नातेदारी बताई थी।