निम्नलिखित में से कौन-सा ग्रामीण समुदाय का तत्व नहीं है ?
- (a)हम की भावना
- (b)सांस्कृतिक विविधता
- (c)क्षेत्र
- (d)आत्मनिर्भरता
सही उत्तर — (b) सांस्कृतिक विविधता। सांस्कृतिक विविधता (विषमांगता) नगरीय जीवन का लक्षण है, ग्रामीण का नहीं; ग्रामीण समुदाय की विशेषता सांस्कृतिक समांगता (homogeneity) है — साझी रीति-रिवाज़, भाषा, जाति-प्रतिरूप और जीवन-शैली। अतः सांस्कृतिक विविधता ग्रामीण समुदाय का तत्व नहीं है। शेष तीनों वास्तविक तत्व हैं: 'हम की भावना' वह सामुदायिक भावना है जो सदस्यों को बाँधती है, 'क्षेत्र' वह निश्चित इलाका है जिसे हर समुदाय अधिकृत करता है, और 'आत्मनिर्भरता' पारम्परिक गाँव का सुपरिचित आर्थिक लक्षण है। अतः विषम विकल्प सांस्कृतिक विविधता है।
- (a)हम की भावना — यह एक तत्व है — 'हम की भावना' सामुदायिक भावना का मूल है (वह अपनेपन का भाव जो किसी समूह को समुदाय बनाता है)। यह ग्रामीण समुदाय में विद्यमान है, अतः यह उत्तर नहीं है।
- (c)क्षेत्र — यह एक तत्व है — क्षेत्र (एक निश्चित इलाका/भौगोलिक क्षेत्र) सामुदायिक भावना के साथ ही किसी भी समुदाय के दो मूल तत्वों में से एक है। ग्रामीण समुदाय एक ग्राम क्षेत्र में अवस्थित होता है, अतः यह उत्तर नहीं है।
- (d)आत्मनिर्भरता — यह एक तत्व है — आत्मनिर्भरता (गाँव द्वारा अपनी अधिकांश आवश्यकताएँ स्वयं पूरी करना) पारम्परिक ग्रामीण समुदाय की एक मान्यता-प्राप्त विशेषता है। यह ग्रामीण जीवन का लक्षण होने के कारण विषम विकल्प नहीं है।
समाजशास्त्र में, समुदाय लोगों का वह समूह है जो एक निश्चित इलाके में साझे अपनेपन की भावना के साथ रहता है। मैकाइवर व पेज के अनुसार, किसी भी समुदाय के दो आवश्यक तत्व हैं (1) इलाका/क्षेत्र और (2) सामुदायिक भावना ('हम की भावना', साथ ही भूमिका-भावना और निर्भरता-भावना)। ग्रामीण समुदाय इसके अतिरिक्त आत्मनिर्भरता, सांस्कृतिक समांगता, कृषि की प्रधानता, प्राथमिक (आमने-सामने के) सम्बन्ध और अनौपचारिक सामाजिक नियंत्रण दर्शाता है। सांस्कृतिक विविधता/विषमांगता नगरीय समुदायों का लक्षण है, ग्रामीण का नहीं।
तीन विकल्प — हम की भावना (सामुदायिक भावना), क्षेत्र (इलाका) और आत्मनिर्भरता — ग्रामीण समुदाय की मानक विशेषताएँ हैं। विषम विकल्प सांस्कृतिक विविधता है: गाँव पारम्परिक रूप से सांस्कृतिक रूप से समांग होते हैं, अतः विविधता नगरीय समुदाय से सम्बद्ध है। 'ग्रामीण = समांग, आत्मनिर्भर इलाका जिसमें प्रबल हम की भावना हो' पर आधारित होकर सांस्कृतिक विविधता को अपवाद के रूप में अलग किया जा सकता है।
- समुदाय के आवश्यक तत्व (मैकाइवर व पेज): एक इलाका/क्षेत्र और सामुदायिक भावना (हम की भावना)।
- ग्रामीण समुदायों की पहचान सांस्कृतिक समांगता है — विविधता नहीं।
- आत्मनिर्भरता, कृषि की प्रधानता और प्राथमिक (आमने-सामने के) सम्बन्ध ग्रामीण समुदायों की विशेषता हैं।
- सांस्कृतिक विविधता/विषमांगता नगरीय समुदाय का लक्षण है।

- 'सांस्कृतिक विविधता' को सामुदायिक तत्व मान लेना — यह नगरीय जीवन का लक्षण है, ग्रामीण का नहीं (जो समांग होता है)।
- 'समुदाय' (स्वाभाविक, इलाका-आधारित) को 'संगम/एसोसिएशन' (किसी विशिष्ट उद्देश्य के लिए जान-बूझकर बनाया गया) से भ्रमित करना।
UPPSC के समाजशास्त्र/GS प्रश्न पूछते हैं कि सूचीबद्ध कोई लक्षण ग्रामीण समुदाय की विशेषता है या नहीं, या समुदाय को संगम/संस्था से पृथक करने को कहते हैं — इलाका + हम की भावना को मूल तत्व और ग्रामीण = समांग मानकर उत्तर दें।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
मैकाइवर के अनुसार, समुदाय के दो आवश्यक तत्व कौन-से हैं ?
- (a)इलाका और सामुदायिक भावना
- (b)नियम और शासन
- (c)संविदा और श्रम विभाजन
- (d)धन और बाज़ार
उत्तर(a) इलाका और सामुदायिक भावना — किसी समुदाय को एक निश्चित क्षेत्र और साझी 'हम की भावना' की आवश्यकता होती है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
निम्नलिखित में से कौन-सा ग्रामीण समुदाय की एक विशिष्ट विशेषता है ?
- (a)सांस्कृतिक विषमांगता
- (b)द्वितीयक सम्बन्धों की प्रधानता
- (c)आत्मनिर्भरता और समांगता
- (d)व्यक्तियों की गुमनामी
उत्तर(c) आत्मनिर्भरता और समांगता — ग्रामीण समुदाय छोटे, सांस्कृतिक रूप से समांग और पारम्परिक रूप से आत्मनिर्भर होते हैं।