भारतीय संसद की कार्यवाही में 'शून्य काल' का अर्थ है
- (a)सत्र का प्रथम घंटा
- (b)जब विशेषाधिकार प्रस्ताव स्वीकृत होता है
- (c)प्रश्न काल के पूर्व का काल
- (d)प्रश्न काल की ठीक पश्चात् का काल
सही उत्तर — (d), प्रश्न काल की ठीक पश्चात् का काल। 'शून्य काल' वह अनौपचारिक साधन है जिससे संसद सदस्य बिना किसी पूर्व सूचना के तत्काल लोक महत्व के विषय उठाते हैं। यह उसी क्षण आरंभ होता है जब प्रश्न काल समाप्त होता है और सदन द्वारा सूचीबद्ध कार्य-सूची (List of Business) उठाए जाने तक जारी रहता है। लोकसभा में प्रश्न काल प्रातः 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलता है, इसलिए शून्य काल परंपरागत रूप से दोपहर 12 बजे आरंभ होता है — घड़ी का बारह/'शून्य' पर पहुँचना ही इस नाम का मूल है। यह 1960 के दशक की शुरुआत की एक भारतीय संसदीय नवोन्मेष है और प्रक्रिया-नियमावली में इसका उल्लेख नहीं है, इसलिए पीठासीन अधिकारी इसे अनुमति देने के लिए बाध्य नहीं है।
- (a)सत्र का प्रथम घंटा — गलत — किसी बैठक का प्रथम घंटा प्रश्न काल होता है (सामान्यतः प्रातः 11 बजे–दोपहर 12 बजे), जिसमें मंत्री प्रश्नों के उत्तर देते हैं। शून्य काल उसके बाद आता है, आरंभ में नहीं।
- (b)जब विशेषाधिकार प्रस्ताव स्वीकृत होता है — गलत — यह विशेषाधिकार-हनन प्रस्ताव का वर्णन करता है, जो संसदीय अवमानना या विशेषाधिकार के हनन को दंडित करने का एक अलग प्रक्रियात्मक साधन है। इसका समय-आधारित शून्य काल से कोई संबंध नहीं है।
- (c)प्रश्न काल के पूर्व का काल — गलत — शून्य काल प्रश्न काल के बाद आता है, पहले नहीं। वास्तव में प्रश्न काल से पहले कुछ नहीं होता, यही तो दिन की बैठक आरंभ करता है।
संसद की दैनिक बैठक एक निश्चित क्रम में चलती है: सबसे पहले प्रश्न काल (लोकसभा में, प्रातः 11 बजे–दोपहर 12 बजे) आता है, इसके तुरंत बाद 'शून्य काल' होता है, जिसके बाद सदन सूचीबद्ध कार्य उठाता है। शून्य काल एक अनौपचारिक भारतीय साधन है — यह संविधान या प्रक्रिया-नियमावली में नहीं लिखा गया है — जो लगभग 1962 के आसपास उभरा। यह सदस्यों को तत्काल गंभीर मुद्दे उठाने की अनुमति देता है, सामान्य प्रश्नों में आवश्यक अग्रिम-सूचना की शर्त को दरकिनार करते हुए।
यह नाम छात्रों को भ्रमित करता है: 'शून्य काल' दिन की शुरुआत में 'शून्य समय' जैसा लगता है, परन्तु वास्तव में इसे घड़ी के प्रश्न काल के तुरंत बाद 12:00 (शून्य) पर पहुँचने से परिभाषित किया जाता है। यह याद रखकर (a) व (c) को हटाएँ कि बैठक प्रश्न काल से खुलती है; और (b) इसे विशेषाधिकार प्रस्ताव से भ्रमित करता है।
- प्रश्न काल किसी बैठक का पहला घंटा है (सामान्यतः प्रातः 11 बजे–दोपहर 12 बजे); शून्य काल इसके तुरंत बाद, लगभग दोपहर 12 बजे आरंभ होता है।
- शून्य काल एक अनौपचारिक साधन है जिसका प्रक्रिया-नियमावली या संविधान में उल्लेख नहीं है; यह भारतीय संसद में लगभग 1962 के आसपास आरंभ हुआ।
- शून्य काल के दौरान सदस्य तारांकित/अतारांकित प्रश्नों की आवश्यक अग्रिम सूचना के बिना तत्काल लोक महत्व के विषय उठाते हैं।
- चूँकि यह औपचारिक नियम नहीं है, अध्यक्ष/सभापति शून्य काल के अनुरोध स्वीकार करने के लिए बाध्य नहीं है।

- 'शून्य काल' को बैठक का पहला घंटा पढ़ना — यह वास्तव में प्रश्न काल के बाद आता है
- शून्य काल (अनौपचारिक, बिना सूचना) को ध्यानाकर्षण प्रस्ताव (औपचारिक, पूर्व सूचना सहित) से भ्रमित करना
UPPSC व UPSC संसदीय साधनों को शून्य काल व प्रश्न काल के अर्थ या समय पूछकर, या किसी साधन को उसके विवरण से सुमेलित कराकर परखते हैं।
भारत की संसद मंत्रिपरिषद के कार्यों पर नियंत्रण किसके माध्यम से रखती है 1. स्थगन प्रस्ताव 2. प्रश्न काल 3. अनुपूरक प्रश्न नीचे दिए गए कूट का प्रयोग करते हुए सही उत्तर चुनें:
- (a) केवल 1
- (b) केवल 2 और 3
- (c) केवल 1 और 3
- (d) 1, 2 और 3
उत्तर(d) 1, 2 और 3
वही विषय — वे प्रक्रियात्मक साधन जो संसदीय बैठक को संरचित करते हैं और जवाबदेही सुनिश्चित करते हैं। यह प्रश्न काल पर केंद्रित है, वही व्यवस्था जिसके ठीक बाद शून्य काल आता है, इसलिए यह उसी ज्ञान-क्षेत्र को परखता है कि सदन कार्यवाही कैसे चलाता है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
भारतीय संसद में 'तारांकित प्रश्न' वह है जो
- (a)केवल लिखित उत्तर की माँग करता है और कोई अनुपूरक प्रश्न नहीं होता
- (b)मौखिक उत्तर की माँग करता है और उसके बाद अनुपूरक प्रश्न हो सकते हैं
- (c)बिना किसी पूर्व सूचना के पूछा जाता है
- (d)केवल अध्यक्ष द्वारा उत्तरित होता है
उत्तर(b) मौखिक उत्तर की माँग करता है और उसके बाद अनुपूरक प्रश्न हो सकते हैं — यही तारांकित प्रश्न को अतारांकित (लिखित-उत्तर) प्रश्न से अलग करता है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
कौन-सा संसदीय साधन किसी सदस्य को बैठक के दौरान बिना किसी पूर्व सूचना के तत्काल लोक महत्व का विषय उठाने की अनुमति देता है?
- (a)ध्यानाकर्षण प्रस्ताव
- (b)स्थगन प्रस्ताव
- (c)शून्य काल
- (d)प्रश्न काल
उत्तर(c) शून्य काल — प्रश्न काल के बाद आने वाला अनौपचारिक साधन, जिसके लिए किसी अग्रिम सूचना की आवश्यकता नहीं होती।