भारतीय संसद की लोक लेखा समिति संवीक्षा करती है
- (a)नियंत्रक व महालेखा परीक्षक के प्रतिवेदन की
- (b)भारत की संचित निधि की
- (c)भारत के लोक लेखा की
- (d)भारत की आकस्मिकता निधि की
सही उत्तर — (a), नियंत्रक व महालेखा परीक्षक के प्रतिवेदन की। लोक लेखा समिति (PAC) संसद की वह इकाई है जो संसद में प्रस्तुत CAG के लेखापरीक्षा प्रतिवेदनों — मुख्यतः भारत सरकार के विनियोग लेखे (Appropriation Accounts) और वित्त लेखे (Finance Accounts), साथ ही CAG की लेखापरीक्षा टिप्पणियों — की जाँच करती है। यह देखती है कि खर्च के रूप में दर्शाई गई राशि उस उद्देश्य के लिए विधिक रूप से उपलब्ध थी जिसे संसद ने स्वीकृत किया, और क्या व्यय स्वीकृतिकर्ता प्राधिकरण के अनुरूप हुआ। इस प्रकार PAC को केवल विधिक-औपचारिक दृष्टि से नहीं बल्कि मितव्ययिता, विवेक व औचित्य की दृष्टि से भी लोक व्यय की जाँच करने वाला कहा जाता है — परन्तु जिस दस्तावेज़ पर यह काम करती है वह CAG का प्रतिवेदन ही है। विकल्प (b), (c) और (d) सरकारी निधियों/लेखों के ही नाम हैं, जिनका लेखापरीक्षण CAG करता है; PAC इन निधियों की सीधे संवीक्षा नहीं करती — यह उनके बारे में CAG के प्रतिवेदन की संवीक्षा करती है।
- (b)भारत की संचित निधि की — संचित निधि (अनुच्छेद 266) एक सरकारी निधि है जिसका लेखापरीक्षण CAG करता है। PAC इस निधि से हुए व्यय पर CAG के प्रतिवेदन पर काम करती है, निधि पर स्वयं नहीं।
- (c)भारत के लोक लेखा की — लोक लेखा (अनुच्छेद 266(2)) भी एक ऐसा लेखा है जिसका लेखापरीक्षण CAG करता है; PAC CAG के लेखापरीक्षा निष्कर्षों की जाँच करती है, इसलिए स्वयं लेखे का नाम लेना गलत है।
- (d)भारत की आकस्मिकता निधि की — आकस्मिकता निधि (अनुच्छेद 267) राष्ट्रपति के विवेकाधिकार में अप्रत्याशित व्यय के लिए एक निधि है; अन्य निधियों की भाँति इसका भी लेखापरीक्षण CAG करता है, और PAC परिणामी प्रतिवेदन की संवीक्षा करती है, निधि की सीधे नहीं।
लोक लेखा समिति संसद की प्रमुख वित्तीय समितियों में से एक है। इसके 22 सदस्य होते हैं — 15 लोकसभा से और 7 तक राज्यसभा से — जो आनुपातिक प्रतिनिधित्व द्वारा प्रतिवर्ष निर्वाचित होते हैं, और परंपरा से (1967 से) इसका सभापति विपक्ष से लिया जाता है। इसका मुख्य कार्य नियंत्रक व महालेखा परीक्षक (CAG) के लेखापरीक्षा प्रतिवेदनों — विनियोग लेखे, वित्त लेखे और उन पर CAG का प्रतिवेदन — की जाँच करना और यह सुनिश्चित करना है कि लोक धन विधिपूर्वक और निर्धारित प्रयोजनों के लिए ही खर्च हुआ। CAG को PAC का 'मित्र, दार्शनिक व मार्गदर्शक' कहा जाता है।
विकर्षक जान-बूझकर तीन सरकारी निधियों/लेखों — संचित निधि, लोक लेखा और आकस्मिकता निधि — को सूचीबद्ध करते हैं। इनका लेखापरीक्षण CAG करता है। PAC एक कदम आगे बैठती है: यह निधियों का लेखापरीक्षण नहीं करती; यह उन पर CAG के प्रतिवेदन की संवीक्षा करती है। इस शृंखला को ठीक करना — CAG निधियों का लेखापरीक्षण करता है → राष्ट्रपति को प्रतिवेदन सौंपता है → संसद में प्रस्तुत होता है → PAC प्रतिवेदन की जाँच करती है — स्पष्ट रूप से विकल्प (a) की ओर संकेत करता है।
- PAC संसद में प्रस्तुत CAG के लेखापरीक्षा प्रतिवेदनों (विनियोग लेखे, वित्त लेखे) की जाँच करती है।
- सदस्य संख्या: 22 (15 लोकसभा + 7 राज्यसभा); 1967 से परंपरा के अनुसार सभापति विपक्ष से होता है।
- CAG को PAC का 'मित्र, दार्शनिक व मार्गदर्शक' कहा जाता है।
- संचित निधि, लोक लेखा और आकस्मिकता निधि — इनका लेखापरीक्षण CAG करता है, PAC सीधे नहीं।

- यह सोचना कि PAC सीधे सरकारी निधियों का लेखापरीक्षण या संवीक्षा करती है — यह CAG के उन पर प्रतिवेदन की संवीक्षा करती है
- PAC (उत्तर-लेखापरीक्षा, व्यय) को प्राक्कलन समिति (पूर्व-लेखापरीक्षा, प्राक्कलन/मितव्ययिता) से भ्रमित करना
UPPSC व UPSC PAC को उसके कार्य ('CAG के प्रतिवेदन की संवीक्षा करती है'), उसकी संरचना (22 सदस्य, कोई मंत्री नहीं), और CAG के साथ उसके संबंध के माध्यम से परखते हैं।
निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: संसद की लोक लेखा समिति 1. लोकसभा के 25 से अधिक सदस्य नहीं रखती 2. सरकार के विनियोग व वित्त लेखों की संवीक्षा करती है 3. भारत के नियंत्रक व महालेखा परीक्षक के प्रतिवेदन की जाँच करती है ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- (a) केवल 1
- (b) केवल 2 और 3
- (c) केवल 3
- (d) 1, 2 और 3
उत्तर(b) केवल 2 और 3
सीधे वही अवधारणा — यह पुष्टि करता है कि PAC 'CAG के प्रतिवेदन की जाँच करती है' (कथन 3, सही), जो ठीक वही है जो यह UPPSC प्रश्न पूछता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा कर्तव्य भारत के नियंत्रक व महालेखा परीक्षक द्वारा नहीं निभाया जाता है?
- (a) भारत की संचित निधि से होने वाले सभी व्यय का लेखापरीक्षण करना व प्रतिवेदन देना
- (b) आकस्मिकता निधियों व लोक लेखों से होने वाले सभी व्यय का लेखापरीक्षण करना व प्रतिवेदन देना
- (c) सभी व्यापारिक, विनिर्माण, लाभ व हानि लेखों का लेखापरीक्षण करना व प्रतिवेदन देना
- (d) लोक धन की प्राप्ति व निर्गमन को नियंत्रित करना, और यह सुनिश्चित करना कि लोक राजस्व राजकोष में जमा हो
उत्तर(d) लोक धन की प्राप्ति व निर्गमन को नियंत्रित करना, और यह सुनिश्चित करना कि लोक राजस्व राजकोष में जमा हो
विकर्षकों को स्पष्ट करता है — CAG (PAC नहीं) संचित निधि, आकस्मिकता निधि व लोक लेखा का लेखापरीक्षण करता है; तब PAC CAG के प्रतिवेदन की संवीक्षा करती है, यही कारण है कि यहाँ विकल्प (a) उत्तर है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
भारत के नियंत्रक व महालेखा परीक्षक को प्रायः किस निकाय का 'मित्र, दार्शनिक व मार्गदर्शक' कहा जाता है?
- (a)संघ मंत्रिमंडल
- (b)लोक लेखा समिति
- (c)वित्त आयोग
- (d)नीति आयोग
उत्तर(b) लोक लेखा समिति — CAG सरकारी व्यय के लेखापरीक्षा प्रतिवेदनों की जाँच में PAC की सहायता करता है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
संसद की लोक लेखा समिति पर विचार करें। कौन-सा कथन सही है?
- (a)इसमें केवल लोकसभा के सदस्य होते हैं
- (b)एक संघ मंत्री इसका सदस्य निर्वाचित हो सकता है
- (c)यह नियंत्रक व महालेखा परीक्षक के लेखापरीक्षा प्रतिवेदनों की जाँच करती है
- (d)यह वार्षिक केंद्रीय बजट तैयार करती है
उत्तर(c) यह CAG के लेखापरीक्षा प्रतिवेदनों की जाँच करती है — कोई मंत्री इसका सदस्य नहीं हो सकता, और यह दोनों सदनों से सदस्य लेती है।