निम्नलिखित में से कौन-सा वायु प्रदूषण का सूचक है ?
- (a)पफबॉल्स
- (b)शैवाल
- (c)लाइकेन
- (d)मॉस
सही उत्तर — (c) लाइकेन। लाइकेन वायु प्रदूषकों, विशेष रूप से सल्फर डाइऑक्साइड (SO2), के प्रति अत्यंत संवेदनशील होते हैं। इनकी कोई जड़ या सुरक्षात्मक बाह्य त्वचा (क्यूटिकल) न होने के कारण, ये पानी व पोषक तत्व — तथा कोई भी प्रदूषक — सीधे वायु से अवशोषित करते हैं, इसलिए जहाँ भी वायु प्रदूषित होती है वहाँ ये नष्ट हो जाते हैं। अतः इनकी प्रचुरता स्वच्छ वायु का तथा इनकी अनुपस्थिति प्रदूषण का संकेत देती है, जो लाइकेन को वायु प्रदूषण के शास्त्रीय जैव-सूचक (बायोइंडिकेटर) बनाता है।
- (a)पफबॉल्स — गलत — पफबॉल्स एक प्रकार की फफूँद (कवक) हैं; इनका उपयोग वायु प्रदूषण के सूचक के रूप में नहीं किया जाता।
- (b)शैवाल — गलत — शैवाल (तथा शैवाल का प्रस्फुटन) जल की गुणवत्ता तथा यूट्रोफिकेशन के सूचक हैं, वायु प्रदूषण के नहीं।
- (d)मॉस — लुभावना परंतु गलत — मॉस मुख्यतः नमी तथा भारी धातु निक्षेपण के सूचक के रूप में प्रयुक्त होते हैं; वायु (SO2) प्रदूषण का मानक पाठ्यपुस्तक बायोइंडिकेटर लाइकेन है।
बायोइंडिकेटर वह जीव है जिसकी उपस्थिति, अनुपस्थिति अथवा स्वास्थ्य पर्यावरणीय दशाओं को दर्शाती है। लाइकेन — एक फफूँद तथा शैवाल या सायनोबैक्टीरिया के बीच सहजीविता — में जड़ें व सुरक्षात्मक क्यूटिकल नहीं होती, इसलिए ये पानी व पोषक तत्व सीधे वायु से अवशोषित करते हैं और प्रदूषकों को संचित कर लेते हैं। ये सल्फर डाइऑक्साइड के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील हैं, अतः सघन लाइकेन वृद्धि स्वच्छ वायु तथा 'लाइकेन रेगिस्तान' प्रदूषित वायु का संकेत देता है।
कई विकल्प सजीव हैं, परंतु केवल लाइकेन ही पाठ्यपुस्तक-मान्य वायु-प्रदूषण सूचक है। शैवाल जल गुणवत्ता की ओर संकेत करते हैं, मॉस नमी व धातुओं को दर्शाते हैं, तथा पफबॉल्स (फफूँद) सूचक नहीं हैं। 'लाइकेन = SO2-संवेदनशील वायु-गुणवत्ता सूचक' का युग्मन याद रखकर विकल्प (c) पर स्थिर हों।
- लाइकेन = एक फफूँद तथा शैवाल/सायनोबैक्टीरिया की सहजीविता; कोई जड़ या क्यूटिकल नहीं, सीधे वायु से अवशोषण।
- सल्फर डाइऑक्साइड (SO2) के प्रति अत्यधिक संवेदनशील → वायु प्रदूषण का शास्त्रीय बायोइंडिकेटर।
- प्रचुर लाइकेन स्वच्छ वायु का संकेत देते हैं; इनकी अनुपस्थिति ('लाइकेन रेगिस्तान') प्रदूषित वायु का संकेत देती है।
- लाइकेन नंगी चट्टान पर पारिस्थितिक अनुक्रमण की अग्रणी (पायनियर) जाति भी होते हैं।

- लाइकेन (वायु-प्रदूषण सूचक) को शैवाल (जल-गुणवत्ता सूचक) से भ्रमित करना
- यह भूल जाना कि लाइकेन फफूँद-प्लस-शैवाल की सहजीविता है, कोई एकल साधारण पौधा नहीं
UPPSC/UPSC पूछते हैं 'कौन-सा जीव वायु प्रदूषण दर्शाता है/SO2 के प्रति संवेदनशील है' तथा 'लाइकेन = ... की सहजीविता है'; लाइकेन पारिस्थितिक-अनुक्रमण प्रश्नों में नंगी चट्टान पर पायनियर के रूप में भी आते हैं।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
लाइकेन को वायु प्रदूषण का अच्छा सूचक मुख्यतः इसलिए माना जाता है क्योंकि वे किस गैस के प्रति अत्यधिक संवेदनशील हैं?
- (a)कार्बन डाइऑक्साइड
- (b)सल्फर डाइऑक्साइड
- (c)ऑक्सीजन
- (d)नाइट्रोजन
उत्तर(b) सल्फर डाइऑक्साइड — जहाँ SO2 का स्तर ऊँचा होता है वहाँ लाइकेन नष्ट हो जाते हैं, अतः इनकी अनुपस्थिति प्रदूषित वायु दर्शाती है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
लाइकेन निम्नलिखित का सहजीवी संयोजन है:
- (a)फफूँद तथा मॉस
- (b)शैवाल तथा फफूँद
- (c)जीवाणु तथा शैवाल
- (d)फफूँद तथा फर्न
उत्तर(b) शैवाल तथा फफूँद — शैवाल प्रकाश-संश्लेषण करता है जबकि फफूँद संरचना प्रदान करता है और जल अवशोषित करता है।