रेडियोधर्मिता के सन्दर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं ? 1. रेडियोधर्मिता एक नाभिकीय गुण है । 2. नाभिकीय विखण्डन के सिद्धान्त पर हाइड्रोजन बम बनाया जाता है । नीचे दिए गए कूट की सहायता से सही उत्तर का चयन कीजिए । कूट :
- (a)केवल 1
- (b)केवल 2
- (c)1 और 2 दोनों
- (d)न तो 1 न ही 2
सही उत्तर — (a) केवल 1। कथन 1 सही है: रेडियोधर्मिता परमाणु के नाभिक (nucleus) से जुड़ा गुण है — एक अस्थिर नाभिक स्वतः ही अल्फा, बीटा या गामा विकिरण उत्सर्जित करता है, और यह परमाणु के रासायनिक संयोजन या भौतिक अवस्था से स्वतंत्र होता है। कथन 2 गलत है: हाइड्रोजन (तापनाभिकीय) बम हल्के हाइड्रोजन समस्थानिकों (ड्यूटीरियम व ट्राइटियम) के नाभिकीय संलयन (fusion) से ऊर्जा मुक्त करता है, विखण्डन (fission) से नहीं। संलयन को प्रज्वलित करने हेतु आवश्यक अत्यधिक तापमान तक पहुँचने के लिए विखण्डन बम केवल एक ट्रिगर के रूप में प्रयोग होता है — अतः हाइड्रोजन बम का मार्गदर्शक सिद्धान्त संलयन है, विखण्डन नहीं। अतः केवल कथन 1 सही है।
- (b)केवल 2 — गलत — कथन 2 असत्य है। हाइड्रोजन बम नाभिकीय संलयन के सिद्धान्त पर कार्य करता है, विखण्डन पर नहीं; विखण्डन केवल इसके लिए ट्रिगर का काम करता है। (और कथन 1 वास्तव में सही है।)
- (c)1 और 2 दोनों — गलत — कथन 1 सही है, परन्तु कथन 2 गलत ढंग से हाइड्रोजन बम को विखण्डन से जोड़ता है, जबकि इसका सिद्धान्त संलयन है।
- (d)न तो 1 न ही 2 — गलत — कथन 1 वास्तव में सही है: रेडियोधर्मिता वाकई एक नाभिकीय गुण है।
रेडियोधर्मिता किसी अस्थिर परमाणु नाभिक का स्वतः विघटन है, जिसमें अल्फा कण, बीटा कण या गामा किरणें उत्सर्जित होती हैं; चूँकि इसकी उत्पत्ति नाभिक में होती है, यह तापमान, दाब या रासायनिक संयोजन से अप्रभावित रहती है — यह विशुद्ध रूप से एक नाभिकीय गुण है। नाभिकीय ऊर्जा दो प्रकार से मुक्त की जा सकती है: विखण्डन (किसी भारी नाभिक जैसे U-235 या Pu-239 का विभाजन, जो परमाणु बम व रिएक्टरों में प्रयुक्त होता है) और संलयन (हल्के नाभिकों जैसे हाइड्रोजन समस्थानिकों का संयोजन, जो सूर्य की ऊर्जा का स्रोत है और हाइड्रोजन बम का आधार है)।
कथन 1 एक सीधा-सादा सत्य तथ्य है। निर्णायक बिंदु कथन 2 है: जो विद्यार्थी केवल यह याद रखते हैं कि 'नाभिकीय बम = विखण्डन', वे इसमें फँस जाते हैं। हाइड्रोजन बम एक क्लासिक संलयन युक्ति है — इसे केवल प्रज्वलन तापमान तक पहुँचने के लिए विखण्डन बम की आवश्यकता होती है, अतः इसके सिद्धान्त को 'विखण्डन' कहना गलत है। कथन 2 को अस्वीकार करने पर 'केवल 1' शेष रहता है।
- रेडियोधर्मिता की उत्पत्ति नाभिक में होती है और यह रासायनिक/भौतिक अवस्था से स्वतंत्र है — अतः एक नाभिकीय गुण है।
- परमाणु बम और नाभिकीय रिएक्टर नाभिकीय विखण्डन (भारी नाभिकों जैसे U-235, Pu-239 के विभाजन) पर कार्य करते हैं।
- हाइड्रोजन/तापनाभिकीय बम हाइड्रोजन समस्थानिकों (ड्यूटीरियम, ट्राइटियम) के नाभिकीय संलयन पर कार्य करता है; एक विखण्डन बम केवल इसे ट्रिगर करता है।
- संलयन सूर्य व तारों को ऊर्जा देता है और प्रति इकाई द्रव्यमान विखण्डन से कहीं अधिक ऊर्जा मुक्त करता है।

- यह मान लेना कि हर नाभिकीय हथियार विखण्डन पर कार्य करता है — हाइड्रोजन बम एक संलयन युक्ति है
- यह भूल जाना कि हाइड्रोजन बम फिर भी अपने ट्रिगर के रूप में एक विखण्डन बम का प्रयोग करता है, जो 'विखण्डन' वाले उत्तर की ओर लुभाता है
यहाँ विज्ञान के प्रश्न कथन-आधारित सही/गलत रूप में पूछे जाते हैं — यह एक-पंक्ति अंतर याद रखें: विखण्डन = भारी नाभिकों का विभाजन (परमाणु बम/रिएक्टर); संलयन = हल्के नाभिकों का संयोजन (हाइड्रोजन बम/सूर्य)।
निम्नलिखित में से कौन-सा तत्त्व रेडियोधर्मी नहीं है ?
- (a) एस्टेटीन
- (b) फ्रांसियम
- (c) ट्राइटियम
- (d) ज़िरकोनियम
उत्तर(d) ज़िरकोनियम
वही अवधारणा — रेडियोधर्मिता एक नाभिकीय/परमाण्विक गुण; इसमें यह जानना आवश्यक है कि कौन-से तत्त्व और समस्थानिक स्वाभाविक रूप से रेडियोधर्मी हैं (इस प्रश्न का कथन 1)।
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: नाभिकीय रिएक्टर में स्व-अनुरक्षित श्रृंखला अभिक्रिया संभव है, क्योंकि I. प्रत्येक विखण्डन अभिक्रिया में अधिक न्यूट्रॉन मुक्त होते हैं। II. न्यूट्रॉन तत्काल विखण्डन प्रक्रिया में भाग लेते हैं। III. तीव्र न्यूट्रॉन को ग्रेफाइट द्वारा धीमा किया जाता है। IV. विखण्डन अभिक्रिया में मुक्त हुआ प्रत्येक न्यूट्रॉन आगे विखण्डन आरंभ करता है। इनमें से कौन-से कथन सही हैं ?
- (a) I, II और III
- (b) I और III
- (c) II और IV
- (d) II, III और IV
उत्तर(b) I और III
वही अवधारणा — विखण्डन श्रृंखला अभिक्रिया; यह स्पष्ट करता है कि विखण्डन (भारी नाभिकों का विभाजन) रिएक्टरों और परमाणु बमों को शक्ति देता है, जबकि इस प्रश्न का हाइड्रोजन बम संलयन का उपयोग करता है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
सूर्य से मुक्त होने वाली ऊर्जा मुख्यतः किसके कारण होती है ?
- (a)यूरेनियम का नाभिकीय विखण्डन
- (b)हाइड्रोजन का नाभिकीय संलयन
- (c)रासायनिक दहन
- (d)थोरियम का रेडियोधर्मी क्षय
उत्तर(b) हाइड्रोजन का नाभिकीय संलयन — यही सिद्धान्त हाइड्रोजन बम में भी प्रयुक्त होता है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
परमाणु बम (विखण्डन बम) निम्नलिखित में से किसके विभाजन पर आधारित है ?
- (a)ड्यूटीरियम
- (b)हीलियम
- (c)यूरेनियम-235
- (d)हाइड्रोजन
उत्तर(c) यूरेनियम-235 — एक भारी नाभिक का विखण्डन, संलयन-आधारित हाइड्रोजन बम के विपरीत।