फायर अलार्म में निम्नलिखित में से किसका उपयोग किया जाता है ?
- (a)फोटो सेल
- (b)पानी
- (c)सौर सेल
- (d)उपरोक्त में से कोई नहीं
सही उत्तर — (a) फोटो सेल। फोटोइलेक्ट्रिक स्मोक डिटेक्टर — फायर अलार्म सेंसर का सबसे सामान्य प्रकार — में एक प्रकाश स्रोत (एल.ई.डी.) तथा उससे एक कोण पर रखा एक प्रकाश-संवेदी फोटो सेल होता है। स्वच्छ वायु में कोई प्रकाश सेल तक नहीं पहुँचता; जब आग से उठा धुआँ कक्ष में प्रवेश करता है तो वह प्रकाश को फोटो सेल पर विक्षेपित (स्कैटर) कर देता है, सेल का निर्गत बदल जाता है और अलार्म बज उठता है। अतः फोटो सेल (फोटोरेजिस्टर/फोटोडायोड जैसा एक फोटोडिटेक्टर) ही वह संवेदन-अवयव है जो आग का पता लगाने के लिए प्रकाश का 'उपयोग' करता है।
- (b)पानी — पानी वह अग्निशामक माध्यम है जिसे स्प्रिंकलर प्रणाली आग बुझाने के लिए छोड़ती है — यह आग का पता नहीं लगाता, अतः फायर अलार्म (डिटेक्टर) इसका उपयोग आग को संवेदित करने के लिए नहीं करता।
- (c)सौर सेल — सौर सेल (फोटोवोल्टिक सेल) सूर्य के प्रकाश को विद्युत ऊर्जा में बदलने के लिए बना होता है, न कि धुएँ के कक्ष में विक्षेपित हुई अल्प मात्रा के प्रकाश को संवेदित करने के लिए; यह एक ऊर्जा-उत्पादक युक्ति है, धुआँ-संसूचन सेंसर नहीं।
- (d)उपरोक्त में से कोई नहीं — गलत, क्योंकि फोटोइलेक्ट्रिक फायर/स्मोक अलार्म में वास्तव में फोटो सेल का ही उपयोग होता है — अतः विकल्प (a) वैध है और यह उत्तर नहीं हो सकता।
एक फोटोइलेक्ट्रिक (ऑप्टिकल) स्मोक डिटेक्टर प्रकाश-विक्षेपण (लाइट स्कैटरिंग) के सिद्धांत पर कार्य करता है। फोटो सेल एक ऐसा अवयव है जिसका विद्युतीय व्यवहार प्रकाश पड़ने पर बदल जाता है (फोटोकंडक्टिव सेल/फोटोरेजिस्टर प्रकाश में अपना प्रतिरोध घटा देते हैं; फोटोडायोड/फोटोट्रांजिस्टर धारा उत्पन्न करते हैं)। एक प्रकाश स्रोत को फोटो सेल के साथ जोड़ने से युक्ति धुएँ को 'देख' पाती है: धुएँ के कण प्रकाश को सेल पर विक्षेपित कर उसका संकेत बदल देते हैं, जिससे अलार्म सक्रिय हो जाता है।
जाल तीन प्रकाश-सम्बन्धी शब्दों की पारिवारिक समानता में है। 'सौर सेल' भी प्रकाश पर प्रतिक्रिया करता है, इसलिए यह लुभावना लगता है — परन्तु इसका कार्य सूर्य के प्रकाश से ऊर्जा उत्पन्न करना है, धुआँ संवेदित करना नहीं। कार्य के आधार पर तर्क कीजिए: फायर अलार्म को आग का पता लगाना होता है, और विक्षेपित प्रकाश पर प्रतिक्रिया करने वाला संवेदन-अवयव फोटो सेल है, न कि ऊर्जा-सेल (सौर) और न ही आग बुझाने में प्रयुक्त पानी।
- फोटोइलेक्ट्रिक स्मोक डिटेक्टर = एल.ई.डी. प्रकाश स्रोत + फोटो सेल (फोटोडिटेक्टर)
- धुआँ प्रकाश को फोटो सेल पर विक्षेपित करता है → उसका निर्गत बदलता है → अलार्म बजता है
- फोटो सेल प्रकाश को संवेदित करता है; सौर सेल प्रकाश से ऊर्जा उत्पन्न करता है — दोनों के उद्देश्य भिन्न हैं
- पानी अग्निशामक माध्यम है (स्प्रिंकलर), संवेदन सेंसर नहीं

- 'सौर सेल' चुन लेना क्योंकि यह भी प्रकाश पर प्रतिक्रिया करता है — परन्तु यह ऊर्जा उत्पन्न करता है, धुआँ संवेदित नहीं करता
- डिटेक्टर (फायर अलार्म) को एक्सटिंग्विशर (जल स्प्रिंकलर) से भ्रमित कर लेना
UPPSC/UPSC पूछते हैं कि किसी दिये गए रोज़मर्रा के अनुप्रयोग (अलार्म, स्ट्रीट लाइट, कैमरा) में कौन-सी युक्ति या अवयव उपयोग होता है, यह परखने के लिए कि आप किसी सेंसर/अवयव (यहाँ फोटो सेल) का उसके वास्तविक उपयोग से मिलान कर सकते हैं या नहीं।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
लाइट डिपेंडेंट रेजिस्टर (एल.डी.आर.) का सामान्यतः उपयोग निम्नलिखित में से किसमें होता है ?
- (a)स्वचालित स्ट्रीट लाइट
- (b)इलेक्ट्रिक हीटर
- (c)सीलिंग फैन रेगुलेटर
- (d)इलेक्ट्रिक केतली
उत्तर(a) स्वचालित स्ट्रीट लाइट — एल.डी.आर. का प्रतिरोध दिन के प्रकाश में घट जाता है और रात में बढ़ जाता है, जिससे लैंप स्वतः चालू/बंद होता है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
सौर सेल किसका रूपांतरण करता है :
- (a)ऊष्मा ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में
- (b)प्रकाश ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में
- (c)विद्युत ऊर्जा को प्रकाश ऊर्जा में
- (d)रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में
उत्तर(b) प्रकाश ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में — एक फोटोवोल्टिक सेल सूर्य के प्रकाश से सीधे विद्युत उत्पन्न करता है।