निम्नलिखित में से कौन 'किताब-ए-नौरस' नामक पुस्तक का लेखक था ?
- (a)इब्राहिम आदिल शाह द्वितीय
- (b)अली आदिल शाह
- (c)कुली कुतुब शाह
- (d)अकबर द्वितीय
सही उत्तर — (a), इब्राहिम आदिल शाह द्वितीय। इब्राहिम आदिल शाह द्वितीय, बीजापुर का आदिल शाही सुल्तान (शासनकाल 1580-1627), एक विद्वान-संगीतज्ञ था जिसने किताब-ए-नौरस ('नौ रसों की पुस्तक') लिखी — दक्खिनी भाषा में भारतीय रागों पर आधारित गीतों का संग्रह। अपनी प्रसिद्ध समन्वयवादी दृष्टि को दर्शाते हुए, इसकी पंक्तियाँ हिन्दू देवी सरस्वती और गुलबर्गा के सूफी संत गेसू दराज़ (बन्दा नवाज़) दोनों का आह्वान करती हैं, और इसमें उसके दरबारी कवि ज़ुहूरी की फारसी भूमिका भी है।
- (b)अली आदिल शाह — अली आदिल शाह (प्रथम) उसी आदिल शाही वंश के एक पूर्ववर्ती बीजापुर सुल्तान थे, किताब-ए-नौरस के लेखक नहीं — वह इब्राहिम आदिल शाह द्वितीय थे।
- (c)कुली कुतुब शाह — गोलकुण्डा का मुहम्मद कुली कुतुब शाह स्वयं एक प्रसिद्ध दक्खिनी कवि था (और हैदराबाद का संस्थापक भी), जो इसे एक ललचाने वाला विकल्प बनाता है — लेकिन किताब-ए-नौरस इब्राहिम आदिल शाह द्वितीय की रचना थी, उसकी नहीं।
- (d)अकबर द्वितीय — अकबर द्वितीय एक बहुत बाद का मुगल सम्राट (शासनकाल 1806-1837) था, जिसका 16वीं-17वीं शताब्दी की दक्खिनी किताब-ए-नौरस से कोई संबंध नहीं है, इसलिए यह विकल्प कालक्रम की दृष्टि से असंगत है।
दक्खिनी सल्तनतें (बीजापुर, गोलकुण्डा, अहमदनगर और अन्य) दक्खिनी भाषा और एक समग्र भारतीय-इस्लामी दरबारी संस्कृति की प्रमुख संरक्षक थीं। बीजापुर के इब्राहिम आदिल शाह द्वितीय ने इसका आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया: सूफी संत गेसू दराज़ के भक्त होने के साथ-साथ सरस्वती का भी सम्मान करने वाले उसने 'जगद्गुरु' की उपाधि अर्जित की और संगीत-संग्रह किताब-ए-नौरस की रचना की। उसका शासनकाल बीजापुर का सांस्कृतिक उत्कर्ष काल था, जिसने इब्राहिम रौज़ा जैसे स्मारक भी उत्पन्न किए।
सभी चार विकल्प दक्खिनी या मुगल राजघरानों से संबंधित हैं (या ऐसा प्रतीत होते हैं), इसलिए प्रश्न विशिष्ट लेखक की परीक्षा लेता है। विश्वसनीय आधार बीजापुर का इब्राहिम आदिल शाह द्वितीय है, जो भारतीय इतिहास में बार-बार किताब-ए-नौरस, सरस्वती-उपासना और 'जगद्गुरु' उपाधि से जोड़ा जाता है। कुली कुतुब शाह जाल है क्योंकि उसने भी दक्खिनी कविता रची थी।
- किताब-ए-नौरस ('नौ रसों की पुस्तक') — बीजापुर के इब्राहिम आदिल शाह द्वितीय (शासनकाल 1580-1627) द्वारा रचित भारतीय रागों पर आधारित दक्खिनी गीतों का संग्रह।
- इसकी पंक्तियाँ देवी सरस्वती और सूफी संत गेसू दराज़ (बन्दा नवाज़) दोनों का आह्वान करती हैं।
- अपनी धार्मिक सहिष्णुता के लिए इब्राहिम द्वितीय को 'जगद्गुरु' कहकर सम्मानित किया गया; उसका दरबारी कवि ज़ुहूरी था।
- वह बीजापुर के आदिल शाही वंश से संबंधित था, जो दक्खिनी सल्तनतों में से एक थी।

- बीजापुर के इब्राहिम आदिल शाह द्वितीय के बजाय कुली कुतुब शाह (गोलकुण्डा का दक्खिनी कवि-राजा) को चुनना।
- 'अकबर द्वितीय' से भ्रमित होना, जो एक 19वीं शताब्दी का मुगल है, दक्खिनी सुल्तान नहीं।
UPSC/UPPSC किसी दक्खिनी सुल्तान को उसकी सांस्कृतिक पहचान से जोड़ते हैं — इब्राहिम आदिल शाह द्वितीय को किताब-ए-नौरस / 'जगद्गुरु' / सरस्वती से, और कुली कुतुब शाह को हैदराबाद की स्थापना और दक्खिनी पद्य रचने से।
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किताब-ए-नौरस, हिन्दू देवी-देवताओं और मुस्लिम संतों की स्तुति में गीतों का एक संग्रह, इब्राहिम आदिल शाह द्वितीय द्वारा लिखा गया था। 2. अमीर खुसरो भारत में क़व्वाली नामक संगीत शैली के प्रारंभिक स्वरूप के प्रवर्तक थे। इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
- (a) केवल 1
- (b) केवल 2
- (c) 1 और 2 दोनों
- (d) न तो 1 न ही 2
उत्तर(c) 1 और 2 दोनों — किताब-ए-नौरस इब्राहिम आदिल शाह द्वितीय द्वारा लिखी गई थी, और अमीर खुसरो ने क़व्वाली के प्रारंभिक स्वरूप की शुरुआत की।
सीधे उसी तथ्य की परीक्षा लेता है — कि इब्राहिम आदिल शाह द्वितीय ने किताब-ए-नौरस लिखी — जो ठीक वही है जो यह UPPSC प्रश्न पूछता है।
निम्नलिखित में से किस मुस्लिम शासक को उसके धर्मनिरपेक्षता में विश्वास के कारण उसकी मुस्लिम प्रजा द्वारा 'जगद्गुरु' कहकर सम्मानित किया गया था?
- (a) हुसैन शाह
- (b) जैन-उल-आबिदीन
- (c) इब्राहीम आदिल शाह
- (d) महमूद II
उत्तर(c) इब्राहीम आदिल शाह — बीजापुर के इब्राहिम आदिल शाह द्वितीय को उसकी सहिष्णुता के लिए 'जगद्गुरु' कहा जाता था।
वही व्यक्ति — बीजापुर के इब्राहिम आदिल शाह द्वितीय, किताब-ए-नौरस के लेखक — जिनकी परीक्षा उनके अन्य विशिष्ट पहचान चिह्न, 'जगद्गुरु' उपाधि, के माध्यम से ली गई है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
किस बीजापुर सुल्तान को उसकी धार्मिक सहिष्णुता के लिए 'जगद्गुरु' कहकर सम्मानित किया गया?
- (a)इब्राहिम आदिल शाह द्वितीय
- (b)यूसुफ आदिल शाह
- (c)मुहम्मद आदिल शाह
- (d)अली आदिल शाह प्रथम
उत्तर(a) इब्राहिम आदिल शाह द्वितीय — उसकी समन्वयवादिता (सरस्वती-उपासना, हिन्दू व मुस्लिम कलाओं का संरक्षण) ने उसे 'जगद्गुरु' की उपाधि दिलाई।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
किताब-ए-नौरस को सबसे उपयुक्त रूप से किस प्रकार की रचना कहा जा सकता है?
- (a)भारतीय रागों पर आधारित दक्खिनी गीतों का संग्रह
- (b)राजस्व और भूमि-बंदोबस्त की नियमावली
- (c)मुगल युद्धों का फारसी इतिवृत्त
- (d)मंदिर स्थापत्य पर एक ग्रंथ
उत्तर(a) भारतीय रागों पर आधारित दक्खिनी गीतों का संग्रह — इब्राहिम आदिल शाह द्वितीय की 'नौ रसों की पुस्तक'।