उत्तर प्रदेश के कानपुर और लखनऊ नगर किस जनगणना वर्ष में दस लाखीय नगर बने ?
- (a)क्रमशः 1951 और 1961 में
- (b)क्रमशः 1961 और 1971 में
- (c)क्रमशः 1971 और 1981 में
- (d)क्रमशः 1981 और 1991 में
सही उत्तर — (c) क्रमशः 1971 और 1981 में। उत्तर प्रदेश का बड़ा औद्योगिक व वस्त्र-उद्योग नगर कानपुर सबसे तेज़ी से बढ़ा और सर्वप्रथम दस लाख (एक मिलियन) के आँकड़े को पार कर गया: इसकी जनगणना जनसंख्या 1961 में लगभग 8.9 लाख से बढ़कर 1971 में लगभग 11.6 लाख हो गई, अतः यह 1971 की जनगणना में 'दस लाखीय नगर' बना। राजधानी लखनऊ अपेक्षाकृत धीमी गति से बढ़ा और एक दशक बाद, 1981 की जनगणना में दस लाख का आँकड़ा पार किया। अतः कानपुर = 1971 तथा लखनऊ = 1981।
- (a)क्रमशः 1951 और 1961 में — बहुत जल्दी — 1961 की जनगणना में कानपुर अब भी दस लाख से कम था (लगभग 8.9 लाख), अतः यह 1951 तक यह आँकड़ा पार नहीं कर सकता था, और लखनऊ 1961 में दस लाख से बहुत छोटा था।
- (b)क्रमशः 1961 और 1971 में — कानपुर ने दस लाख का आँकड़ा केवल 1971 की जनगणना में पार किया, 1961 में नहीं; और लखनऊ 1971 तक दस लाख तक नहीं पहुँचा था (यह लगभग 7.5 लाख था) — वह केवल 1981 में पहुँचा।
- (d)क्रमशः 1981 और 1991 में — कानपुर के लिए बहुत देर से — यह 1981 तक दस लाख से बहुत आगे निकल चुका था (लगभग 14.9 लाख), क्योंकि इसने यह आँकड़ा वापस 1971 में ही पार कर लिया था। यह विकल्प दोनों नगरों को एक जनगणना अधिक आगे धकेल देता है।
'दस लाखीय नगर' (मिलियन-प्लस नगर) भारत की जनगणना की एक शब्दावली है, जो कम-से-कम दस लाख (एक मिलियन) जनसंख्या वाले किसी नगरीय केन्द्र के लिए प्रयुक्त होती है। ऐसे नगरों की भारत की संख्या हर दशक स्थिर रूप से बढ़ी है। उत्तर प्रदेश में, औद्योगिक नगर कानपुर ने प्रशासनिक राजधानी लखनऊ से पहले यह आँकड़ा प्राप्त किया, जो इसकी पहले व तीव्रतर औद्योगिक-प्रेरित वृद्धि को दर्शाता है।
यह प्रश्न किसी सटीक आँकड़े के बजाय दो उत्तर प्रदेशी नगरों की सापेक्ष वृद्धि की समझ को पुरस्कृत करता है। तर्क का आधार: कानपुर (एक प्रमुख वस्त्र/औद्योगिक केन्द्र) लखनऊ (एक सेवा/प्रशासनिक राजधानी) से पहले व तेज़ी से नगरीकृत हुआ, अतः कानपुर पहले दस लाख का आँकड़ा पार करता है — और दोनों उत्तर एक जनगणना के अंतराल पर होने चाहिए, जो केवल विकल्प (c) कानपुर को पहले रखते हुए संतुष्ट करता है।
- कानपुर की जनगणना जनसंख्या: लगभग 8.9 लाख (1961) से बढ़कर लगभग 11.6 लाख (1971) — यह 1971 की जनगणना में दस लाखीय नगर बना।
- लखनऊ, राज्य की राजधानी, केवल 1981 की जनगणना में दस लाख का आँकड़ा पार कर पाया।
- 'मिलियन-प्लस नगर' कम-से-कम 10 लाख जनसंख्या वाले नगरीय क्षेत्र के लिए भारत की जनगणना का वर्गीकरण है।
- कानपुर के औद्योगिक आधार ने इसे प्रशासनिक राजधानी लखनऊ से तेज़ी से बढ़ाया।
कानपुर ने 1971 में दस लाख का आँकड़ा प्राप्त किया, लखनऊ ने 1981 में — अतः सही युग्म (c) 1971 और 1981 है।
- यह मान लेना कि राज्य की राजधानी (लखनऊ) ही सबसे बड़ा/पहला मिलियन नगर होगी — जबकि औद्योगिक नगर कानपुर ने यह आँकड़ा पहले पार किया।
- सापेक्ष क्रम व एक जनगणना के अंतराल के बजाय किसी सटीक जनसंख्या आँकड़े को याद करने का प्रयास करना।
UPPSC प्रायः उत्तर प्रदेश के नगरों की जनगणना-संबद्ध जनसांख्यिकी पूछता है — मिलियन-प्लस गणना, दशकीय वृद्धि, तथा किस नगर ने कोई सीमा-रेखा पहले पार की; कच्चे आँकड़े रटने के बजाय सापेक्ष वृद्धि (औद्योगिक बनाम प्रशासनिक) से तर्क करें।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
भारत की जनगणना द्वारा प्रयुक्त 'मिलियन-प्लस नगर' की सही परिभाषा निम्नलिखित में से कौन-सी है ?
- (a)कम-से-कम 5 लाख जनसंख्या वाला नगरीय क्षेत्र
- (b)कम-से-कम 10 लाख (एक मिलियन) जनसंख्या वाला नगरीय क्षेत्र
- (c)एक जिला मुख्यालय
- (d)नगर निगम वाला नगर
उत्तर(b) कम-से-कम 10 लाख (एक मिलियन) जनसंख्या वाला नगरीय क्षेत्र — जनगणना ऐसे नगरों को 'मिलियन-प्लस' नगर कहती है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
निम्नलिखित उत्तर प्रदेशी नगरों में से कौन-सा जनगणना के अनुसार सबसे पहले मिलियन-प्लस नगर बना ?
- (a)लखनऊ
- (b)आगरा
- (c)कानपुर
- (d)वाराणसी
उत्तर(c) कानपुर — इसकी औद्योगिक वृद्धि ने इसे 1971 की जनगणना में दस लाख से आगे पहुँचा दिया, राज्य की राजधानी लखनऊ (1981) से पहले।