भारत सरकार द्वारा 1919 में आइ.एल.ओ. के वाशिंगटन सम्मेलन में मजदूरों का प्रतिनिधि के रूप में निम्नलिखित में से किसे भेजा गया था ?
- (a)वी.पी. वाडिया
- (b)एन.एम. जोशी
- (c)सी.एफ. एण्ड्रूज
- (d)जोसेफ बैपटिस्ट
आधिकारिक UPPSC कुंजी के अनुसार चिह्नित उत्तर — (a) वी.पी. (बी.पी.) वाडिया। ईमानदारी से स्पष्ट किया जा रहा है: मुख्यधारा व प्रामाणिक स्रोत इसके विपरीत अक्टूबर-नवम्बर 1919 में वाशिंगटन में आयोजित प्रथम अंतर्राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन में भारत के मजदूर प्रतिनिधि के रूप में एन.एम. जोशी (विकल्प b) को दर्ज करते हैं। आई.एल.ओ. का अपना इतिहास तथा भारत सरकार का वी.वी. गिरि राष्ट्रीय श्रम संस्थान नारायण मल्हार जोशी — अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (1920) के संस्थापक — को श्रमिक प्रतिनिधि के रूप में श्रेय देते हैं, और इसी प्रश्न की मानक उत्तर कुंजियाँ भी एन.एम. जोशी बताती हैं। बी.पी. वाडिया (मद्रास लेबर यूनियन, 1918 के संस्थापक) उस दौर के एक प्रमुख श्रमिक नेता थे, परन्तु किसी भी स्रोत में उन्हें 1919 का प्रतिनिधि नहीं दर्शाया गया है। विकल्प (a) केवल इसलिए बनाए रखा गया है क्योंकि उत्तर आयोग की कुंजी द्वारा निर्धारित है; यह ऐतिहासिक अभिलेख से समर्थित नहीं है।
- (b)एन.एम. जोशी — आधिकारिक कुंजी द्वारा गलत चिह्नित — परन्तु वस्तुतः अधिकांश स्रोत इसी उत्तर का समर्थन करते हैं: एन.एम. जोशी को आई.एल.ओ. के इतिहास और भारत सरकार के वी.वी. गिरि राष्ट्रीय श्रम संस्थान द्वारा 1919 के वाशिंगटन ILC में भारत के मजदूर प्रतिनिधि के रूप में व्यापक रूप से दर्ज किया गया है, और उन्होंने ही आगे चलकर 1920 में AITUC की स्थापना की। विद्यार्थियों को यह जानना चाहिए कि यहाँ कुंजी और मुख्यधारा के स्रोत असहमत हैं।
- (c)सी.एफ. एण्ड्रूज — सी.एफ. एण्ड्रूज ('दीनबन्धु') एक अंग्रेज पादरी और गांधी के सहयोगी थे, जिन्होंने गिरमिटिया-श्रम व कल्याण के मुद्दों पर अभियान चलाया, परन्तु वे 1919 के आई.एल.ओ. सम्मेलन में भारत के आधिकारिक मजदूर प्रतिनिधि नहीं थे।
- (d)जोसेफ बैपटिस्ट — जोसेफ बैपटिस्ट बम्बई के एक राष्ट्रवादी व होमरूल नेता थे जो ट्रेड यूनियनवाद में भी सक्रिय थे, परन्तु उन्होंने 1919 के वाशिंगटन ILC में भारतीय श्रमिकों का प्रतिनिधित्व नहीं किया।
आई.एल.ओ. की स्थापना 1919 में वर्साय की सन्धि के भाग XIII के अंतर्गत राष्ट्र संघ (लीग ऑफ नेशन्स) से सम्बद्ध एक स्वायत्त संस्था के रूप में हुई, जो त्रिपक्षीय ढांचे पर आधारित है जिसमें प्रत्येक सदस्य राष्ट्र के प्रतिनिधिमंडल में सरकार, नियोक्ता और श्रमिक प्रतिनिधि शामिल होते हैं। ब्रिटिश भारत एक संस्थापक सदस्य था और उसे अक्टूबर-नवम्बर 1919 में वाशिंगटन में आयोजित प्रथम अंतर्राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन के लिए एक मजदूर प्रतिनिधि नामित करना था। उसी प्रथम श्रमिक प्रतिनिधि की पहचान करना इस प्रश्न का मूल बिन्दु है।
वास्तविक चयन दो श्रमिक अग्रणियों के बीच है — बी.पी. वाडिया (मद्रास लेबर यूनियन, 1918) और एन.एम. जोशी (AITUC के संस्थापक, 1920)। आई.एल.ओ. का अपना इतिहास तथा भारत सरकार का वी.वी. गिरि राष्ट्रीय श्रम संस्थान एन.एम. जोशी को 1919 का मजदूर प्रतिनिधि बताते हैं, अतः ऐतिहासिक दृष्टि से समर्थित उत्तर विकल्प (b) है; फिर भी आधिकारिक UPPSC कुंजी (a) वाडिया को चिह्नित करती है। इसे कुंजी की एक चिह्नित विसंगति के रूप में लें, न कि इस प्रमाण के रूप में कि वाडिया वहाँ गए थे।
- आई.एल.ओ. की स्थापना 1919 में वर्साय की सन्धि के भाग XIII के अंतर्गत हुई; त्रिपक्षीय ढांचा (सरकार-नियोक्ता-श्रमिक); मुख्यालय जेनेवा
- प्रथम अंतर्राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन: वाशिंगटन, अक्टूबर-नवम्बर 1919; ब्रिटिश भारत एक संस्थापक सदस्य था
- आई.एल.ओ. के अभिलेख तथा भारत सरकार के वी.वी. गिरि राष्ट्रीय श्रम संस्थान एन.एम. जोशी (AITUC, 1920 के संस्थापक) को भारत का 1919 का मजदूर प्रतिनिधि बताते हैं
- बी.पी./वी.पी. वाडिया ने मद्रास लेबर यूनियन (1918) की स्थापना की; आधिकारिक UPPSC कुंजी उन्हें (a) चिह्नित करती है, जिसका मुख्यधारा के स्रोत समर्थन नहीं करते
- बी.पी. वाडिया (मद्रास लेबर यूनियन) को एन.एम. जोशी (AITUC/आई.एल.ओ. प्रतिनिधि) समझ लेना
- यह मान लेना कि गिरमिटिया-श्रम कार्य के लिए प्रसिद्ध सी.एफ. एण्ड्रूज ही आधिकारिक आई.एल.ओ. प्रतिनिधि थे
- आधिकारिक कुंजी को ऐतिहासिक प्रमाण मान लेना; यहाँ कुंजी मुख्यधारा के स्रोतों से टकराती है
UPPSC/UPSC किसी संस्था (आई.एल.ओ.) को किसी भारतीय व्यक्तित्व या स्थापना वर्ष के साथ जोड़ते हैं — आई.एल.ओ. 1919 + इसका त्रिपक्षीय ढांचा + एन.एम. जोशी/AITUC को एक साथ याद रखें।
अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के अभिसमय 138 और 182 किससे संबंधित हैं ?
- (a) बाल श्रम
- (b) वैश्विक जलवायु परिवर्तन के अनुरूप कृषि पद्धतियों का अनुकूलन
- (c) खाद्य कीमतों का विनियमन और खाद्य सुरक्षा
- (d) कार्यस्थल पर लैंगिक समानता
उत्तर(a) बाल श्रम
दोनों प्रश्न आई.एल.ओ. के ज्ञान की परीक्षा लेते हैं — यह UPPSC प्रश्न इसके संस्थापक 1919 सम्मेलन में भारत की भूमिका पर है, जबकि यह UPSC प्रश्न आई.एल.ओ. के मूल बाल-श्रम अभिसमयों (क्रमांक 138, न्यूनतम आयु; क्रमांक 182, सबसे बुरे स्वरूप) पर है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
नारायण मल्हार जोशी को 1920 में किस संगठन के संस्थापक के रूप में सर्वाधिक स्मरण किया जाता है ?
- (a)अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC)
- (b)इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (INTUC)
- (c)सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी
- (d)मद्रास लेबर यूनियन
उत्तर(a) अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC), 1920 — INTUC 1947 में बना, सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी गोखले की थी (1905), और मद्रास लेबर यूनियन बी.पी. वाडिया की थी (1918)।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
1919 में स्थापित अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) प्रतिनिधित्व के किस सिद्धांत पर आधारित होने के लिए विशिष्ट है ?
- (a)द्विपक्षीय — केवल सरकारें और श्रमिक
- (b)त्रिपक्षीय — सरकारें, नियोक्ता और श्रमिक
- (c)मेजबान राष्ट्र द्वारा एकात्मक नियंत्रण
- (d)केवल नियोक्ताओं का प्रतिनिधित्व
उत्तर(b) त्रिपक्षीय — प्रत्येक प्रतिनिधिमंडल में सरकार, नियोक्ता और श्रमिक प्रतिनिधि साथ होते हैं।