भारत 5 ट्रिलियन डालर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य कब तक प्राप्त कर लेने का लक्ष्य रखा है ?
- (a)2022
- (b)2024
- (c)2026
- (d)2030
सही उत्तर — (b) 2024। यह प्रश्न सरकार की बार-बार दोहराई गई आकांक्षा की परीक्षा लेता है, जो 2019 में पहली बार प्रस्तुत हुई (केन्द्रीय बजट 2019-20 और बाद में प्रधानमंत्री व वित्त मंत्रालय द्वारा दोहराई गई) — भारत को '2024-25 तक' 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना। परीक्षक यही लक्ष्य-वर्ष पुरस्कृत कर रहा है, इसलिए विकल्पों में 2024 सही है। यह एक वैधानिक या कानूनी रूप से बाध्यकारी आँकड़ा नहीं बल्कि राजनीतिक/आकांक्षात्मक लक्ष्य है — 2019 में भारत का जीडीपी लगभग 2.9 ट्रिलियन डॉलर था, अतः 2024-25 तक 5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँचने के लिए निरन्तर दोहरे अंकों की नाममात्र वृद्धि आवश्यक थी; 2020-21 के कोविड-19 संकुचन ने 2024-25 की समय-सीमा को व्यवहारतः अवास्तविक बना दिया, परन्तु घोषित लक्ष्य 2024-25 ही बना रहा।
- (a)2022 — गलत — 2022 कई लक्ष्यों (जैसे किसानों की आय दोगुनी करना) के लिए '75 वर्ष की स्वतंत्रता / न्यू इंडिया' आकांक्षा-वर्ष था, परन्तु घोषित 5 ट्रिलियन डॉलर जीडीपी लक्ष्य 2024-25 के लिए तय था, 2022 के लिए नहीं।
- (c)2026 — गलत — किसी भी आधिकारिक वक्तव्य ने 5 ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य को 2026 से नहीं जोड़ा; घोषित लक्ष्य-वर्ष 2024-25 था।
- (d)2030 — गलत — 2030 संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्यों (एजेंडा 2030) की समय-सीमा है, न कि भारत के 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था लक्ष्य की।
2019 में केन्द्र सरकार ने भारत को 2024-25 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था (चालू अमेरिकी डॉलर में मापा गया सकल घरेलू उत्पाद) बनाने की आकांक्षा व्यक्त की थी। इसे एक कानूनी प्रतिबद्धता नहीं बल्कि एक विकास-दृष्टि के रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसके लिए अधिक निवेश, निर्यात, विनिर्माण व उत्पादकता आवश्यक थी। इसे प्राप्त करने के लिए 2019 के लगभग 2.9 ट्रिलियन डॉलर के आधार से लगभग 11-12% वार्षिक नाममात्र जीडीपी वृद्धि आवश्यक थी।
यह एक समसामयिक/अर्थव्यवस्था स्मरण-आधारित प्रश्न है; सबसे सुरक्षित आधार आधिकारिक रूप से घोषित लक्ष्य-वर्ष, 2024-25 (विकल्प 2024) है। इसे अन्य प्रमुख वर्षों — 2022 (न्यू इंडिया @75), 2030 (SDGs) — से न भ्रमित करें, जो निकटवर्ती, सुपरिचित लक्ष्य-वर्षों से बने भ्रामक विकल्प हैं।
- 2019 में घोषित लक्ष्य: 2024-25 तक 5 ट्रिलियन डॉलर जीडीपी (आकांक्षात्मक, वैधानिक नहीं)
- आधार 2019 में लगभग 2.9 ट्रिलियन डॉलर जीडीपी था, जिसके लिए लगभग दोहरे अंकों की नाममात्र वृद्धि आवश्यक थी
- यहाँ जीडीपी चालू अमेरिकी डॉलर (नाममात्र) में मापी गई है, न कि क्रय शक्ति समता (PPP) में
- 2020-21 के कोविड-19 आघात ने मूल 2024-25 की समय-सीमा को अव्यावहारिक बना दिया, फिर भी घोषित लक्ष्य वही रहा
उत्तर (b): आधिकारिक रूप से घोषित आकांक्षा 2024-25 तक 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था थी।
- 2024-25 (जीडीपी लक्ष्य) को 2022 (न्यू इंडिया @75) या 2030 (SDGs) से भ्रमित करना
- 5 ट्रिलियन डॉलर लक्ष्य को आकांक्षा के बजाय कानूनी/वैधानिक प्रतिबद्धता मान लेना
UPPSC/UPSC इसे घोषित लक्ष्य-वर्ष के सीधे स्मरण के रूप में पूछते हैं, या इसे 'नाममात्र बनाम PPP जीडीपी' और अन्य प्रमुख लक्ष्य-वर्षों (2022, 2030) के साथ मिलाकर पूछते हैं।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
सरकार का भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य अर्थव्यवस्था को किस रूप में मापता है ?
- (a)क्रय शक्ति समता (PPP) पर जीडीपी
- (b)चालू अमेरिकी डॉलर में नाममात्र जीडीपी
- (c)प्रति व्यक्ति आय
- (d)सकल राष्ट्रीय उत्पाद
उत्तर(b) चालू अमेरिकी डॉलर में नाममात्र जीडीपी — 5 ट्रिलियन डॉलर का आँकड़ा एक नाममात्र-डॉलर लक्ष्य है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
वर्ष 2030 निम्नलिखित में से किससे सर्वाधिक निकटता से जुड़ा है ?
- (a)भारत के 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था लक्ष्य से
- (b)संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्यों (एजेंडा 2030) से
- (c)न्यू इंडिया @75 दृष्टि से
- (d)किसानों की आय दोगुनी करने से
उत्तर(b) संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्य — एजेंडा 2030।