निम्नलिखित स्मारकों को कालानुक्रम में व्यवस्थित कीजिए और नीचे दिए हुए कूटों में से सही उत्तर चुनिए : I. राबिया दौरानी का मकबरा, औरंगाबाद II. शेरशाह सूरी का मकबरा, सासाराम III. हुमायूँ का मकबरा, दिल्ली IV. अटाला मसजिद, जौनपुर कूट :
- (a)I, II, IV, III
- (b)IV, II, III, I
- (c)II, I, III, IV
- (d)III, IV, II, I
सही उत्तर — (b) IV, II, III, I। इन चारों इमारतों को समय-रेखा पर रखें तो क्रम स्वयं तय हो जाता है। IV. जौनपुर की अटाला मसजिद सबसे पुरानी है: निर्माण लगभग 1376 में अटाला देवी मंदिर के स्थान पर शुरू हुआ और यह 1408 में जौनपुर की शर्की सल्तनत के अधीन पूर्ण हुई (परंपरागत रूप से इब्राहीम शाह शर्की को श्रेय दिया जाता है)। II. बिहार के सासाराम में शेरशाह सूरी का मकबरा उसके संक्षिप्त शासनकाल (1540-1545) में बनवाया गया और लगभग उसकी 1545 में मृत्यु के समय पूर्ण हुआ। III. दिल्ली में हुमायूँ का मकबरा उसकी विधवा बेगा बेगम (हाजी बेगम) द्वारा बनवाया गया, 1565 में शुरू और 1572 तक पूर्ण हुआ। I. राबिया दौरानी का मकबरा — औरंगाबाद का बीबी का मकबरा — सबसे नया है: राजकुमार आज़म शाह ने इसे 1660 में अपनी माता दिलरस बानो बेगम, औरंगज़ेब की प्रमुख पत्नी, के लिए बनवाया, जिन्हें मरणोपरांत उपाधि 'राबिया-उद-दौरानी' के अंतर्गत दफ़नाया गया, और यह इमारत लगभग 1668-69 की मानी जाती है। अतः क्रम है 1408 → 1545 → 1572 → 1660 का दशक, अर्थात् IV, II, III, I।
- (a)I, II, IV, III — यह राबिया दौरानी के मकबरे (1660 का दशक) को पहले रखता है जबकि यह वास्तव में चारों में सबसे अंत का है, और अटाला मसजिद (1408) — सबसे पुरानी — को तीसरे स्थान पर धकेल देता है। क्रम के दोनों छोर उलटे हैं।
- (c)II, I, III, IV — यह शेरशाह के मकबरे (1545) से शुरू होता है, जो प्रारंभिक तो है परंतु सबसे प्रारंभिक नहीं — 1408 की अटाला मसजिद इससे एक सदी से भी अधिक पुरानी है — और यह अटाला मसजिद, सूची की सबसे पुरानी इमारत, पर समाप्त होता है। यह राबिया दौरानी के मकबरे (1660 का दशक) को हुमायूँ के मकबरे (1572) से पहले भी रख देता है।
- (d)III, IV, II, I — यह हुमायूँ के मकबरे (1572 में पूर्ण) से शुरू होता है और फिर अटाला मसजिद (1408) व शेरशाह के मकबरे (1545) को इसके बाद रखता है। केवल अंतिम स्थान — राबिया दौरानी का मकबरा — सही है; पहले तीन क्रम से बाहर हैं।
ये चारों स्मारक उत्तर भारत में भारतीय-इस्लामी स्थापत्य के विकास के मील के पत्थर हैं। अटाला मसजिद जौनपुर की प्रांतीय शर्की शैली से संबंधित है, जिसकी पहचान एक विशाल ढलानदार प्रवेश-भित्ति (जो केंद्रीय गुंबद को ढक लेती है और मीनार का स्थान लेती है) है। शेरशाह सूरी का मकबरा भारतीय-अफगान अष्टकोणीय मकबरा परंपरा का शिखर है — एक कृत्रिम झील के बीचोबीच सीढ़ीदार चबूतरे पर बना अष्टकोणीय कक्ष। हुमायूँ का मकबरा फ़ारसी-मुग़ल शैली के आगमन का प्रतीक है: भारत का पहला महान उद्यान-मकबरा (चारबाग), लाल बलुआ पत्थर पर सफेद संगमरमर की जड़ाई, दोहरा गुंबद, जिसे मीराक मिर्ज़ा ग़यास ने अभिकल्पित किया। बीबी का मकबरा, एक सदी बाद बना, ताजमहल की लघु प्रतिध्वनि है, यही कारण है कि इसे 'दक्खिनी ताज' उपनाम मिला।
कालानुक्रम प्रश्न चारों की तिथि निकालने की बजाय दोनों छोरों को स्थिर करने से बेहतर हल होते हैं। यहाँ अटाला मसजिद मुग़ल-पूर्व है — पंद्रहवीं शताब्दी की सल्तनत-कालीन इमारत — और राबिया दौरानी का मकबरा उत्तरकालीन मुग़ल है, औरंगज़ेब के शासनकाल का। एक बार यह जान लें कि सबसे पुरानी IV है और सबसे नई I, तो केवल विकल्प (b) बचता है; शेरशाह के मकबरे और हुमायूँ के मकबरे के बीच निर्णय लेने की कभी आवश्यकता नहीं पड़ती। जाल है अपरिचित नाम 'राबिया दौरानी', जो इस तथ्य को छिपाता है कि यह औरंगाबाद का सुप्रसिद्ध बीबी का मकबरा ही है।
- अटाला मसजिद, जौनपुर — लगभग 1376 में शुरू, 1408 में शर्की सल्तनत के अधीन पूर्ण; शर्की शैली, विशाल ढलानदार प्रवेश-भित्ति व मीनारों के अभाव के साथ।
- शेरशाह सूरी का मकबरा, सासाराम (बिहार) — उसके 1540-1545 के शासनकाल में निर्मित; एक कृत्रिम झील के बीचोबीच चबूतरे पर खड़ा अष्टकोणीय मकबरा।
- हुमायूँ का मकबरा, दिल्ली — बेगा बेगम द्वारा बनवाया गया, 1565-1572 में निर्मित; भारत का पहला महान चारबाग उद्यान-मकबरा और 1993 से यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल।
- राबिया दौरानी का मकबरा (बीबी का मकबरा), औरंगाबाद — 1660 में राजकुमार आज़म शाह द्वारा अपनी माता दिलरस बानो बेगम, औरंगज़ेब की प्रमुख पत्नी, के लिए बनवाया गया; लगभग 1668-69 का माना जाता है।
- कालानुक्रमिक क्रम: अटाला मसजिद (1408) → शेरशाह का मकबरा (1545) → हुमायूँ का मकबरा (1572) → बीबी का मकबरा (1660 का दशक)।

- 'राबिया दौरानी के मकबरे' को औरंगाबाद के बीबी का मकबरा के रूप में न पहचानना, और इस कारण इसकी तिथि का अनुमान लगा लेना।
- यह मान लेना कि दिल्ली का स्मारक अवश्य सबसे पुराना होगा — जौनपुर की अटाला मसजिद हुमायूँ के मकबरे से 160 वर्षों से भी अधिक पुरानी है।
- सासाराम में शेरशाह के अष्टकोणीय मकबरे को उसकी अन्य रचनाओं से गड्डमड्ड करना, या इसे मुग़ल काल की बजाय 1540-1555 के संक्षिप्त सूर अंतराल का बताना।
UPPSC इमारतों का सीधा कालानुक्रमिक क्रम पूछना पसंद करता है और सूची में उत्तर प्रदेश के स्मारकों को स्थान देता है; UPSC अधिक बार यह पूछता है कि किस राजवंश या शासक ने कोई स्मारक बनवाया, या किसी स्मारक को उसकी स्थापत्य विशेषता से सुमेलित करता है।
निम्नलिखित पर विचार कीजिए: I. तुग़लक़ाबाद क़िला। II. लोदी गार्डन। III. क़ुतुब मीनार। IV. फ़तेहपुर सीकरी। इनके निर्माण का सही कालानुक्रमिक क्रम है:
- (a) III, I, IV, II
- (b) III, I, II, IV
- (c) I, III, II, IV
- (d) I, III, IV, II
उत्तर(b) III, I, II, IV
ठीक वही कार्य — चार भारतीय-इस्लामी स्मारकों को निर्माण-तिथि के अनुसार क्रम देना; UPSC ने क़ुतुब मीनार, तुग़लक़ाबाद, लोदी मकबरे व फ़तेहपुर सीकरी का प्रयोग किया, जहाँ UPPSC ने जौनपुर, सासाराम, दिल्ली व औरंगाबाद का प्रयोग किया।
निम्नलिखित घटनाओं पर विचार कीजिए: I. विजयनगर के कृष्णदेव राय का शासनकाल। II. क़ुतुब मीनार का निर्माण। III. भारत में पुर्तगालियों का आगमन। IV. फ़िरोज़ तुग़लक़ की मृत्यु। उपरोक्त घटनाओं का सही कालानुक्रमिक क्रम निम्नलिखित में से कौन-सा है?
- (a) II, IV, III, I
- (b) II, IV, I, III
- (c) IV, II, I, III
- (d) IV, II, III, I
उत्तर(a) II, IV, III, I
मध्यकालीन भारत पर लागू वही अनुक्रम-कौशल, जिसमें एक स्मारक (क़ुतुब मीनार) को कालानुक्रम के आधार-बिंदुओं में से एक के रूप में प्रयोग किया गया।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
जौनपुर की अटाला मसजिद निम्नलिखित में से किस राजवंश के अधीन पूर्ण हुई थी?
- (a)तुग़लक़ वंश
- (b)शर्की वंश
- (c)लोदी वंश
- (d)सूर वंश
उत्तर(b) शर्की वंश — निर्माण लगभग 1376 में तुग़लक़ काल में शुरू हुआ परंतु मसजिद 1408 में जौनपुर की शर्की सल्तनत के अधीन पूर्ण हुई, और इसका विशाल ढलानदार प्रवेश-भित्ति शर्की शैली की पहचान बना।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
औरंगाबाद का बीबी का मकबरा निम्नलिखित में से किसकी स्मृति में बनवाया गया था?
- (a)मुमताज़ महल, शाहजहाँ की पत्नी
- (b)नूरजहाँ, जहाँगीर की पत्नी
- (c)दिलरस बानो बेगम, औरंगज़ेब की प्रमुख पत्नी
- (d)हमीदा बानो बेगम, अकबर की माता
उत्तर(c) दिलरस बानो बेगम, औरंगज़ेब की प्रमुख पत्नी — उन्हें मरणोपरांत उपाधि राबिया-उद-दौरानी के अंतर्गत दफ़नाया गया, और यह मकबरा 1660 में उनके पुत्र राजकुमार आज़म शाह द्वारा बनवाया गया; ताजमहल से इसकी समानता के कारण इसे 'दक्खिनी ताज' कहा जाता है।