सौ प्रतिशत सौर ऊर्जा पर चलनेवाला भारतवर्ष का पहला केन्द्र शासित प्रदेश है
- (a)अण्डमान-निकोबार
- (b)चंडीगढ़
- (c)दीव
- (d)पुडुचेरी
सही उत्तर — (c) दीव। मार्च 2018 में दीव द्वीप — जो तब दमन व दीव केंद्र शासित प्रदेश का भाग था — को पूर्णतः सौर ऊर्जा पर चलने वाला पहला भारतीय केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया गया। दीव ने लगभग 13 MW सौर क्षमता निर्मित की थी: लगभग 50 एकड़ चट्टानी, अप्रयुक्त भूमि पर भूमि-आरोहित लगभग 10 MW, साथ ही सरकारी भवनों पर छत-आरोहित संयंत्रों की लगभग 3 MW। लगभग केवल 7 MW की चरम माँग के मुक़ाबले, यह द्वीप के लिए दिन के समय गुजरात से बिजली आयात बंद करने हेतु पर्याप्त था, और घरेलू बिजली बिलों में लगभग 10-12 प्रतिशत की गिरावट आई। ईमानदार शब्दावली वही है जो दीव ने स्वयं प्रयोग की: दिन के समय 100 प्रतिशत सौर — सूर्यास्त के बाद द्वीप अब भी ग्रिड पर निर्भर रहता है, क्योंकि यह उपलब्धि उत्पादन में थी, भंडारण में नहीं। 2026 के पाठक के लिए वर्तमान टिप्पणी: जनवरी 2020 से दीव, दादरा व नगर हवेली तथा दमन व दीव के विलीन केंद्र शासित प्रदेश का भाग है, इसलिए 'दमन व दीव' अब एक अलग केंद्र शासित प्रदेश के रूप में विद्यमान नहीं है।
- (a)अण्डमान-निकोबार — अंडमान व निकोबार द्वीपसमूह लंबे समय से मुख्यतः डीज़ल उत्पादन पर निर्भर रहा है, जिसमें द्वीप-दर-द्वीप सौर व हाइब्रिड माइक्रोग्रिड जोड़े जा रहे हैं। उन्हें पहली पूर्णतः सौर-चालित उपलब्धि का श्रेय दिया गया केंद्र शासित प्रदेश नहीं था।
- (b)चंडीगढ़ — चंडीगढ़ के पास भारत के सबसे महत्वाकांक्षी छत-सौर कार्यक्रमों में से एक है और इसे प्रायः एक आदर्श सौर नगर बताया जाता है, परंतु इसका सौर उत्पादन एक कहीं बड़े नगर की माँग का केवल एक भाग पूरा करता है — इसने कभी पूर्णतः सौर पर चलने का दावा नहीं किया।
- (d)पुडुचेरी — पुडुचेरी की बिजली मुख्यतः केंद्रीय ग्रिड व पारंपरिक स्रोतों से आती है; इसमें सौर संस्थापन हैं परंतु पहला पूर्णतः सौर-चालित केंद्र शासित प्रदेश होने का कोई दावा नहीं है।
'100 प्रतिशत नवीकरणीय' तक पहुँचने के लिए एक अत्यंत छोटा, पृथक विद्युत तंत्र सबसे आसान स्थान है, क्योंकि गणित अनुकूल होता है: दीव की लगभग 7 MW की चरम माँग को तेज़ तटीय धूप में कार्यरत लगभग 13 MW पैनलों से, ऐसी भूमि पर जिसका कोई प्रतिस्पर्धी उपयोग नहीं था, पूरा किया जा सकता था। इसी तर्क को बड़े पैमाने पर लागू करें तो कठिनाई सामने आती है — किसी बड़ी, चौबीसों घंटे चलने वाली माँग को पूरा करने हेतु भंडारण अथवा दृढ़ बैकअप की आवश्यकता होती है, यही कारण है कि 'दिन में 100 प्रतिशत' और 'सदैव 100 प्रतिशत' बहुत भिन्न दावे हैं। यही कारण है कि छोटे द्वीप व केंद्र शासित प्रदेश, न कि बड़े राज्य, नवीकरणीय-ऊर्जा 'प्रथम' उपलब्धियों के स्थल होते हैं।
इस प्रश्न को प्रसिद्धि के बजाय आकार व संभाव्यता से हल करें। चंडीगढ़ व पुडुचेरी शहरी केंद्र शासित प्रदेश हैं जिनकी माँग विशुद्ध-सौर आपूर्ति हेतु बहुत बड़ी है, तथा अंडमान एक बिखरा हुआ, डीज़ल-निर्भर द्वीपसमूह है। दीव छोटा, धूपदार तथा भूमि-अधिशेष वाला है — ठीक वही रूपरेखा जो 100 प्रतिशत दावे को साध्य बनाती है। इस तथ्य को इसकी तिथि से जोड़ें: मार्च 2018, इस दिसंबर 2019 के प्रश्नपत्र से लगभग बीस महीने पहले।
- दीव को मार्च 2018 में 100 प्रतिशत सौर ऊर्जा पर चलने वाला पहला भारतीय केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया गया।
- लगभग 13 MW सौर क्षमता — लगभग 50 एकड़ पर भूमि-आरोहित लगभग 10 MW तथा छत-संस्थापनों की लगभग 3 MW — लगभग 7 MW की चरम माँग के मुक़ाबले।
- स्विच के बाद उपभोक्ता बिजली बिलों में लगभग 10-12 प्रतिशत की गिरावट आई।
- सटीक शब्दावली दिन के समय 100 प्रतिशत सौर है; रात में अब भी ग्रिड ही बिजली देता है।
- दीव तब दमन व दीव केंद्र शासित प्रदेश का भाग था; उस केंद्र शासित प्रदेश का जनवरी 2020 में दादरा व नगर हवेली के साथ विलय हो गया।

- '100 प्रतिशत सौर' को चौबीसों घंटे की आपूर्ति मान लेना — यह दावा दिन के समय के उत्पादन को कवर करता है।
- दीव को पुराने केंद्र शासित प्रदेश के दूसरे आधे भाग, दमन से गड्डमड्ड कर देना।
- यह मान लेना कि सर्वाधिक प्रसिद्ध केंद्र शासित प्रदेश (दिल्ली, चंडीगढ़) ही पहले होंगे — यह उपलब्धि सबसे छोटी माँग वाले क्षेत्र की है।
UPPSC 'पहला राज्य / पहला केंद्र शासित प्रदेश जो...' जैसे स्मरण-प्रश्न पसंद करता है; UPSC वही विषय नीति के माध्यम से पूछता है — सौर क्षमता लक्ष्य, ISA, छत योजनाएँ व ग्रिड एकीकरण।
उत्तर प्रदेश के निम्नलिखित में से किस ज़िले में 2018 में फ्रांस के सहयोग से एक बड़ा सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया गया था ?
- (a) आगरा
- (b) बलिया
- (c) देवरिया
- (d) मिर्ज़ापुर
उत्तर(d) मिर्ज़ापुर
एक वर्ष बाद उत्तर प्रदेश के कोण से पूछा गया वही विषय — भारत की प्रमुख सौर उपलब्धियाँ; दोनों प्रश्न यह जानने का प्रतिफल देते हैं कि भारत की प्रदर्शन-योग्य सौर परियोजनाएँ कहाँ हैं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
दीव, जो दिन के समय पूर्णतः सौर ऊर्जा पर चलने वाला पहला भारतीय केंद्र शासित प्रदेश था, आज किस केंद्र शासित प्रदेश का भाग है ?
- (a)लक्षद्वीप
- (b)पुडुचेरी
- (c)दादरा व नगर हवेली तथा दमन व दीव
- (d)अंडमान व निकोबार द्वीपसमूह
उत्तर(c) दादरा व नगर हवेली तथा दमन व दीव — दोनों केंद्र शासित प्रदेशों का जनवरी 2020 से एक ही केंद्र शासित प्रदेश में विलय कर दिया गया।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
जब किसी नगर अथवा द्वीप को '100 प्रतिशत सौर ऊर्जा पर चलने वाला' बताया जाता है, तो सामान्यतः इसका अर्थ होता है कि
- (a)उसकी पूरी बिजली, दिन व रात दोनों, सौर ऊर्जा से आती है
- (b)उसकी दिन की माँग सौर उत्पादन से पूरी होती है जबकि रात में ग्रिड बिजली देता है
- (c)सौर ऊर्जा का प्रयोग केवल सड़क-प्रकाश व सार्वजनिक भवनों के लिए किया जाता है
- (d)उसके सभी वाहन सौर ऊर्जा से चलते हैं
उत्तर(b) उसकी दिन की माँग सौर उत्पादन से पूरी होती है जबकि रात में ग्रिड बिजली देता है — बड़े पैमाने के भंडारण के बिना, सौर रात को नहीं ढँक सकता, जो ठीक वही है जिस तरह दीव की 2018 की उपलब्धि को परिभाषित किया गया था।