निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा सत्य नहीं है ?
- (a)भूमध्यरेखा से ध्रुवों की ओर जाति विविधता में वृद्धि होती है ।
- (b)उष्णकटिबंध, शीतोष्ण क्षेत्रों की अपेक्षा अधिक जातियों को आश्रय देते हैं ।
- (c)विशालतम जैवविविधता अमेजनी वर्षा वनों में पायी जाती हैं ।
- (d)जातिविविधता शीतोष्ण क्षेत्रों से ध्रुवों की ओर घटती जाती है ।
सही उत्तर — (a) 'भूमध्येरेखा से ध्रुवों की ओर जाति विविधता में वृद्धि होती है।' प्रश्न-वाक्य पूछता है कि कौन-सा कथन सत्य नहीं है, और यह कथन जाति-विविधता के अक्षांशीय ढाल (latitudinal gradient) को उल्टा बताता है। लगभग हर जीव-समूह के लिए, जाति-समृद्धि भूमध्येरेखा के निकट अपने अधिकतम पर होती है और किसी भी ध्रुव की ओर बढ़ने पर लगातार घटती जाती है। मानक NCERT उदाहरण पक्षियों का है: भूमध्येरेखा पर स्थित कोलंबिया में लगभग 1,400 जातियाँ हैं; लगभग 41°N पर स्थित न्यूयॉर्क में लगभग 105; लगभग 71°N पर स्थित ग्रीनलैंड में केवल लगभग 56। शेष तीनों कथन उसी ढाल का सही वर्णन करते हैं, इसलिए (a) ही विषम है और अपेक्षित उत्तर है।
- (b)उष्णकटिबंध, शीतोष्ण क्षेत्रों की अपेक्षा अधिक जातियों को आश्रय देते हैं । — यह कथन सत्य है, इसलिए यह 'सत्य नहीं है' प्रश्न का उत्तर नहीं हो सकता। उष्णकटिबंधीय पट्टी (23.5°N से 23.5°S) लगभग प्रत्येक वर्गिकीय समूह के लिए पृथ्वी पर सबसे समृद्ध क्षेत्र है।
- (c)विशालतम जैवविविधता अमेजनी वर्षा वनों में पायी जाती हैं । — यह कथन सत्य है, इसलिए यह उत्तर नहीं हो सकता। दक्षिण अमेरिका का अमेजनी वर्षा वन ग्रह पर सबसे जाति-समृद्ध क्षेत्र का मानक पाठ्यपुस्तक उदाहरण है, जिसमें अपनी मछलियों, पक्षियों, स्तनधारियों, उभयचरों, सरीसृपों तथा विशाल अकशेरुकी जीव-जगत के अतिरिक्त दसियों हज़ार पादप जातियाँ गिनी जाती हैं।
- (d)जातिविविधता शीतोष्ण क्षेत्रों से ध्रुवों की ओर घटती जाती है । — यह कथन सत्य है, इसलिए यह उत्तर नहीं हो सकता। यह केवल उसी ढाल के उच्च-अक्षांश वाले आधे भाग को बताता है: शीतोष्ण अक्षांशों से आर्कटिक व अंटार्कटिक की ओर बढ़ने पर, जाति-समृद्धि लगातार घटती जाती है।
जाति-विविधता में अक्षांशीय ढाल पारिस्थितिकी के सबसे पुराने व सर्वाधिक प्रलेखित प्रतिरूपों में से एक है: पौधों, पक्षियों, मछलियों तथा कीटों — सभी के लिए, जाति-समृद्धि उष्णकटिबंध में उच्चतम होती है और दोनों ध्रुवों की ओर घटती जाती है। सामान्यतः तीन स्पष्टीकरण दिए जाते हैं। (i) विकासवादी समय — शीतोष्ण अक्षांश प्लाइस्टोसीन हिमानीकरणों से बार-बार बाधित हुए, जबकि उष्णकटिबंधीय अक्षांश लाखों वर्षों तक तुलनात्मक रूप से अबाधित रहे, जिससे जाति-उद्भवन को कहीं अधिक लंबा निरंतर अवसर मिला। (ii) पर्यावरणीय स्थिरता — उष्णकटिबंधीय जलवायु कम ऋतुनिष्ठ व अधिक पूर्वानुमेय होती है, जो संकीर्ण निकेत-विशेषीकरण को बढ़ावा देती है और अधिक जातियों को सह-अस्तित्व की अनुमति देती है। (iii) ऊर्जा — उष्णकटिबंध तक अधिक सौर विकिरण पहुँचता है, जो उच्चतर प्राथमिक उत्पादकता तथा इसलिए उपभोक्ताओं की अधिक विविधता का समर्थन करता है।
यह एक 'सत्य नहीं है' वाला प्रश्न है, इसलिए प्रत्येक विकल्प को सामग्री के लिए नहीं बल्कि दिशा के लिए पढ़ें। चारों विकल्प उसी ढाल का वर्णन करते हैं; तीन इसे सही ढंग से बताते हैं और एक इसे उल्टा कर देता है। स्मृति में एक ही लंगर स्थिर करें — समृद्धि भूमध्येरेखा पर अधिकतम, ध्रुवों पर न्यूनतम — और कोई भी विकल्प जो यह दावा करता है कि विविधता ध्रुवों की ओर बढ़ती है, तुरंत असत्य ठहरता है। परीक्षार्थी 'नहीं' शब्द को सरसरी तौर पर छोड़कर एक पूर्णतः सत्य कथन को चिह्नित कर यह प्रश्न गँवा देते हैं।
- अक्षांशीय ढाल: जाति-विविधता भूमध्येरेखा पर अधिकतम तथा दोनों ध्रुवों की ओर घटती है।
- उष्णकटिबंध (23.5°N से 23.5°S) लगभग प्रत्येक वर्गिकीय समूह के लिए शीतोष्ण या ध्रुवीय क्षेत्रों से अधिक जातियाँ रखता है।
- अमेजनी वर्षा वन पृथ्वी पर सबसे बड़ी जैवविविधता का पाठ्यपुस्तक उदाहरण है।
- NCERT का पक्षी-उदाहरण: कोलंबिया (भूमध्येरेखीय) लगभग 1,400 जातियाँ; न्यूयॉर्क (41°N) लगभग 105; ग्रीनलैंड (71°N) केवल लगभग 56।
- उष्णकटिबंधीय समृद्धि के सामान्य स्पष्टीकरण: लंबा अबाधित विकासवादी समय, कम ऋतुनिष्ठ व अधिक स्थिर जलवायु, तथा उच्चतर सौर ऊर्जा व उत्पादकता।

- प्रश्न-वाक्य में 'नहीं' शब्द को चूक जाना और तीन सत्य कथनों में से किसी एक को चिह्नित कर देना।
- यह मान लेना कि जैवविविधता हॉटस्पॉट केवल उष्णकटिबंधीय होते हैं — कई, जैसे कैलिफोर्निया फ्लोरिस्टिक प्रांत व भूमध्यसागरीय बेसिन, नहीं हैं।
- जाति-समृद्धि (जातियों की संख्या) को जाति-समरूपता (species evenness), या किसी जाति के भीतर आनुवंशिक विविधता से गड्डमड्ड कर देना।
UPPSC अक्षांशीय ढाल पर 'कौन-सा कथन सही नहीं है' प्रारूप पसंद करता है; UPSC वही आधार जाति–क्षेत्र संबंधों, हॉटस्पॉट सूचियों, तथा यह पूछकर परखता है कि कोई विशेष क्षेत्र (उदाहरणतः हिमालय) असामान्य रूप से जाति-समृद्ध क्यों है।
हिमालय पर्वतश्रेणी जाति-विविधता में अत्यंत समृद्ध है। इस परिघटना के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा सबसे उपयुक्त कारण है ?
- (a) इसमें उच्च वर्षा होती है जो सघन वानस्पतिक वृद्धि को सहारा देती है
- (b) यह भिन्न-भिन्न जैव-भौगोलिक क्षेत्रों का संगम स्थल है
- (c) इस क्षेत्र में विदेशी व आक्रामक जातियों का प्रवेश नहीं हुआ है
- (d) यहाँ मानव-हस्तक्षेप कम है
उत्तर(b) यह भिन्न-भिन्न जैव-भौगोलिक क्षेत्रों का संगम स्थल है
दोनों प्रश्न परखते हैं कि जाति-समृद्धि क्षेत्र-दर-क्षेत्र क्यों बदलती है — UPSC हिमालय की असाधारण समृद्धि के पीछे का कारण (जैव-भौगोलिक क्षेत्रों का संगम) पूछता है, जबकि UPPSC व्यापक अक्षांशीय ढाल परखता है जो उसी प्रतिरूप को संचालित करता है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
प्रति इकाई क्षेत्र जातियों की संख्या सामान्यतः सबसे अधिक कहाँ होती है ?
- (a)ध्रुवीय टुंड्रा में
- (b)शीतोष्ण घास के मैदानों में
- (c)भूमध्येरेखीय वर्षा वनों में
- (d)शीत मरुस्थलों में
उत्तर(c) भूमध्येरेखीय वर्षा वनों में — अक्षांशीय ढाल चरम जाति-समृद्धि को भूमध्येरेखा पर तथा न्यूनतम को ध्रुवों पर रखता है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
निम्नलिखित में से कौन-सा सामान्यतः उष्णकटिबंध की अधिक जाति-विविधता के स्पष्टीकरण के रूप में नहीं दिया जाता ?
- (a)उष्णकटिबंधीय अक्षांशों का लंबा, तुलनात्मक रूप से अबाधित विकासवादी इतिहास रहा है
- (b)उष्णकटिबंधीय वातावरण कम ऋतुनिष्ठ व अधिक स्थिर होते हैं
- (c)उष्णकटिबंध को अधिक सौर ऊर्जा मिलती है और वे अधिक उत्पादक हैं
- (d)हिम युगों के दौरान उष्णकटिबंध बार-बार हिमनदों से ढके गए थे
उत्तर(d) — बार-बार हिमनदन तो शीतोष्ण व उच्चतर अक्षांशों में हुआ था; उष्णकटिबंध बड़े पैमाने पर इससे बचे रहे, जो ठीक-ठीक यही कारण है कि उन्होंने अधिक जातियाँ संचित कीं।