सूची - I को सूची - II से सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए । सूची - I (लोक सभा) A. 11 वीं लोक सभा B. 12 वीं लोक सभा C. 14 वीं लोक सभा D. 17 वीं लोक सभा सूची - II (लोक सभा अध्यक्ष) 1. ओम बिड़ला 2. पी.ए. संगमा 3. सोमनाथ चटर्जी 4. जी.एम.सी. बालयोगी कूट :
- (a)A-2, B-4, C-3, D-1
- (b)A-3, B-2, C-4, D-1
- (c)A-4, B-2, C-3, D-1
- (d)A-2, B-3, C-4, D-1
सही उत्तर — (a) A-2, B-4, C-3, D-1। चारों सदनों को क्रम से लीजिए: 11 वीं लोक सभा (1996-1998) ने मेघालय के पी.ए. संगमा को अध्यक्ष चुना, अतः A-2। 12 वीं लोक सभा (1998-1999) ने आंध्र प्रदेश के जी.एम.सी. बालयोगी को चुना — अध्यक्ष पद पर आने वाले पहले दलित — अतः B-4। 14 वीं लोक सभा (2004-2009) ने CPI(M) के सोमनाथ चटर्जी को चुना, अतः C-3। 17 वीं लोक सभा (2019-2024) ने कोटा से सदस्य ओम बिड़ला को चुना, अतः D-1। ध्यान दें कि D-1 चारों विकल्पों में समान है, अतः प्रश्न पूरी तरह A, B और C पर टिका है; जो सही विकल्प को शेष से अलग करता है वह है A-2, अर्थात संगमा का 11 वीं लोक सभा से जुड़ाव, न कि 12 वीं से।
- (b)A-3, B-2, C-4, D-1 — यह हर नाम को एक स्थान आगे खिसका देता है। सोमनाथ चटर्जी को 11 वीं लोक सभा में रखा गया है जबकि वे 14 वीं (2004-2009) के अध्यक्ष थे; संगमा को 12 वीं में धकेला गया है जबकि उन्होंने 11 वीं की अध्यक्षता की थी; और बालयोगी को 14 वीं में रखा गया है जबकि वे 12 वीं और 13 वीं में अध्यक्ष रहे।
- (c)A-4, B-2, C-3, D-1 — यही सबसे तीखा जाल है: यह 14 वीं और 17 वीं को सही रखता है परन्तु 1990 के दशक के अंत के दो लगातार अध्यक्षों को आपस में बदल देता है। संगमा पहले आए, 1996 में निर्वाचित 11 वीं लोक सभा में; बालयोगी बाद में, 1998 में निर्वाचित 12 वीं में। जो दोनों नाम याद रखता है परन्तु उनका क्रम भूल जाता है, वह यहीं फँसता है।
- (d)A-2, B-3, C-4, D-1 — यह संगमा को 11 वीं लोक सभा में रखकर सही आरम्भ करता है, परन्तु फिर सोमनाथ चटर्जी को 12 वीं में और बालयोगी को 14 वीं में रख देता है। चटर्जी केवल 2004 में अध्यक्ष बने, और बालयोगी की मार्च 2002 में पद पर रहते हुए ही मृत्यु हो चुकी थी, इसलिए इनमें से कोई भी जोड़ी संभव नहीं है।
अनुच्छेद 93 के अंतर्गत लोक सभा अपने ही सदस्यों में से दो को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनती है। अध्यक्ष सदन का पीठासीन अधिकारी और सदन के संचालन का अंतिम प्राधिकार होता है: अनुच्छेद 110(3) के अंतर्गत धन विधेयकों का प्रमाणन, दसवीं अनुसूची के अंतर्गत दल-बदल के आधार पर निरर्हता के प्रश्नों का निर्णय, दोनों सदनों की संयुक्त बैठक की अध्यक्षता, और केवल बराबरी की स्थिति में निर्णायक मत का प्रयोग। यह पद सदन के साथ समाप्त नहीं होता — अनुच्छेद 94 के अंतर्गत अध्यक्ष नवनिर्वाचित लोक सभा की पहली बैठक से ठीक पहले ही पद रिक्त करता है — और त्यागपत्र उपाध्यक्ष को संबोधित किया जाता है। हटाने के लिए चौदह दिन की सूचना के बाद उस समय के सभी सदस्यों के बहुमत से पारित संकल्प आवश्यक है।
पदाधिकारियों पर आधारित सुमेल प्रश्नों को सबसे पहले उस बात को हटाकर हल करना चाहिए जो सभी विकल्पों में समान है। यहाँ हर विकल्प में D-1 है, अतः ओम बिड़ला का 17 वीं लोक सभा से जुड़ाव मुफ्त जानकारी है और अंक 1990 के दशक की जोड़ियों पर निर्भर करते हैं। इस सूची को क्रमांक के बजाय कालानुक्रमिक ढंग से याद रखना सुरक्षित तरीका है: संगमा (1996) → बालयोगी (1998, 13 वीं में जारी) → मनोहर जोशी (2002) → सोमनाथ चटर्जी (2004) → मीरा कुमार (2009) → सुमित्रा महाजन (2014) → ओम बिड़ला (2019, और पुनः 2024 से)। इस सीढ़ी को अंत में ही सदन-क्रमांकों में बदलें। यह भी ध्यान दें कि बालयोगी दो लोक सभाओं तक अध्यक्ष रहे, अतः केवल उनका नाम किसी एक सदन को निश्चित नहीं करता — यहाँ 12 वीं दी गई है।
- 11 वीं लोक सभा (1996-1998): अध्यक्ष मेघालय के पी.ए. संगमा — अब तक पूर्वोत्तर से लोक सभा के एकमात्र अध्यक्ष
- 12 वीं लोक सभा (1998-1999): अध्यक्ष आंध्र प्रदेश के जी.एम.सी. बालयोगी, पहले दलित अध्यक्ष; वे 13 वीं लोक सभा में भी अध्यक्ष रहे और मार्च 2002 में पद पर रहते हुए उनका निधन हो गया, जिसके बाद मनोहर जोशी ने वह कार्यकाल पूरा किया
- 14 वीं लोक सभा (2004-2009): अध्यक्ष CPI(M) के सोमनाथ चटर्जी, जिन्हें विश्वास मत के दौरान अध्यक्ष पद न छोड़ने के कारण जुलाई 2008 में उनकी पार्टी ने निष्कासित कर दिया
- 17 वीं लोक सभा (2019-2024): अध्यक्ष ओम बिड़ला, कोटा से सदस्य, जो जून 2024 में 18 वीं लोक सभा के अध्यक्ष के रूप में पुनः निर्वाचित हुए
- बीच में: मीरा कुमार (15 वीं, 2009-2014) पहली महिला अध्यक्ष थीं और सुमित्रा महाजन ने 16 वीं (2014-2019) में पद संभाला
- अनुच्छेद 93 अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के निर्वाचन का प्रावधान करता है; अनुच्छेद 94 पद की रिक्ति, त्यागपत्र (उपाध्यक्ष को संबोधित) और पद से हटाने को कवर करता है
उत्तर (a) A-2, B-4, C-3, D-1। हर विकल्प में D-1 दिया गया है, अतः प्रश्न उजागर की गई पंक्ति से तय होता है — संगमा 11 वीं लोक सभा के हैं, बालयोगी 12 वीं के।
- पी.ए. संगमा और जी.एम.सी. बालयोगी को आपस में बदल देना, जो 1996 और 1998 में लगातार अध्यक्ष रहे
- सबसे जाना-पहचाना नाम — सोमनाथ चटर्जी — को सबसे पहले स्थान पर रख देना, न कि 14 वीं लोक सभा (2004-2009) में
- यह भूल जाना कि बालयोगी दो लोक सभाओं (12 वीं और 13 वीं) की अध्यक्षता कर चुके थे और उनके 2002 में निधन के बाद मनोहर जोशी ने 13 वीं पूरी की
UPPSC सूची सीधे पूछता है — सदन-क्रमांक या 'पहली महिला/पहले दलित' विशेषण को नाम से मिलाना; UPSC इसी पद के संवैधानिक पक्ष को वरीयता देता है, जैसे अध्यक्ष किसे त्यागपत्र देता है, किस बहुमत से उसे हटाया जाता है, या सदन के विघटन से यह पद बचता है या नहीं।
निम्नलिखित में से कौन कभी लोक सभा अध्यक्ष नहीं रहा?
- (a) के.वी.के. सुंदरम
- (b) जी.एस. ढिल्लों
- (c) बलिराम भगत
- (d) हुकुम सिंह
उत्तर(a) के.वी.के. सुंदरम
अलग रूप में वही मांग — दोनों प्रश्न परखते हैं कि क्या आपको लोक सभा अध्यक्षों की सूची क्रम में याद है। UPSC पूछता है कि कौन-सा नाम कभी अध्यक्ष नहीं रहा; UPPSC पूछता है कि प्रत्येक नाम ने किस सदन की अध्यक्षता की।
निम्नलिखित में से लोक सभा की पहली महिला अध्यक्ष कौन हैं?
- (a) मीरा कुमार
- (b) उर्मिला सिंह
- (c) प्रतिभा पाटिल
- (d) सुषमा स्वराज
उत्तर(a) मीरा कुमार
दो वर्ष पहले 'प्रथम' के कोण से वही सूची — मीरा कुमार 15 वीं लोक सभा में हैं, ठीक सोमनाथ चटर्जी की 14 वीं के बाद वाला स्थान, इसलिए दोनों प्रश्न मिलकर 1996-2019 का क्रम पक्का कर देते हैं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
14 वीं लोक सभा (2004-2009) के अध्यक्ष कौन थे?
- (a)मनोहर जोशी
- (b)सोमनाथ चटर्जी
- (c)मीरा कुमार
- (d)पी.ए. संगमा
उत्तर(b) सोमनाथ चटर्जी — मनोहर जोशी ने बालयोगी के निधन के बाद 13 वीं लोक सभा का कार्यकाल पूरा किया, और मीरा कुमार ने 15 वीं की अध्यक्षता की।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
लोक सभा अध्यक्ष यदि त्यागपत्र देना चाहें, तो अपना त्यागपत्र किसे संबोधित करते हैं?
- (a)भारत के राष्ट्रपति को
- (b)प्रधानमंत्री को
- (c)लोक सभा के उपाध्यक्ष को
- (d)लोक सभा के महासचिव को
उत्तर(c) लोक सभा के उपाध्यक्ष को — अनुच्छेद 94(b); तदनुरूप, उपाध्यक्ष अपना त्यागपत्र अध्यक्ष को लिखकर देते हैं।