निम्नलिखित में से कौन-सा जैविक अनुक्रम की प्रावस्थाओं का सही क्रम है ?
- (a)आस्थापन - प्रवास - प्रतिक्रिया - स्थिरीकरण
- (b)आस्थापन - प्रवास - स्थिरीकरण - प्रतिक्रिया
- (c)प्रवास - प्रतिक्रिया - स्थिरीकरण - आस्थापन
- (d)प्रवास - आस्थापन - प्रतिक्रिया - स्थिरीकरण
सही उत्तर — (d) प्रवास - आस्थापन (ecesis) - प्रतिक्रिया - स्थिरीकरण। यह पारिस्थितिक (जैविक) अनुक्रम (ecological succession) का पाठ्यपुस्तक-क्रम है, और प्रत्येक चरण भौतिक रूप से अपने पूर्ववर्ती चरण पर निर्भर करता है। प्रवास वह चरण है जिसमें प्रजनन-अंग (propagules) — बीज, बीजाणु, फल, प्रकंद के टुकड़े — हवा, जल, जीव-जंतुओं या गुरुत्वाकर्षण द्वारा बंजर क्षेत्र में लाए जाते हैं। आस्थापन इन आगंतुकों के स्थापित होने की प्रक्रिया है: अंकुरण, परिपक्वता तक वृद्धि और नए स्थान पर सफल प्रजनन। जो कुछ प्रवासित होता है उसका केवल एक छोटा-सा भाग ही आस्थापित हो पाता है, और बचे हुए जीव अग्रगामी समुदाय (pioneer community) बनाते हैं। जैसे-जैसे उनकी संख्या बढ़ती है, समुच्चयन (aggregation) और फिर स्पर्धा व सहक्रिया (competition and coaction) आरंभ हो जाती है, और समुदाय प्रतिक्रिया चरण में प्रवेश करता है — वह चरण जिसमें जीव स्वयं ह्यूमस जोड़कर, नमी रोककर, मृदा-रसायन बदलकर तथा प्रकाश एवं तापमान में परिवर्तन लाकर आवास को संशोधित करते हैं। प्रतिक्रिया अनुक्रम का इंजन है, क्योंकि संशोधित आवास सामान्यतः उस समुदाय की तुलना में जिसने उसे बनाया, अगले समुदाय के लिए अधिक अनुकूल होता है, इसलिए एक अनुक्रमिक समुदाय (seral community) दूसरे का स्थान ले लेता है। जब संशोधन अब कोई समुदाय-परिवर्तन उत्पन्न नहीं करता, तब अनुक्रम स्थिरीकरण तक पहुँचता है — चरम (climax), एक स्वतः-सतत समुदाय जो क्षेत्रीय जलवायु के साथ संतुलन में होता है। आस्थापित होने के बाद कुछ भी आगमन नहीं कर सकता, और आवास के पुनर्निर्माण से पहले कुछ भी स्थिर नहीं हो सकता — यही ठीक वह बात है जिसका उल्लंघन तीनों गलत विकल्प करते हैं।
- (a)आस्थापन - प्रवास - प्रतिक्रिया - स्थिरीकरण — यह स्थापना को आगमन से पहले रखता है। आस्थापन उस प्रजनन-अंग के अंकुरण और सफल वृद्धि की प्रक्रिया है जो पहले ही स्थान तक पहुँच चुका हो, इसलिए यह प्रवास से पहले नहीं हो सकता। अंतिम दो शब्द सही क्रम में हैं, जिससे यह सबसे लुभावना गलत विकल्प बन जाता है।
- (b)आस्थापन - प्रवास - स्थिरीकरण - प्रतिक्रिया — यह दो बार गलत है। यह प्रवास और आस्थापन को उलट देता है, और स्थिरीकरण को भी प्रतिक्रिया से पहले रख देता है — चरम उस आवास-संशोधन से पहले नहीं आ सकता जो उन समुदाय-परिवर्तनों को प्रेरित करता है जो उस तक ले जाते हैं।
- (c)प्रवास - प्रतिक्रिया - स्थिरीकरण - आस्थापन — यह प्रवास से सही ढंग से आरंभ होता है परंतु आस्थापन को चरम के बाद तक छोड़ देता है। जो आगंतुक कभी स्थापित ही नहीं होते वे आवास को संशोधित नहीं कर सकते या कोई स्थिर समुदाय नहीं बना सकते, इसलिए आस्थापन दूसरे स्थान पर आना चाहिए, अंतिम पर नहीं।
पारिस्थितिक या जैविक अनुक्रम (ecological/biotic succession) उसी क्षेत्र में एक जैविक समुदाय द्वारा दूसरे के व्यवस्थित, दिशात्मक प्रतिस्थापन की प्रक्रिया है, जब तक कि एक अपेक्षाकृत स्थिर चरम समुदाय (climax community) तक न पहुँच जाए। भारतीय पाठ्यक्रमों में पढ़ाया जाने वाला पूरा क्रम यह है: नग्नता/बंजरीकरण (nudation, बंजर क्षेत्र का निर्माण) → आक्रमण (invasion), जिसके स्वयं तीन चरण हैं — प्रवास, आस्थापन और समुच्चयन → स्पर्धा व सहक्रिया → प्रतिक्रिया → स्थिरीकरण या चरम। जिस पूरी शृंखला में समुदाय एक के बाद एक उस स्थान पर अधिकार करते हैं उसे सीअर (sere) कहते हैं, और प्रत्येक मध्यवर्ती समुदाय एक अनुक्रमिक अवस्था (seral stage) कहलाता है।
प्रश्न इनमें से चार शब्द देता है और केवल उनका क्रम पूछता है, इसलिए यहाँ तर्क स्मृति-सूत्र (mnemonic) का नहीं बल्कि कारणात्मक है: आगमन का स्थापना से पहले होना आवश्यक है, स्थापना का आवास के किसी भी संशोधन से पहले होना आवश्यक है, और संशोधन का स्थिर अंतिम अवस्था से पहले होना आवश्यक है। दो और भेद याद रखने योग्य हैं। प्राथमिक अनुक्रम (primary succession) उस सतह पर आरंभ होता है जिसने पहले कभी किसी समुदाय को सहारा नहीं दिया — नंगी चट्टान, ताज़ा लावा-प्रवाह, नया रेत-टीला, नव-निर्मित तालाब — और यह धीमा होता है क्योंकि मृदा को शून्य से बनाना पड़ता है; द्वितीयक अनुक्रम (secondary succession) वहाँ आरंभ होता है जहाँ कोई समुदाय नष्ट हो चुका हो परंतु मृदा और बीज-भंडार बचे रहें, जैसे परित्यक्त कृषि भूमि या जला हुआ वन, और यह कहीं अधिक तेज़ होता है। और प्रारंभिक माध्यम ही सीअर का नाम तय करता है: एक शुष्कोद्भिदी अनुक्रम (xerarch succession) शुष्क स्थल पर आरंभ होता है (चट्टान पर लिथोसीअर, रेत पर सैम्नोसीअर, लवणीय मृदा पर हैलोसीअर) जबकि जलोद्भिदी अनुक्रम (hydrarch succession) जल में आरंभ होता है, और दोनों एक मध्यम (mesic) चरम पर मिलते हैं।
- पारिस्थितिक अनुक्रम का क्रम: नग्नता → आक्रमण (प्रवास → आस्थापन → समुच्चयन) → स्पर्धा व सहक्रिया → प्रतिक्रिया → स्थिरीकरण (चरम)।
- प्रवास बंजर क्षेत्र में प्रजनन-अंगों के फैलाव की प्रक्रिया है; आस्थापन वहाँ उनके सफल अंकुरण, वृद्धि और प्रजनन की प्रक्रिया है। स्थापित होने वाला पहला समुदाय अग्रगामी समुदाय (pioneer community) कहलाता है।
- प्रतिक्रिया वह चरण है जिसमें समुदाय अपने ही आवास — मृदा, नमी, पोषक तत्व, प्रकाश — को बदल देता है, सामान्यतः इसे स्वयं के लिए कम और अगले अनुक्रमिक समुदाय के लिए अधिक अनुकूल बनाते हुए। यही वह चरण है जो अनुक्रम को आगे बढ़ाता है।
- किसी क्षेत्र में एक-दूसरे का स्थान लेने वाले समुदायों का पूरा क्रम सीअर (sere) कहलाता है; मध्यवर्ती समुदाय अनुक्रमिक अवस्थाएँ (seral stages) कहलाते हैं; स्थिर अंतिम बिंदु चरम समुदाय (climax community) कहलाता है।
- प्राथमिक अनुक्रम कभी उपनिवेशित न हुई सतह पर आरंभ होता है, जैसे नंगी चट्टान या लावा-प्रवाह; द्वितीयक अनुक्रम वहाँ आरंभ होता है जहाँ मृदा और बीज-भंडार बचे रहते हैं, जैसे परित्यक्त कृषि भूमि, और इसलिए यह कहीं अधिक तेज़ होता है।
- पर्पटीरूप लाइकेन (crustose lichens) नंगी चट्टान पर विशिष्ट अग्रगामी हैं — एक कवक और एक शैवाल या नील-हरित शैवाणु (cyanobacterium) के बीच सहजीविता — और उनके अम्ल चट्टान का अपक्षय कर पहली पतली मृदा बनाते हैं।

- प्रवास और आस्थापन को अदला-बदली कर देना। प्रवास आगमन है, आस्थापन स्थापना है — और यह क्रम उल्टे रूप में असंभव है।
- स्थिरीकरण को प्रतिक्रिया से पहले रख देना। चरम आवास-संशोधन का परिणाम है, उसका कारण नहीं।
- शब्दों को गड्डमड्ड कर देना: अनुक्रम एक प्रक्रिया है, सीअर समुदायों का पूरा क्रम है, और चरम स्थिर अंतिम समुदाय है।
UPPSC क्रम-व्यवस्थापन प्रारूप और एक-पंक्ति परिभाषाओं ('समुदायों का पूरा क्रम … कहलाता है') को प्राथमिकता देता है, जबकि UPSC अनुक्रम को किसी वास्तविक परिवेश में पिरोना पसंद करता है — नंगी चट्टान पर लाइकेन, या घास के मैदान वन द्वारा प्रतिस्थापित क्यों नहीं होते।
लाइकेन, जो नंगी चट्टान पर भी पारिस्थितिक अनुक्रम आरंभ करने में सक्षम हैं, वास्तव में किसका सहजीवी संगठन (symbiotic association) हैं
- (a) शैवाल और जीवाणु
- (b) शैवाल और कवक
- (c) जीवाणु और कवक
- (d) कवक और मॉस (काई)
उत्तर(b) शैवाल और कवक
उसी प्रक्रिया को उसके पहले दो चरणों में पकड़ा गया है — लाइकेन वे जीव हैं जो नंगी चट्टान पर प्रवासित होते हैं और वहाँ आस्थापित होकर लिथोसीअर का अग्रगामी समुदाय बनाते हैं।
घास के मैदानों में, वृक्ष पारिस्थितिक अनुक्रम के भाग के रूप में घासों का स्थान नहीं लेते, क्योंकि
- (a) कीट और कवक
- (b) सीमित सूर्य-प्रकाश और पोषक तत्वों की कमी
- (c) जल की सीमितता और अग्नि
- (d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर(c) जल की सीमितता और अग्नि
उसी क्रम को वहाँ देखा गया है जहाँ यह रुक जाता है — बार-बार लगने वाली आग और जल की कमी सीअर को घास-मैदान अवस्था पर ही रोक देती हैं, जिससे काष्ठीय चरम के बिना ही स्थिरीकरण हो जाता है।
किसी विशेष क्षेत्र में क्रमिक रूप से बदलते समुदायों का पूरा क्रम कहलाता है
- (a) पारिस्थितिक अनुक्रम
- (b) सीअर
- (c) समुदाय गतिकी (community dynamics)
- (d) जैवभार पिरामिड (pyramid of biomass)
उत्तर(b) सीअर
ठीक उसी चीज़ का नाम बताता है जिसकी अवस्थाओं को यह प्रश्न क्रमबद्ध करता है — सीअर वह पूरी शृंखला है जिसे प्रवास-से-स्थिरीकरण तक का क्रम उत्पन्न करता है।
किसी पारिस्थितिकी तंत्र के विभिन्न घटकों के माध्यम से पोषक तत्वों की गति कहलाती है
- (a) जैव-भू-रासायनिक चक्र
- (b) जैव-भूवैज्ञानिक चक्र
- (c) पारिस्थितिक अनुक्रम
- (d) जैविक चक्र
उत्तर(a) जैव-भू-रासायनिक चक्र
'पारिस्थितिक अनुक्रम' को अपने जाल-विकल्प के रूप में प्रयोग करता है, जो वह सीमा-रेखा है जिसे स्पष्ट करना उपयोगी है — अनुक्रम समय के साथ समुदायों का प्रतिस्थापन है, पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर पोषक तत्वों का परिसंचरण नहीं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
पारिस्थितिक अनुक्रम में, वह चरण जिसमें प्रवासित प्रजनन-अंग नए क्षेत्र में अंकुरित होता है, बढ़ता है और सफलतापूर्वक प्रजनन करता है, कहलाता है:
- (a)प्रवास
- (b)आस्थापन
- (c)समुच्चयन
- (d)नग्नता
उत्तर(b) आस्थापन — नए स्थान पर स्थापना। प्रवास केवल प्रजनन-अंग का आगमन है, समुच्चयन उसके बाद उसी जाति की इकाइयों का सघन होना है, और नग्नता आरंभ में ही बंजर क्षेत्र का निर्माण है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
पारिस्थितिक अनुक्रम का कौन-सा चरण मुख्यतः इसके लिए उत्तरदायी है कि एक अनुक्रमिक समुदाय का स्थान अगला समुदाय ले ले?
- (a)नग्नता
- (b)प्रवास
- (c)प्रतिक्रिया
- (d)स्थिरीकरण
उत्तर(c) प्रतिक्रिया — समुदाय अपने ही आवास (मृदा, नमी, पोषक तत्व, प्रकाश) को संशोधित करता है, सामान्यतः इसे स्वयं के लिए कम और अगले समुदाय के लिए अधिक अनुकूल बनाते हुए। यही कारण है कि प्रतिक्रिया को अनुक्रम का प्रेरक चरण कहा जाता है।